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Monday, February 09, 2026

पत्रकार पर फर्जी ईनाम घोषित कर एनकाउंटर करने वाले एसपी हरदोई को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

लखनऊ: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने हरदोई के एसपी को कड़ी फटकार लगाई है, हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि दिमाग़ खोलकर काम करें अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहें। कोर्ट ने यह वार्निंग हरदोई पुलिस के एक ऐसे कारनामें पर जारी की है, जिसने क़ानून का खुला दुरपयोग किया गया है। 

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दरअसल हरदोई के पत्रकार हरिश्याम बाजपेयी को वर्ष 2022 में कथित रूप से एक फर्जी केस में फंसा दिया गया था, जिसमें वे वर्ष 2024 से नियमित ज़मानत पर हैं, और प्रत्येक पेशी पर न्यायालय में स्वयं उपस्थित हो रहे हैं, बावजूद इसके हरदोई एसपी ने पत्रकार को केस में फरार बताते हुए वर्ष 2025 में 05 हजार का ईनाम घोषित कर दिया, जिसमें एनकाउंटर की भी लिखित रूप से धमकी दी गई, इसमें सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने फर्जी एवं भ्रामक आख्या लगाकर न केवल पुलिस अधीक्षक को ही गुमराह किया बल्कि राज्य मानवाधिकार आयोग में भी अपनी फर्जी आख्या प्रेषित कर दी। 

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हालांकि आयोग में मामला अभी विचाराधीन है, किंतु हाईकोर्ट में वादी के विद्वान अधिवक्ता तैफीक सिद्दीकी ने हरदोई पुलिस द्वारा क़ानून के खुला दुरपयोग करने पर मजबूती से बहस की और उच्च न्यायालय के उस आदेश का उलंघन बताया जिसके आधार पर पत्रकार को ज़मानत मिली है। 

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हाईकोर्ट की जज बबिता रानी व मो. अब्दुल मोईन ने उक्त मामले की सुनवाई करते हुए हरदोई पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। पुलिस को चेतावनी दी गई कि अपना दिमाग़ खोलकर काम करें भविष्य में पत्रकार के साथ कोई भी घटना होती है तो क़ानून के अनुसार पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकरण में वादी पत्रकार के अधिवक्ता ने यूपी के अपर मुख्य सचिव गृह, डीजीपी, एडीजी लखनऊ जोन, आईजी लखनऊ जोन, डीएम हरदोई एसपी, सीओ, एसएचओ, व चौकी इंचार्ज रेलवेगंज को पार्टी बनाया था।

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Tuesday, February 03, 2026

केंद्रीय बजट 2026-27 में वाराणसी पर विशेष फोकस, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और हेरिटेज से विकास को मिलेगी नई रफ्तार

वाराणसी: केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए दुनिया की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी को विकास के केंद्र में रखा है। इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, कनेक्टिविटी और हेरिटेज आधारित ग्रोथ के जरिए काशी को आर्थिक, सांस्कृतिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने पर खास जोर दिया गया है।


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इनलैंड वॉटरवेज़ के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम की बड़ी सौगात

 बजट में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इनलैंड वॉटरवेज़ के लिए एक आधुनिक शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित करने का प्रस्ताव किया गया है। इसका उद्देश्य वॉटरवेज़ पर कार्गो मूवमेंट को मजबूत करना है। इससे लॉजिस्टिक्स और नदी-आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही इस क्षेत्र में स्किल्ड रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जुड़ेगी काशी

 वाराणसी को देश के प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के विज़न में भी प्रमुख स्थान दिया गया है। सात प्रस्तावित कॉरिडोर में से दो—दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी—सीधे काशी से जुड़ेंगे। इससे तेज, सस्टेनेबल यात्री परिवहन के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को भी मजबूती मिलेगी।

सारनाथ के जरिए हेरिटेज और टूरिज्म को बढ़ावा

बजट में सारनाथ को 15 प्रमुख आर्कियोलॉजिकल साइट्स में शामिल किया गया है। इन स्थलों को एक्सपीरिएंशियल कल्चरल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। क्यूरेटेड वॉकवे, कंज़र्वेशन लैब्स, इंटरप्रिटेशन सेंटर्स और आधुनिक स्टोरीटेलिंग तकनीकों के माध्यम से पर्यटकों को समृद्ध सांस्कृतिक अनुभव देने की योजना है, जिससे वाराणसी क्षेत्र के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।

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इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स हब और BHU IMS के लिए बजट

वाराणसी में एक इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स हब के निर्माण का भी प्रस्ताव है, जो व्यापार और परिवहन को और अधिक संगठित बनाएगा। इसके साथ ही बजट में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IMS) के उन्नयन के लिए ₹107.72 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।

तीर्थ और छोटे शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर परोक्ष फोकस

बजट में तीर्थ नगरों और टियर-2 व टियर-3 शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने का भी प्रस्ताव है। इसके तहत अगले पांच वर्षों तक हर साल ₹5,000 करोड़ का प्रावधान किया जाएगा। इससे वाराणसी जैसे शहर धार्मिक, पर्यटन और परिवहन हब के रूप में और मजबूत होंगे।

म्युनिसिपल बॉन्ड और सामाजिक सुविधाओं को बढ़ावा

कैपिटल सपोर्ट के जरिए देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना प्रस्तावित है। साथ ही ₹1,000 करोड़ से अधिक के सिंगल म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने वाले शहरों को ₹100 करोड़ का इंसेंटिव दिया जाएगा। अमृत (AMRUT) योजना के तहत ₹200 करोड़ तक के बॉन्ड इश्यू के लिए भी समर्थन जारी रहेगा, जिससे वाराणसी जैसे शहरों को हाई-वैल्यू म्युनिसिपल बॉन्ड का लाभ मिल सकेगा।

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तीन कर्तव्यों से प्रेरित पहला बजट

उल्लेखनीय है कि कर्तव्य भवन में तैयार किया गया यह पहला बजट तीन कर्तव्यों से प्रेरित है। पहला कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाकर वैश्विक चुनौतियों के बीच आर्थिक विकास को गति देना है। दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा कर उन्हें भारत की समृद्धि के पथ में सशक्त भागीदार बनाना है। तीसरा कर्तव्य ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के अनुरूप यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय और क्षेत्र को संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक समान पहुंच मिले। कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026-27 में वाराणसी को इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और हेरिटेज के माध्यम से विकास का प्रमुख केंद्र बनाने की स्पष्ट झलक देखने को मिलती है, जिससे काशी की आर्थिक और सांस्कृतिक भूमिका राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त होगी।

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Thursday, January 15, 2026

जम्मू कश्मीर में 82 हजार से अधिक पेड़ काटे गए और 45 करोड़ रुपये का मुआवजा बकाया, NGT सख्त

श्रीनगर: जम्मू और कश्मीर प्रशासन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सामने यह मानने के बाद कड़ी न्यायिक जांच के दायरे में आ गया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी अनिवार्य पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जमा किए बिना 82,000 से ज़्यादा जंगल के पेड़ काट दिए गए, जिससे 45 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया रह गया.


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यह खुलासा रसिख रसूल भट बनाम केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर मामले की कार्यवाही के दौरान किया गया, जिसकी सुनवाई ट्रिब्यूनल ने 13 जनवरी, 2026 को की थी. जम्मू और कश्मीर के मुख्य सचिव की दी गई अनुपालन रिपोर्ट में, केंद्र शासित प्रदेश ने माना कि जंगल वाले इलाकों में किए गए लगभग 150 प्रोजेक्ट्स में 82,327 पेड़ काटे गए. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन प्रोजेक्ट्स से होने वाली कुल प्रतिपूरक वनीकरण दायित्व 80.73 करोड़ रुपये है, जिसमें से 45.33 करोड़ रुपये अभी तक भुगतान नहीं किए गए हैं.

पर्यावरण कानून के तहत, जंगल की जमीन के दूसरे इस्तेमाल से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे के तौर पर पेड़ लगाने का भुगतान जरूरी है. इस बात को मानने से प्रशासन के वन एक्ट, 1980 के पालन पर सवाल उठे हैं, जिसमें यह जरूरी है कि जंगल की जमीन को गैर-वन कामों के लिए इस्तेमाल करने से पहले उपयोगकर्ता एजेंसियां मुआवज़े के तौर पर ली जाने वाली लेवी जमा करें.

