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Monday, May 25, 2026

पशु शवदाह गृह में भरा भूसा, करोड़ों की परियोजना बेकार

चिरईगांव: जिला पंचायत की ओर से जाल्हूपुर में मरे पशुओं के निस्तारण के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित पशु शवदाह गृह आज तक चालू नहीं हो सका है। हालत यह है कि भवन की देखरेख करने वाले व्यक्ति द्वारा उसमें भूसा भर दिया गया है। इस मामले की जानकारी होने के बावजूद जिला पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं।


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स्थानीय लोगों का कहना है कि पशुओं के निस्तारण के लिए बनाए गए इस शवदाह गृह के बंद पड़े रहने से सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। वहीं भवन का उपयोग दूसरे कार्यों में किए जाने से इसकी उपयोगिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। 

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इस संबंध में जब जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो फोन उठाने वाले व्यक्ति ने कहा कि “इस बारे में जानकारी के लिए कचहरी कार्यालय चले जाइए। 

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वहीं अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत मिलेंगे, वही जानकारी देंगे।” अब देखना यह है कि करोड़ों की लागत से बने इस शवदाह गृह को कब तक शुरू कराया जाता है और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है।

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अम्बा-मोकलपुर घाट पर नहीं बिछी लोहे की चादरें, तपती रेत पर चलने को मजबूर ग्रामीण

चिरईगांव: ढाब क्षेत्र के अम्बा-मोकलपुर घाट स्थित गंगासोता पर प्रांतीय लोक निर्माण विभाग द्वारा अब तक लोहे की चादरें नहीं बिछाए जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में लोगों को करीब 500 मीटर तपती रेत पर पैदल चलकर आवागमन करना पड़ रहा है।

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स्थानीय लोगों के अनुसार, मोकलपुर, गोबरहां और रामपुर गांव के लोगों के लिए जाल्हूपुर बाजार आने-जाने का यह मुख्य मार्ग है। विभाग द्वारा लोहे की चादरें सड़क किनारे लाकर रख दी गई हैं, लेकिन अब तक उन्हें गंगासोता पर बिछाया नहीं गया है। ग्रामीणों का कहना है कि दोपहर के समय रेत इतनी गर्म हो जाती है कि पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। 

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स्थानीय निवासी सतीश सिंह, रमेश, सुनीता, मुन्नालाल, लालजी और आशा ने बताया कि लोहे की चादरें उपलब्ध होने के बावजूद विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें तपती रेत पर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से जल्द गंगासोता पर लोहे की चादरें बिछाकर आवागमन सुगम बनाने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि विभाग इस समस्या पर कब तक ध्यान देता है।

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चिरईगांव विकास खण्ड के धराधर ग्रामसभा में बन रहे रास्ते का काम रुका, एस.डी.एम. से प्रधान सहित ग्राम वासियों ने लगाई गुहार

वाराणसी: विकास खण्ड चिरईगांव के धराधर ग्रामसभा में निवासियों के आने जाने का मार्ग न होने की वजह से वहा के निवासियों को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. अगर कोई बीमार हो जाय तो उनकों चारपाई पर उठा कर मुख्य मार्ग तक लगों कि मदद से ले जाना पड़ता है. जिसकी वजह से कई लोगों की सही समय पर इलाज नही मिलने कि वजह से जान भी जा चुकी है.


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कुछ दिनों पहले उपजिलाधिकारी नितिन सिंह ने लेखपाल को साथ लेकर पुरे ग्रामसभा का दौरा किया था. इस दौरान उपजिलाधिकारी ने पुरे ग्रामसभा में घूम कर रास्ते को देखा और उन्होंने भी कहा था कि इस ग्रामसभा में रास्ता बहुत बड़ी समस्या है और रास्ता बनना चाहिए जिसके लिए उन्होंने लेखपाल को आदेशित किया था की इस समस्या का हल निकाल कर रास्ते का कार्य शुरू करवाए.

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लेखपाल और ग्राम प्रधान के साथ साथ ग्राम वासियों के सहयोग से रास्ते का कार्य भी शुरू हो गया जिसमे ग्राम प्रधान ने खुद अपने जमीन में से करीब 10 फूट का रास्ता बनवाया लेकिन अभी भी करीब 20 मीटर रास्ते पर कुछ किसानों ने जमीन देने से मना कर दिया है पुरा रास्ता बन चूका है बस करीब 20 मीटर रास्ते पर कार्य होना रह गया है. 

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किसानों के विरोध के बाद फिर एक बार ग्राम प्रधान और ग्राम वासियों ने उपजिलाधिकारी नितिन सिंह से इसको पुरा करवाने की गुहार लगाई है. अब देखना यह है कि क्या प्रधान और ग्राम वासियों की इस अपील पर उपजिलाधिकारी नितिन सिंह क्या कार्यवाही करते है?

