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Thursday, June 11, 2026

राजस्थान में महिला शक्ति जायसवाल क्लब ने समाज को एकजुट करने का लिया संकल्प: प्रकाश जायसवाल

राजस्थान: सालासर धाम में जायसवाल क्लब के दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर संस्थापक मनोज जायसवाल जी एवं बतौर अतिथि सालासर धाम के महंत जी ने कुलदेवता सहस्त्रबाहु अर्जुन भगवान जी के फोटो पर मल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।


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प्रवक्ता प्रकाश जायसवाल ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक महिला शक्ति जायसवाल क्लब की राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला मंच तिलक भामा के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ जिसमें प्रदेशों से आई हुए महिलाओं ने अपने अपने विचार व्यक्त किए और समाज को एकजुट एकसाथ एकमंच पर जोड़ने के संकल्प के साथ ही अनन्य प्रदेशों में समाज के प्रति किए हुए कार्यों से प्रेरित किया. 

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भूटान प्रदेश अध्यक्ष महिला मंच की बेटी रिया जायसवाल, सत्यम जायसवाल ने भूटानी कल्चरल पोग्राम की भी प्रस्तुति किया और कई राज्यों से आए हुए जायसवाल समाज के सम्मानित महिलाएं, पुरुषों ने समाज हित में विचार व्यक्त किए एवं क्लब के संस्थापक अध्यक्ष मनोज जायसवाल को दिल से आभार प्रगट करते हुए कहा कि आज आप के अथक प्रयास,प्रेरणा से ही हम सभी एक मंच पर एक साथ हैं जायसवाल समाज आप का सदा रीडी रहेगा। 

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कार्यक्रम में उपस्थित अध्यक्ष मनोज जायसवाल, तिलकभामा, हरीश कलार, नंदलाल जायसवाल, प्रकाश जायसवाल, प्रेम नारायण जायसवाल, कमलेश जायसवाल, नीला सुहालका, सोनिया जायसवाल, विनीता जायसवाल, जया जायसवाल, जयश्री जायसवाल, रितुजी जायसवाल, माया जायसवाल, संगीता जायसवाल, पदमा सुहालका, कमलेश जायसवाल, हेमंत जायसवाल, राजेश जायसवाल, रमेश जायसवाल, सत्यनारायण मेवाड़ा सहित सैकड़ों सम्मानित स्वजातीय समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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Sunday, May 10, 2026

अलवर में एक्सपायर कोल्ड ड्रिंक पीने से 5 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

अलवर: राजस्थान के अलवर जिले में एक्सपायर कोल्ड ड्रिंक पीने से एक भाई और चार बहनों की तबीयत बिगड़ गई। सभी बच्चों को उल्टी, चक्कर और बेचैनी की शिकायत के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

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घटना ककराली गांव की है। बच्चों के पिता रहमू ने बताया कि वह शुक्रवार रात तुलेड़ा से खाद लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने छठी मील स्थित एक दुकान से 2 लीटर की कोका कोला की बोतल खरीदी थी। शनिवार सुबह बेटे मिश्रोक और बेटियों मुस्कान, जानिस्ता, रहीसन और जेनी ने कोल्ड ड्रिंक पी। कुछ देर बाद ही सभी बच्चों को घबराहट, उल्टी, चक्कर और बेचैनी होने लगी। हालत बिगड़ने पर परिजन सभी को तुरंत अलवर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।

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परिजनों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के बाद जब कोल्ड ड्रिंक की बोतल की जांच की गई तो पता चला कि वह करीब 6 महीने पहले ही एक्सपायर हो चुकी थी। घटना के बाद दुकानदार की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल सभी बच्चों का इलाज जारी है और चिकित्सकों की निगरानी में उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

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Friday, May 01, 2026

यूपी विधानसभा में सीएम योगी का तीखा हमला, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना, हंगामा जारी

लखनऊ: राजधानी में चल रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान बुधवार को राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया। सत्र की शुरुआत विपक्ष के हंगामे के साथ हुई, हालांकि कुछ समय बाद कार्यवाही सुचारू रूप से चलने लगी। इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और महिला सम्मान के मुद्दे पर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

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विधानसभा के इस विशेष सत्र की शुरुआत विपक्ष के जोरदार विरोध और नारेबाजी के साथ हुई। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। हालांकि, अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई और कार्यवाही आगे बढ़ी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का “चेहरा और चरित्र” अलग-अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल कुछ और कहते हैं और कुछ और करते हैं, लेकिन प्रदेश की जनता सब समझती है। सीएम ने कहा, “आधी आबादी यानी महिलाओं के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमारी सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

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मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए 1995 के स्टेट गेस्ट हाउस कांड का जिक्र किया, जिसमें एक दलित महिला मुख्यमंत्री के साथ अभद्रता हुई थी। उन्होंने इसे समाजवादी पार्टी के आचरण का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह घटना उनके राजनीतिक संस्कार को दर्शाती है। इसके अलावा उन्होंने 2014 के बदायूं कांड का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उस समय समाजवादी पार्टी ने गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए थे, जिससे पीड़ितों के साथ न्याय नहीं हो सका। सीएम योगी ने कहा कि यह विशेष सत्र इसलिए बुलाया गया है ताकि समाज के हर वर्ग,एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं को सम्मान और अधिकार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार समावेशी विकास और सामाजिक न्याय के सिद्धांत पर काम कर रही है।

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मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का पतन उसकी गलत नीतियों के कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में हाशिए पर है और पिछले 40 वर्षों से प्रदेश में उसका प्रभाव नगण्य रहा है। सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की है, जिससे समाज में विभाजन पैदा हुआ। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाह बानो प्रकरण का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अगर उस समय कांग्रेस मौलवियों के दबाव में न आती, तो शाह बानो को न्याय मिल सकता था। इसके साथ ही उन्होंने तीन तलाक कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने इस कुप्रथा का समर्थन किया था, जबकि भाजपा सरकार ने इसे समाप्त कर महिलाओं को न्याय दिलाने का काम किया।

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सीएम योगी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे देश को कठमुल्लापन की ओर ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने हमेशा प्रगतिशील सोच के साथ काम किया है और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए हैं। इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दे पर चर्चा हो रही है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी के कारण माहौल लगातार गरम बना हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने एजेंडे को लेकर आक्रामक नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान आने वाले चुनावों की रणनीति का हिस्सा भी हो सकते हैं।

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Friday, April 17, 2026

देशभर में लागू हुआ 33% महिला आरक्षण कानून, 16 अप्रैल से प्रभावी

नई दिल्ली: लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 अब देशभर में लागू हो गया है। केंद्र सरकार के विधि मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर बताया कि यह कानून 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है। अधिसूचना के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 के तहत सरकार ने इस कानून को लागू करने की तारीख घोषित की है। हालांकि, इसके लागू होने के बावजूद मौजूदा लोकसभा और विधानसभाओं में इसका तत्काल प्रभाव से क्रियान्वयन संभव नहीं होगा।


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अधिकारियों के मुताबिक, महिला आरक्षण का वास्तविक लाभ अगली जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जा सकेगा। इसका मतलब है कि वर्तमान सदनों में सीटों का आरक्षण नहीं बदलेगा। सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण कानून कहा जाता है। इसका उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।

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इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। हालांकि, यह आरक्षण जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने पर ही लागू होगा, जिससे इसके 2029 के आसपास लागू होने की संभावना जताई जा रही है। कानून के लागू होने की अधिसूचना जारी होने के बाद भी यह सवाल बना हुआ है कि इसे तुरंत प्रभाव से लागू क्यों नहीं किया गया। अधिकारियों ने तकनीकी कारणों का हवाला दिया है, लेकिन विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

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Saturday, March 28, 2026

एलपीजी... एटीएम से लेकर पैन तक, ये 5 बड़े बदलाव 1 अप्रैल से हर घर और हर जेब पर डालेंगे असर

नईदिल्ली: हर महीने की पहली तारीख की तरह ही 1 अप्रैल 2026 की शुरुआत भी एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव के साथ देखने को मिल सकती है. मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की शुरुआत के बाद गहराई एलपीजी किल्लत के बीच पहले ही तेल कंपनियां इनकी कीमतों में इजाफा करके महंगाई का झटका दे चुकी हैं और अब पहली तारीख को नए रेट जारी किए जा सकते हैं. इसके अलावा Oil Crisis के बीच हवाई ईंधन यानी एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में चेंज और सीएनजी-PNG के रेट में बदलाव देखने को मिल सकता है.