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केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार, यह चूक 30 जुलाई, 2019 को पहले की राज्य प्रशासनिक काउंसिल द्वारा लिए गए पॉलिसी फैसले की वजह से हुई है. उस फैसले ने 2014 के कैबिनेट ऑर्डर को बदल दिया और सरकार को जंगल की जमीन के डायवर्जन के लिए मंज़ूरी देने की इजाजत दे दी, भले ही मुआवजे का भुगतान पेंडिंग हो. अधिकारियों ने कहा कि इस कदम का मकसद सार्वजनिक अवसंरचना के कामों को तेजी से पूरा करना था.

हालांकि, याचिकाकर्ता, पर्यावरणविद् और अधिवक्ता रसिख रसूल भट ने पॉलिसी में इस बदलाव का कड़ा विरोध किया है. 8 जनवरी, 2026 को ट्रिब्यूनल के सामने दायर की गई आपत्तियों में, भट ने तर्क दिया कि यह फैसला मनमाना था और कानूनी पर्यावरण सुरक्षा उपायों को कमजोर करता है.

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उन्होंने कहा कि इस छूट से पर्यावरण के नुकसान को रोकने के बजाय, बाद में जंगल कानून के उल्लंघन को सही ठहराया गया. भट्ट ने कहा कि मुआवजा देने का तरीका फॉरेस्ट क्लीयरेंस की एक मुख्य जरूरत है और इसे मंज़ूरी के बाद की औपचारिकता नहीं माना जा सकता.

ट्रिब्यूनल की नजर में आने वाले खास प्रोजेक्ट्स में से एक उत्तर कश्मीर में हंदवाड़ा-बंगस रोड है, जो पर्यावरण के रूप से संवेदनशील राजवार फॉरेस्ट रेंज से होकर गुजरता है. इस सड़क का काम लोक निर्माण विभाग कर रहा है. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट पर कंस्ट्रक्शन 2017 में शुरू हुआ था, जो सितंबर 2019 में अंतिम वन मंजूरी मिलने से लगभग दो साल पहले था.

हालांकि प्रशासन ने ट्रिब्यूनल के सामने माना कि 488 पेड़ सही मंज़ूरी लेकर काटे गए थे, लेकिन उसने यह भी माना कि 2021 में गैर-कानूनी तरीके से पेड़ काटे गए थे, जिसके लिए बाद में नुकसान की भरपाई की गई. भट ने आगे कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स ने राजवार इलाके में इंसान-जानवरों के बीच टकराव को बढ़ा दिया है.

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उन्होंने बताया कि जंगल के प्रस्तावों में खुद इलाके में जंगली जानवरों की मौजूदगी दर्ज थी, फिर भी कहा जाता है कि प्रोजेक्ट्स बिना बड़े वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट या नुकसान कम करने की योजना के आगे बढ़े. सुनवाई के दौरान केंद्र शासित प्रदेश की ओर से पेश वकील ने मुख्य सचिव की अनुपालन रिपोर्ट के खिलाफ उठाई गई आपत्तियों का जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा.

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की प्रधान पीठ, जिसके चेयरमैन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव हैं, ने सभी पार्टियों को अपनी दलीलें पूरी करने और जरूरी रिपोर्ट रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया. ट्रिब्यूनल ने मामले की आखिरी सुनवाई 9 अप्रैल, 2026 को तय की है।

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Tuesday, January 13, 2026

अभी नहीं निकली ठंड की हवा, इस साल 6-6 घंटे में 11 डिग्री तक बदला पारा; धूप से पारा 24 डिग्री

लखनऊ: चार दिन से बढ़ते तापमान और तेजी धूप से काशीवासियों को महसूस हो रहा है कि ठंड की हवा ही निकल चुकी है। लेकिन ऐसा नहीं है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक 15 जनवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ आने हिमालय की ओर आ रहा है। ऐसे में बर्फीली हवाओं का दौर फिर से शुरू हो सकता है। वहीं अगले दो दिन तक कोहरे का यलो अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। इस पूरी जनवरी तापमान में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।


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सोमवार को वाराणसी का अधिकतम तापमान सामान्य से 0.6 डिग्री ज्यादा 22.3 डिग्री सेल्सियस, वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.3 डिग्री नीचे 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चार दिन पहले वाराणसी का जो अधिकतम पारा 11 डिग्री तक था वो अब बढ़कर 24 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम वैज्ञानिक भी तापमान के इस तीव्र उतार-चढ़ाव को देख हैरान हैं। इस साल जनवरी के 12 दिनों में वाराणसी के तापमान के ग्राफ तेजी से उतार-चढ़ाव देखे गए। मात्र 6-7 घंटे में तापमान 10-12 डिग्री तक ऊपर-नीचे हुआ है। 

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सात जनवरी को तापमान 6.8 डिग्री से 16.3 डिग्री रहा फिर 8 जनवरी को तापमान 4.8 डिग्री से लेकर 11.6 डिग्री सेल्सियस आ गया था। वहीं अगले दिन 9 जनवरी को पारा 6.6 डिग्री से 18.8 डिग्री पहुंच गया। आमतौर पर जनवरी महीने का औसत अधिकतम औसत पारा 22.8 डिग्री सेल्सियस और औसत न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस तक है। *इस जनवरी के 12 दिनों का तापमान कुछ इस प्रकार का रहा है 1 जनवरी - 7.4 डिग्री से 19.3 डिग्री,  2 जनवरी - 8.5 डिग्री से 20.7 डिग्री, 3 जनवरी - 11.8 डिग्री से 17.6 डिग्री, 4 जनवरी - 13 डिग्री से 17.6 डिग्री, 5 जनवरी - 6.5 डिग्री से 15.9 डिग्री, 6 जनवरी - 5.5 डिग्री से 14.5 डिग्री, 7 जनवरी - 6.8 डिग्री से 16.3 डिग्री, 8 जनवरी - 4.8 डिग्री से 11.6 डिग्री, 9 जनवरी - 6.6 डिग्री से 18.8 डिग्री, 10 जनवरी - 6 डिग्री से 22.8 डिग्री और  11 जनवरी - 7.8 डिग्री से 23.4 डिग्री.

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शीतलहर और पाले की संभावना बढ़ी

यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि तापमान में गिरावट के चलते प्रदेश में रात के समय शीतलहर और पाले की संभावना बढ़ गई है। पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद हवाओं की दिशा फिर से बदलकर उत्तरी पश्चिमी हो जाने से बीते 24 घंटों में तापमान में गिरावट आ सकती है। पूर्वांचल के कुछ हिस्सों के अलावा शेष भाग में दिन और रात के तापमान में 1-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। वहीं कहीं-कहीं न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चले जाने से शीतलहर जैसी स्थिति बनी है।

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Monday, January 12, 2026

कांग्रेस भ्रष्टाचार की पहचान बन चुकी है, मनरेगा के नाम पर हुआ था सबसे बड़ा घोटाला: केशव प्रसाद मौर्य

वाराणसी: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस अब देश में भ्रष्टाचार की पार्टी के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुकी है। वाराणसी के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मनरेगा के नाम पर वर्षों तक भ्रष्टाचार हुआ और अब जब उसमें सुधार कर उसे नए स्वरूप में लागू किया गया है, तो कांग्रेस को उससे परेशानी हो रही है। 

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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले मनरेगा में भारी भ्रष्टाचार होता था, लेकिन अब उसे विकसित भारत–रामजी अधिनियम के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस अधिनियम के नाम से नहीं, बल्कि उसमें किए गए प्रावधानों से आपत्ति है। पहले जहां रोजगार की सीमित गारंटी थी, वहीं अब 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी दी जा रही है। साथ ही श्रमिकों को समय से भुगतान सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है, जबकि पहले मजदूरी भुगतान की कोई तय समय-सीमा नहीं होती थी।

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सपा और कांग्रेस एक-दूसरे की पूरक पार्टियां

 केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी और कांग्रेस एक-दूसरे की पूरक बन चुकी हैं। जब भी भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की बात आती है, ये दोनों पार्टियां मिलकर उसका विरोध करने लगती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का चरित्र हमेशा ऐसा रहा है कि “एक पैसा काम में और 85 पैसा कांग्रेसियों की जेब में चला जाता था।”