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Saturday, May 16, 2026

वाराणसी में कारोबारी महिला के नाम पर 19 करोड़ की GST चोरी, खुद को CA बताने वाले पर मुकदमा दर्ज

वाराणसी: धर्म नगरी वाराणसी में एक बड़ा जीएसटी (GST) घोटाला सामने आया है, जहां एक कथित सीए (CA) ने साड़ी कारोबारी महिला के विश्वास का गला घोंटते हुए करीब 19 करोड़ रुपये की कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने महिला के जीएसटी पोर्टल का पासवर्ड लेकर चोरी-छिपे गुजरात की चार बड़ी फर्मों के नाम फर्जी इनवॉइस जारी किए। इस मामले में कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कैंट पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



रिटर्न भरने के नाम पर लिया लॉगिन पासवर्ड, फिर शुरू हुआ खेल

वाराणसी के फुलवरिया क्षेत्र की रहने वाली सुप्रिया यादव एक साड़ी कारोबारी हैं और 'वाराणसी सिल्क वर्ल्ड' नाम से उनकी फर्म रजिस्टर्ड है। उन्होंने पुलिस को बताया कि महमूरगंज की गोविंदनगर कॉलोनी निवासी सोमेश कुमार खुद को सीए बताता था। सुप्रिया ने अपनी फर्म का जीएसटी रिटर्न फाइल करने की जिम्मेदारी सोमेश को दी थी और विश्वास में आकर अपना लॉगिन आईडी और पासवर्ड भी साझा कर दिया था।


सर्वर डाउन का बहाना और फिर फरार हुआ आरोपी

धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब पिछले साल जून में सुप्रिया को बैंकिंग कार्य के लिए रिटर्न फाइलिंग के कागजात की जरूरत पड़ी। सुप्रिया ने जब सोमेश से दस्तावेज मांगे, तो वह टाल-मटोल करने लगा। आरोपी ने कई दिनों तक 'सर्वर डाउन' होने का बहाना बनाया। जब सुप्रिया ने दबाव बनाया, तो उसने रथयात्रा चौराहे के पास मिलने के लिए बुलाया, लेकिन वहां पहुंचा नहीं और अपना फोन बंद कर लिया। 


शक होने पर कारोबारी सुप्रिया यादव 30 सितंबर 2025 को जीएसटी कार्यालय पहुंचीं। वहां जब उन्होंने अपना पासवर्ड बदलवाकर रिकॉर्ड चेक किया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। साड़ी का व्यापार करने वाली उनकी फर्म के नाम से सुपर सल्फेट सीमेंट, स्क्रैप, स्टील रॉड और ट्यूब पाइप जैसे सामानों की सप्लाई के फर्जी इनवॉइस जारी किए गए थे।

गुजरात की इन फर्मों को पहुंचाया फायदा 

जांच में सामने आया कि आरोपी सोमेश ने फर्जी तरीके से गुजरात स्थित दीप इंटरप्राइजेज, केशव भवानी स्टील, केआर इंडस्ट्रीज और श्री ईआईएमआई इंटरप्राइजेज को लाभ पहुंचाने के लिए फर्जी इनवॉइस जारी कर करोड़ों की कर चोरी कराई।


कोर्ट के आदेश पर कैंट पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

पीड़िता के अनुसार, जब उन्होंने सोमेश से इस बारे में सवाल किया, तो वह गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने लगा। स्थानीय पुलिस से न्याय न मिलने पर पीड़िता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट के आदेश पर कैंट थाना पुलिस ने कथित सीए सोमेश कुमार के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

Monday, May 11, 2026

पूर्व DGP राम यश सिंह को अंतिम विदाई में उमड़ा सत्ता-प्रशासन का सैलाब, STF चीफ अमिताभ यश के पिता के त्रयोदश संस्कार में भावुक हुआ लखनऊ

लखनऊ: उत्तर प्रदेश STF प्रमुख और एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश के पिता, पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं बिहार के पूर्व डीजीपी राम यश सिंह के त्रयोदश संस्कार में रविवार को राजधानी लखनऊ भावनाओं से भर उठा। विभूतिखंड स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित त्रयोदश ब्रह्मभोज में शासन, प्रशासन, राजनीति, न्यायपालिका और मीडिया जगत की तमाम बड़ी हस्तियां शामिल हुईं।


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कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ IAS-IPS अधिकारी, जनप्रतिनिधि, न्यायाधीश, वरिष्ठ पत्रकार और समाज के प्रबुद्ध लोग पहुंचे। सभी ने दिवंगत राम यश सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। कार्यक्रम के दौरान कई भावुक पल भी देखने को मिले।

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राम यश सिंह बिहार कैडर के 1985 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रहे थे। पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण और जहानाबाद जैसे संवेदनशील जिलों में बतौर एसएसपी उनकी कार्यशैली की अलग पहचान रही। ईमानदारी, अनुशासन और कड़े प्रशासनिक फैसलों के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।

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बताया जाता है कि 27 अप्रैल को हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया था, जिसके बाद 28 अप्रैल को लखनऊ के बैकुंठ धाम में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। रविवार को आयोजित त्रयोदश संस्कार में उनके पुत्र अमिताभ यश, रजनीश सिंह, राजीव सिंह, बृज राज सिंह, पौत्र यशवर्धन सिंह, पुत्रवधु रेनू सिंह सहित पूरा परिवार मौजूद रहा। राम यश सिंह का निधन पुलिस महकमे और समाज के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनकी कार्यशैली और सिद्धांत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।

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गौराकला में डेढ़ साल से बनी पानी की टंकी शोपीस बनी, पाइपलाइन अधूरी होने से ग्रामीण परेशान

वाराणसी: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत चिरईगांव विकास खंड के गौराकला ग्राम सभा में करीब डेढ़ साल पहले पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था, लेकिन अब तक गांव में पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते ग्रामीणों को आज तक शुद्ध पेयजल योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।

ग्रामीणों के अनुसार, पानी की टंकी तैयार होने और बोर्रिंग होने के बावजूद घर-घर जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। पाइपलाइन का कार्य अधूरा होने के कारण ग्रामीण आज भी हैंडपंप और अन्य स्रोतों के सहारे पानी की जरूरत पूरी कर रहे हैं।

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ग्राम प्रधान राजेश कुमार ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को प्रार्थना पत्र देकर पाइपलाइन कार्य पूरा कराने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन गौराकला ग्राम सभा में योजना अधूरी पड़ी होने से इसका लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द पाइपलाइन कार्य पूरा कर जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है, ताकि गांव के लोगों को राहत मिल सके।