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देश में दूसरा और सबसे बड़ा बदलाव अप्रैल की पहली तारीख से टैक्स से जुड़ा होने जा रहा है और आयकर अधिनियम, 2025 मौजूदा कानून की जहग लेगा, जो 1961 से लागू है. New Income Tax Rule के साथ ही टैक्‍स से जुड़े कई बदलाव देखने को मिलने वाले हैं. सरकार के मुताबिक, टैक्‍सपेयर्स पर अनुपालन का बोझ कम करने और कानून को आधुनिक आसान बनाने के लिए कई चेंज किए गए हैं. टैक्स से जुड़े कुछ बदलावों की बात करें, तो 1 अप्रैल से आईटीआर भरने के लिए जिस फॉर्म 16 की आवश्‍यकता पड़ती है, अब आपको फॉर्म 16 नहीं मिलेगा, बल्कि इसकी जगह पर अब दूसरा फॉर्म दिया जाएगा और उसी फॉर्म का इस्‍तेमाल आप इनकम डॉक्‍यूमेंट के तौर पर कर सकते हैं. फॉर्म 16 को टीडीएस का प्रमाणपत्र माना जाता है. यह सैलरी इनकम पर लगने वाला टीडीएस सर्टिफिकेट भी है. फॉर्म 16A किराया, ब्याज, कारोबार और परामर्श शुल्क जैसी नॉन-सैलरी इनकम के लिए टीडीएस प्रमाणपत्र है. इसका नाम भी 1 अप्रैल से बदलकर फॉर्म 131 कर दिया जाएगा. इसे संबंध‍ित तिमाही टीडीएस डिटेल जारी करने की डेट से 15 दिनों के भीतर जारी करना होगा.

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अगर आपका खाता HDFC Bank, PNB या फिर Bandhan Bank में है और आप इन बैंकों का एटीएम इस्तेमाल करते हैं, तो फिर आपके लिए भी 1 अप्रैल, 2026 से एटीएम नियम बदलने (ATM Rule Change) जा रहे हैं. प्रमुख बदलावों पर नजर डालें, तो एचडीएफसी बैंक फ्री एटीएम निकासी में अब UPI Withdrawl को भी काउंट करेगा, अब तक ये अलग से गिनी जाती थीं. यानी HDFC Bank के जो ग्राहक ATM पर UPI का यूज करते हैं, एटीएम के जरिए मुफ्त लेनदेन लिमिट घट सकती है और इसके बाद विद्ड्रॉल पर प्रति ट्रांजैक्शन 23 रुपये का शुल्क लग सकता है. अभी बैंक ने एटीएम से महीने में 5 फ्री निकासी की सुविधा दी है. 

HDFC Bank के अलावा पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपने कुछ डेबिट कार्डों के लिए प्रतिदिन ट्रांजैक्शन की लिमिट में बदलाव का ऐलान किया है. ग्राहक अपने कार्ड की कैटेगरी के आधार पर अब रोजाना 50,000 रुपये से 75,000 रुपये तक निकाल सकेंगे. ये लिमिट उन कार्डहोल्डर्स के लिए कम है, जिनकी लिमिट पहले 1 लाख रुपये प्रति दिन तक थी. पीएनबी के अलावा Bandhan Bank भी 1 अप्रैल से डेबिट कार्ड धारकों के लिए एटीएम लेनदेन के नियम बदल रहा है. महानगरों में बंधन बैंक एटीएम यूजर्स को महीने में 3 फ्री ट्रांजैक्शन मिलेंगे, अन्य में ये सीमा 5 ट्रांजैक्शन की होगी. ये लिमिट क्रॉस होने के बाद हर फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर 23 रुपये लगेगा. इसके साथ ही बैंक ने कहा है कि अगर Bank Account में अपर्याप्त रकम होगी और एटीएम लेनदेन फेल होता है, तो 25 रुपये की पेनल्टी लागू होगी.

1 अप्रैल 2026 से होने वाले अन्य बड़े बदलावों में पैन कार्ड से जुड़ा चेंज भी शामिल है. नए नियमों के तहत पैन पाने या उसे अपडेट करने से जुड़े नियम सख्त हो सकते हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो अब पैन कार्ड से जुड़े आवेदनों के लिए केवल आधार कार्ड पर्याप्त नहीं होगा, आवेदकों को अन्य डॉक्युमेंट्स भी जमा करने होंगे. इसके सात ही जो आवेदन पेंडिंग हैं, उन्हें नए नियम लागू होने से पहले पूरा करने के आदेश भी जारी किए गए हैं.

अप्रैल महीने की पहली तारीख से रेल का सफर करनेवाले यात्रियों के लिए भी बदलाव होने वाला है. खासतौर पर रेलवे टिकट कैंसिलेशन से जुड़े नियम बदलने जा रहे हैं. 1 अप्रैल से जो नियम लागू होंगे, उनके तहत अब कन्फर्म रेलवे टिकट रद्द करने पर यात्रियों को ज्यादा पैसे चुकाने होंगे. अब ट्रेन के छूटने से 8 घंटे पहले कोई रिफंड जारी नहीं होगा, पहले यह 4 घंटे तक होता था. 8 से 24 घंटे पहले रद्द टिकटों पर 50% रिफंड, जबकि 24 से 72 घंटे पहले कैंसिल टिकटों पर 25% कटौती और 72 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर सबसे ज्यादा रिफंड मिलेगा.

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Sunday, March 01, 2026

चंद्रग्रहण के कारण होली 4 मार्च को, 3 मार्च को दिखेगा 'ब्लड मून'

वाराणसी। इस वर्ष होली का पर्व चंद्रग्रहण के कारण एक दिन आगे बढ़ गया है। होलिका दहन के अगले दिन पड़ने वाले चंद्रग्रहण के चलते रंगोत्सव अब तीन मार्च के बजाय चार मार्च को मनाया जाएगा। चंद्रग्रहण का आरंभ दोपहर 3:20 बजे होगा। यह भारत में ग्रस्तोदित रूप में दिखाई देगा, यानी चंद्रोदय के साथ इसे देखा जा सकेगा।


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ग्रहण का दृश्य प्रभाव शाम 5:59 बजे से 6:48 बजे तक रहेगा। सूतक काल ग्रहण से नौ घंटे पहले, यानी सुबह 6:20 बजे से प्रारंभ होगा। सूतक काल के दौरान जप, तप, हवन और मंत्र जाप जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। इस समय केवल पूजा-पाठ, भगवन्नाम संकीर्तन और साधना की जाती है। ग्रहण के दौरान उत्सव, भोजन और अन्य मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।

यह पूर्ण चंद्रग्रहण होगा, जिसमें पृथ्वी की छाया पूरी तरह चंद्रमा पर पड़ती है। इस कारण चंद्रमा कुछ समय के लिए गहरे लाल रंग का दिखाई देता है, जिसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। इस अद्भुत खगोलीय घटना का अनुभव करने के लिए लोग उत्सुक हैं, क्योंकि यह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि खगोल विज्ञान के प्रेमियों के लिए भी एक विशेष अवसर है।

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ग्रहण के समय कई लोग अपने धार्मिक अनुष्ठान और साधनाओं में लीन रहेंगे। इस दौरान विशेष ध्यान रखा जाएगा कि कोई भी अशुभ कार्य न किया जाए। सूतक काल के दौरान, लोग अपने घरों में रहकर ध्यान और साधना करेंगे, जिससे उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त हो सके। जबक‍ि होल‍िका एक द‍िन पूर्व ही जल जाएगी और होली का पर्व मनाने के ल‍िए एक द‍िन का इंतजार करना पड़ेगा। 

इस चंद्रग्रहण के दौरान, कई धार्मिक मान्यताएँ भी जुड़ी हुई हैं। मान्यता है कि ग्रहण के समय किए गए अनुष्ठान विशेष फलदायी होते हैं। इसलिए, भक्तजन इस समय का उपयोग अपने जीवन में सकारात्मकता लाने के लिए करेंगे। तीन मार्च को होने वाला ‘ब्लड मून’ न केवल एक खगोलीय घटना है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपरा का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

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Monday, February 09, 2026

पत्रकार पर फर्जी ईनाम घोषित कर एनकाउंटर करने वाले एसपी हरदोई को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