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कांग्रेस के मुद्दों को जनता नकार रही

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ऐसे मुद्दे उठाती है, जिन्हें जनता पसंद नहीं करती। यही कारण है कि आज कांग्रेस को कोई पूछने वाला नहीं है। चाहे वह किसी के भी नेतृत्व में चुनाव लड़े, उसका भविष्य तय है। उन्होंने कहा कि चाहे प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, सोनिया गांधी या फिर अखिलेश यादव के नेतृत्व में चुनाव हो, कमल खिलने जा रहा है।

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अखिलेश यादव पर सीधा हमला

अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बिहार चुनाव हारने के बाद वे मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को लगता है कि मतदाता सूची शुद्ध होने से फर्जीवाड़ा नहीं हो पाएगा। उन्होंने दावा किया कि 2027 में अखिलेश यादव को सैफई वापस जाना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव का पीडीए फॉर्मूला पूरी तरह फर्जी है, क्योंकि वे समाज नहीं, बल्कि परिवार, गुंडे, अपराधी और माफियाओं को बढ़ाने का काम करते हैं।

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राम मंदिर और हिंदू समाज की एकता का उल्लेख

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला का भव्य मंदिर बन चुका है और ध्वजारोहण भी हो गया है, लेकिन जो लोग वर्षों तक राम मंदिर का विरोध करते रहे, वे आज तक दर्शन करने नहीं गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सैफई में मंदिर निर्माण भारतीय जनता पार्टी की बढ़ती ताकत और हिंदू समाज की एकता के डर से कराया जा रहा है।

सोमनाथ मंदिर और राष्ट्रीय स्वाभिमान

सोमनाथ मंदिर और सौराष्ट्र पर्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे मंदिरों को तोड़कर देश के स्वाभिमान को चोट पहुंचाई गई थी। प्रधानमंत्री ने देश को यह याद दिलाया है कि हम सबको एक रहना है और सुरक्षित रहना है।

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राम मंदिर में नमाज पढ़ने की घटना पर प्रतिक्रिया

राम मंदिर में नमाज पढ़ने की घटना पर बोलते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आरोपी युवक को पकड़ लिया गया है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश और देश में भाजपा की ताकत लगातार बढ़ रही है और आने वाले चुनावों में जनता फिर से विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद के पक्ष में अपना फैसला सुनाएगी।

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Friday, January 09, 2026

मोदी ने कॉल नहीं किया, इसलिए अटकी डील' अमेरिकी नेता ने लगाया बड़ा आरोप

नई दिल्ली: अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में हो रही देरी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह समझौता इसलिए अटका हुआ है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया। यह बयान उन्होंने चर्चित 'ऑल-इन पॉडकास्ट' में दिया, जिसकी मेजबानी शैमथ पालिहापिटिया कर रहे थे।


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पॉडकास्ट में और क्या बोले हॉवर्ड लुटनिक?

पॉडकास्ट के दौरान लुटनिक ने साफ कहा,- "स्पष्ट कर दूं, यह उनका (ट्रंप का) समझौता है। वह अंतिम निर्णय लेने वाले हैं। वह सौदे करते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "इसलिए मैंने कहा, आपको मोदी से बात करनी होगी... वे ऐसा करने में असहज थे।" इसके बाद लुटनिक ने सीधे आरोप लगाते हुए कहा- "तो मोदी ने फोन नहीं किया। लुटनिक का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक अहम विधेयक पारित किया। इस विधेयक में रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान किया गया है। इसका मकसद ऐसे देशों को आर्थिक रूप से "दंडित करना" बताया गया है।

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भारत, चीन और ब्राजील पर दबाव बनाने की तैयारी

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इस बिल को लेकर कहा कि इससे अमेरिका को भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों के खिलाफ मजबूत स्थिति मिलेगी। उनका कहना था कि यह कदम इन देशों पर दबाव बनाएगा ताकि वे सस्ता रूसी तेल खरीदना बंद करें। यह पहला मौका नहीं है जब भारत को इस मुद्दे पर अमेरिकी दबाव का सामना करना पड़ा हो। अगस्त में अमेरिका ने भारतीय आयातों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए थे। आरोप लगाया गया था कि भारत द्वारा रूसी तेल खरीदना, यूक्रेन में रूस की 'युद्ध मशीन' को मजबूती दे रहा है। इन फैसलों के बाद भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में लगने वाला कुल टैरिफ 50% तक पहुंच गया है। इसमें 25% अतिरिक्त टैरिफ और डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाया गया 25% प्रतिशोधी टैरिफ शामिल है।

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तनाव के बावजूद जारी रही व्यापार की बातचीत

इन सभी मतभेदों और टैरिफ विवादों के बावजूद, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता के कई दौर हो चुके हैं। इसमें 10 से 12 दिसंबर तक अमेरिकी अधिकारियों का नई दिल्ली दौरा भी शामिल रहा। दोनों देश न सिर्फ एक ढांचागत व्यापार समझौते (Framework Trade Agreement) बल्कि एक व्यापक व्यापार समझौते (Comprehensive Trade Agreement) पर भी समानांतर रूप से बातचीत कर रहे हैं। इसका उद्देश्य लंबे समय तक व्यापारिक रिश्तों को स्थिर और मजबूत बनाना है। फरवरी में, भारत और अमेरिका के टॉप लीडर्स ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि व्यापार समझौते के पहले चरण को 2025 की विंटर सीजन तक पूरा करने का प्रारंभिक लक्ष्य रखा जाए। हालांकि, रूस के साथ भारत का व्यापार अब भी इस प्रक्रिया में एक बड़ा गतिरोध बना हुआ है।

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2030 तक $500 बिलियन से ज्यादा व्यापार का लक्ष्य

प्रस्तावित समझौते का बड़ा लक्ष्य है कि 2030 तक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा $191 बिलियन से बढ़ाकर $500 बिलियन से अधिक किया जाए। आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में लगातार चौथे वर्ष अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार रहा। इस अवधि में दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार $131.84 बिलियन रहा। इस व्यापार में $86.5 बिलियन का भारतीय निर्यात शामिल था। अमेरिकी बाजार भारत के कुल माल निर्यात का लगभग 18% और आयात का 6.22% रहा। जबकि कुल व्यापार का 10.73% हिस्सा रखता है।

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आसान नहीं है आगे का सफर

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की राह में फिलहाल राजनीति, रूस-यूक्रेन युद्ध और ऊर्जा व्यापार जैसे मुद्दे बड़ी अड़चन बने हुए हैं। अमेरिकी मंत्री का यह दावा कि एक फोन कॉल की कमी से डील अटकी है, इस पूरे विवाद को और ज्यादा राजनीतिक रंग देता है। आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि रणनीतिक साझेदारी भारी पड़ती है या भू-राजनीतिक दबाव।

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Monday, January 05, 2026

काशी में कश्मीर की टीम हिजाब पहनकर खेलेंगी, प्लेयर बोली- ये हमारी आजादी की पहचान, हम इसे पहनकर अपना बेस्ट देंगे

वाराणसी: 'हिजाब हमारी आजादी है। इसे पहनकर खेलने से हम और अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं। कभी किसी ने नहीं रोका और घर का फुल सपोर्ट है, तब हम यहां कश्मीर से वाराणसी तक पहुंचे हैं। किसी को ये नहीं सोचना चाहिए कि हिजाब लगाते हैं तो कैसे खेलेंगे। ये हमारा फ्रीडम है न कि बंदिश।'




ये बातें सीनियर नेशनल वॉलीबाल टूर्नामेंट में जम्मू-कश्मीर की टीम से खेलने वाली सदफ मंजूर ने कही। सदफ 2 साल से वॉलीबाल खेल रही हैं। जम्मू-कश्मीर से वाराणसी पहुंची महिला टीम में 14 खिलाड़ी हैं। जिनमें 6 लड़कियां हिजाब लगाकर कोर्ट में उतरेंगी। इनमें से कई 6 से साल से तो कई दो साल से वॉलीबाल खेल रही हैं। जम्मू-कश्मीर की महिला टीम की प्लेयर सदफ मंजूर ने कहा-हम हिजाब पहनकर खेल रहे हैं तो यह कोई बंदिश नहीं बल्कि यह हमारी आजादी, हमारा फ्रीडम है। मुझे 2 साल हुए इस खेल में आये और कभी मुझसे किसी ने नहीं कहा कि आप हिजाब बिना पहने कोर्ट में उतरिये। या कोर्ट में हिजाब नहीं पहनना है। हमारे कोच और स्टाफ का हमेशा सपोर्ट मिला। हम कोर्ट में आए और अपना बेस्ट दिया।