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Saturday, May 09, 2026

बीडीओ ने सूखे तालाबों में पानी भरने एवं पौधरोपण की तैयारी करने का सचिवों को दिया निर्देश

वाराणसी: विकास खण्ड चिरईगांव में बीडीओ ने बुधवार को समीक्षा बैठक कर विकास खण्ड के तालाबों में पानी भरने एवं पौधरोपण कराने की तैयारी करने व हैण्डपम्पों के मरम्मत कराने हेतु सचिवों को निर्देशित किया।


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बीडीओ चिरईगांव छोटेलाल तिवारी ने गर्मी को देखते हुए निराश्रित गोवंशों को पानी पीने हेतु तालाबों में पानी भरने, पौधरोपण के लिए गड्डों की खुदाई तथा अपूर्ण प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री आवासों को जल्द पूर्ण कराने हेतु सचिवों को निर्देशित किया।

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विकास खण्ड में स्थापित 4516 हैण्डपम्पों में से खराब 426 हैण्डपम्पों के सामान्य खराबी और रिबोर योग्य का रिबोर कराया गया है। सहायक विकास अधिकारी पंचायत चिरईगांव कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि सामान्य खराबी के 391 हैण्डपम्पों और 35 रिबोर योग्य हैण्डपम्पों का रिबोर कराया गया है।

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सभी ग्रामपंचायत सचिवों को निर्देशित किया गया है कि गर्मी के मौसम में पेयजल की समस्या न होने पाये।खराब होने पर हैण्ड पम्प मरम्मत प्राथमिकता पर करायें।बैठक में सभी ग्रामविकास और ग्रामपंचायत अधिकारी उपस्थित थे।

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वाराणसी में 8 एग्रीजंक्शन सेंटर खुलेंगे, कृषि स्नातकों को मिलेगा स्वरोजगार

वाराणसी: कृषि विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलम्बन (एग्रीजंक्शन) योजना के तहत जनपद वाराणसी में 8 “वन स्टॉप शॉप” (एग्रीजंक्शन सेंटर) स्थापित किए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य कृषि स्नातकों को स्वरोजगार उपलब्ध कराना और किसानों को एक ही स्थान पर कृषि संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।


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इन एग्रीजंक्शन केंद्रों पर किसानों को बीज, खाद, कृषि उपकरण, कृषि रसायन सहित अन्य कृषि सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। साथ ही कृषि उपकरणों की मरम्मत, पशु आहार, कृषि उत्पादों की बिक्री, प्रसंस्कृत उत्पादों की उपलब्धता और मौसम संबंधी जानकारी भी प्रदान की जाएगी।

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योजना के तहत कृषि स्नातक, कृषि व्यवसाय प्रबंधन स्नातक तथा कृषि एवं सहबद्ध विषयों जैसे उद्यान, पशुपालन, वानिकी, दुग्ध, पशुचिकित्सा और मुर्गी पालन आदि में डिग्रीधारी अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। डिग्री आईसीएआर/यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से होना अनिवार्य है। इसके अलावा कृषि विषय में इंटरमीडिएट या डिप्लोमा धारक अनुभवी अभ्यर्थियों पर भी विचार किया जाएगा।

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आवेदन करने के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष निर्धारित की गई है। अनुसूचित जाति, जनजाति एवं महिला अभ्यर्थियों को अधिकतम 5 वर्ष की छूट दी जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को वित्तीय सहायता के साथ ग्रामीण व्यवसाय विकास योजना (RIDP) के अंतर्गत 13 दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी 30 मई 2026 तक कृषि विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी कृषिभवन, चांदपुर स्थित उप कृषि निदेशक कार्यालय, वाराणसी में संपर्क कर सकते हैं।

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Wednesday, May 06, 2026

बजट के अभाव में सिंचाई विभाग के कर्मचारियों का वेतन रोके जाने से रोष


वाराणसी:
बजट के अभाव में सिंचाई विभाग के  कर्मचारियों का वेतन शासन द्वारा समय से बजट आवंटन न किए जाने के कारण रुका हुआ है जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। 


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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष शशिकान्त श्रीवास्तव ने बताया कि माह मार्च का वेतन बजट की प्रत्याशा में सभी जिलाधिकारियों को वेतन आहरण करने के निर्देश जारी किए गए थे परन्तु ई-आफिस के मैपिंग व प्रशिक्षण विभागाध्यक्ष द्वारा समय से न कराये जाने के निर्देश का अनुपालन कराये जाने से काफी विलम्ब से वेतन भुगतान हुए,वहीं माह अप्रैल के वेतन का भुगतान शासन द्वारा समय समय बजट आवंटन न किए जाने के कारण हो रहा है.