लखनऊ: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने हरदोई के एसपी को कड़ी फटकार लगाई है, हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि दिमाग़ खोलकर काम करें अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहें। कोर्ट ने यह वार्निंग हरदोई पुलिस के एक ऐसे कारनामें पर जारी की है, जिसने क़ानून का खुला दुरपयोग किया गया है। 

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दरअसल हरदोई के पत्रकार हरिश्याम बाजपेयी को वर्ष 2022 में कथित रूप से एक फर्जी केस में फंसा दिया गया था, जिसमें वे वर्ष 2024 से नियमित ज़मानत पर हैं, और प्रत्येक पेशी पर न्यायालय में स्वयं उपस्थित हो रहे हैं, बावजूद इसके हरदोई एसपी ने पत्रकार को केस में फरार बताते हुए वर्ष 2025 में 05 हजार का ईनाम घोषित कर दिया, जिसमें एनकाउंटर की भी लिखित रूप से धमकी दी गई, इसमें सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने फर्जी एवं भ्रामक आख्या लगाकर न केवल पुलिस अधीक्षक को ही गुमराह किया बल्कि राज्य मानवाधिकार आयोग में भी अपनी फर्जी आख्या प्रेषित कर दी। 

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हालांकि आयोग में मामला अभी विचाराधीन है, किंतु हाईकोर्ट में वादी के विद्वान अधिवक्ता तैफीक सिद्दीकी ने हरदोई पुलिस द्वारा क़ानून के खुला दुरपयोग करने पर मजबूती से बहस की और उच्च न्यायालय के उस आदेश का उलंघन बताया जिसके आधार पर पत्रकार को ज़मानत मिली है। 

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हाईकोर्ट की जज बबिता रानी व मो. अब्दुल मोईन ने उक्त मामले की सुनवाई करते हुए हरदोई पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। पुलिस को चेतावनी दी गई कि अपना दिमाग़ खोलकर काम करें भविष्य में पत्रकार के साथ कोई भी घटना होती है तो क़ानून के अनुसार पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकरण में वादी पत्रकार के अधिवक्ता ने यूपी के अपर मुख्य सचिव गृह, डीजीपी, एडीजी लखनऊ जोन, आईजी लखनऊ जोन, डीएम हरदोई एसपी, सीओ, एसएचओ, व चौकी इंचार्ज रेलवेगंज को पार्टी बनाया था।

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Tuesday, February 03, 2026

केंद्रीय बजट 2026-27 में वाराणसी पर विशेष फोकस, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और हेरिटेज से विकास को मिलेगी नई रफ्तार

वाराणसी: केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए दुनिया की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी को विकास के केंद्र में रखा है। इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, कनेक्टिविटी और हेरिटेज आधारित ग्रोथ के जरिए काशी को आर्थिक, सांस्कृतिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने पर खास जोर दिया गया है।


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इनलैंड वॉटरवेज़ के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम की बड़ी सौगात

 बजट में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इनलैंड वॉटरवेज़ के लिए एक आधुनिक शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित करने का प्रस्ताव किया गया है। इसका उद्देश्य वॉटरवेज़ पर कार्गो मूवमेंट को मजबूत करना है। इससे लॉजिस्टिक्स और नदी-आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही इस क्षेत्र में स्किल्ड रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जुड़ेगी काशी

 वाराणसी को देश के प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के विज़न में भी प्रमुख स्थान दिया गया है। सात प्रस्तावित कॉरिडोर में से दो—दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी—सीधे काशी से जुड़ेंगे। इससे तेज, सस्टेनेबल यात्री परिवहन के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को भी मजबूती मिलेगी।

सारनाथ के जरिए हेरिटेज और टूरिज्म को बढ़ावा

बजट में सारनाथ को 15 प्रमुख आर्कियोलॉजिकल साइट्स में शामिल किया गया है। इन स्थलों को एक्सपीरिएंशियल कल्चरल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। क्यूरेटेड वॉकवे, कंज़र्वेशन लैब्स, इंटरप्रिटेशन सेंटर्स और आधुनिक स्टोरीटेलिंग तकनीकों के माध्यम से पर्यटकों को समृद्ध सांस्कृतिक अनुभव देने की योजना है, जिससे वाराणसी क्षेत्र के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।

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इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स हब और BHU IMS के लिए बजट

वाराणसी में एक इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स हब के निर्माण का भी प्रस्ताव है, जो व्यापार और परिवहन को और अधिक संगठित बनाएगा। इसके साथ ही बजट में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IMS) के उन्नयन के लिए ₹107.72 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।

तीर्थ और छोटे शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर परोक्ष फोकस

बजट में तीर्थ नगरों और टियर-2 व टियर-3 शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने का भी प्रस्ताव है। इसके तहत अगले पांच वर्षों तक हर साल ₹5,000 करोड़ का प्रावधान किया जाएगा। इससे वाराणसी जैसे शहर धार्मिक, पर्यटन और परिवहन हब के रूप में और मजबूत होंगे।

म्युनिसिपल बॉन्ड और सामाजिक सुविधाओं को बढ़ावा

कैपिटल सपोर्ट के जरिए देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना प्रस्तावित है। साथ ही ₹1,000 करोड़ से अधिक के सिंगल म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने वाले शहरों को ₹100 करोड़ का इंसेंटिव दिया जाएगा। अमृत (AMRUT) योजना के तहत ₹200 करोड़ तक के बॉन्ड इश्यू के लिए भी समर्थन जारी रहेगा, जिससे वाराणसी जैसे शहरों को हाई-वैल्यू म्युनिसिपल बॉन्ड का लाभ मिल सकेगा।

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तीन कर्तव्यों से प्रेरित पहला बजट

उल्लेखनीय है कि कर्तव्य भवन में तैयार किया गया यह पहला बजट तीन कर्तव्यों से प्रेरित है। पहला कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाकर वैश्विक चुनौतियों के बीच आर्थिक विकास को गति देना है। दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा कर उन्हें भारत की समृद्धि के पथ में सशक्त भागीदार बनाना है। तीसरा कर्तव्य ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के अनुरूप यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय और क्षेत्र को संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक समान पहुंच मिले। कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026-27 में वाराणसी को इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और हेरिटेज के माध्यम से विकास का प्रमुख केंद्र बनाने की स्पष्ट झलक देखने को मिलती है, जिससे काशी की आर्थिक और सांस्कृतिक भूमिका राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त होगी।

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Thursday, January 15, 2026

जम्मू कश्मीर में 82 हजार से अधिक पेड़ काटे गए और 45 करोड़ रुपये का मुआवजा बकाया, NGT सख्त

श्रीनगर: जम्मू और कश्मीर प्रशासन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सामने यह मानने के बाद कड़ी न्यायिक जांच के दायरे में आ गया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी अनिवार्य पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जमा किए बिना 82,000 से ज़्यादा जंगल के पेड़ काट दिए गए, जिससे 45 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया रह गया.


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यह खुलासा रसिख रसूल भट बनाम केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर मामले की कार्यवाही के दौरान किया गया, जिसकी सुनवाई ट्रिब्यूनल ने 13 जनवरी, 2026 को की थी. जम्मू और कश्मीर के मुख्य सचिव की दी गई अनुपालन रिपोर्ट में, केंद्र शासित प्रदेश ने माना कि जंगल वाले इलाकों में किए गए लगभग 150 प्रोजेक्ट्स में 82,327 पेड़ काटे गए. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन प्रोजेक्ट्स से होने वाली कुल प्रतिपूरक वनीकरण दायित्व 80.73 करोड़ रुपये है, जिसमें से 45.33 करोड़ रुपये अभी तक भुगतान नहीं किए गए हैं.

पर्यावरण कानून के तहत, जंगल की जमीन के दूसरे इस्तेमाल से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे के तौर पर पेड़ लगाने का भुगतान जरूरी है. इस बात को मानने से प्रशासन के वन एक्ट, 1980 के पालन पर सवाल उठे हैं, जिसमें यह जरूरी है कि जंगल की जमीन को गैर-वन कामों के लिए इस्तेमाल करने से पहले उपयोगकर्ता एजेंसियां मुआवज़े के तौर पर ली जाने वाली लेवी जमा करें.