मोबाइल और नशे की जगह स्पोर्ट्स में आए युवा

सदफ मंजूर ने कहा- हमें कभी कोई दिक्कत हिजाब की वजह से नहीं हुई। जहां भी गए वहां अन्य खिलाड़ियों और पब्लिक से प्यार ही मिला। इसके अलावा हमें घर का सपोर्ट था। सदफ ने कहा - नौजवान जो आज मोबाइल, नशे और गंदी चीजों में उलझा हुआ है। उसे स्पोर्ट्स में आना चाहिए। इससे उसका करियर भी बनेगा और वो हमेशा खुश रहेगा और परिवार के लिए कुछ कर पाएगा। कश्मीर के बारे में बात करते हुए कहा वहां जब से हमने होश संभाला सब नार्मल है कोई दिक्कत नहीं है।

बनारस घूमकर ही जाएंगे वापस

काशी आने पर सदफ ने कहा- पहली बार हम यूपी आए हैं। काशी तो प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है। यहां घूमकर भी जाएंगे। बनारस का नाम बहुत पढ़ा है। श्रीनगर की रहने वाली शाफिया ने कहा- 6 साल हो गए मुझे खेलते और ये मेरा दूसरा नेशनल टूर्नामेंट है। पिछली बार हम लोगों ने जयपुर में खेला था। शाफिया ने हिजाब पर कहा -बचपन से ही परिजनों ने हिजाब लगा दिया लेकिन कभी यह हमारे लिए दिक्कत का कारण नहीं बना बल्कि यह हमें एक आजादी का एहसास करवाता है। हमें इस पहनकर बहुत कंफर्टेबल हैं। कोर्ट पर भी हमेशा पब्लिक और स्टाफ का सपोर्ट मिला है।

यह हमारी पहचान, दिखाएंगे बेस्ट खेल

6 साल से वालीबाल खेल रहीं आयत श्रीनगर की रहने वाली हैं। आयत से जब हिजाब पर बात की गई तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा- कैसी दिक्कत यह तो हमारी पहचान है। इससे ही हमें जाना जाता है। खेल में कभी कोई दिक्कत हमें नहीं होती इसे पहनने के बाद। घर से, स्कूल से और स्पोर्ट्स स्टाफ से हमें काफी सारा सपोर्ट मिलता है। जिसके बाद हम इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं। उम्मीद है काशी भी हमें प्यार देगी और हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

इनके साथ खेलने में कोई दिक्कत नहीं

टीम की सबसे एक्सपीरियंस खिलाड़ी और टीम की कप्तान और अटैकर पोजिशन से खेलने वाली इशिमा वर्मा ने बताया-8 साल से वालीबाल अपने स्टेट के लिए खेल रही हूं। अभी तक एक सब जूनियर नेशनल और 6 नेशनल प्रतियोगिता खेल चुकी हूं। कई खिलाड़ी हमारी टीम में ऐसी हैं जो हिजाब लगाकर खेलेंगी और खेलती हैं। अच्छा लगता है कि ये बंदिशों को तोड़कर ऐसे खेल रही हैं। इन्हे ऐसे खेलने में कोई दिक्कत नहीं है तो हमें कैसी दिक्कत। हमें और सपोर्ट मिलता है इनका और हमारी टीम अच्छा प्रदर्शन करती है।

खेल में कोई धर्म नहीं होता

जम्मू-कश्मीर टीम के हेड कोच बलविंदर सिंह जंबाल ने बताया- कोई भी खेल हो वहां धर्म नहीं खेल सर्वोपरि होता है। यहां कोई धर्म नहीं होता। जो अच्छा खेलेगा वो यहां होगा। हिजाब लगाकर अगर कोई खेल रहा है। तो ये उसका फैसला है और खेल के नियमानुसार ही खेल होगा। उसमे जो नियम दिए गए हैं उसके अनुसार जितना हिजाब करना है जैसे करना है वैसे करके हमारी टीम में भी 6 खिलाड़ी हिजाब के साथ खेलेंगी।

इनके साथ खेलने में कोई दिक्कत नहीं

टीम की सबसे एक्सपीरियंस खिलाड़ी और टीम की कप्तान और अटैकर पोजिशन से खेलने वाली इशिमा वर्मा ने बताया-8 साल से वालीबाल अपने स्टेट के लिए खेल रही हूं। अभी तक एक सब जूनियर नेशनल और 6 नेशनल प्रतियोगिता खेल चुकी हूं। कई खिलाड़ी हमारी टीम में ऐसी हैं जो हिजाब लगाकर खेलेंगी और खेलती हैं। अच्छा लगता है कि ये बंदिशों को तोड़कर ऐसे खेल रही हैं। इन्हे ऐसे खेलने में कोई दिक्कत नहीं है तो हमें कैसी दिक्कत। हमें और सपोर्ट मिलता है इनका और हमारी टीम अच्छा प्रदर्शन करती है।

खेल में कोई धर्म नहीं होता

जम्मू-कश्मीर टीम के हेड कोच बलविंदर सिंह जंबाल ने बताया- कोई भी खेल हो वहां धर्म नहीं खेल सर्वोपरि होता है। यहां कोई धर्म नहीं होता। जो अच्छा खेलेगा वो यहां होगा। हिजाब लगाकर अगर कोई खेल रहा है। तो ये उसका फैसला है और खेल के नियमानुसार ही खेल होगा। उसमे जो नियम दिए गए हैं उसके अनुसार जितना हिजाब करना है जैसे करना है वैसे करके हमारी टीम में भी 6 खिलाड़ी हिजाब के साथ खेलेंगी।

Thursday, January 01, 2026

जल्द इंसाफ के लिए अब आधी रात में भी खुलेगा सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, CJI सूर्यकांत का ऐलान

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा अब आधी रात को भी खुला रहेगा। भारत के चीफ जस्टिस सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि फरियादी इमरजेंसी में आधी रात को भी सुप्रीम कोर्ट आ सकते हैं। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अगर किसी नागरिक को कानूनी इमरजेंसी का सामना करना पड़ता है या जांच एजेंसियों द्वारा अजीब समय पर गिरफ्तारी की धमकी दी जाती है, तो वह व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए आधी रात को भी संवैधानिक अदालतों से सुनवाई की मांग कर सकेगा।


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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ‘मेरा प्रयास है और रहेगा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट को लोगों की अदालतें बनाया जाए, जहां कानूनी इमरजेंसी में काम के घंटों के बाद भी किसी भी समय संपर्क किया जा सके।’ उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकताओं में से एक यह है कि कई अहम संवैधानिक मुद्दों से जुड़ी पेंडिंग याचिकाओं से निपटने के लिए जितनी हो सके उतनी संविधान बेंचें स्थापित की जाएं- जैसे कि चुनावी रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं का मामला, जो बिहार से शुरू हुआ और अब एक दर्जन राज्यों में चल रहा है।

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इधर, सीजेआई ने जल्द न्याय सुनिश्चित करने और इंसाफ के लिए नया सिस्टम लागू कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में कामकाज में सुगमता, जल्द न्याय सुनिश्चित करने के लिए एसओपी जारी की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसमें उसके समक्ष पेश होने वाले वकीलों द्वारा दलीलों और लिखित निवेदन प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। इस कदम का उद्देश्य न्यायालय के कामकाज में सुगमता और न्याय मुहैया कराने की व्यवस्था में तेजी लाना है।

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सीजेआई यानी प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और उच्चतम न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों ने सोमवार को एक परिपत्र जारी किया। इसमें सभी मामलों में मौखिक दलीलें प्रस्तुत करने की समयसीमा का पालन करने के लिए एसओपी तय की गई है। तत्काल प्रभाव से लागू इस एसओपी में कहा गया है, ‘वरिष्ठ अधिवक्ता, दलील रखने वाले वकील और रिकॉर्ड पर मौजूद अधिवक्ता, नोटिस के बाद और नियमित सुनवाई वाले सभी मामलों में मौखिक बहस करने की समय-सीमा सुनवाई शुरू होने से कम से कम एक दिन पहले प्रस्तुत करेंगे। यह समय-सीमा न्यायालय को ‘एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड’ (एओआर) को पहले से उपलब्ध कराए गए उपस्थिति पर्ची जमा करने के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत की जाएगी।

