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Monday, October 12, 2026

जौनपुर में पूर्व ग्राम प्रधान के भाई की हत्या, स्कूल परिसर में मिला शव

जौनपुर: जिले के सुजानगंज थाना क्षेत्र के हिम्मतनगर में पूर्व ग्राम प्रधान के भाई ओमप्रकाश मिश्र उर्फ पप्पू मिश्र (55) की हत्या का मामला सामने आया है। सोमवार सुबह उनका शव एक स्कूल परिसर में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है। उन्होंने हत्याकांड का जल्द खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।


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मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह हिम्मतनगर स्थित स्कूल परिसर में ओमप्रकाश मिश्र का शव मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। इसके बाद परिजन शव को घर पर रखकर हत्याकांड के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। परिजनों की मांग है कि पुलिस जल्द से जल्द मामले का खुलासा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे।

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वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह और वारदात में शामिल लोगों के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस जांच और हत्याकांड के खुलासे पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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Saturday, October 10, 2026

मवैया तालाब की जमीन पर विवाद, नगर निगम के लेखपाल के दावे से ग्रामीणों में नाराजगी

वाराणसी: सारनाथ आशापुर रोड स्थित पुराने आरटीओ कार्यालय के पास मवैया तालाब की जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर पहुंचे नगर निगम के लेखपाल ने उक्त स्थल को तालाब मानने से इनकार करते हुए इसे भूमिधरी जमीन बताया। वहीं, ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित आराजी संख्या 192/1 में तालाब मौजूद है, जिसका उपयोग लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए किया जाता रहा है।



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ग्रामीणों के अनुसार, मौके पर एक व्यक्ति मेहता और उनके साथ एक अधिकारी भी पहुंचे थे। इस दौरान नगर निगम के लेखपाल भी मौजूद रहे। लेखपाल की ओर से जमीन को तालाब के बजाय भूमिधरी बताए जाने के बाद विवाद और गहरा गया। ग्रामीणों ने इस मामले में नगर निगम के लेखपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, जमीन की वास्तविक स्थिति राजस्व अभिलेखों और आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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धार्मिक आयोजनों के लिए होता है तालाब का इस्तेमाल

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थल पर लंबे समय से दसवां संस्कार, पिंडदान, मूर्ति विसर्जन, छठ पूजा और जिउतिया जैसे धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। ऐसे में जमीन की स्थिति को लेकर उठे विवाद से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर तालाब की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

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जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट: एसडीएम

इस संबंध में उपजिलाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराने के बाद ही कोई स्पष्ट जवाब दिया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यदि जांच में जमीन तालाब की पाई जाती है, तो उसके सुंदरीकरण का कार्य कराया जाएगा। वहीं, यदि जमीन किसी की भूमिधरी पाई जाती है, तो नियमानुसार संबंधित पक्ष अपने हिसाब से कार्य कर सकता है।

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अब जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

मवैया तालाब को लेकर उठे विवाद के बीच अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि और जमीन की वास्तविक स्थिति का निर्धारण राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद ही हो सकेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और ग्रामीणों की शिकायत का समाधान हो पाता है या नहीं। मौके पर मुलायम यादव, अभय पांडेय, घनश्याम राजभर, सुनील कुमार, सोनू यादव, रामजी राजभर, मोनू यादव, सियाराम यादव और कुलुर यादव सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

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चिरईगांव में ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम का आयोजन, रंगोली प्रदर्शनी में दिखीं सरकारी योजनाएं

वाराणसी: विकासखंड चिरईगांव स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) में सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ थीम पर रंगोली प्रदर्शनी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्राकृतिक रंगों, अनाजों, फूलों और पत्तियों से तैयार आकर्षक रंगोलियों के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया। खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति सिंह ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।


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रंगोलियों के जरिए योजनाओं के प्रति किया जागरूक

प्रदर्शनी में बेसिक शिक्षा विभाग और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के बीच समन्वय देखने को मिला। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और बच्चों ने मिलकर प्राकृतिक रंगों, विभिन्न प्रकार के अनाजों, ताजे फूलों और पत्तियों से रंगोलियां बनाईं। इनके माध्यम से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के स्वरूप और प्रतीक चिह्नों को कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी में तैयार रंगोलियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। आयोजन का उद्देश्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सरकारी योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और विभागीय समन्वय को प्रोत्साहित करना रहा।

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प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चे सम्मानित

मुख्य अतिथि पूनम मौर्य ने बच्चों, शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां समाज को जागरूक करने और बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस अवसर पर ‘प्रकृति ही भक्ति है’ विषय पर आयोजित निबंध, भाषण और चित्रकला प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मिशन शक्ति एवं मीना मंच से जुड़े छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।

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अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव, भाजपा मंडल अध्यक्ष शशिकांत कुशवाहा, मंत्री रेखा चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, अनुदेशक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विज्ञान विषय की एआरपी रश्मि त्रिपाठी ने किया। अंत में खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति सिंह ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, शिक्षकों और बच्चों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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Friday, October 09, 2026