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इससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त होने के कारण माननीय मुख्यमंत्री महोदय से शीघ्र ही शासन स्तर से बजट आवंटन किये जाने व सभी कर्मचारियों द्वारा ई-आफिस के माध्यम से सम्पूर्ण कार्य लिये जाने हेतु सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण के साथ साथ प्रत्येक जिलास्तरीय कार्यालयों के अतिरिक्त क्षेत्रिय कार्यालयों में ई-आफिस संचालन हेतु समस्त ब्यवस्थायें उपलब्ध कराना सुनिश्चित किए जाने की मांग किया और यह भी मांग की है कि ई-आफिस के लिए सुदृढ़ ब्यवस्था किये जाने बगैर वेतन रोके जाने से कर्मचारियों को आर्थिक व मानसिक कष्टों का सामना करना पड़ेगा जिसका प्रभाव फील्ड स्तरीय कर्मचारियों पर ज्यादा पड़ेगा।

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वाराणसी नगर निगम ने नाली जाम करने के आरोप में ठोका 50 हजार रुपये का जुर्माना

वाराणसी: शहर की सड़कों पर अतिक्रमण और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इस क्रम में मंगलवार को वरुणापार क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान रैना विला रोड पर गिट्टी और बालू गिराकर रास्ता बाधित करने और नाली जाम करने के आरोप में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने दो व्यक्तियों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।


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साथ ही तत्काल सड़क से निर्माण सामग्री न हटाने पर संबंधितों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की भी चेतावनी दी । उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आवागमन बाधित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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नगर आयुक्त सबसे पहले वरुणापार क्षेत्र के भक्ति नगर पहुंचे। यहां नालों की सफाई का कार्य उन्हें संतोषजनक मिला । वहीं सफाई के बाद निकाला गया कूड़ा और सिल्ट सड़क किनारे देख उन्होंने नाराजगी जताई। 

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उन्होंने सामान्य विभाग के अधिशासी अभियंता से नाला सफाई के 24 घंटे के भीतर हर हाल में सिल्ट का उठान सुनिश्चित कराने का सख्त निर्देश दिया ताकि क्षेत्रीय जनता को दुर्गंध और गंदगी से निजात मिल सके।

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Tuesday, May 05, 2026

वाराणसी में 4.67 करोड़ की फसल बीमा क्षतिपूर्ति वितरित

वाराणसी: जनपद में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत दी गई है। सोमवार को विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में खरीफ-2025 एवं रबी-2025-26 के अंतर्गत क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया गया।


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कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या उपस्थित रहीं। इस दौरान उन्होंने किसानों को प्रतीकात्मक चेक वितरित किए। लाभान्वित किसानों में गंगा प्रसाद सिंह, देवब्रत सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, बाबा और विवेक कुमार सिंह शामिल रहे, जिन्हें क्रमशः 1.60 लाख, 1.49 लाख, 1.42 लाख, 87,899 और 70,806 रुपये की राशि दी गई।

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जिला पंचायत अध्यक्ष ने किसानों से अपील की कि वे खरीफ सीजन में अपनी अधिसूचित फसलों का शत-प्रतिशत बीमा कराएं, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाव हो सके। साथ ही कृषि विभाग द्वारा धान, उड़द, मूंग, अरहर, तिल और ढैंचा के बीज अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनका लाभ उठाने की भी सलाह दी गई।

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कार्यक्रम का संचालन उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल ने किया। इस मौके पर जिला कृषि अधिकारी संगम मौर्या, विभिन्न विकास खंडों के कृषि अधिकारी, एस.बीआई इंश्योरेंस के जिला प्रबंधक सुशील तिवारी समेत 50-60 किसान मौजूद रहे। बताया गया कि खरीफ-2025 में बीमित 14,448 किसानों में से 4,467 किसानों को कुल 4.67 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति वितरित की गई है।

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वरुणा रिवर फ्रंट के प्रस्ताव को शासन से मिली हरी झंडी, 48 नाले टैप होने के बाद नहीं गिरेगा मलजल

वाराणसी : नगर निगम ने शहर के 2.33 लाख भवन स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष में टैक्सा जमा करने भारी छूट देने का निर्णय लिया है। इस क्रम में 15 जुलाई तक गृहकर, जलकर व सीवर कर जमा करने वाले भवन स्वामियों को 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। वहीं, डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन टैक्स जमा करने पर निगम 12 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान किया जाएगा। 


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महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सोमवार को निगम के सभागार में हुई कार्यकारिणी की बैठक में सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए दृष्टिहीन व 80 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले भवन स्वामियों का टैक्स शत-प्रतिशत माफ करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। हालांकि, इस लाभ को प्राप्त करने के लिए संबंधित व्यक्ति को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र निगम कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। वहीं जिन भवन स्वामियों ने चालू वित्तीय वर्ष का टैक्स पहले ही जमा कर दिया है, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। उनकी छूट की राशि का समायोजन अगले वित्तीय वर्ष के बिल में कर दिया जाएगा। इसी प्रकार, लाइसेंस शुल्क पर भी व्यापारियों को 10 प्रतिशत की राहत दी गई है। यह सभी लाभ एक सप्ताह के भीतर मिलने शुरू हो जाएंगे। बैठक के दौरान नगर निगम अधिनियम की धारा 91 (2) के तहत पार्षद राजकपूर चौधरी द्वारा वरुणा कॉरिडोर की बदहाली का मुद्दा उठाया। इस पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा बिछाई गई सीवर लाइन ध्वस्त होने के कारण निगम ने अब तक इसे हैंडओवर नहीं लिया है। निगम के प्रयास से वरुणा रिवर फ्रंट बनाने के प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल गई है। छह प्रोजेक्ट के तहत वरुणा में गिरने वाले कुल 48 नालों को टैप किया जाएगा, जिसमें शहरी क्षेत्र के 17 खुले नाले भी शामिल हैं। इसके अलावा वरुणा के किनारे नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी। करीब पांच से आठ फीट ऊंचा बनने वाले रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट के डेढ़ वर्ष के भीतर पूरा होने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से वरुणा किनारे के सौंदर्यकरण के साथ-साथ नदी को प्रदूषण मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में अब वरुणा में सीधे मलजल नहीं गिरेगा। 

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शहर के विकास और बुनियादी ढांचे के लिए निगम रक्षा संपदा विभाग और रेलवे विभाग से लेगा जमीन