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इसमें कहा गया है कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं सहित बहस करने वाले वकील, अपने एओआर या पीठ द्वारा नामित नोडल वकील (यदि कोई हो) के माध्यम से, सुनवाई की तारीख से कम से कम तीन दिन पहले दूसरे पक्ष को एक प्रति देने के बाद संक्षिप्त नोट या लिखित प्रस्तुति दाखिल करेंगे, जो पांच पृष्ठ से अधिक का नहीं होगा। शीर्ष अदालत के चार रजिस्ट्रार द्वारा हस्ताक्षरित परिपत्र में कहा गया है, ‘सभी वकील निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन करेंगे और अपनी मौखिक दलीलें पूरी करेंगे।

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Sunday, December 28, 2025

CM योगी ने लॉन्च किया 'YAKSH' ऐप, माफिया और अपराधियों की पूरी जानकारी अब सिर्फ एक क्लिक पर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को यक्ष (YAKSH) ऐप का औपचारिक लॉन्च किया. यह ऐप एआई और बिग डेटा एनालिसिस से तैयार किया गया है और आधुनिक पुलिसिंग का अत्याधुनिक उपकरण माना जा रहा है. अब पुलिस अधिकारी एक क्लिक में माफिया और अपराधियों की पूरी जानकारी देख सकेंगे.

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जानकारी के मुताबिक, यक्ष ऐप में संवेदनशील इलाकों की जानकारी पहले से दर्ज रहेगी, जहां पत्थरबाजी या अन्य घटनाओं की संभावना होती है. रियल-टाइम अलर्ट, AI फेस रिकग्निशन, वॉइस सर्च, CrimeGPT और गैंग एनालिसिस जैसी सुविधाओं से अधिकारी किसी भी समय अपराध की स्थिति पर नजर रख सकेंगे.

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गैंग और अपराध नेटवर्क का पूरा डेटा

इस ऐप के जरिए अधिकारी एकीकृत प्लेटफॉर्म पर गैंग, अपराध नेटवर्क, इतिहास शीटर और गतिविधियों की पूरी जानकारी पा सकते हैं. इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और अपराध पर नियंत्रण अधिक सटीकता से संभव होगा.

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प्रभाव और भविष्य की तैयारी

YAKSH ऐप पुलिस को रिस्पॉन्स टाइम कम करने और अपराध नियंत्रण में मदद करेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह ऐप अपराधियों के खिलाफ लगातार तैयारी और पुलिसिंग में नई क्रांति लाएगा.

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Saturday, December 27, 2025

यूपी में ठंड का कहर, 23 शहरों में घने कोहरे का रेड और 31 के लिए ऑरेज अलर्ट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। मौसम विभाग से जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के कई शहर शून्य दृश्यता की चपेट में रहे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में पारा गिरकर 5.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने 23 शहरों में घने कोहरे का रेड, 31 के लिए ऑरेन्ज अलर्ट जारी किया है। वहीं, 20 जिलों में शनिवार को शीत दिवस की स्थिति रह सकती है।


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शुक्रवार की सुबह प्रदेश के पांच प्रमुख केंद्रों पर दृश्यता शून्य दर्ज की गई, जिससे सड़क और हवाई यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। इनमें बरेली, गोरखपुर कुशीनगर और कानपुर शामिल रहे। बहराइच, लखनऊ एयरपोर्ट, फतेहगढ़, कानपुर शहर और हरदोई में दृश्यता 20 मीटर के आसपास रही। वहीं, वाराणसी, आजमगढ़ और मुरादाबाद में दृश्यता 400 मीटर से नीचे बनी रही। पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 7 से 8 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर गया है, जिससे वहां अति शीत दिवस जैसी स्थिति बनी हुई है।

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सुलतानपुर में अधिकतम तापमान मात्र 13.1 (सामान्य से -8.1 डिग्री कम) दर्ज किया गया। इसी तरह बहराइच में 14.2, गोरखपुर में 14.8, कानपुर शहर में अधिकतम तापमान 16.3° डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मेरठ और इटावा में जमा देने वाली सर्दी रही। ठिठुरन भरी रातों के बीच मेरठ प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद इटावा में 6.4 डिग्री, बाराबंकी में 6.8 डिग्री और प्रयागराज में 7.0 डिग्री तापमान के साथ गलन बढ़ गई। वाराणसी एयरपोर्ट पर भी रात का पारा गिरकर 7.2 डिग्री तक पहुंच गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर में रात का तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस के करीब रहा।

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इन शहरों में घने कोहरे का रेड अलर्ट

देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या, अम्बेडकर नगर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत एवं आसपास इलाकों में।

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इन शहरों में घने कोहरे का ऑरेन्ज अलर्ट

प्रतापगढ़, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाज़ीपुर, आज़मगढ़, मऊ, बलिया, हरदोई, फरुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, शामली, बागपत, मेरठ, कासगंज, आगरा, फ़िरोज़ाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, शाहजहांपुर, सम्भल, बदायूं एवं आसपास इलाकों में।

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इन शहरों में शीत दिवस की संभावना

आज़मगढ़, मऊ, बलिया, लखीमपुर खीरी, हरदोई, फरुखाबाद, कानपुर देहात, कानपुर नगर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं एवं आसपास इलाकों में।

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Tuesday, December 23, 2025

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोडिन कफ सिरप मामले में रखा सरकार का पक्ष, बोले-मामले में कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा

लखनऊ; मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सदन में कोडिन कफ सिरप मामले में सरकार का पक्ष रखा और समाजवादी पार्टी के नेताओं को खूब धोया। बोले कि प्रश्न क्या है और मुद्दे क्या उठाए जा रहे हैं। माननीय सदस्यों को अध्ययन करके आना चाहिए और सदन की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। नेता विरोधी दल ने सदन की कार्रवाई होते ही इस मुद्दे को उठाया, इसलिए मुझे खड़ा होना पड़ा। सीएम ने कहावत ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ का जिक्र कर समाजवादी पार्टी को आईना दिखाया। सीएम ने सदन में साफ किया कि कोडिन कफ सिरप से यूपी में एक भी मौत नहीं हुई है। इस मामले में एनडीपीएस के अंतर्गत कार्रवाई होगी, उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले को कोर्ट में लड़ा और जीता है। 


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नेता प्रतिपक्ष से झूठ बोलवा देते हैं समाजवादी

सीएम ने नेता प्रतिपक्ष की चुटकी ली। बोले कि इस उम्र में व्यक्ति सच बोलने का आदी होता है, लेकिन समाजवादी इस उम्र में भी उनसे झूठ बोलवा देते हैं। समाजवादियों को ऐसा नहीं करना चाहिए और उन्हें भी सच बोलने का आदी होना चाहिए। उन्होंने लंबे समय तक स्पीकर के रूप में सदन को आगे बढ़ाया है। 

2016 में समाजवादी पार्टी ने यूपी के सबसे बड़े होलसेलर को जारी किया था लाइसेंस

सीएम योगी ने सदन में कहा कि उत्तर प्रदेश में यूपी के सबसे बड़े होलसेलर को एसटीएफ ने पकड़ा था। 2016 में समाजवादी पार्टी ने उसे लाइसेंस जारी किया था। सीएम ने कहा कि देश में दो नमूने हैं। एक दिल्ली व दूसरा लखनऊ में बैठता है। जब देश में कोई चर्चा होती है तो वह देश छोड़कर भाग जाते हैं। यही आपके बबुआ के साथ भी हो रहा है। आप चिल्लाते रहेंगे और बबुआ सैरसपाटे के लिए इंग्लैंड चले जाएंगे। 

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यूपी में नहीं होता कोडिन कफ सिरप का प्रोडक्शन