औषधीय गुणों की खान श्रीअन्न की खेती करें किसान-सुनील पटेल

वाराणसी: किसान कृषि की आधुनिक तकनीकों को अपनाकर मिलेट्स (श्रीअन्न) की खेती करें तो निश्चित रूप से उनकी आमदनी में बढ़ोत्तरी हो सकती है। विभिन्न प्रकार के मिलेट्स न सिर्फ औषधीय गुणों की खान हैं बल्कि अपेक्षाकृत कम पानी व कम उर्वरक में इनकी खेती आसानी से की जा सकती हैं ऐसे में किसान मिलेट्स की खेती को अपनाकर अपनी आय बढ़ाएं। उक्त सलाह बृहस्पतिवार को कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर (मिर्जामुराद) में कृषि विभाग द्वारा आयोजित "मिलेट्स महोत्सव एवं किसान मेला" में रोहनिया विधायक सुनील पटेल ने उपस्थित किसानों को दी। 


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मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की मौजूदा सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए संकल्पित एवं समर्पित है। ऐसे में किसान भाई सरकार द्वारा संचालित कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाएं।उन्होंने मिलेट्टस महोत्सव में विभिन्न संस्थाओं व कंपनियों की ओर से लगाए गये स्टालों का निरीक्षण भी किया।

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उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल के दिशा निर्देशन में आयोजित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत मिलेट्स की उन्नति हेतु जागरूकता कार्यक्रम अंतर्गत जनपद स्तरीय "मिलेट्स महोत्सव एवं किसान मेला" के तकनीकी सत्र में कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डा.मनीष पाण्डेय, डा.अमितेश सिंह, डा.पूजा सिंह ने किसानों को कृषि, उद्यान, पशुपालन,मिलेट्स के खेती की उन्नति तकनीक पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गयी। कार्यक्रम को जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी अशोक यादव, वरिष्ठ वैज्ञानिक एनके सिंह आदि ने भी सम्बोधित किया।

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 जनपद स्तरीय एक दिवसीय मिलेट्स महोत्सव एवं किसान मेले में लोक गायकों ने भोजपुरी गीतों व लोक गीतों के माध्यम से मृदा परीक्षण, जल संरक्षण, फसल सुरक्षा, मिलेट्स के औषधीय गुणों का बखान किया जो किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।

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जनपद स्तरीय मिलेट्स महोत्सव में निजी संस्थाओं द्वारा लगाया गया मिलेट्स एवं उनके उत्पाद का स्टाल किसानों के आकर्षण का केंद्र रहा।कृषि विभाग,कृषि रक्षा,मृदा परीक्षण के स्टाल पर भी किसानों की भीड़ लगी रही। इस दौरान कृषि विभाग के कर्मचारियों के साथ ही जनपद के सभी विकास खण्डों से भारी संख्या में किसानों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक मृदा परीक्षण स्नेह प्रभा एवं जिला कृषि अधिकारी ने संयुक्त रूप से किया। धन्यवाद एवं आभार ज्ञापन कृषि वैज्ञानिक एन.के.सिंह ने किया।

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Sunday, September 20, 2026

‘सपनों का भारत’ विषय पर प्रश्न, कला और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

वाराणसी: विकास खण्ड चिरईगांव में सेवा संकल्प अभियान कार्यक्रम के अंतर्गत ‘सपनों का भारत’ विषय पर प्रश्न प्रतियोगिता, कला प्रतियोगिता एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विकास खंड के विभिन्न विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 9 से 12 के विद्यालय स्तर पर विजेता रहे विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।


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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व ब्लॉक प्रमुख/प्रशासक अभिषेक सिंह ने प्रतिभागी बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।

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आयोजित प्रतियोगिताओं में कुल 25 विद्यार्थी विजेता रहे। मंचासीन पूर्व ब्लॉक प्रमुख/प्रशासक एवं अधिकारियों ने विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं स्टेशनरी प्रदान कर सम्मानित किया और उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में खण्ड विकास अधिकारी/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिया सैनी, प्रीति सिंह खंड शिक्षा अधिकारी बद्री प्रसाद, शिक्षकगण एवं अभिभावक मौजूद रहे।

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कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीष कुमार कुशवाहा ने किया। प्रतियोगिता के आयोजन में उमेश त्रिपाठी की भूमिका रही, जबकि मूल्यांकन कार्य राजेंद्र यादव एवं महेंद्र प्रसाद ने किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने प्रश्न, कला और भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से ‘सपनों के भारत’ की अपनी कल्पनाओं और विचारों को प्रस्तुत किया।

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Friday, September 18, 2026

पैसा पूरा, आवास अधूरा; जिम्मेदार कौन?