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केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार, यह चूक 30 जुलाई, 2019 को पहले की राज्य प्रशासनिक काउंसिल द्वारा लिए गए पॉलिसी फैसले की वजह से हुई है. उस फैसले ने 2014 के कैबिनेट ऑर्डर को बदल दिया और सरकार को जंगल की जमीन के डायवर्जन के लिए मंज़ूरी देने की इजाजत दे दी, भले ही मुआवजे का भुगतान पेंडिंग हो. अधिकारियों ने कहा कि इस कदम का मकसद सार्वजनिक अवसंरचना के कामों को तेजी से पूरा करना था.

हालांकि, याचिकाकर्ता, पर्यावरणविद् और अधिवक्ता रसिख रसूल भट ने पॉलिसी में इस बदलाव का कड़ा विरोध किया है. 8 जनवरी, 2026 को ट्रिब्यूनल के सामने दायर की गई आपत्तियों में, भट ने तर्क दिया कि यह फैसला मनमाना था और कानूनी पर्यावरण सुरक्षा उपायों को कमजोर करता है.

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उन्होंने कहा कि इस छूट से पर्यावरण के नुकसान को रोकने के बजाय, बाद में जंगल कानून के उल्लंघन को सही ठहराया गया. भट्ट ने कहा कि मुआवजा देने का तरीका फॉरेस्ट क्लीयरेंस की एक मुख्य जरूरत है और इसे मंज़ूरी के बाद की औपचारिकता नहीं माना जा सकता.

ट्रिब्यूनल की नजर में आने वाले खास प्रोजेक्ट्स में से एक उत्तर कश्मीर में हंदवाड़ा-बंगस रोड है, जो पर्यावरण के रूप से संवेदनशील राजवार फॉरेस्ट रेंज से होकर गुजरता है. इस सड़क का काम लोक निर्माण विभाग कर रहा है. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट पर कंस्ट्रक्शन 2017 में शुरू हुआ था, जो सितंबर 2019 में अंतिम वन मंजूरी मिलने से लगभग दो साल पहले था.

हालांकि प्रशासन ने ट्रिब्यूनल के सामने माना कि 488 पेड़ सही मंज़ूरी लेकर काटे गए थे, लेकिन उसने यह भी माना कि 2021 में गैर-कानूनी तरीके से पेड़ काटे गए थे, जिसके लिए बाद में नुकसान की भरपाई की गई. भट ने आगे कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स ने राजवार इलाके में इंसान-जानवरों के बीच टकराव को बढ़ा दिया है.

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उन्होंने बताया कि जंगल के प्रस्तावों में खुद इलाके में जंगली जानवरों की मौजूदगी दर्ज थी, फिर भी कहा जाता है कि प्रोजेक्ट्स बिना बड़े वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट या नुकसान कम करने की योजना के आगे बढ़े. सुनवाई के दौरान केंद्र शासित प्रदेश की ओर से पेश वकील ने मुख्य सचिव की अनुपालन रिपोर्ट के खिलाफ उठाई गई आपत्तियों का जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा.

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की प्रधान पीठ, जिसके चेयरमैन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव हैं, ने सभी पार्टियों को अपनी दलीलें पूरी करने और जरूरी रिपोर्ट रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया. ट्रिब्यूनल ने मामले की आखिरी सुनवाई 9 अप्रैल, 2026 को तय की है।

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Tuesday, January 13, 2026

अभी नहीं निकली ठंड की हवा, इस साल 6-6 घंटे में 11 डिग्री तक बदला पारा; धूप से पारा 24 डिग्री

लखनऊ: चार दिन से बढ़ते तापमान और तेजी धूप से काशीवासियों को महसूस हो रहा है कि ठंड की हवा ही निकल चुकी है। लेकिन ऐसा नहीं है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक 15 जनवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ आने हिमालय की ओर आ रहा है। ऐसे में बर्फीली हवाओं का दौर फिर से शुरू हो सकता है। वहीं अगले दो दिन तक कोहरे का यलो अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। इस पूरी जनवरी तापमान में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।


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सोमवार को वाराणसी का अधिकतम तापमान सामान्य से 0.6 डिग्री ज्यादा 22.3 डिग्री सेल्सियस, वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.3 डिग्री नीचे 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चार दिन पहले वाराणसी का जो अधिकतम पारा 11 डिग्री तक था वो अब बढ़कर 24 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम वैज्ञानिक भी तापमान के इस तीव्र उतार-चढ़ाव को देख हैरान हैं। इस साल जनवरी के 12 दिनों में वाराणसी के तापमान के ग्राफ तेजी से उतार-चढ़ाव देखे गए। मात्र 6-7 घंटे में तापमान 10-12 डिग्री तक ऊपर-नीचे हुआ है। 

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सात जनवरी को तापमान 6.8 डिग्री से 16.3 डिग्री रहा फिर 8 जनवरी को तापमान 4.8 डिग्री से लेकर 11.6 डिग्री सेल्सियस आ गया था। वहीं अगले दिन 9 जनवरी को पारा 6.6 डिग्री से 18.8 डिग्री पहुंच गया। आमतौर पर जनवरी महीने का औसत अधिकतम औसत पारा 22.8 डिग्री सेल्सियस और औसत न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस तक है। *इस जनवरी के 12 दिनों का तापमान कुछ इस प्रकार का रहा है 1 जनवरी - 7.4 डिग्री से 19.3 डिग्री,  2 जनवरी - 8.5 डिग्री से 20.7 डिग्री, 3 जनवरी - 11.8 डिग्री से 17.6 डिग्री, 4 जनवरी - 13 डिग्री से 17.6 डिग्री, 5 जनवरी - 6.5 डिग्री से 15.9 डिग्री, 6 जनवरी - 5.5 डिग्री से 14.5 डिग्री, 7 जनवरी - 6.8 डिग्री से 16.3 डिग्री, 8 जनवरी - 4.8 डिग्री से 11.6 डिग्री, 9 जनवरी - 6.6 डिग्री से 18.8 डिग्री, 10 जनवरी - 6 डिग्री से 22.8 डिग्री और  11 जनवरी - 7.8 डिग्री से 23.4 डिग्री.

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शीतलहर और पाले की संभावना बढ़ी

यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि तापमान में गिरावट के चलते प्रदेश में रात के समय शीतलहर और पाले की संभावना बढ़ गई है। पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद हवाओं की दिशा फिर से बदलकर उत्तरी पश्चिमी हो जाने से बीते 24 घंटों में तापमान में गिरावट आ सकती है। पूर्वांचल के कुछ हिस्सों के अलावा शेष भाग में दिन और रात के तापमान में 1-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। वहीं कहीं-कहीं न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चले जाने से शीतलहर जैसी स्थिति बनी है।

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Monday, January 12, 2026

कांग्रेस भ्रष्टाचार की पहचान बन चुकी है, मनरेगा के नाम पर हुआ था सबसे बड़ा घोटाला: केशव प्रसाद मौर्य

वाराणसी: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस अब देश में भ्रष्टाचार की पार्टी के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुकी है। वाराणसी के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मनरेगा के नाम पर वर्षों तक भ्रष्टाचार हुआ और अब जब उसमें सुधार कर उसे नए स्वरूप में लागू किया गया है, तो कांग्रेस को उससे परेशानी हो रही है। 

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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले मनरेगा में भारी भ्रष्टाचार होता था, लेकिन अब उसे विकसित भारत–रामजी अधिनियम के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस अधिनियम के नाम से नहीं, बल्कि उसमें किए गए प्रावधानों से आपत्ति है। पहले जहां रोजगार की सीमित गारंटी थी, वहीं अब 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी दी जा रही है। साथ ही श्रमिकों को समय से भुगतान सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है, जबकि पहले मजदूरी भुगतान की कोई तय समय-सीमा नहीं होती थी।

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सपा और कांग्रेस एक-दूसरे की पूरक पार्टियां

 केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी और कांग्रेस एक-दूसरे की पूरक बन चुकी हैं। जब भी भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की बात आती है, ये दोनों पार्टियां मिलकर उसका विरोध करने लगती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का चरित्र हमेशा ऐसा रहा है कि “एक पैसा काम में और 85 पैसा कांग्रेसियों की जेब में चला जाता था।”

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कांग्रेस के मुद्दों को जनता नकार रही