शहर के विकास और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए नगर निगम रक्षा संपदा विभाग और रेलवे की कुछ जमीनों को लेने का निर्णय लिया है। इसके बदले में निगम अपनी उतनी ही मूल्य की जमीन रेलवे को देने का प्रस्ताव दिया है। इसमें रक्षा संपदा विभाग से कैंटोंमेंट स्थित गुडशेड बाजार में 1.2286 हेक्टेयर, फुलवरिया फ्लाईओवर के नीचे 3.8121 हेक्टेयर, डोमरी व सूजाबाद में 19.6690 हेक्टेयर, कैंटोंमेंट (160 एकड़ में से) 34.259 हेक्टेयर (अवशेष भूमि) शामिल है। इसी प्रकार रेलवे विभाग से घौसाबाद (आराजी सं. 42/53): 2830 वर्ग मीटर (उत्तर रेलवे), सनबीम लहरतारा से मण्डुआडीह मार्ग पर 2029.30 वर्ग मीटर, गोल्डन पीकॉक के पीछे (गुडशेड बाजार) में लगभग 4100 वर्ग भूमि शामिल है। निगम अपनी उतनी ही मूल्य की जमीन रेलवे को भी देगा। कार्यकारिणी ने इसकी भी मंजूरी दे दी। लहरतारा में निगम पोर्टेबल कांपेक्टर ट्रांसफर स्टेशन (पीसीटीएस) स्था।पित करेगा। 

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पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग की सुधरेगा सूरत, श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

बैठक के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा आगामी 15 मई, 2026 से शुरू हो रहे अधिमास और उससे जुड़ी काशी पंचक्रोशी यात्रा का रहा। कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण राय ने सदन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले पड़ावों पर अव्यवस्थाओं का अंबार है। उन्होंने पिछली यात्रा के अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि कई सड़कें कंकड़युक्त और गड्ढों वाली हैं, जिससे पैदल चलने वाले बुजुर्ग श्रद्धालुओं और महिलाओं के पैर चोटिल हो गए थे। इस पर कार्यकारिणी ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर आयुक्त को आदेशित किया कि यात्रा शुरू होने से पूर्व सभी परिक्रमा पथों पर सड़कों की मरम्मत, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, पंखे और स्वास्थ्य शिविरों का उचित प्रबंध किया जाए। शहर के सौंदर्यीकरण और ऐतिहासिक विरासत के सम्मान को लेकर उपसभापति नरसिंह दास ने भी कई प्रस्ताव रखे। उन्होंने वाराणसी के समस्त पूर्व महापौरों और नगर प्रमुखों के आवास तक जाने वाले मार्गों व गलियों के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही, उन्होंने शहर के विभिन्न पार्कों और महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थिति सुधारने का मुद्दा भी उठाया। पर्यटन की दृष्टि से विदेशी और स्थानीय नागरिकों की सुविधा के लिए नगर निगम ने सार्वजनिक शौचालयों के प्रबंधन में बड़े बदलाव का निर्णय लिया है। उपसभापति के सुझाव पर अब शहर के यूरिनल्स को पूर्णतः निःशुल्क किया जाएगा और वहां हिंदी व अंग्रेजी में रेट बोर्ड लगाए जाएंगे ताकि पारदर्शिता बनी रहे। महापौर ने एक सप्तािह के भीतर यूरिनल्स को पूर्णतः निःशुल्क करने व हिंदी व अंग्रेजी में रेट बोर्ड लिखवाने का निर्देश दिया। इसके बेहतर रखरखाव के लिए एक विशेष एजेंसी की नियुक्ति पर भी सहमति बनी है। 

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भारत सेवाश्रम से सुलभ तक बनेगा आधुनिक 'फल बाजार'

शहर की सड़कों पर अनियंत्रित और अव्यवस्थित तरीके से लगने वाले ठेले-गुमटियों को सुव्यवस्थित करने के करने में जुटा हुआ है। इसकी शुरुआत निगम मुख्यालय से ही की जाएगी। प्रथम चरण में सिगरा स्थित भारत सेवाश्रम के मोड़ से लेकर सुलभ शौचालय तक सड़क की पटरियों पर एक सुव्यवस्थित 'फल बाजार' विकसित करने करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य सड़क किनारे लगने वाली दुकानों को एक निश्चित स्वरूप देना है, जिससे मार्ग पर सुरक्षा बनी रहे और आम जनता को फल आदि खरीदने में सुविधा हो। जल निकासी को लेकर हनुमान प्रसाद ने शहर के कच्चे नालों को पक्का करने की योजना अगली बैठक में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए शहर के सभी चौराहों, कुंडों और तालाबों पर लगे बंद पड़े फौआरों को तत्काल संचालित करने की मांग भी की। कार्यकारिणी सदस्य मदन मोहन तिवारी ने पिछले वर्षों में वार्डों में हुए कार्यों की सूची में अनियमितता का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2023 से 2026 तक स्वीकृत सभी पूर्ण और अपूर्ण कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट मय कारण एक सप्ताह के भीतर पार्षदों को उपलब्ध कराई जाए ताकि जमीनी स्तर पर उनका सत्यापन हो सके। वहीं, प्रमोद राय ने ठेकेदारों द्वारा 10 प्रतिशत से अधिक 'बिलो पर टेंडर डालकर कार्य करने और भुगतान के समय होने वाली 10-15 प्रतिशत की कटौती पर सवाल खड़े किए। उन्होंने संदेह व्यक्त किया कि ऐसी स्थिति में कार्य मानक के अनुसार नहीं हो पा रहे हैं, जिसकी जांच होनी अनिवार्य है। सड़कों के बार-बार टूटने की समस्या पर लगाम लगाने के लिए सुशील गुप्ता ने एक नई व्यवस्था का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि अन्य कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किए जाने वाले कार्यों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र देते समय कड़ी शर्तें रखी जाएं, जिसमें कार्य की वारण्टी अवधि तय करना और समय से पहले क्षतिग्रस्त होने पर संबंधित एजेंसी से ही मरम्मत कराना अनिवार्य होगा। वार्ड नंबर-9 शिवपुर के इन्द्रपुर में कांशीराम आवास योजना की बदहाली पर अशोक मौर्या ने ध्यान आकर्षित किया और वहां सीवर व रास्तों के पुनर्निर्माण की मांग की। 