वाराणसी: विकास खंड चिरईगांव की ग्रामसभा पुरनपट्टी में मुख्यमंत्री वनवासी आवास योजना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि वर्ष 2023-24 में तीन वनवासी लाभार्थियों को आवास स्वीकृत किए गए, लेकिन वर्षों बाद भी आवास पूर्ण नहीं हो सके। इसके बावजूद लाभार्थियों को आवास की पूरी धनराशि और मजदूरी का भुगतान किए जाने की बात सामने आई है।




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जानकारी के मुताबिक, मेवा वनवासी, सेवा वनवासी और रमेश वनवासी को मुख्यमंत्री वनवासी आवास योजना के तहत आवास का लाभ मिला था। लेकिन मौके की स्थिति को लेकर सवाल यह है कि इन आवासों का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ है। खासतौर पर तीनों आवासो में अभी तक छत का निर्माण नहीं होने की बात सामने आई है। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल सरकारी व्यवस्था पर खड़ा होता है। आवास निर्माण की प्रगति की निगरानी ग्राम पंचायत सचिव, सेक्टर प्रभारी और खंड विकास अधिकारी स्तर से किए जाने की व्यवस्था बताई जाती है। वहीं निर्माण की विभिन्न अवस्थाओं पर जियो टैगिंग भी की जाती है।

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ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब आवास मौके पर पूर्ण नहीं हुआ तो उसकी निर्माण प्रगति किस आधार पर दर्ज हुई और भुगतान की प्रक्रिया कैसे पूरी हो गई? अगर वास्तव में आवास अधूरे हैं और पूरी धनराशि का भुगतान हो चुका है, तो इसकी जिम्मेदारी सिर्फ लाभार्थियों की है या निगरानी और सत्यापन करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए यह जांच का विषय है। आवास योजना में निर्माण की प्रगति को दर्ज करने के लिए अलग-अलग चरणों में जियो टैगिंग की जाती है। ऐसे में यह मामला और भी गंभीर सवाल खड़े करता है कि जियो टैगिंग में आवास की वास्तविक स्थिति क्या दर्ज की गई थी? यदि जियो टैगिंग के दौरान आवास अधूरा था, तो भुगतान आगे कैसे बढ़ा? और यदि जियो टैगिंग में निर्माण पूर्ण दिखाया गया, तो मौके पर आवास अधूरा क्यों मिला? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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मामले को लेकर जब खंड विकास अधिकारी/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिया सैनी से जानकारी ली गई तो उन्होंने प्रारंभ में कहा कि लाभार्थियों को पैसा मिल चुका है और यदि उन्होंने आवास नहीं बनवाया तो विभाग क्या कर सकता है। हालांकि, जब उन्हें आवास की वास्तविक स्थिति और भुगतान से संबंधित पूरी जानकारी से अवगत कराया गया तो उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही। अब सवाल यह है कि जांच में क्या सामने आता है? क्या लाभार्थियों को भुगतान के बावजूद आवास निर्माण पूरा नहीं कराने के लिए जिम्मेदार माना जाएगा, या भुगतान और सत्यापन की प्रक्रिया में भी किसी स्तर पर लापरवाही सामने आएगी?

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मुख्यमंत्री वनवासी आवास योजना का उद्देश्य जरूरतमंद वनवासी परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि धनराशि का भुगतान हो जाने के बावजूद आवास अधूरे हैं, तो मामला केवल एक अधूरे मकान का नहीं बल्कि सरकारी धन के उपयोग और निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता का भी है। अब देखना होगा कि जांच के बाद विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और आवास अधूरे रहने तथा भुगतान की प्रक्रिया में जिम्मेदारी किसकी तय होती है?

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Wednesday, September 16, 2026

पुरनपट्टी के कुछ ग्रामीणों ने छाही सबस्टेशन के लिए 33kV बिजली लाइनें बिछाने का काम रोका

वाराणसी: विकास खण्ड चिरईगांव में बिजली विभाग के द्वारा छाही उपकेंद्र के लिए लेढूपुर विद्युत उपकेंद्र से 33केवी की हाईटेंशन तार खींचने का कार्य चल रहा था। 



पुरनपट्टी गाँव में मंगलवार को बिजली के खम्भे गाड़ने का कार्य हो रहा था। जिसको वहा के कतिपय ग्रामीणों ने कार्य रुकवा दिया। तनाव के चलते मौकेपर चौबेपुर थाना की पुलिस के साथ एक गाड़ी पीएसी भी पहुंच गयी। उसके बाद भी ग्रामीणों का विरोध जारी रहा और बिजली विभाग को अंततः कार्य रुकवाना पड़ा। 


उपसंभागीय अधिकारी विद्युत वितरण चिरईगांव संतोष कुमार ने बताया कि गाँव के लोग 33केवी बिजली हाईटेंशन का तार खींचने के लिए पुरनपट्टी में गड्ढे खोदे जा रहे थे उसका ग्रामीणों ने विरोध किया और कहा कि अंडरग्राउंड केबिल ले जाइए मौके पर पुलिस भी पहुंची थी लेकिन नहीं माने और कार्य रुकवाना पड़ा मामला शांत होने के बाद आगे कार्य शुरू हो पाएगा।

Tuesday, September 01, 2026

जनता दर्शन में जिलाधिकारी ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं

वाराणसी: जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने कलेक्ट्रेट में जनता दर्शन के दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना। 



जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त प्रत्येक शिकायत का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ परीक्षण करते हुए गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, इसलिए किसी भी शिकायत के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न किया जाए।


उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर उसकी समस्या की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त करें तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शिकायत का संतोषजनक समाधान कराएं। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनता दर्शन में प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की नियमित समीक्षा की जाय।