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ऐसे मुद्दे उठाती है, जिन्हें जनता पसंद नहीं करती। यही कारण है कि आज कांग्रेस को कोई पूछने वाला नहीं है। चाहे वह किसी के भी नेतृत्व में चुनाव लड़े, उसका भविष्य तय है। उन्होंने कहा कि चाहे प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, सोनिया गांधी या फिर अखिलेश यादव के नेतृत्व में चुनाव हो, कमल खिलने जा रहा है।

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अखिलेश यादव पर सीधा हमला

अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बिहार चुनाव हारने के बाद वे मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को लगता है कि मतदाता सूची शुद्ध होने से फर्जीवाड़ा नहीं हो पाएगा। उन्होंने दावा किया कि 2027 में अखिलेश यादव को सैफई वापस जाना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव का पीडीए फॉर्मूला पूरी तरह फर्जी है, क्योंकि वे समाज नहीं, बल्कि परिवार, गुंडे, अपराधी और माफियाओं को बढ़ाने का काम करते हैं।

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राम मंदिर और हिंदू समाज की एकता का उल्लेख

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला का भव्य मंदिर बन चुका है और ध्वजारोहण भी हो गया है, लेकिन जो लोग वर्षों तक राम मंदिर का विरोध करते रहे, वे आज तक दर्शन करने नहीं गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सैफई में मंदिर निर्माण भारतीय जनता पार्टी की बढ़ती ताकत और हिंदू समाज की एकता के डर से कराया जा रहा है।

सोमनाथ मंदिर और राष्ट्रीय स्वाभिमान

सोमनाथ मंदिर और सौराष्ट्र पर्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे मंदिरों को तोड़कर देश के स्वाभिमान को चोट पहुंचाई गई थी। प्रधानमंत्री ने देश को यह याद दिलाया है कि हम सबको एक रहना है और सुरक्षित रहना है।

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राम मंदिर में नमाज पढ़ने की घटना पर प्रतिक्रिया

राम मंदिर में नमाज पढ़ने की घटना पर बोलते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आरोपी युवक को पकड़ लिया गया है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश और देश में भाजपा की ताकत लगातार बढ़ रही है और आने वाले चुनावों में जनता फिर से विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद के पक्ष में अपना फैसला सुनाएगी।

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Friday, January 09, 2026

मोदी ने कॉल नहीं किया, इसलिए अटकी डील' अमेरिकी नेता ने लगाया बड़ा आरोप

नई दिल्ली: अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में हो रही देरी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह समझौता इसलिए अटका हुआ है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया। यह बयान उन्होंने चर्चित 'ऑल-इन पॉडकास्ट' में दिया, जिसकी मेजबानी शैमथ पालिहापिटिया कर रहे थे।


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पॉडकास्ट में और क्या बोले हॉवर्ड लुटनिक?

पॉडकास्ट के दौरान लुटनिक ने साफ कहा,- "स्पष्ट कर दूं, यह उनका (ट्रंप का) समझौता है। वह अंतिम निर्णय लेने वाले हैं। वह सौदे करते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "इसलिए मैंने कहा, आपको मोदी से बात करनी होगी... वे ऐसा करने में असहज थे।" इसके बाद लुटनिक ने सीधे आरोप लगाते हुए कहा- "तो मोदी ने फोन नहीं किया। लुटनिक का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक अहम विधेयक पारित किया। इस विधेयक में रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान किया गया है। इसका मकसद ऐसे देशों को आर्थिक रूप से "दंडित करना" बताया गया है।

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भारत, चीन और ब्राजील पर दबाव बनाने की तैयारी

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इस बिल को लेकर कहा कि इससे अमेरिका को भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों के खिलाफ मजबूत स्थिति मिलेगी। उनका कहना था कि यह कदम इन देशों पर दबाव बनाएगा ताकि वे सस्ता रूसी तेल खरीदना बंद करें। यह पहला मौका नहीं है जब भारत को इस मुद्दे पर अमेरिकी दबाव का सामना करना पड़ा हो। अगस्त में अमेरिका ने भारतीय आयातों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए थे। आरोप लगाया गया था कि भारत द्वारा रूसी तेल खरीदना, यूक्रेन में रूस की 'युद्ध मशीन' को मजबूती दे रहा है। इन फैसलों के बाद भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में लगने वाला कुल टैरिफ 50% तक पहुंच गया है। इसमें 25% अतिरिक्त टैरिफ और डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाया गया 25% प्रतिशोधी टैरिफ शामिल है।

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तनाव के बावजूद जारी रही व्यापार की बातचीत

इन सभी मतभेदों और टैरिफ विवादों के बावजूद, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता के कई दौर हो चुके हैं। इसमें 10 से 12 दिसंबर तक अमेरिकी अधिकारियों का नई दिल्ली दौरा भी शामिल रहा। दोनों देश न सिर्फ एक ढांचागत व्यापार समझौते (Framework Trade Agreement) बल्कि एक व्यापक व्यापार समझौते (Comprehensive Trade Agreement) पर भी समानांतर रूप से बातचीत कर रहे हैं। इसका उद्देश्य लंबे समय तक व्यापारिक रिश्तों को स्थिर और मजबूत बनाना है। फरवरी में, भारत और अमेरिका के टॉप लीडर्स ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि व्यापार समझौते के पहले चरण को 2025 की विंटर सीजन तक पूरा करने का प्रारंभिक लक्ष्य रखा जाए। हालांकि, रूस के साथ भारत का व्यापार अब भी इस प्रक्रिया में एक बड़ा गतिरोध बना हुआ है।

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2030 तक $500 बिलियन से ज्यादा व्यापार का लक्ष्य

प्रस्तावित समझौते का बड़ा लक्ष्य है कि 2030 तक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा $191 बिलियन से बढ़ाकर $500 बिलियन से अधिक किया जाए। आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में लगातार चौथे वर्ष अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार रहा। इस अवधि में दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार $131.84 बिलियन रहा। इस व्यापार में $86.5 बिलियन का भारतीय निर्यात शामिल था। अमेरिकी बाजार भारत के कुल माल निर्यात का लगभग 18% और आयात का 6.22% रहा। जबकि कुल व्यापार का 10.73% हिस्सा रखता है।

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आसान नहीं है आगे का सफर

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की राह में फिलहाल राजनीति, रूस-यूक्रेन युद्ध और ऊर्जा व्यापार जैसे मुद्दे बड़ी अड़चन बने हुए हैं। अमेरिकी मंत्री का यह दावा कि एक फोन कॉल की कमी से डील अटकी है, इस पूरे विवाद को और ज्यादा राजनीतिक रंग देता है। आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि रणनीतिक साझेदारी भारी पड़ती है या भू-राजनीतिक दबाव।

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Monday, January 05, 2026

काशी में कश्मीर की टीम हिजाब पहनकर खेलेंगी, प्लेयर बोली- ये हमारी आजादी की पहचान, हम इसे पहनकर अपना बेस्ट देंगे

वाराणसी: 'हिजाब हमारी आजादी है। इसे पहनकर खेलने से हम और अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं। कभी किसी ने नहीं रोका और घर का फुल सपोर्ट है, तब हम यहां कश्मीर से वाराणसी तक पहुंचे हैं। किसी को ये नहीं सोचना चाहिए कि हिजाब लगाते हैं तो कैसे खेलेंगे। ये हमारा फ्रीडम है न कि बंदिश।'




ये बातें सीनियर नेशनल वॉलीबाल टूर्नामेंट में जम्मू-कश्मीर की टीम से खेलने वाली सदफ मंजूर ने कही। सदफ 2 साल से वॉलीबाल खेल रही हैं। जम्मू-कश्मीर से वाराणसी पहुंची महिला टीम में 14 खिलाड़ी हैं। जिनमें 6 लड़कियां हिजाब लगाकर कोर्ट में उतरेंगी। इनमें से कई 6 से साल से तो कई दो साल से वॉलीबाल खेल रही हैं। जम्मू-कश्मीर की महिला टीम की प्लेयर सदफ मंजूर ने कहा-हम हिजाब पहनकर खेल रहे हैं तो यह कोई बंदिश नहीं बल्कि यह हमारी आजादी, हमारा फ्रीडम है। मुझे 2 साल हुए इस खेल में आये और कभी मुझसे किसी ने नहीं कहा कि आप हिजाब बिना पहने कोर्ट में उतरिये। या कोर्ट में हिजाब नहीं पहनना है। हमारे कोच और स्टाफ का हमेशा सपोर्ट मिला। हम कोर्ट में आए और अपना बेस्ट दिया।

