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Saturday, December 3, 2022

अंतर महाविद्यालय क्रॉस कंट्री दौड़ में महादेव पीजी कॉलेज बरियासनपुर विजयी

वाराणसी: सावित्री बाई फुले राजकीय महाविद्यालय चकिया चन्दौली में शनिवार को दस किलोमीटर क्रास कंट्री रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। क्रास कंट्री रेस नहर से आरंभ होकर गांव तक पहुंचने के बाद पुन: नहर पर आकर समाप्त हुई। इसमें महादेव पीजी कॉलेज बरियासनपुर वाराणसी के महिला वर्ग में प्रेम लता यादव ने गोल्ड मेडल, संगीता पाल ने सिल्वर मेडल, करिश्मा सिंह, आकांक्षा पटेल ने कांस्य पदक तथा पुरूष वर्ग में चंदन भारद्वाज ने गोल्ड मेडल, जुगुनू कुमार ने सिल्वर मेडल, राजीव कुमार व सुभाष कुमार ने कांस्य पदक प्राप्त किया।


जिला स्तरीय दो दिवसीय नन्ही कली खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन

मीडियाकर्मियों से बात करते महादेव पीजी कॉलेज बरियासनपुर के प्रवक्ता डॉ भीम शंकर मिश्रा (डिपार्टमेंट स्पो‌र्ट्स एंड फिजिकल एजुकेशन) ने कहाँ कि संसाधनों के अभाव के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र के युवा देश व प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। हमारी बेटियां भी घर-परिवार व क्षेत्र का नाम रोशन करने में किसी से पीछे नहीं हैं। हालांकि वर्तमान में खेल व खिलाड़ी दोनों निराशाजनक स्थिति में हैं। इसके पीछे संसाधन की कमी है। साथ ही साथ उन्होंने कहा कि छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ खेल पर भी ध्यान देने की जरूरत है निराश नहीं होना है।

मिली जानकारी के अनुसार चिरईगांव स्थित महादेव पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ दयाशंकर सिंह ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा युवाओं को खेल को अपने दिनचर्या में शामिल करने की आवश्यकता है। खेल से शरीर व मन दोनों स्वस्थ रहते हैं ।

महादेव पीजी कॉलेज के प्रबंधक अजय सिंह ने कहा कि विवि प्रशासन खिलाड़ियों को सभी जरूरी सुविधाएं व उत्कृष्ट खेल ढांचा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। महादेव पीजी कॉलेज के छात्र खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल उपलब्धियों से अपनी धाक जमाई है। उन्होंने खेल निदेशक डॉ भीम शंकर मिश्र व उनकी टीम को खेल उपलब्धियों के लिए सराहा।

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विशिष्ट अतिथि काशी विद्यापीठ वाराणसी वॉलीबॉल के कोच व खेल अधिकारी डॉ राधेश्याम राय और कॉलेज के प्राचार्य संगीता सिन्हा ने विजेता खिलाड़ियों पदक वितरण कर उनका उत्साहवर्धन किया। कॉलेज के प्रबंधक अजय सिंह, प्राचार्य दयाशंकर सिंह, डॉ धर्मेंद्र प्रताप, डॉक्टर संजय मिश्रा, हंसराज पाल, डॉक्टर लोकनाथ पांडेय, डाक्टर मारूत नंदन मिश्र, गौरव मिश्र, पीयूष सिंह, अवनीश सिंह, डॉ किरण सिंह व समस्त प्रवक्ता गण ने प्रतिभागी खिलाडियों को जीत की बधाई दी।

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Monday, November 28, 2022

अंगदान है महादान, देता है दूसरों को जीवनदान - सीएमओ

वाराणसी: राष्ट्रीय अंग दान दिवस पर रविवार को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वाराणसी के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सभागार में जन जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत गोष्ठी का आयोजन हुआ । गोष्ठी में अंगदान के उद्देश्य और उसके महत्व के बारे में विस्तार से मुख्य वक्ता नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ सुनील शाह एवं नेफ्रोलॉजी विभाग बीएचयू के डॉ निखिल ने जानकारी दी तथा अंगदान करने के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए प्रोत्साहित किया। 


आशाएं स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ की हड्डी, लोगों के स्वास्थ्य का रखती हैं पूरा ब्योरा – सीएमओ

इस अवसर पर सीएमओ डॉ संदीप चौधरी ने कहा कि अंग दान महान दान माना जाता है. अगर किसी की मौत किसी दूसरे के जीवनदान की वजह बन जाए तो इससे अच्छा क्या हो सकता है। हर साल 27 नवंबर को अंग दान के महत्व, जागरूकता बढ़ाने और अंगदान से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है । उन्होंने कहा कि असामयिक मृत्यु के बाद अपने स्वस्थ अंगों को दान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए जिससे जरूरतमंद लोगों की जान बचाई जा सके। 