Wednesday, August 26, 2026

शाकुंतलम सोसाइटी की पार्किंग में विवाद, हाथापाई और अभद्रता के आरोप; जांच की मांग

वाराणसी: शाकुंतलम सोसाइटी की पार्किंग में विवाद के दौरान कथित हाथापाई और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। सोसाइटी के सचिव की ओर से मामले को लेकर शिकायत करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।


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शिकायत के मुताबिक, सोसाइटी में किराये पर रहने वाले नितिन धाकते के संबंध में आरोप है कि पार्किंग परिसर में विवाद के दौरान उनके द्वारा कथित रूप से हाथापाई की गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सोसाइटी के एक निवासी एवं डॉक्टर के साथ अभद्र व्यवहार तथा मारपीट की घटना सामने आई।

मामले को लेकर सोसाइटी के निवासियों के बीच भी चिंता जताई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा अपने पद अथवा प्रभाव का हवाला देते हुए अन्य निवासियों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

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CCTV फुटेज से सामने आ सकता है पूरा घटनाक्रम

सोसाइटी सचिव ने प्रबंधन से मांग की है कि पार्किंग परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज सुरक्षित कर उसकी जांच की जाए। इसके साथ ही घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लेकर पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने लाई जाए। शिकायत में कहा गया है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो सोसाइटी के नियमों के अनुसार संबंधित व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो।

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निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई

मामले में फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्य इस विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। सोसाइटी प्रबंधन के सामने अब चुनौती यह है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए और यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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Monday, August 24, 2026

ओडिशा के पास कार्गो शिप डूबने से हड़कंप, 22 लोग लापता; 2 नाविकों का रेस्क्यू, सर्च ऑपरेशन जारी

नई दिल्ली: ओडिशा तट से 200 नॉटिकल मील से ज्यादा दूर पनामा के झंडे वाला कार्गो शिप MV Ocean Winner समुद्र में डूब गया। जहाज पर कुल 24 लोग सवार थे, जिनमें से 22 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।


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हादसे की सूचना मिलते ही भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड ने बड़े स्तर पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। नौसेना के P-8I समुद्री निगरानी विमान ने समुद्र में लाइफ राफ्ट का पता लगाया।

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इसके बाद पास में मौजूद एक जहाज की मदद से दो नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया। वहीं बाकी 22 लोगों की तलाश के लिए समुद्री क्षेत्र में लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

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फिलहाल हादसे के कारणों की जानकारी सामने नहीं आई है। भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।

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Wednesday, August 12, 2026

वादों का ट्रॉमा सेंटर हवा में, ब्लॉक प्रमुख ने जमीन पर कर दिया काम!

वाराणसी: विकास खंड चिरईगांव में इन दिनों एक सवाल तेजी से चर्चा में है पांच साल में किसने ज्यादा काम किया और किसके हिस्से में सिर्फ वादे आए? एक तरफ शिवपुर विधानसभा से कैबिनेट मंत्री एवं विधायक अनिल राजभर हैं, जिनके बड़े-बड़े विकास वादों को लेकर स्थानीय लोगों की उम्मीदें जुड़ी रहीं। दूसरी तरफ ब्लॉक प्रमुख अभिषेक कुमार सिंह हैं, जिनके कार्यकाल में विकास खंड परिसर से लेकर स्थानीय सुविधाओं तक कई कार्य कराए जाने का दावा किया जा रहा है।


अब सवाल यह है कि घोषणाओं और धरातल पर हुए काम के बीच आखिर कितना फासला है? कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को मिनी ट्रॉमा सेंटर बनाने का वादा साल बीते कई सालों से किया हुआ है लेकिन अभी तक इंतजार खत्म नहीं हुआ। इसीलिए चिरईगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को मिनी ट्रॉमा सेंटर बनाए जाने का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में है।

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स्थानीय लोगों के अनुसार, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने विधायक बनने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया था। उस दौरान इसे मिनी ट्रॉमा सेंटर बनाने की बात कही थी। बताया जाता है कि इसके बाद के दौरों में भी इस घोषणा को दोहराया गया। लेकिन सवाल वहीं खड़ा है कि घोषणा के बाद हुआ क्या?

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आपको बता दें कि दूसरा कार्यकाल भी समाप्ति की ओर है, लेकिन स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि प्रस्तावित मिनी ट्रॉमा सेंटर का निर्माण अब तक जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। यही वह बिंदु है जहां जनता के बीच सवाल उठता है कि अगर घोषणा इतनी महत्वपूर्ण थी तो वर्षों बाद भी काम शुरू क्यों नहीं हुआ?