मोबाइल और नशे की जगह स्पोर्ट्स में आए युवा

सदफ मंजूर ने कहा- हमें कभी कोई दिक्कत हिजाब की वजह से नहीं हुई। जहां भी गए वहां अन्य खिलाड़ियों और पब्लिक से प्यार ही मिला। इसके अलावा हमें घर का सपोर्ट था। सदफ ने कहा - नौजवान जो आज मोबाइल, नशे और गंदी चीजों में उलझा हुआ है। उसे स्पोर्ट्स में आना चाहिए। इससे उसका करियर भी बनेगा और वो हमेशा खुश रहेगा और परिवार के लिए कुछ कर पाएगा। कश्मीर के बारे में बात करते हुए कहा वहां जब से हमने होश संभाला सब नार्मल है कोई दिक्कत नहीं है।

बनारस घूमकर ही जाएंगे वापस

काशी आने पर सदफ ने कहा- पहली बार हम यूपी आए हैं। काशी तो प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है। यहां घूमकर भी जाएंगे। बनारस का नाम बहुत पढ़ा है। श्रीनगर की रहने वाली शाफिया ने कहा- 6 साल हो गए मुझे खेलते और ये मेरा दूसरा नेशनल टूर्नामेंट है। पिछली बार हम लोगों ने जयपुर में खेला था। शाफिया ने हिजाब पर कहा -बचपन से ही परिजनों ने हिजाब लगा दिया लेकिन कभी यह हमारे लिए दिक्कत का कारण नहीं बना बल्कि यह हमें एक आजादी का एहसास करवाता है। हमें इस पहनकर बहुत कंफर्टेबल हैं। कोर्ट पर भी हमेशा पब्लिक और स्टाफ का सपोर्ट मिला है।

यह हमारी पहचान, दिखाएंगे बेस्ट खेल

6 साल से वालीबाल खेल रहीं आयत श्रीनगर की रहने वाली हैं। आयत से जब हिजाब पर बात की गई तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा- कैसी दिक्कत यह तो हमारी पहचान है। इससे ही हमें जाना जाता है। खेल में कभी कोई दिक्कत हमें नहीं होती इसे पहनने के बाद। घर से, स्कूल से और स्पोर्ट्स स्टाफ से हमें काफी सारा सपोर्ट मिलता है। जिसके बाद हम इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं। उम्मीद है काशी भी हमें प्यार देगी और हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

इनके साथ खेलने में कोई दिक्कत नहीं

टीम की सबसे एक्सपीरियंस खिलाड़ी और टीम की कप्तान और अटैकर पोजिशन से खेलने वाली इशिमा वर्मा ने बताया-8 साल से वालीबाल अपने स्टेट के लिए खेल रही हूं। अभी तक एक सब जूनियर नेशनल और 6 नेशनल प्रतियोगिता खेल चुकी हूं। कई खिलाड़ी हमारी टीम में ऐसी हैं जो हिजाब लगाकर खेलेंगी और खेलती हैं। अच्छा लगता है कि ये बंदिशों को तोड़कर ऐसे खेल रही हैं। इन्हे ऐसे खेलने में कोई दिक्कत नहीं है तो हमें कैसी दिक्कत। हमें और सपोर्ट मिलता है इनका और हमारी टीम अच्छा प्रदर्शन करती है।

खेल में कोई धर्म नहीं होता

जम्मू-कश्मीर टीम के हेड कोच बलविंदर सिंह जंबाल ने बताया- कोई भी खेल हो वहां धर्म नहीं खेल सर्वोपरि होता है। यहां कोई धर्म नहीं होता। जो अच्छा खेलेगा वो यहां होगा। हिजाब लगाकर अगर कोई खेल रहा है। तो ये उसका फैसला है और खेल के नियमानुसार ही खेल होगा। उसमे जो नियम दिए गए हैं उसके अनुसार जितना हिजाब करना है जैसे करना है वैसे करके हमारी टीम में भी 6 खिलाड़ी हिजाब के साथ खेलेंगी।

इनके साथ खेलने में कोई दिक्कत नहीं

टीम की सबसे एक्सपीरियंस खिलाड़ी और टीम की कप्तान और अटैकर पोजिशन से खेलने वाली इशिमा वर्मा ने बताया-8 साल से वालीबाल अपने स्टेट के लिए खेल रही हूं। अभी तक एक सब जूनियर नेशनल और 6 नेशनल प्रतियोगिता खेल चुकी हूं। कई खिलाड़ी हमारी टीम में ऐसी हैं जो हिजाब लगाकर खेलेंगी और खेलती हैं। अच्छा लगता है कि ये बंदिशों को तोड़कर ऐसे खेल रही हैं। इन्हे ऐसे खेलने में कोई दिक्कत नहीं है तो हमें कैसी दिक्कत। हमें और सपोर्ट मिलता है इनका और हमारी टीम अच्छा प्रदर्शन करती है।

खेल में कोई धर्म नहीं होता

जम्मू-कश्मीर टीम के हेड कोच बलविंदर सिंह जंबाल ने बताया- कोई भी खेल हो वहां धर्म नहीं खेल सर्वोपरि होता है। यहां कोई धर्म नहीं होता। जो अच्छा खेलेगा वो यहां होगा। हिजाब लगाकर अगर कोई खेल रहा है। तो ये उसका फैसला है और खेल के नियमानुसार ही खेल होगा। उसमे जो नियम दिए गए हैं उसके अनुसार जितना हिजाब करना है जैसे करना है वैसे करके हमारी टीम में भी 6 खिलाड़ी हिजाब के साथ खेलेंगी।

Thursday, January 01, 2026

जल्द इंसाफ के लिए अब आधी रात में भी खुलेगा सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, CJI सूर्यकांत का ऐलान

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा अब आधी रात को भी खुला रहेगा। भारत के चीफ जस्टिस सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि फरियादी इमरजेंसी में आधी रात को भी सुप्रीम कोर्ट आ सकते हैं। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अगर किसी नागरिक को कानूनी इमरजेंसी का सामना करना पड़ता है या जांच एजेंसियों द्वारा अजीब समय पर गिरफ्तारी की धमकी दी जाती है, तो वह व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए आधी रात को भी संवैधानिक अदालतों से सुनवाई की मांग कर सकेगा।


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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ‘मेरा प्रयास है और रहेगा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट को लोगों की अदालतें बनाया जाए, जहां कानूनी इमरजेंसी में काम के घंटों के बाद भी किसी भी समय संपर्क किया जा सके।’ उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकताओं में से एक यह है कि कई अहम संवैधानिक मुद्दों से जुड़ी पेंडिंग याचिकाओं से निपटने के लिए जितनी हो सके उतनी संविधान बेंचें स्थापित की जाएं- जैसे कि चुनावी रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं का मामला, जो बिहार से शुरू हुआ और अब एक दर्जन राज्यों में चल रहा है।

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इधर, सीजेआई ने जल्द न्याय सुनिश्चित करने और इंसाफ के लिए नया सिस्टम लागू कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में कामकाज में सुगमता, जल्द न्याय सुनिश्चित करने के लिए एसओपी जारी की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसमें उसके समक्ष पेश होने वाले वकीलों द्वारा दलीलों और लिखित निवेदन प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। इस कदम का उद्देश्य न्यायालय के कामकाज में सुगमता और न्याय मुहैया कराने की व्यवस्था में तेजी लाना है।

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सीजेआई यानी प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और उच्चतम न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों ने सोमवार को एक परिपत्र जारी किया। इसमें सभी मामलों में मौखिक दलीलें प्रस्तुत करने की समयसीमा का पालन करने के लिए एसओपी तय की गई है। तत्काल प्रभाव से लागू इस एसओपी में कहा गया है, ‘वरिष्ठ अधिवक्ता, दलील रखने वाले वकील और रिकॉर्ड पर मौजूद अधिवक्ता, नोटिस के बाद और नियमित सुनवाई वाले सभी मामलों में मौखिक बहस करने की समय-सीमा सुनवाई शुरू होने से कम से कम एक दिन पहले प्रस्तुत करेंगे। यह समय-सीमा न्यायालय को ‘एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड’ (एओआर) को पहले से उपलब्ध कराए गए उपस्थिति पर्ची जमा करने के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत की जाएगी।

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इसमें कहा गया है कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं सहित बहस करने वाले वकील, अपने एओआर या पीठ द्वारा नामित नोडल वकील (यदि कोई हो) के माध्यम से, सुनवाई की तारीख से कम से कम तीन दिन पहले दूसरे पक्ष को एक प्रति देने के बाद संक्षिप्त नोट या लिखित प्रस्तुति दाखिल करेंगे, जो पांच पृष्ठ से अधिक का नहीं होगा। शीर्ष अदालत के चार रजिस्ट्रार द्वारा हस्ताक्षरित परिपत्र में कहा गया है, ‘सभी वकील निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन करेंगे और अपनी मौखिक दलीलें पूरी करेंगे।

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Sunday, December 28, 2025

CM योगी ने लॉन्च किया 'YAKSH' ऐप, माफिया और अपराधियों की पूरी जानकारी अब सिर्फ एक क्लिक पर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को यक्ष (YAKSH) ऐप का औपचारिक लॉन्च किया. यह ऐप एआई और बिग डेटा एनालिसिस से तैयार किया गया है और आधुनिक पुलिसिंग का अत्याधुनिक उपकरण माना जा रहा है. अब पुलिस अधिकारी एक क्लिक में माफिया और अपराधियों की पूरी जानकारी देख सकेंगे.