किसानों को समृद्ध बनाने के लिए भाजपा उनके साथ है - दयाशंकर मिश्र

डा. निखिल ने बताया कि भारत में जीवित और मृत लोग कानूनी तरीके से अंग दान कर सकते हैं । देश में हर साल 1.5 लाख किडनी की जरूरत पड़ती है, जबकि तीन हजार ही मिल पाती हैं । करीब 25 हजार नए लीवर की एवज में सिर्फ 800 ही मुहैया हो पाते हैं । वहीं 60 लाख नेत्रहीन लोगों को आंखों की जरूरत है लेकिन लगभग 22,000 लोग ही देख पाते हैं. यह जानकर हैरानी हो सकती है कि सबसे ज्यादा आबादी के मामले में दूसरे नंबर पर आने वाले भारत में केवल 0.1% लोग ही खुद को अंगदान के लिए पंजीकरण करते हैं । इससे अंगदान की जरूरत को समझा जा सकता है। 

कार्यकर्ताओं ने मोदी के मन की बात का 95 वां एपिसोड सुना

डा. सुनील शाह ने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति मृत्यु के पश्चात अपने अंगों का दान कर अधिक से अधिक लोगों की जान बचा सकता है। इसमें किडनी, हृदय, आंखें, अग्नाशय, फेफड़े आदि महत्वपूर्ण अंगों का दान किया जाता है। इससे उन लोगों को अभयदान मिलता है, जिन्हें स्वस्थ अंग की जरूरत रहती है। भारत में स्वास्थ्य मंत्रालय की मानें तो 65 वर्ष की आयु तक व्यक्ति अंगदान कर सकता है। आइए हम सब मिलकर' अंग दान कर लोगों की जान बचाने का संकल्प लें' तथा लोगों को जागरूक करने का प्रयास करें।

इस दौरान एसीएमओ डॉ राजेश प्रसाद ने कहा कि अंग दान दिवस मनाने का उद्देश्य घायल और गंभीर रूप से बीमार जिन्हें अंग की जरूरत है, को अंगदान कर लोगों की जान बचाना है। चिकित्सा विज्ञान ने अंगदान के क्षेत्र में सुधार कर सभी मिथकों को समाप्त कर दिया है। अब किसी भी उम्र का व्यक्ति अपने अंगों का दान कर सकता है। मृत्यु उपरांत व्यक्ति के स्वस्थ अंगों से कई लोगों को अभयदान प्राप्त होता है।

संस्थान बरेका द्वारा आयोजित संविधान दिवस संवाद कार्यक्रम संपन्न

कौन कर सकता है अंगदान

ऐसे व्यक्ति जो एचआईवी, कैंसर, या हृदय और फेफड़ों की बीमारी जैसी किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित नहीं है, अपनी उम्र, जाति और धर्म से ऊपर उठकर अपनी मर्जी से अंग दान कर सकता है। एक व्यक्ति 18 वर्ष की आयु के बाद अंग दान कर सकता है। इस अवसर पर एसीएमओ डॉ एके मौर्य, डॉ निकुंज कुमार वर्मा सहित चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

Saturday, November 19, 2022

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर पंडित राम प्रवेश चौबे पीजी एवं इंटर कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में साइकिल रेस का हुआ आयोजन

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आयरन लेडी पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी जी की जयंती के अवसर पर पंडित राम प्रवेश चौबे पीजी एवं इंटर कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में चोलापुर ब्लाक के अंतर्गत इंटर कॉलेज और डिग्री कॉलेज की छात्राओं की एक साइकिल रेस हथियर से पंडित राम प्रवेश चौबे पीजी कॉलेज  कुरौली रजला नीयार लगभग 5 किलोमीटर की आयोजित हुई.


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लगभग ढाई सौ छात्राओं ने भाग लिया

प्रथम पुरस्कार शिवानी मौर्य को एक लेडीस साइकिल एक लेडीस सूट  ₹1500 नगद, द्वितीय पुरुस्कार अस्मिता यादव एक लेडीस कलाई घड़ी एक लेडीस सूट रूपया 1100 नगद, तृतीय इनाम आशू यादव एक पेडेस्टल फैन एक लेडीस सूट ₹551 नगद पुरस्कार विद्यालय की तरफ से दिया गया. सात छात्राओं को सांत्वना पुरस्कार एक लेडीस सूट रूपया 501 नगद विद्यालय परिवार की तरफ से दिया गया. रेस में भाग लेने वाले हर छात्राओं को ₹100 प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया गया.

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समारोह के मुख्य अतिथि राजू कनौजिया अध्यक्ष जिला परिषद मिर्जापुर वह विशिष्ट अतिथि चौकी इंचार्ज अजगरा उमेश राय रहे. उक्त अवसर पर कालेज के प्रबंधक पंडित सतीश चौबे जी ने एक घोषणा की अगल-बगल के जितने भी इंटर कॉलेज व डिग्री कॉलेज हैं छात्राओं के लिए पंडित राम प्रवेश चौबे महाविद्यालय में खेलकूद की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था बहुत जल्द की जाएगी कोच श्री प्रेम शंकर तिवारी रिटायर्ड शिक्षक खेलकूद नियुक्त होंगे. कार्यक्रम का संचालन कोऑर्डिनेटर मनीष चौबे ने धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य डॉ पीके दुबे ने दिया.