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मंत्री का बड़ा वादा नहीं, ब्लॉक प्रमुख का छोटा काम दिखा

विडंबना देखिए जिस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को मिनी ट्रॉमा सेंटर बनाने की बात कही गई थी, उसी परिसर में मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों की सुविधा के लिए इंटरलॉकिंग का कार्य ब्लॉक प्रमुख अभिषेक कुमार सिंह की ओर से कराया गया।यानी एक तरफ मिनी ट्रॉमा सेंटर जैसी बड़ी घोषणा का इंतजार, तो दूसरी तरफ उसी स्वास्थ्य केंद्र में आने-जाने की बुनियादी सुविधा को दुरुस्त करने का काम। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में रास्ते की स्थिति सुधरने से मरीजों, कर्मचारियों और अधिकारियों को सुविधा मिली है।

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बैठक कक्ष के पंखे भी बने सियासत का आईना

चिरईगांव विकास खंड के बैठक कक्ष में पंखे लगवाने का मामला भी अब चर्चा में है। बताया जा रहा है कि बैठक कक्ष में पंखे लगवाने का आश्वासन कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर की ओर से दिया गया था। लेकिन स्थानीय दावे के मुताबिक, यह काम भी अंततः ब्लॉक प्रमुख अभिषेक कुमार सिंह द्वारा कराया गया। यहां सवाल सिर्फ पंखे लगाने का नहीं है। सवाल यह है कि जिस काम का वादा जनप्रतिनिधि ने किया, उसे पूरा करने की जिम्मेदारी आखिर किसी दूसरे जनप्रतिनिधि को क्यों उठानी पड़ी?

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घोषणाओं की फाइल मोटी या विकास की जमीन?

चिरईगांव में अब बहस इस बात पर नहीं है कि किसने कितने वादे किए। असली सवाल यह है कि किसके वादे कितने काम में बदले? ब्लॉक प्रमुख के समर्थक पिछले पांच वर्षों में विकास खंड के कायाकल्प और विभिन्न विकास कार्यों को अपनी उपलब्धि बता रहे हैं। वहीं मंत्री के समर्थकों के पास भी अपने विकास कार्यों और स्वीकृत परियोजनाओं का हिसाब हो सकता है।

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लेकिन जनता के बीच सबसे बड़ा पैमाना एक ही है कि काम दिखाई दे रहा है या नहीं? जनता के सवाल का जवाब कौन देगा? यदि मिनी ट्रॉमा सेंटर की घोषणा हुई थी तो उसकी वर्तमान स्थिति क्या है? क्या उसका प्रस्ताव स्वीकृत हुआ? बजट जारी हुआ या नहीं? भूमि और निर्माण की प्रक्रिया कहां तक पहुंची? और यदि योजना आगे नहीं बढ़ी तो इसकी वजह क्या रही? इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग और स्वयं मंत्री की ओर से सामने आना चाहिए। क्योंकि चुनावी मंच से किया गया वादा जब वर्षों बाद भी जमीन पर नजर नहीं आता, तो जनता सवाल पूछती है। घोषणा किसलिए थी और इंतजार कब तक?

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चिरईगांव की तस्वीर फिलहाल यही कहानी कहती नजर आती है एक तरफ बड़े वादे, दूसरी तरफ छोटे लेकिन दिखाई देने वाले काम। अब फैसला जनता को करना है कि उसके लिए वादे महत्वपूर्ण हैं या विकास का जमीन पर दिखाई देना। “मंत्री के वादे फाइलों में, ब्लॉक प्रमुख के काम जमीन पर! चिरईगांव में पांच साल के विकास का हिसाब मांग रही जनता”

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Saturday, August 08, 2026

अईली में फिर सामने आया ग्रामप्रधान के लेटरपैड के कथित दुरुपयोग का मामला, पहले भी दर्ज हो चुकी है FIR

वाराणसी: चिरईगांव विकासखंड की अईली ग्राम सभा में ग्रामप्रधान/प्रशासक के लेटरपैड के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। ग्रामप्रधान का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा उनके लेटरपैड का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से आय और जाति प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।

ग्रामप्रधान/प्रशासक रामफेर के मुताबिक, हाल ही में वीरेंद्र कुमार के नाम से एक आय प्रमाणपत्र जारी किया गया है। उनका दावा है कि उक्त प्रमाणपत्र पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा भी कुछ अन्य आय और जाति प्रमाणपत्र उनके लेटरपैड पर जारी किए गए हैं, जिन पर न तो उनका हस्ताक्षर है और न ही तारीख दर्ज है।

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पहले भी दर्ज कराई थी FIR

रामफेर ने बताया कि कुछ महीने पहले भी इसी तरह ग्रामप्रधान के लेटरपैड के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया था। उस मामले में उन्होंने एक व्यक्ति के खिलाफ चौबेपुर थाने में FIR दर्ज कराई थी। उस समय उन्होंने मामले के पीछे चुनावी रंजिश होने का आरोप लगाया था। अब दोबारा इसी तरह के दस्तावेज सामने आने के बाद ग्रामप्रधान ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच की मांग की है।

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विरोधियों पर लगाया फंसाने का आरोप

ग्रामप्रधान रामफेर का आरोप है कि चुनाव में उनके विरोध में रहे कुछ लोग उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके नाम और लेटरपैड का गलत इस्तेमाल कर ऐसे दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं, जिनसे उनकी छवि और पद को नुकसान पहुंच सकता है।

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उन्होंने कहा कि पूरे मामले की शिकायत शासन और प्रशासन से की जाएगी और फर्जीवाड़े की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, प्रमाणपत्रों के फर्जी होने और उन्हें जारी करने वालों के संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