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बैठक में इनकी रही उपस्थिति

बैठक में उपसभापति नरसिंह दास, कार्यकारिणी सदस्य अमरदेव यादव, प्रमोद राय, , हनुमान प्रसाद , प्रवीण राय, सुशील गुप्ता योगी, मदन मोहन तिवारी, राजकुमार चौधरी, अशोक मौर्या, माधुरी सिंह, सुशीला देवी स‍हित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, अमित कुमार, संगम लाल, संयुक्त नगर आयुक्ती कृष्ण चंद्र, सहायक नगर आयुक्त अनिल कुमार यादव, जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह, सीटीओ कुमार असीम रंजन, शिखा मौर्या, मुख्य नगर लेखा परीक्षक संजय प्रताप सिंह, सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

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सावधान! बिना रजिस्ट्रेशन कुत्ता-बिल्ली पालना पड़ेगा भारी, नगर निगम वसूलेगा 5000 तक जुर्माना

वाराणसी: धर्म नगरी काशी में यदि आप कुत्ता या बिल्ली पालने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। नगर निगम वाराणसी अब पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण नियम 2017 को सख्ती से लागू करने जा रहा है। अब शहर की सीमा के भीतर रहने वाले हर पशुपालक को अपने पालतू डॉग या कैट का पंजीकरण (Registration) कराना अनिवार्य होगा। नियमों की अनदेखी करने पर न केवल भारी जुर्माना लगेगा, बल्कि आपके पालतू जानवर को जब्त भी किया जा सकता है।


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पशुपालकों की सुविधा का ख्याल रखते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। अब आपको नगर निगम के दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप अपने मोबाइल में 'स्मार्ट काशी ऐप' (Smart Kashi App) डाउनलोड कर घर बैठे ही अपने पालतू जानवर का विवरण दर्ज करा सकते हैं।

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नगर निगम के पशु कल्याण एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष पाल ने स्पष्ट किया कि पंजीकरण न कराने की स्थिति में पशुपालकों पर 500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य शहर में पालतू जानवरों का सटीक डेटा तैयार करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। नगर निगम ने सुरक्षा कारणों से कुछ आक्रामक नस्लों के कुत्तों को पालने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं. पिटबुल (Pitbull), रॉटवीलर (Rottweiler), डोगो अर्जेंटीनो (Dogo Argentino), तोसा (Tosa), फाइला ब्रासीलियो (Fila Brasileiro) जैसे खूंखार नस्ल शामिल है.

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नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने पालतू जानवरों का रजिस्ट्रेशन करा लें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या जुर्माने से बचा जा सके।

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Saturday, May 02, 2026

हत्यारोपी की टूटी शादी, गांव में लटका ताला; मनीष ने 70 परिवारों को दिया था रोजगार

वाराणसी: पिंडरा थाना क्षेत्र के भरथरा गांव में कारोबारी मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। इस हत्याकांड में नामजद आरोपी मनीष राजभर की शादी टूट गई है। लड़की पक्ष ने साफ तौर पर कहा कि वे हत्यारोपी से अपनी बेटी का विवाह नहीं कर सकते। उल्लेखनीय है कि मनीष राजभर की शादी एक मई को तय थी।


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दूसरी ओर, पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी है। घटना के बाद से ही आरोपी फरार हैं और उनकी लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में कुल आठ लोगों को नामजद किया गया है। थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह के अनुसार पांच प्रमुख आरोपियों आशीष राजभर, मनीष राजभर, दीपक राजभर, गोविंद राजभर और नागेंद्र राजभर की तलाश जारी है। इन सभी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

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हत्या के बाद गांव का माहौल पूरी तरह बदल गया है। खासकर राजभर बस्ती में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस कार्रवाई के डर से अधिकांश लोग अपने घरों में ताला लगाकर फरार हो गए हैं। गांव में केवल कुछ बुजुर्ग महिलाएं ही बची हैं, जो पशुओं की देखभाल कर रही हैं। मृतक के चाचा अरुण सिंह ने बताया कि मनीष सिंह गांव के विकास में सक्रिय थे। उन्होंने करीब 70 परिवारों को दोना-पत्तल बनाने की मशीनें लगवाकर स्वरोजगार से जोड़ा था। उनके कारखाने में 17-18 लोग काम करते थे, जिनमें सात दिव्यांग भी शामिल हैं। उनकी हत्या से गांव में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है।

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इधर, मनीष सिंह के परिजनों से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को बृहस्पतिवार को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। जिलाध्यक्ष सुजीत यादव ‘लक्कड़’ के नेतृत्व में जा रहे कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप धरना दिया। काफी देर बाद पुलिस ने कुछ सदस्यों को पैदल जाने की अनुमति दी। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

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काशी विश्वनाथ मंदिर में ऐप आधारित व्यवस्था का विरोध तेज, कांग्रेस ने उठाए सवाल