सीएम ने फिर स्पष्ट किया कि कोडिन कफ सिरप (नकली दवा) के कारण मौत की कोई भी बात शासन के संज्ञान में नहीं आयी है। समय-समय पर एफएसडीए विभाग लगातार छापेमारी व कार्रवाई करती है। कंपनियों में भी इस प्रकार की कार्रवाई होती है। यूपी में कोडिन कफ सिरप के केवल स्टाकिस्ट व होलसेलर हैं। इसका यहां प्रोडक्शन नहीं होता। इसका प्रोडक्शन मध्य प्रदेश, हिमाचल व अन्य राज्यों में होता है। मौत के जो प्रकरण आए हैं, वह भी अन्य राज्यों के हैं। ऐसे प्रकरण तमिलनाडु में बने सिरप के कारण आए हैं। यह पूरा प्रकरण इललीगल डायवर्जन का है। इसके माध्यम से होलसेलर (सहारनपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी) ने इसे उन देशों व राज्यों में पहुंचाया है, जहां मद्य निषेध है। वहां नशे के आदी लोगों को इसे लेने की आदत है। वहां इसका दुरुपयोग किया गया है। 

समाजवादी पार्टी के लोगों का पढ़ाई-लिखाई से कोई वास्ता नहीं

मुख्यमंत्री ने सीएम ने कहा कि बच्चे हों या एडल्ट, बिना चिकित्सीय परामर्श के कोई भी इसका सेवन नहीं कर सकता। खांसी होने पर हर कोई कफ सिरप लेता है, लेकिन चिकित्सीय परामर्श से। उस पर यह अंकित भी होता है, लेकिन समाजवादी पार्टी के लोगों का पढ़ाई-लिखाई से कोई वास्ता है नहीं, इसलिए आप लोग ऐसी बाते करते हैं। 

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समय आने पर होगी बुलडोजर कार्रवाई, तब चिल्लाइएगा नहीं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की कार्रवाई की जानकारी भी सदन में रखी। मुख्यमंत्री ने कहा अब तक 79 अभियोग दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 225 अभियुक्त नामज़द हैं। 78 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और 134 फर्मों पर छापेमारी की कार्रवाई हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की गहराई में जाएंगे तो बार-बार यही तथ्य सामने आता है कि कहीं न कहीं समाजवादी पार्टी से जुड़ा कोई नेता या व्यक्ति इसमें संलिप्त पाया जाता है। अवैध लेन-देन भी लोहिया वाहिनी के एक पदाधिकारी के खाते के माध्यम से हुआ है। एसटीएफ पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मुकदमा चलाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इस लड़ाई को पूरी मजबूती से लड़ा है और इसमें सफलता भी प्राप्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। सीएम ने बुलडोजर एक्शन को लेकर समाजवादी पार्टी पर तंज कसा। कहा कि चिंता मत कीजिए, समय आने पर बुलडोजर एक्शन की पूरी तैयारी रहेगी, उस समय चिल्लाइएगा नहीं।

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Friday, December 19, 2025

नीतीश कुमार को पाकिस्तान से धमकी

वाराणसी: आयुष चिकित्सकों के नियुक्तिपत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला का हिजाब हटाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को धमकी देते हुए पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी की ओर से वीडियो जारी किया गया है, जिसकी जांच साइबर थाना को सौंपी गई है। वायरल रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि महिला आयुष चिकित्सक ने नौकरी ज्वॉइन करने से इंकार कर दिया है।



वीडियो में मुख्यमंत्री को धमकी दी गई है कि माफी मांगें वरना बाद में शिकायत मत करना। डीजीपी विनय कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वीडियो की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर बिहार पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। आर्थिक अपराध इकाई के अपर पुलिस महानिदेशक नैयर हसनैन खान ने कहा कि ईओयू का साइबर प्रभाग पूरे मामले की निगरानी करेगा और कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी।


उधर, सोशल मीडिया पर उक्त घटना को लेकर यह भी बताया जा रहा है कि जिस महिला को नियुक्तिपत्र देने के बाद मुख्यमंत्री ने हिजाब हटाने को कहा था, उसने यह नौकरी नहीं करने का निर्णय लिया है। हालांकि, महिला की ओर से अभी इस संबंध में सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है।
 

मालूम हो कि 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में नियुक्तिपत्र वितरण समारोह था। इस दौरान 1283 नवनियुक्त आयुष चिकित्सकों को नियुक्तिपत्र दिया गया था। इनमें दस चिकित्सकों को सांकेतिक रूप से मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से नियुक्तिपत्र सौंपा था।

Tuesday, December 09, 2025

बहुत बड़ा हीरो बनता है पवन सिंह... धमकी मिलते ही पावर स्टार ने लॉरेंस गैंग के खिलाफ कराया केस दर्ज

मुम्बई: भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के पावर स्टार पवन सिंह को जान से मारने और रंगदारी मांगने की धमकी देने का मामला सामने आया है. इस मामले में पवन सिंह के मैनेजर नीरज सिंह ने मुंबई के ओशिवारा थाने में FIR दर्ज कराई है. शिकायत में उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य होने का दावा करने वाले व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं. 


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धमकाने वाले ने पवन सिंह के फोन पर लगातार कॉल और व्हाट्सएप मैसेज भेजकर बड़ी रकम की मांग की और जान से मारने की धमकी दी. मैनेजर ने पुलिस को सभी सबूत- फोन नंबर, व्हाट्सएप मैसेज और कॉल रिकॉर्डिंग- उपलब्ध कराए हैं. 

उन्होंने बताया कि धमकी भरे मैसेज में साफ लिखा था कि “पवन सिंह की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है.” इतना ही नहीं, धमकी देने वाले ने अपना नाम बबलू बताया और खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया. मैसेज में उसने यह भी लिखा कि अगर पवन सिंह को शक हो तो वे उपेंद्र कुशवाहा और पप्पू यादव से पूछ लें कि लॉरेंस बिश्नोई कौन है.

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धमकाने वाले ने पवन सिंह को “बहुत बड़ा हीरो बनने” पर तंज कसा और चेतावनी दी कि बिग बॉस में सलमान खान के साथ मंच शेयर करना उसका आखिरी मौका था. उसने धमकी भरे अंदाज में लिखा कि “सलमान के साथ दोबारा मंच शेयर करना इसका सपना रह जाएगा.” पवन सिंह की टीम ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. 

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मैनेजर नीरज सिंह ने बताया कि धमकी मिलने के बाद कलाकार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. उन्होंने पुलिस से तुरंत अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है. FIR दर्ज होने के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. तकनीकी टीम फोन नंबरों और मैसेजों की ट्रेसिंग में लग गई है।

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Saturday, December 06, 2025

लालपुर पांडेयपुर पुलिस ने कई घटनाओं को अंजाम देने वाले चार शातिर चोरों को किया गिरफ्तार

वाराणसी: लालपुर पांडेयपुर पुलिस ने पकड़े चार शातिर चोर, कई घटनाओं का लालपुर पांडेपुर पुलिस ने किया खुलासा, वरुणा जोन के लालपुर पांडेयपुर पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। इन पर ज़ोन के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई कई चोरी की घटनाओं का आरोप है।


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गिरफ्तारी और बरामदगी पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत मुखबिर की सूचना पर 06.12.2025 करीब 2:20 बजे गोईठहा रिंग रोड के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विक्की बेनवंशी, आरिफ उर्फ शाहरूख, रोहित बेनवंशी और ललिता उर्फ सपना शामिल हैं। सभी का निवास नई बस्ती पांडेयपुर थाना लालपुर पांडेयपुर बताया गया है। साथ ही पुलिस ने चोरी के चाँदी व सोने के विभिन्न आभूषण, कुल 31,500 रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। ये सभी अभियुक कई थानों की घटनाओं में शामिल थे।

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पूछताछ में आरोपियों ने वरुणा जोन के अंतर्गत थाना लालपुर पांडेयपुर, शिवपुर सारनाथ और रोहनिया की कम से कम आठ अलग-अलग चोरी की घटनाओं में शामिल होने का खुलासा किया है। साथ आरोपियों ने पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे रात में एक चोरी की गई मोटर साइकिल पर घूमते थे और बंद पड़े मकानों का ताला तोड़कर उनमें घुस जाते थे। वे गहने नकदी और अन्य कीमती सामान चुराते थे। चुराए गए गहने या तो स्वयं बेचे जाते थे या फिर आरोपी ललिता उर्फ सपना (विक्की की मां) राहगीरों या महिलाओं को मजबूरी बताकर औने-पौने दामों पर बेच देती थीं आरोपियों के मुताबिक चोरी से मिले पैसों का इस्तेमाल वे खाने-पीने और जुए में खर्च कर देते थे।