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Tuesday, July 21, 2026

बाबतपुर एयरपोर्ट पर फर्जी भारतीय पासपोर्ट के साथ अफगान नागरिक पकड़ा गया, फूलपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार

वाराणसी: लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर पर इमिग्रेशन जांच के दौरान एक अफगान नागरिक को फर्जी भारतीय पासपोर्ट के जरिए विदेश यात्रा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपी कई वर्षों से कथित तौर पर अवैध रूप से भारत में रह रहा था।


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जानकारी के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट संख्या IX-183 (वाराणसी-शारजाह) की प्रस्थान इमिग्रेशन जांच के दौरान ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (BoI) के अधिकारियों ने भारतीय पासपोर्ट संख्या Y8558322 पर यात्रा कर रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका।

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पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन में पता चला कि उक्त व्यक्ति की वास्तविक पहचान अब्दुल रहमान ताराकी, निवासी अफगानिस्तान, के रूप में हुई। आरोप है कि उसने अपनी असली पहचान छिपाकर रहमान शाह नाम से धोखाधड़ीपूर्वक भारतीय पासपोर्ट बनवाया था।

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जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अफगान पासपोर्ट संख्या P0158154 के आधार पर मेडिकल अटेंडेंट वीजा पर 6 जनवरी 2019 को भारत आया था। उसका वीजा 5 अप्रैल 2019 को समाप्त हो गया था, लेकिन इसके बावजूद वह भारत में रुका रहा और कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पहचान हासिल कर ली।

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इस संबंध में थाना फूलपुर पुलिस द्वारा संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस और अन्य एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किन लोगों की भूमिका रही।

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Thursday, July 09, 2026

बैंक्विट हॉल और मैरिज लॉन संचालकों को 15 दिन में नक्शा जमा करने के निर्देश

वाराणसी: शहर में संचालित बैंक्विट हॉल एवं मैरिज लॉन को मानक अनुरूप संचालित करने के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने सख्ती दिखाई है। बुधवार को वीडीए सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्र ने सभी संचालकों को 15 दिनों के भीतर अपना कंपाउंडिंग नक्शा अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।




उन्होंने कहा कि प्रस्तुत प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर एक सप्ताह के भीतर स्वीकृति प्रदान की जाएगी, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या विधिक समस्या न उत्पन्न हो। बैठक उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के निर्देश पर आयोजित की गई थी। बैठक में जोन-1 से जोन-5 तक के अधिकारियों ने बताया कि कई बैंक्विट हॉल और मैरिज लॉन बिना स्वीकृत मानचित्र के संचालित हो रहे हैं। कई स्थानों पर पार्किंग, प्रवेश-निकास व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा मानकों में भी कमी पाई गई है।

सचिव डॉ. मिश्र ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रतिष्ठान के पास स्वीकृत मानचित्र होना अनिवार्य है और अग्निशमन की सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह क्रियाशील रहनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अग्नि सुरक्षा केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले पांच से सात वर्षों में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों और रिंग रोड के किनारे बड़ी संख्या में बैंक्विट हॉल स्थापित हुए हैं, जहां भवन उपविधियों का पालन नहीं हो रहा है। नगर नियोजक प्रभात कुमार ने संचालकों से सभी मानकों का पालन करने की अपील की।

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बैठक के अंत में संचालकों को भवन उपविधियों, पार्किंग, अग्निशमन सुरक्षा और अन्य तकनीकी मानकों की जानकारी दी गई। संचालकों ने भी सभी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने का आश्वासन दिया। वीडीए ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य शहर में सुरक्षित और सुव्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित करना है।

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Wednesday, July 08, 2026

सीएम योगी के दौरे से पहले वाराणसी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी,सड़क किनारे खड़े वाहन हटवाए गए

वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दिवसीय वाराणसी दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए थाना लालपुर-पांडेयपुर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया।प्रभारी निरीक्षक थाना लालपुर-पांडेयपुर अतुल सिंह एवं पांडेयपुर चौकी प्रभारी दिनेश सिंह ने पुलिस टीम के साथ सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटवाया तथा लोगों से निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने की अपील की।


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अभियान के दौरान पुलिस ने मार्गों को अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग से मुक्त कराया ताकि मुख्यमंत्री के भ्रमण कार्यक्रम के दौरान यातायात सुचारु रहे और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पूरे क्षेत्र में पुलिस की सतर्कता और निगरानी लगातार बढ़ाई गई है।

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Monday, July 06, 2026

करोड़ों की निवेश ठगी पर वाराणसी पुलिस का बड़ा एक्शन! कार्यक्रम में पहुंचे ACP, मंच छोड़कर भागे कंपनी के पदाधिकारी

वाराणसी: करोड़ों रुपये की कथित निवेश धोखाधड़ी के मामले में वाराणसी पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नागरी नाटक मंडली में आयोजित मेडलियन ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड* के कार्यक्रम को बीच में ही रुकवा दिया। आर्थिक धोखाधड़ी की शिकायत मिलने पर ACP साइबर क्राइम विदुष सक्सेना पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस के पहुंचते ही कंपनी से जुड़े कई पदाधिकारी कार्यक्रम स्थल छोड़कर फरार हो गए, जबकि मौजूद निवेशकों और अन्य लोगों से पूछताछ की गई।