वाराणसी: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रस्तावित ऐप आधारित दर्शन व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विरोध तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया दौरे के बाद लागू की जा रही नई डिजिटल प्रणाली के खिलाफ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने प्रशासन पर आस्था से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। विरोध को देखते हुए शुक्रवार को मंदिर परिसर के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।


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कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने मंदिर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बाबा विश्वनाथ के दरबार को “व्यापारिक और कॉरपोरेट मॉडल” में बदलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण और एसडीएम शंभूशरण को तत्काल हटाने की मांग की। राघवेंद्र चौबे ने कहा कि काशी की पहचान उसकी आध्यात्मिक परंपरा, सरल दर्शन व्यवस्था और लोक आस्था से रही है, लेकिन वर्तमान प्रशासन श्रद्धालुओं को मोबाइल ऐप और डिजिटल प्रक्रियाओं के दायरे में बांधने का प्रयास कर रहा है। उनका आरोप था कि मंदिर को “प्रयोगशाला” बनाकर सनातन परंपराओं के साथ प्रयोग किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सदियों से बाबा विश्वनाथ के दर्शन श्रद्धा और विश्वास के आधार पर होते आए हैं, लेकिन अब व्यवस्था को तकनीकी नियंत्रण और बाजारीकरण की ओर ले जाया जा रहा है। कांग्रेस के अनुसार, ऐप आधारित व्यवस्था से ग्रामीण श्रद्धालु, बुजुर्ग, महिलाएं, मजदूर और तकनीकी संसाधनों से दूर लोग सबसे अधिक प्रभावित होंगे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मंदिर प्रशासन स्थानीय नागरिकों और आम श्रद्धालुओं की सुविधा की बजाय वीआईपी संस्कृति और नियंत्रण आधारित व्यवस्था को बढ़ावा दे रहा है। पार्टी ने काशीवासियों के लिए निर्धारित दर्शन द्वारों की समय सीमा बढ़ाने और सरल दर्शन व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि ऐप आधारित व्यवस्था वापस नहीं ली गई तो कांग्रेस, संत समाज और स्थानीय लोग व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे। राघवेंद्र चौबे ने कहा कि “काशी की आत्मा को प्रशासनिक अहंकार और मोबाइल ऐप के जरिए नियंत्रित नहीं किया जा सकता।” वहीं समाजवादी पार्टी ने भी इस व्यवस्था का विरोध करते हुए इसे श्रद्धालुओं की आस्था पर अनावश्यक बंधन बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि धर्म और परंपरा को तकनीकी ढांचे में सीमित करने का प्रयास उचित नहीं है। फिलहाल मंदिर प्रशासन की ओर से इस विवाद पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Friday, May 01, 2026

यूपी विधानसभा में सीएम योगी का तीखा हमला, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना, हंगामा जारी

लखनऊ: राजधानी में चल रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान बुधवार को राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया। सत्र की शुरुआत विपक्ष के हंगामे के साथ हुई, हालांकि कुछ समय बाद कार्यवाही सुचारू रूप से चलने लगी। इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और महिला सम्मान के मुद्दे पर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

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विधानसभा के इस विशेष सत्र की शुरुआत विपक्ष के जोरदार विरोध और नारेबाजी के साथ हुई। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। हालांकि, अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई और कार्यवाही आगे बढ़ी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का “चेहरा और चरित्र” अलग-अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल कुछ और कहते हैं और कुछ और करते हैं, लेकिन प्रदेश की जनता सब समझती है। सीएम ने कहा, “आधी आबादी यानी महिलाओं के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमारी सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

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मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए 1995 के स्टेट गेस्ट हाउस कांड का जिक्र किया, जिसमें एक दलित महिला मुख्यमंत्री के साथ अभद्रता हुई थी। उन्होंने इसे समाजवादी पार्टी के आचरण का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह घटना उनके राजनीतिक संस्कार को दर्शाती है। इसके अलावा उन्होंने 2014 के बदायूं कांड का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उस समय समाजवादी पार्टी ने गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए थे, जिससे पीड़ितों के साथ न्याय नहीं हो सका। सीएम योगी ने कहा कि यह विशेष सत्र इसलिए बुलाया गया है ताकि समाज के हर वर्ग,एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं को सम्मान और अधिकार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार समावेशी विकास और सामाजिक न्याय के सिद्धांत पर काम कर रही है।

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मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का पतन उसकी गलत नीतियों के कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में हाशिए पर है और पिछले 40 वर्षों से प्रदेश में उसका प्रभाव नगण्य रहा है। सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की है, जिससे समाज में विभाजन पैदा हुआ। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाह बानो प्रकरण का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अगर उस समय कांग्रेस मौलवियों के दबाव में न आती, तो शाह बानो को न्याय मिल सकता था। इसके साथ ही उन्होंने तीन तलाक कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने इस कुप्रथा का समर्थन किया था, जबकि भाजपा सरकार ने इसे समाप्त कर महिलाओं को न्याय दिलाने का काम किया।

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सीएम योगी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे देश को कठमुल्लापन की ओर ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने हमेशा प्रगतिशील सोच के साथ काम किया है और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए हैं। इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दे पर चर्चा हो रही है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी के कारण माहौल लगातार गरम बना हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने एजेंडे को लेकर आक्रामक नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान आने वाले चुनावों की रणनीति का हिस्सा भी हो सकते हैं।

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Monday, April 27, 2026

मामूली विवाद में व्यवसायी की पीट-पीटकर हत्या, 11 हिरासत में, 2 गिरफ्तार

वाराणसी: फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें 38 वर्षीय व्यवसायी मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना से इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस के अनुसार, मनीष सिंह देर रात अपनी फैक्टरी से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में कुछ लोगों से विवाद हो गया। आरोप है कि मनबढ़ों ने लामबंद होकर उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।