उक्त अवसर पर दिलीप चौबे, धनंजय यादव, धनंजय चौबे, कमला राजभर, राहुल पांडे, विवेक सिंह गणेश चौबे, सदर अमीन कनौजिया, अरविंद चौबे, कविता सिंह, अलका तिवारी, मयंक चौबे, कमलेश पांडे, प्रिंस चौबे इत्यादि क्षेत्र के सैकड़ों सम्मानित लोग उपस्थित रहे.

पिंडरा के विधायक डॉ अवधेश सिंह ने वाराणसी अक्षय पात्र किचन का किया अवलोकन

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पिंडरा के विधायक डॉ अवधेश सिंह ने वाराणसी अक्षय पात्र किचन का किया अवलोकन

वाराणसी: पिंडरा के विधायक डॉ अवधेश सिंह ने आज वाराणसी के अक्षय पात्र किचन का निरीक्षण कर साफ-सफाई सहित सभी व्यवस्थाओं की सराहना की। इसी वर्ष जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वाराणसी अक्षय पात्र किचन का शुभारंभ किया था। अक्षय पात्र किचन के अवलोकन के बाद के विधायक डॉ अवधेश सिंह ने अक्षय पात्र किचन के उज्जवल भविष्य की कामना की।


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वाराणसी में  एल टी कॉलेज परिसर स्थित अक्षयपात्र फाउंडेशन के किचन का आज पिंडरा के विधायक डॉ अवधेश कुमार सिंह ने अवलोकन किया। इस दौरान अक्षय पात्र फाउंडेशन के प्रबंधक राहुल कुमार झा ने उन्हें केंद्रीकृत किचन की कार्यप्रणाली जैसे रोटी बनाने की प्रक्रिया, सब्जी बनाने की प्रक्रिया, चावल धोने की प्रक्रिया और वितरण करने की प्रक्रिया को बताया, जिसके बाद उन्होंने ने सफाई व्यवस्था और खाना बनाने के तरीके की तारीफ करते हुए सभी व्यवस्थाओं पर बेहतर बताया। विधायक  ने किचन का अवलोकन करने के बाद कहा कि अक्षयपात्र का कार्य सबसे सराहनीय है। स्कूली बच्चों के लिए जो खाना तैयार किया जाता है वो स्वच्छ और पोस्टिक होता है और किचन अवलोकन के दौरान किचन की साफ सफाई व्यवस्था संपूर्ण टीम और प्रबंधन की सराहना की। उन्होंने इस सेवा कार्य के लिए अक्षयपात्र का धन्यवाद ज्ञापित किया। अवलोकन कार्यक्रम के बाद विधायक का अक्षयपात्र फाउंडेशन के प्रबंधक राहुल कुमार झा द्वारा सम्मान किया गया।

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अक्षय पात्र फाउंडेशन भारत की एक अशासकीय संस्था है जो देश के 14 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 19,039 स्कूलों के 1.8 मिलियन से अधिक बच्चों को हर स्कूल दिन में पौष्टिक भोजन परोस रहा है। अक्षय पात्र फाउंडेशन दुनिया का सबसे बड़ा (गैर-लाभकारी) मिड-डे मील कार्यक्रम वर्ष 2000 से चला रहा है। इसका मुख्यालय बेंगलुरु में है। वर्तमान में आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, उड़ीसा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना व उत्तर प्रदेश आदि राज्यो में अक्षय पात्र किचन स्थापित है। यह संगठन सरकारी स्कूलों और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में मिड-डे मील योजना को लागू करके कक्षा की भूख को खत्म करने का प्रयास करता है। साथ ही, अक्षय पात्र का उद्देश्य कुपोषण का मुकाबला करना और सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित बच्चों की शिक्षा के अधिकार का समर्थन करना भी है। वर्ष 2000 से अक्षय पात्र हर एक स्कूल के दिन बच्चों को ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कर रहा है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ, मथुरा व गोरखपुर में भी अक्षय पात्र का किचन काम कर रहा है। 

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लखनऊ में जहां 1472 स्कूलों के करीब सवा लाख बच्चों को भोजन दिया जा रहा है वहीं मथुरा में भी दो हजार स्कूलों के करीब सवा लाख बच्चों को दोपहर का पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। गोरखपुर में भी बच्चों को दोपहर का पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। अक्षय पात्र अपनी पहुंच को बढ़ाने का भी लगातार प्रयास कर रहा है। अक्षय पात्र का सोचना है कि भूख से कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। अक्षय पात्र फाउंडेशन वर्ष 2000 में मात्र 15 सौ बच्चों से यह सेवा शुरू किया था जो आज 1.8 मिलियन हो गया है निरीक्षण के समय जिला महामंत्री जय प्रकाश दुबे विधायक मीडिया प्रभारी अभिषेक राजपूत प्रधान संघ अध्यक्ष पिंडरा अनिल चौबे जी अनुज सिंह जी उपस्थित रहे।

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