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पुलिस आयुक्त को दी गई शिकायत के अनुसार कंपनी ने नेटवर्क मार्केटिंग के जरिए लोगों को जोड़कर 10 से 20 महीने में निवेश की रकम दोगुनी करने, सोना, कैशबैक और विदेश यात्रा जैसे आकर्षक ऑफर का लालच देकर करोड़ों रुपये का निवेश कराया। आरोप है कि शुरुआती दौर में कुछ लोगों को भुगतान कर भरोसा बनाया गया, लेकिन बाद में भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया।

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शिकायतकर्ता भगवान सिंह राठौर ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2023 में कंपनी की योजनाओं में निवेश किया था और अपने माध्यम से कई लोगों को भी जोड़ा। उनके अनुसार उनकी टीम का करीब 90 लाख रुपये और 300 ग्राम सोना कंपनी के पास बकाया है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने कई मामलों में जीएसटी बिल जारी नहीं किए और टीडीएस काटने के बावजूद उसे सरकार के खाते में जमा नहीं कराया।

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शिकायत मिलते ही ACP साइबर क्राइम विदुष सक्सेना पुलिस टीम के साथ नागरी नाटक मंडली पहुंचे और कार्यक्रम को तत्काल रुकवा दिया। मौके पर मौजूद निवेशकों और कंपनी से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस का मानना है कि समय रहते कार्रवाई होने से कई अन्य लोग संभावित आर्थिक नुकसान से बच गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कंपनी के दस्तावेज, निवेश योजनाएं, बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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वाराणसी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता, पंजीकरण और विश्वसनीयता की पूरी जांच करें। यदि कोई संस्था पैसा दोगुना करने या असामान्य रिटर्न का दावा करती है तो सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।

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वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा काशी की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा नया आयाम

वाराणसी: भारतीय संस्कृति, संगीत, नृत्य एवं ललित कलाओं की गौरवशाली परंपरा को पुनर्जीवित करने तथा काशी को वैश्विक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा रविदास पार्क स्थित आनंद कानन में "आनंद कानन कला गुरुकुल" की अभिनव एवं ऐतिहासिक संकल्पना को विकसित किया जा रहा है।


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यह गुरुकुल केवल एक प्रशिक्षण संस्थान नहीं होगा, बल्कि भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों एवं कला-साधना पर आधारित एक समग्र सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा, जहाँ संगीत, नृत्य, वादन, नाट्य एवं चित्रकला जैसी विविध भारतीय कलाओं का प्रशिक्षण प्राचीन भारतीय परंपरा के अनुरूप प्रदान किया जाएगा।

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इस महत्त्वपूर्ण परियोजना को मूर्त रूप देने में वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। परियोजना की सांस्कृतिक एवं स्थापत्य परिकल्पना प्रख्यात कलाकार मनीष खत्री द्वारा तैयार की गई है। साथ ही सुबह-ए-बनारस आनंद कानन के रत्नेश वर्मा सहित अनेक कला गुरुओं के सहयोग से यह अभिनव सांस्कृतिक संकल्पना साकार रूप ले रही है। प्रस्तावित परिसर का विकास वैदिक गुरुकुल ग्राम की अवधारणा पर किया जा रहा है, जहाँ प्राकृतिक वातावरण, भारतीय स्थापत्य शैली एवं आध्यात्मिक परिवेश का समन्वय होगा। गंगा तट के समीप स्थित यह परिसर विद्यार्थियों एवं कलाकारों को भारतीय संस्कृति के जीवंत अनुभव के साथ कला-साधना का अनूठा अवसर प्रदान करेगा।

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गुरुकुल में शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय संगीत, लोकसंगीत, कथक, शास्त्रीय एवं लोकनृत्य, विभिन्न वाद्ययंत्रों का प्रशिक्षण, नाट्यकला, चित्रकला, छायाचित्र प्रदर्शनी एवं कार्यशालाओं सहित अनेक विधाओं का समग्र प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कला प्रदर्शनियों एवं कार्यशालाओं के माध्यम से कलाकारों को व्यापक मंच भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल कुशल कलाकार तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे सांस्कृतिक दूतों का निर्माण करना है जो विश्व मंच पर भारतीय संस्कृति, परंपरा एवं सनातन जीवन मूल्यों का प्रभावी प्रतिनिधित्व कर सकें।

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वाराणसी विकास प्राधिकरण का विश्वास है कि "आनंद कानन कला गुरुकुल" भविष्य में न केवल काशी बल्कि सम्पूर्ण भारत की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र बनेगा तथा देश-विदेश के विद्यार्थियों, कलाकारों एवं शोधार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र सिद्ध होगा। यह पहल काशी की सनातन सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करते हुए भारतीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