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स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना से पहले मनीष सिंह की कार से बिंदु नामक महिला का एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला को तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। इसी घटना के बाद विवाद बढ़ते-बढ़ते हिंसक झड़प में बदल गया।

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एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों की तहरीर पर 8 नामजद और 7 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है।

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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही क्षेत्र में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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Saturday, April 25, 2026

राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस पर ब्लॉक सभागार में गोष्ठी आयोजित

वाराणसी: विकास खण्ड चिरईगांव में शुक्रवार को ब्लॉक सभागार में राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस के अवसर पर  गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान पंचायतीराज संस्थाओं की ग्रामीण विकास में भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।


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कार्यक्रम में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) कमलेश कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भेजे गए संदेश को पढ़कर सुनाया। संदेश में पंचायतीराज संस्थाओं को सशक्त बनाने और 16वें वित्त आयोग के माध्यम से उन्हें अधिक धन आवंटन की बात कही गई।

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गोष्ठी में ग्रामीण विकास को गति देने में पंचायतों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी छोटे लाल तिवारी, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, सफाईकर्मी सहित अन्य कर्मचारी और ग्रामीण प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 


सूचना न देने पर जनसूचना अधिकारी को नोटिस, राज्य सूचना आयुक्त ने मांगा जवाब

वाराणसी: विकास खण्ड चिरईगांव के बीकापुर निवासी सहदेव तिवारी बनाम जनसूचना अधिकारी कार्यालय पंचायतीराज निदेशालय लखनऊ प्रकरण में राज्य सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश राजेन्द्र सिंह ने जनसूचना अधिकारी पंचायतीराज निदेशालय कार्यालय को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।


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इस सम्बन्ध में 29--6--2026 को जनसूचना अधिकारी को न्यायालय में स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश निर्गत किया गया है। सूचना आयुक्त की तरफ से जारी पत्र में जनसूचना अधिकारी के खिलाफ अर्थदण्ड लगाने के साथ ही अनुशासनिक कार्यवाही करने हेतु नियोक्ता प्राधिकारी को संस्तुति क्यों न की जाय के बारे में पूछा है।

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 उल्लेखनीय है कि बीकापुर निवासी सहदेव त्रिपाठी के द्वारा मॉगी गयी जनसूचना नहीं मिलने पर प्रकरण राज्य सूचना आयोग में चल रहा है। जिसमें विगत 15-4-2026 को तारीख थी। उसके उपरांत भी आयोग के समक्ष जनसूचना अधिकारी पंचायतीराज निदेशालय कार्यालय उत्तर प्रदेश नियत तिथि पर नहीं पहुंचे थे। इसके पूर्व भी आयोग द्वारा जारी आदेश 2-9-2025,11-11-2025 एवं 21-1-2026 का अनुपालन नहीं किया गया था।

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Friday, April 24, 2026

पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट से बढ़ेगी किसानों की आय- उप कृषि निदेशक

वाराणसी: युगों-युगों से कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही है और इस रीढ़ को मजबूत करने का कार्य समय-समय पर  हमारे किसान भाइयों ने किया है।यहां पर खेती व लघु उद्योग धंधे एक दूसरे के सहयोग से ही आगे बढ़े हैं।किसानों की आमदनी बढ़ाने में औद्यानिक फसलों  के योगदान को भी भुलाया नहीं जा सकता लेकिन जानकारी व जागरूकता के अभाव में फलों एवं सब्जियों के उत्पादन से लेकर बाजार तक पहुंचाने में लगभग 22 प्रतिशत की क्षति हो जाती है।यदि हमें ऐसी क्षति को रोकना है तो "पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट" को अपनाते हुए किसानों को जागरूक करना होगा जिससे उनकी आमदनी को बढ़ाया जा सके।


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उक्त सलाह उप कृषि निदेशक अमित कुमार जायसवाल ने बृहस्पतिवार को चोलापुर विकास खण्ड के बबियांव गांव में स्थापित एफपीओ कार्यालय परिसर में पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में उपस्थित लोगों को दी। बतौर मुख्य अतिथि कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशाला का आयोजन किसानों के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है जो किसानों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने व  उनकी आमदनी को बढ़ाने में सहायक होगा।

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जिला उद्यान अधिकारी सुभाष कुमार ने किसानों को होने वाले पोस्ट हार्वेस्ट लॉस (कटाई के बाद होने वाले नुकसान) को कम करने के विभिन्न उपायों पर विस्तार से चर्चा की। समुन्नति फाउंडेशन एवं मारिको इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में  बेहतर भंडारण व्यवस्था, आधुनिक ग्रेडिंग एवं सॉर्टिंग तकनीकों का उपयोग, कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास,किसानों का बाजार से सीधे जुड़ाव बढ़ाने पर जोर दिया गया। कार्यशाला का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना तथा कृषि उत्पादों के नुकसान को न्यूनतम करना था। सभी प्रतिभागियों ने इस दिशा में मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।

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पूर्ना पुष्कला सीईओ, निहार प्रियदर्शी,अरविंद सिंह,अनुराग, सुरंजना घोष,वर्तिका,आरुषी,रोहिणी,तृषा, क्षितिज अंकित आदि अधिकारी के साथ ही खण्ड तकनीकी प्रबंधक देवमणि त्रिपाठी,शैलेंद्र रघुवंशी,फौजदार यादव,सौरभ रघुवंशी, शिवकुमार  यादव आदि उपस्थित  रहे।

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