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गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में लालपुर पांडेपुर प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह, उपनिरीक्षक प्रभाकर सिंह, महेश मिश्रा, मानवी शुक्ला सहित कई अन्य सदस्य शामिल थे। पुलिस द्वारा सभी अभियुक्तों पर अग्रिम कार्रवाई करते हुए सभी अभियुक्तों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किया जा रहा है और पुलिस द्वारा अन्य फरार अभियुक्तों को पकड़ने के प्रयास किया जा रहा हैं।

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Monday, November 24, 2025

जिलाधिकारी ने जनता दर्शन में फरियादियों की सुनी समस्याएं

वाराणसी: जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने चैंबर में जनसुनवाई के दौरान जन सामान्य की शिकायतों को सुना एवं दूरभाष पर वार्ता कर संबंधित अधिकारियों को शासन के मन्सानुरुप, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिया।



जिलाधिकारी द्वारा एक-एक व्यक्तियो की समस्याओ को सुना गया। प्राप्त समस्याओ को सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उनके मोबाइल पर भेजकर ससमय गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का निर्देश दिया गया। 


जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि जो जन समस्याएं उनके पास भेजी जा रही है उनकी समस्याओ को मानवीय दृष्टिकोण से गम्भीरता पूर्वक सुना जाए तथा निर्धारित समय सीमा के अन्दर निस्तारण करते हुये फरियादी को अवगत भी कराया जाए ताकि उन्हे बार-बार इधर उधर भटकना न पड़ें।

Friday, November 21, 2025

अपने वादों और घोषणाओं को पूरा करें..' तेजस्वी यादव ने CM नीतीश कुमार को दी बधाई

पटना: आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार का गठन हो गया. पटना के गांधी मैदान में सीएम और तमाम अन्य मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली. इस बीच आरजेडी विधायक दल के नेता तेजस्वी यादव ने नई सरकार को बधाई और शुभकामनाएं दी. साथ ही चुनावी वादों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील भी की।


तेजस्वी ने नीतीश कुमार को बधाई दी :__* राघोपुर से तीसरी बार विधायक बने तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बाकी मंत्रियों को बधाई दीय उन्होंने कहा, 'नीतीश कुमार जी को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई. मंत्रिपरिषद् के सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले बिहार सरकार के सभी मंत्रियों को हार्दिक शुभकामनाए.'।


तेजस्वी ने दिलायी वादों की याद 
इस दौरान तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार को उनके चुनावी वादों की भी याद दिलाई. उन्होंने लिखा, 'आशा है नई सरकार जिम्मेदारीपूर्ण लोगों की आशाओं और अपेक्षाओं पर खरा उतर अपने वादों एवं घोषणाओं को पूरा करेगी तथा बिहारवासियों के जीवन में सकारात्मक व गुणात्मक परिवर्तन लाएगी.' नीतीश सरकार का शपथ ग्रहण: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 26 मंत्रियों ने भी शपथ ली है. अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं. ऐसे में अभी भी 9 मंत्री पद और खाली हैं. आज बीजेपी के 14, जेडीयू के 8, एलजेपीआर के 2 और हम और आरएलएम के 1-1 मंत्री बनाए गए हैं।


दो डिप्टी सीएम बने
बीजेपी कोटे से सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है. दोनों पिछली बार भी इस पद पर थे. सम्राट इस बार मुंगेर जिले की तारापुर विधानसभा सीट से विधायक बने हैं, जबकि विजय सिन्हा एक बार फिर लखीसराय से जीते हैं.
आरजेडी की करारी हार: इस विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल को करारी हार का सामना करना पड़ा है. मात्र 25 सीटों पर जीत मिली है, जबकि 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. 2020 में 75 सीटों के साथ सबसे बड़ा दव बना था. इस बार तीसरे नंबर पर चला गया है. मुश्किल से नेता प्रतिपक्ष का पद पाने लायक विधायक जीतकर आए हैं. तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुना गया है, वे ही नेता प्रतिपक्ष बनाए जाएंगे।

Sunday, November 16, 2025

हमीरपुर में हुई महिला का हत्यारा निकला दरोगा अंकित यादव, पुलिस ने किया गिरफ्तार

हमीरपुर: अब तो यूपी में प्रचंड गजब हो गया...हमीरपुर में विगत दिन जिस महिला की लाश मिली थी, उसकी हत्या महोबा जिले में तैनात दरोगा अंकित यादव ने की थी,


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प्राप्त जानकारी के अनुसार दरोगा अंकित यादव महिला के दहेज प्रताड़ना मामले की विवेचना कर रहे थे,इसी दौरान महिला किरण गौतम निवासी ग्राम मकरबई,थाना कबरई जिला महोबा से उनकी नजदीकियां बढ़ गई और नजदीकियां प्यार में तब्दील हो गई. 


फिर महिला ने दरोगा को शादी के लिए मानसिक रूप से परेशान किया जिसके बाद दरोगा जी ने एक प्लानिंग बनाई और अपने मित्र की स्विफ्ट कार लेकर महिला को घुमाने के बहाने ले गए और एकांत में जाकर मारकर फेंक दिया, घटना की विस्तृतजानकारी के लिए हमीरपुर पुलिस का प्रेस नोट जारी कर इसकी जानकारी दी.

दिल्ली ब्लास्ट: आतंकी हमले में शामिल i20 कार का मालिक गिरफ्तार, उमर के साथ मिलकर रची थी पूरी साजिश

दिल्ली: लाल किला इलाके में हुए कार बम धमाके के मामले में एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को बड़ी कामयाबी मिली है. एजेंसी ने उस शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसने आत्मघाती हमलावर के साथ मिलकर इस आतंकवादी साजिश को अंजाम दिया था.


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जांच में सामने आया कि आमिर जम्मू-कश्मीर के सांबूरा, पंपोर का रहने वाला है. उसने पुलवामा के उमर उन नबी नाम के शख्स के साथ मिलकर ये हमला प्लान किया था. आमिर दिल्ली इसलिए आया था ताकि उस कार को खरीदने में मदद कर सके, जिसे बाद में धमाके के लिए आईईडी (बम बनाने वाला उपकरण) के तौर पर इस्तेमाल किया गया. गौर करने वाली बात है कि आमिर को 11 नवंबर को हिरासत में ले लिया गया था. हालांकि, लंबी पूछताछ के बाद उसके भूमिका स्थापित करने के बाद रविवार को उसे गिरफ्तार किया.

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आत्मघाती हमलावर की पहचान

एनआईए ने फोरेंसिक जांच के जरिए उस ड्राइवर की पहचान की है जो धमाके के वक्त उसी कार में था. उसकी पहचान उमर उन नबी के रूप में हुई है. उमर पुलवामा का रहने वाला था और हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में जनरल मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर था. यानी, जो खुद डॉक्टर था, वही आतंकवादी साजिश में शामिल निकला.

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अन्य वाहन जब्त, जांच जारी

एनआईए ने उमर उन नबी की एक और गाड़ी भी जब्त की है. अब उस गाड़ी की भी जांच की जा रही है ताकि और सबूत मिल सकें. अब तक एजेंसी 73 गवाहों से पूछताछ कर चुकी है, जिसमें धमाके में घायल लोग भी शामिल हैं. यह धमाका 10 नवंबर को दिल्ली में हुआ था, जिसने पूरे देश को हिला दिया था.