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जानकारी के मुताबिक, यक्ष ऐप में संवेदनशील इलाकों की जानकारी पहले से दर्ज रहेगी, जहां पत्थरबाजी या अन्य घटनाओं की संभावना होती है. रियल-टाइम अलर्ट, AI फेस रिकग्निशन, वॉइस सर्च, CrimeGPT और गैंग एनालिसिस जैसी सुविधाओं से अधिकारी किसी भी समय अपराध की स्थिति पर नजर रख सकेंगे.

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गैंग और अपराध नेटवर्क का पूरा डेटा

इस ऐप के जरिए अधिकारी एकीकृत प्लेटफॉर्म पर गैंग, अपराध नेटवर्क, इतिहास शीटर और गतिविधियों की पूरी जानकारी पा सकते हैं. इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और अपराध पर नियंत्रण अधिक सटीकता से संभव होगा.

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प्रभाव और भविष्य की तैयारी

YAKSH ऐप पुलिस को रिस्पॉन्स टाइम कम करने और अपराध नियंत्रण में मदद करेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह ऐप अपराधियों के खिलाफ लगातार तैयारी और पुलिसिंग में नई क्रांति लाएगा.

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Saturday, December 27, 2025

यूपी में ठंड का कहर, 23 शहरों में घने कोहरे का रेड और 31 के लिए ऑरेज अलर्ट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। मौसम विभाग से जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के कई शहर शून्य दृश्यता की चपेट में रहे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में पारा गिरकर 5.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने 23 शहरों में घने कोहरे का रेड, 31 के लिए ऑरेन्ज अलर्ट जारी किया है। वहीं, 20 जिलों में शनिवार को शीत दिवस की स्थिति रह सकती है।


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शुक्रवार की सुबह प्रदेश के पांच प्रमुख केंद्रों पर दृश्यता शून्य दर्ज की गई, जिससे सड़क और हवाई यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। इनमें बरेली, गोरखपुर कुशीनगर और कानपुर शामिल रहे। बहराइच, लखनऊ एयरपोर्ट, फतेहगढ़, कानपुर शहर और हरदोई में दृश्यता 20 मीटर के आसपास रही। वहीं, वाराणसी, आजमगढ़ और मुरादाबाद में दृश्यता 400 मीटर से नीचे बनी रही। पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 7 से 8 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर गया है, जिससे वहां अति शीत दिवस जैसी स्थिति बनी हुई है।

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सुलतानपुर में अधिकतम तापमान मात्र 13.1 (सामान्य से -8.1 डिग्री कम) दर्ज किया गया। इसी तरह बहराइच में 14.2, गोरखपुर में 14.8, कानपुर शहर में अधिकतम तापमान 16.3° डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मेरठ और इटावा में जमा देने वाली सर्दी रही। ठिठुरन भरी रातों के बीच मेरठ प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद इटावा में 6.4 डिग्री, बाराबंकी में 6.8 डिग्री और प्रयागराज में 7.0 डिग्री तापमान के साथ गलन बढ़ गई। वाराणसी एयरपोर्ट पर भी रात का पारा गिरकर 7.2 डिग्री तक पहुंच गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर में रात का तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस के करीब रहा।

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इन शहरों में घने कोहरे का रेड अलर्ट

देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या, अम्बेडकर नगर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत एवं आसपास इलाकों में।

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इन शहरों में घने कोहरे का ऑरेन्ज अलर्ट

प्रतापगढ़, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाज़ीपुर, आज़मगढ़, मऊ, बलिया, हरदोई, फरुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, शामली, बागपत, मेरठ, कासगंज, आगरा, फ़िरोज़ाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, शाहजहांपुर, सम्भल, बदायूं एवं आसपास इलाकों में।

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इन शहरों में शीत दिवस की संभावना

आज़मगढ़, मऊ, बलिया, लखीमपुर खीरी, हरदोई, फरुखाबाद, कानपुर देहात, कानपुर नगर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं एवं आसपास इलाकों में।

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Tuesday, December 23, 2025

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोडिन कफ सिरप मामले में रखा सरकार का पक्ष, बोले-मामले में कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा

लखनऊ; मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सदन में कोडिन कफ सिरप मामले में सरकार का पक्ष रखा और समाजवादी पार्टी के नेताओं को खूब धोया। बोले कि प्रश्न क्या है और मुद्दे क्या उठाए जा रहे हैं। माननीय सदस्यों को अध्ययन करके आना चाहिए और सदन की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। नेता विरोधी दल ने सदन की कार्रवाई होते ही इस मुद्दे को उठाया, इसलिए मुझे खड़ा होना पड़ा। सीएम ने कहावत ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ का जिक्र कर समाजवादी पार्टी को आईना दिखाया। सीएम ने सदन में साफ किया कि कोडिन कफ सिरप से यूपी में एक भी मौत नहीं हुई है। इस मामले में एनडीपीएस के अंतर्गत कार्रवाई होगी, उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले को कोर्ट में लड़ा और जीता है। 


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नेता प्रतिपक्ष से झूठ बोलवा देते हैं समाजवादी

सीएम ने नेता प्रतिपक्ष की चुटकी ली। बोले कि इस उम्र में व्यक्ति सच बोलने का आदी होता है, लेकिन समाजवादी इस उम्र में भी उनसे झूठ बोलवा देते हैं। समाजवादियों को ऐसा नहीं करना चाहिए और उन्हें भी सच बोलने का आदी होना चाहिए। उन्होंने लंबे समय तक स्पीकर के रूप में सदन को आगे बढ़ाया है। 

2016 में समाजवादी पार्टी ने यूपी के सबसे बड़े होलसेलर को जारी किया था लाइसेंस

सीएम योगी ने सदन में कहा कि उत्तर प्रदेश में यूपी के सबसे बड़े होलसेलर को एसटीएफ ने पकड़ा था। 2016 में समाजवादी पार्टी ने उसे लाइसेंस जारी किया था। सीएम ने कहा कि देश में दो नमूने हैं। एक दिल्ली व दूसरा लखनऊ में बैठता है। जब देश में कोई चर्चा होती है तो वह देश छोड़कर भाग जाते हैं। यही आपके बबुआ के साथ भी हो रहा है। आप चिल्लाते रहेंगे और बबुआ सैरसपाटे के लिए इंग्लैंड चले जाएंगे। 

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यूपी में नहीं होता कोडिन कफ सिरप का प्रोडक्शन

सीएम ने फिर स्पष्ट किया कि कोडिन कफ सिरप (नकली दवा) के कारण मौत की कोई भी बात शासन के संज्ञान में नहीं आयी है। समय-समय पर एफएसडीए विभाग लगातार छापेमारी व कार्रवाई करती है। कंपनियों में भी इस प्रकार की कार्रवाई होती है। यूपी में कोडिन कफ सिरप के केवल स्टाकिस्ट व होलसेलर हैं। इसका यहां प्रोडक्शन नहीं होता। इसका प्रोडक्शन मध्य प्रदेश, हिमाचल व अन्य राज्यों में होता है। मौत के जो प्रकरण आए हैं, वह भी अन्य राज्यों के हैं। ऐसे प्रकरण तमिलनाडु में बने सिरप के कारण आए हैं। यह पूरा प्रकरण इललीगल डायवर्जन का है। इसके माध्यम से होलसेलर (सहारनपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी) ने इसे उन देशों व राज्यों में पहुंचाया है, जहां मद्य निषेध है। वहां नशे के आदी लोगों को इसे लेने की आदत है। वहां इसका दुरुपयोग किया गया है। 

समाजवादी पार्टी के लोगों का पढ़ाई-लिखाई से कोई वास्ता नहीं

मुख्यमंत्री ने सीएम ने कहा कि बच्चे हों या एडल्ट, बिना चिकित्सीय परामर्श के कोई भी इसका सेवन नहीं कर सकता। खांसी होने पर हर कोई कफ सिरप लेता है, लेकिन चिकित्सीय परामर्श से। उस पर यह अंकित भी होता है, लेकिन समाजवादी पार्टी के लोगों का पढ़ाई-लिखाई से कोई वास्ता है नहीं, इसलिए आप लोग ऐसी बाते करते हैं। 

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समय आने पर होगी बुलडोजर कार्रवाई, तब चिल्लाइएगा नहीं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की कार्रवाई की जानकारी भी सदन में रखी। मुख्यमंत्री ने कहा अब तक 79 अभियोग दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 225 अभियुक्त नामज़द हैं। 78 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और 134 फर्मों पर छापेमारी की कार्रवाई हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की गहराई में जाएंगे तो बार-बार यही तथ्य सामने आता है कि कहीं न कहीं समाजवादी पार्टी से जुड़ा कोई नेता या व्यक्ति इसमें संलिप्त पाया जाता है। अवैध लेन-देन भी लोहिया वाहिनी के एक पदाधिकारी के खाते के माध्यम से हुआ है। एसटीएफ पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मुकदमा चलाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इस लड़ाई को पूरी मजबूती से लड़ा है और इसमें सफलता भी प्राप्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। सीएम ने बुलडोजर एक्शन को लेकर समाजवादी पार्टी पर तंज कसा। कहा कि चिंता मत कीजिए, समय आने पर बुलडोजर एक्शन की पूरी तैयारी रहेगी, उस समय चिल्लाइएगा नहीं।

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Friday, December 19, 2025

नीतीश कुमार को पाकिस्तान से धमकी

वाराणसी: आयुष चिकित्सकों के नियुक्तिपत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला का हिजाब हटाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को धमकी देते हुए पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी की ओर से वीडियो जारी किया गया है, जिसकी जांच साइबर थाना को सौंपी गई है। वायरल रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि महिला आयुष चिकित्सक ने नौकरी ज्वॉइन करने से इंकार कर दिया है।



वीडियो में मुख्यमंत्री को धमकी दी गई है कि माफी मांगें वरना बाद में शिकायत मत करना। डीजीपी विनय कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वीडियो की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर बिहार पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। आर्थिक अपराध इकाई के अपर पुलिस महानिदेशक नैयर हसनैन खान ने कहा कि ईओयू का साइबर प्रभाग पूरे मामले की निगरानी करेगा और कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी।


उधर, सोशल मीडिया पर उक्त घटना को लेकर यह भी बताया जा रहा है कि जिस महिला को नियुक्तिपत्र देने के बाद मुख्यमंत्री ने हिजाब हटाने को कहा था, उसने यह नौकरी नहीं करने का निर्णय लिया है। हालांकि, महिला की ओर से अभी इस संबंध में सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है।
 

मालूम हो कि 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में नियुक्तिपत्र वितरण समारोह था। इस दौरान 1283 नवनियुक्त आयुष चिकित्सकों को नियुक्तिपत्र दिया गया था। इनमें दस चिकित्सकों को सांकेतिक रूप से मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से नियुक्तिपत्र सौंपा था।

Tuesday, December 09, 2025

बहुत बड़ा हीरो बनता है पवन सिंह... धमकी मिलते ही पावर स्टार ने लॉरेंस गैंग के खिलाफ कराया केस दर्ज

मुम्बई: भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के पावर स्टार पवन सिंह को जान से मारने और रंगदारी मांगने की धमकी देने का मामला सामने आया है. इस मामले में पवन सिंह के मैनेजर नीरज सिंह ने मुंबई के ओशिवारा थाने में FIR दर्ज कराई है. शिकायत में उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य होने का दावा करने वाले व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं. 


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धमकाने वाले ने पवन सिंह के फोन पर लगातार कॉल और व्हाट्सएप मैसेज भेजकर बड़ी रकम की मांग की और जान से मारने की धमकी दी. मैनेजर ने पुलिस को सभी सबूत- फोन नंबर, व्हाट्सएप मैसेज और कॉल रिकॉर्डिंग- उपलब्ध कराए हैं. 

उन्होंने बताया कि धमकी भरे मैसेज में साफ लिखा था कि “पवन सिंह की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है.” इतना ही नहीं, धमकी देने वाले ने अपना नाम बबलू बताया और खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया. मैसेज में उसने यह भी लिखा कि अगर पवन सिंह को शक हो तो वे उपेंद्र कुशवाहा और पप्पू यादव से पूछ लें कि लॉरेंस बिश्नोई कौन है.

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धमकाने वाले ने पवन सिंह को “बहुत बड़ा हीरो बनने” पर तंज कसा और चेतावनी दी कि बिग बॉस में सलमान खान के साथ मंच शेयर करना उसका आखिरी मौका था. उसने धमकी भरे अंदाज में लिखा कि “सलमान के साथ दोबारा मंच शेयर करना इसका सपना रह जाएगा.” पवन सिंह की टीम ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. 

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मैनेजर नीरज सिंह ने बताया कि धमकी मिलने के बाद कलाकार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. उन्होंने पुलिस से तुरंत अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है. FIR दर्ज होने के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. तकनीकी टीम फोन नंबरों और मैसेजों की ट्रेसिंग में लग गई है।

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Saturday, December 06, 2025

लालपुर पांडेयपुर पुलिस ने कई घटनाओं को अंजाम देने वाले चार शातिर चोरों को किया गिरफ्तार

वाराणसी: लालपुर पांडेयपुर पुलिस ने पकड़े चार शातिर चोर, कई घटनाओं का लालपुर पांडेपुर पुलिस ने किया खुलासा, वरुणा जोन के लालपुर पांडेयपुर पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। इन पर ज़ोन के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई कई चोरी की घटनाओं का आरोप है।


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गिरफ्तारी और बरामदगी पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत मुखबिर की सूचना पर 06.12.2025 करीब 2:20 बजे गोईठहा रिंग रोड के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विक्की बेनवंशी, आरिफ उर्फ शाहरूख, रोहित बेनवंशी और ललिता उर्फ सपना शामिल हैं। सभी का निवास नई बस्ती पांडेयपुर थाना लालपुर पांडेयपुर बताया गया है। साथ ही पुलिस ने चोरी के चाँदी व सोने के विभिन्न आभूषण, कुल 31,500 रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। ये सभी अभियुक कई थानों की घटनाओं में शामिल थे।

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पूछताछ में आरोपियों ने वरुणा जोन के अंतर्गत थाना लालपुर पांडेयपुर, शिवपुर सारनाथ और रोहनिया की कम से कम आठ अलग-अलग चोरी की घटनाओं में शामिल होने का खुलासा किया है। साथ आरोपियों ने पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे रात में एक चोरी की गई मोटर साइकिल पर घूमते थे और बंद पड़े मकानों का ताला तोड़कर उनमें घुस जाते थे। वे गहने नकदी और अन्य कीमती सामान चुराते थे। चुराए गए गहने या तो स्वयं बेचे जाते थे या फिर आरोपी ललिता उर्फ सपना (विक्की की मां) राहगीरों या महिलाओं को मजबूरी बताकर औने-पौने दामों पर बेच देती थीं आरोपियों के मुताबिक चोरी से मिले पैसों का इस्तेमाल वे खाने-पीने और जुए में खर्च कर देते थे।

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गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में लालपुर पांडेपुर प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह, उपनिरीक्षक प्रभाकर सिंह, महेश मिश्रा, मानवी शुक्ला सहित कई अन्य सदस्य शामिल थे। पुलिस द्वारा सभी अभियुक्तों पर अग्रिम कार्रवाई करते हुए सभी अभियुक्तों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किया जा रहा है और पुलिस द्वारा अन्य फरार अभियुक्तों को पकड़ने के प्रयास किया जा रहा हैं।

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