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Wednesday, November 12, 2025

मुरादाबाद में एसटीएफ और पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश घायल

मुरादाबाद: यूपी एसटीएफ और मुरादाबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार देर शाम भोजपुर थाना क्षेत्र के गोट रेलवे स्टेशन के पास हुई मुठभेड़ में एक बड़ी सफलता हासिल की। इस मुठभेड़ में एक लाख रुपये के इनामी बदमाश आसिफ उर्फ टिड्डा और उसका साथी 50 हजार रुपये का इनामी दीनू गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए तत्काल नजदीकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।



जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल की जैकेट में भी गोली लगी, हालांकि वे सुरक्षित हैं। पुलिस ने जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों को काबू में किया। घटना स्थल से पुलिस ने एक स्विफ्ट कार, 30 बोर की कार्बाइन, तीन 32 बोर की पिस्टल और 30 व 32 बोर के कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।


बताया गया कि आसिफ उर्फ टिड्डा मेरठ निवासी है, जिस पर मुरादाबाद पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वहीं उसका साथी दीनू निवासी मेरठ है, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस का कहना है कि दोनों बदमाश लंबे समय से सक्रिय गिरोह के सदस्य हैं और कई संगीन वारदातों में वांछित चल रहे थे। एसटीएफ और मुरादाबाद पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है।

Tuesday, November 11, 2025

बिजली बिल राहत योजना 2025 से उपभोक्ताओं को मिलेगी ऐतिहासिक राहत-नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए “बिजली बिल राहत योजना 2025” लागू करने की घोषणा की है। इस योजना के अंतर्गत नेवरपेड और लॉन्ग अनपेड उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी। यह बात प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने संगम सभागार में प्रेस वार्ता कर बताया। इस दौरान उनके साथ अपर मुख्य सचिव श्री नरेंद्र भूषण, चेयरमैन श्री आशीष गोयल एवं एमडी पंकज कुमार भी मौजूद रहे। 


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विद्युत बिल राहत योजना 2025 के अंतर्गत बकाया धनराशि को एक मुश्त जमा करने पर सरचार्ज में 100 प्रतिशत एवं मूलधन में 25 प्रतिशत तक छूट देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। ऊर्जा मंत्री ने इस योजना को जनता के लिए “सरकार का उपहार और जनसहभागिता से जुड़ी अभूतपूर्व पहल” बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी उपभोक्ता बिजली बिल के बोझ तले दबा न रहे और साथ ही राज्य की बिजली वितरण व्यवस्था आर्थिक रूप से सुदृढ़ बने। इस योजना से एक ओर जहां सरकारी खजाने में भारी राजस्व की वृद्धि होगी, वहीं दूसरी ओर घरेलू व वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को बड़ी आर्थिक राहत प्राप्त होगी।

एकमुश्त भुगतान पर सरचार्ज में 100 प्रतिशत तथा मूलधन में 25 प्रतिशत तक की छूट

ऊर्जा मंत्री शर्मा ने बताया कि योजना के अंतर्गत यदि कोई उपभोक्ता अपना बिजली बिल एकमुश्त जमा करता है, तो उसे सरचार्ज में 100 प्रतिशत के साथ-साथ बकाए के मूलधन में 25 प्रतिशत छूट मिलेगी। यह छूट तीन चरणों में दी जाएगी। प्रथम चरण (1 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक) पंजीकरण कराने पर 25 प्रतिशत, द्वितीय चरण (1 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक) में 20 प्रतिशत तथा तृतीय चरण (1 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक) पंजीकरण कराने में 15 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। मंत्री श्री शर्मा ने कहा, “जो उपभोक्ता पहले पंजीकरण कर भुगतान करेंगे, उन्हें अधिक लाभ मिलेगा। इसलिए प्रदेश के नागरिकों से अपील है कि वे योजना के प्रथम चरण में ही भाग लें।

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घरेलू और वाणिज्यिक दोनों वर्गों को लाभ

यह योजना घरेलू उपभोक्ताओं (2 किलोवाट तक) और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं (1 किलोवाट तक) दोनों के लिए लागू होगी।इतना ही नहीं, बिजली चोरी से संबंधित प्रकरणों में राजस्व निर्धारण धनराशि पर भी छूट देने का प्रावधान किया गया है। इससे उन उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी जो अनजाने में तकनीकी अथवा मीटर संबंधी त्रुटियों के कारण विवादों में फंसे हुए थे।

मासिक किस्तों में भुगतान की सुविधा, गरीब उपभोक्ताओं के लिए राहत

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार ने गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मासिक किस्तों में भुगतान की सुविधा भी दी है। इससे वे उपभोक्ता, जो एकमुश्त भुगतान करने में असमर्थ हैं, वे भी योजना का लाभ उठाकर अपने बकाया बिलों का निस्तारण कर सकते हैं। यह कदम प्रदेश के लाखों छोटे उपभोक्ताओं को आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने वाला होगा।

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ओवर बिलिंग व अंडर बिलिंग वाले उपभोक्ताओं के लिए भी राहत

ऊर्जा मंत्री शर्मा ने कहा कि योजना के दौरान विभाग ओवर बिलिंग और अंडर बिलिंग वाले उपभोक्ताओं के बिलों का भी संशोधन करेगा, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय भार न पड़े और उन्हें सही व पारदर्शी बिलिंग का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि “यह केवल एक छूट योजना नहीं, बल्कि उपभोक्ता के विश्वास और पारदर्शिता को पुनः स्थापित करने की मुहिम है। ऐसे उपभोक्ताओं को बिल की धनराशि जमा करने हेतु एक मासिक औसत धनराशि निधारित की गई है। बिलिंग सिस्टम द्वारा इन उपभोक्ताओं के विद्युत बिल, नारमेटिव धनराशि के आधार पर संसोधित किए जायेंगे।

सुविधाजनक पंजीकरण प्रक्रिया

इस योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है। उपभोक्ता विभागीय वेबसाइट www.uppcl.org पर, संबंधित खंड/उपखंड कार्यालय, जन सेवा केंद्र (CSC) एवं किसी भी विभागीय कैश काउंटर से पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के संबंध में मंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी उपभोक्ता को प्रक्रिया में कोई कठिनाई न हो और सभी आवेदन समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से स्वीकार किए जाएं साथ ही पूरी प्रक्रिया की सतत निगरानी भी की जाए।

विद्युत चोरी के प्रकरणों में राजस्व निर्धारण धनराशि में भी छूट

योजना के अंतर्गत चोरी के प्रकरणों में सम्मिलित व्यक्तियों को राजस्व निर्धारण धनराज में छूट प्राप्त करने हेतु व्यक्ति को पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण कराने के लिए व्यक्ति को 2000 ₹ अथवा राजस्व निर्धारण धनराशि का 10 प्रतिशत धनराशि जो भी अधिक हो, का भुगतान करना होगा। 

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ए.के. शर्मा का संदेश: “जनता की सुविधा सर्वाेच्च

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि यह योजना जनता के लिए लाई गई एक अभूतपूर्व पहल है। हमने हमेशा यह प्रयास किया है कि जनता को न केवल बिजली मिले बल्कि राहत भी मिले। ‘बिजली बिल राहत योजना 2025’ से जनता को आर्थिक बोझ से मुक्ति मिलेगी और बिजली विभाग के प्रति उनका विश्वास और भी मजबूत होगा। उन्होंने आगे कहा कि यह योजना जनता की योजना, जनता के लिए है और हर उपभोक्ता को इसका लाभ लेना चाहिए।

प्रदेश के विकास की ऊर्जा यात्रा में नया अध्याय

ऊर्जा मंत्री शर्मा ने कहा कि यह योजना प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन का नया अध्याय जोड़ती है। इससे विद्युत वितरण निगमों की वसूली दर में सुधार होगा, बकाया घटेगा और नई परियोजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य है ‘बिजली सबके लिए - राहत सबको।’ यह योजना उस दिशा में एक ठोस कदम है।

अधिकारी एवं जनता दोनों मिलकर इस योजना को बनाएं सफल

ऊर्जा मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना के प्रचार-प्रसार और क्रियान्वयन में कोई ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उपभोक्ता को इसकी जानकारी मिले और वे आसानी से पंजीकरण कर सकें। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी/ कर्मचारी इस योजना को जनसंपर्क अभियान के रूप में जनता तक पहुंचाएं, ताकि हर पात्र उपभोक्ता इसका लाभ उठा सके। इसके साथ ही उन्होंने इस योजना के लगातार मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

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सरकार के लिए जनता का हित सर्वाेपरि

ऊर्जा मंत्री  शर्मा ने कहा कि यह योजना केवल छूट देने का निर्णय नहीं, बल्कि विश्वास और संवेदनशील शासन का प्रतीक है। उन्होंने कहा, हमारी सरकार की प्राथमिकता है जनता की सुविधा, सेवा और संतोष। बिजली बिल राहत योजना उसी सोच का प्रतिफल है, जो जनता को केंद्र में रखकर बनाई गई है।यह योजना उत्तर प्रदेश की ऊर्जा यात्रा को नई दिशा देने, उपभोक्ताओं के बोझ को कम करने और सरकार की पारदर्शी नीतियों को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

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