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Friday, June 26, 2026

तोफापुर में बंजर भूमि की पैमाइश, अवैध कब्जे हटाने की चेतावनी

वाराणसी: चिरईगांव विकासखंड के ग्राम सभा तोफापुर के कोच्चि क्षेत्र में गुरुवार को राजस्व विभाग की टीम ने बंजर भूमि एवं सार्वजनिक रास्ते की पैमाइश की। यह कार्रवाई राजस्व विभाग के लेखपाल अंकित श्रीवास्तव के नेतृत्व में की गई।

पैमाइश के दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राहुल यादव, पूर्व बीडीसी छोटू राजभर, झामु राजभर, रुक्मिणा देवी, मुनिया, छोटेलाल राजभर, राजेश राजभर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। लेखपाल अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि पैमाइश में बंजर भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि शंकरपुर निवासी हीरा यादव, सोनी, शबाना बानो और सितारा देवी द्वारा बंजर भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की बात सामने आई है।

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राजस्व विभाग की ओर से संबंधित लोगों को स्वेच्छा से अवैध कब्जा हटाने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय के भीतर कब्जा नहीं हटाया गया, तो राजस्व एवं अन्य संबंधित कानूनों के तहत विधिक कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया जाएगा। राजस्व विभाग का कहना है कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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Thursday, June 25, 2026

खबर का असर: उमरहा वनवासी बस्ती और बाजार पहुंची जल निगम की टीम, जेई ने किया स्थलीय निरीक्षण

वाराणसी: विकास खण्ड के उमरहा ग्रामसभा के वनवासी बस्ती और बाजार क्षेत्र में पेयजल समस्या को लेकर पूर्वांचल खबर में प्रकाशित खबर का असर देखने को मिला है। पूर्वांचल खबर में खबर प्रकाशित होने के बाद जल निगम के जूनियर इंजीनियर (जेई) आशुतोष सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जेई आशुतोष सिंह ने वनवासी बस्ती एवं बाजार क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था, पाइपलाइन की स्थिति तथा पेयजल से जुड़ी समस्याओं का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

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ग्रामीणों ने जल निगम अधिकारियों को क्षेत्र में व्याप्त पेयजल संकट और अधूरे कार्यों से अवगत कराया। इस दौरान अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रकाशित होने के बाद विभागीय अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से उन्हें उम्मीद जगी है कि यकीन लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का जल्द समाधान होगा।

एआई सचिव जी का शुभारंभ, पंचायतों में डिजिटल सुशासन को मिलेगी नई गति

वाराणसी: पिरामल फाउंडेशन की ओर से विकसित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म एआई सचिव जी का शुभारंभ सोमवार को आयुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, जिला पंचायती राज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा तथा प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने संयुक्त रूप से पोस्टर दिखा कर किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। 




उन्होंने कहा कि एआई सचिव जी के माध्यम से ग्राम पंचायतों से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी, शासन की गाइडलाइन के अनुरूप आवश्यक सूचनाएं लिखित एवं मौखिक रूप में प्राप्त की जा सकेंगी। साथ ही बैठकों की कार्यवाही, रिपोर्ट तैयार करने तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों को सरल, त्वरित और समयबद्ध बनाने में भी यह प्लेटफॉर्म सहायक सिद्ध होगा। मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल ग्राम पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों को तकनीकी सहायता, सरकारी योजनाओ की जानकारी मिलेगी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सुविधा होगी। 


जिला पंचायती राज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा ने कहा कि पंचायतों में आधुनिक तकनीक का समावेश समय की आवश्यकता है। एआई सचिव जी के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को त्वरित जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों बढ़ेंगी। प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से पंचायतों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी तथा ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी। इस अवसर पर पिरामल फाउंडेशन की कोर टीम के सदस्य विंग कमांडर जैनेंद्र कुमार पाठक ने बताया की यह एप्लिकेशन एआई सचिव जी हर वक्त आपके असिस्टेंट के रूप में मौजूद रहेगा जो ग्राम प्रधान को हर सम्भव मदद करेगा, सभी ब्लाक में इसका कार्यशाला आयोजित होगी ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग लाभ प्राप्त कर सकें, सीनियर प्रोग्राम मैनेजर बशारत, सीनियर प्रोग्राम मैनेजर संतोष सिंह तथा प्रोग्राम मैनेजर चन्द्रशेखर ने एआई सचिव की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। 
उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म पंचायत प्रतिनिधियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं एवं अन्य आवश्यक जानकारियों तक त्वरित पहुंच उपलब्ध कराएगा। कार्यक्रम के दौरान एआई सचिव जी का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया। इसमें बताया गया कि यह प्लेटफॉर्म पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं की जानकारी, आवश्यक दस्तावेज तैयार करने, बैठकों की कार्यवाही दर्ज करने तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में तत्काल सहायता प्रदान करेगा। 


उपस्थित ग्राम प्रधानों एवं अधिकारियों ने इसे सरल, उपयोगी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बताया।कार्यक्रम की अध्यक्षता पिरामल फाउंडेशन के सीनियर प्रोग्राम मैनेजर संतोष सिंह ने की, जबकि कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं समन्वय में साक्षी सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में पिरामल फाउंडेशन की ओर से सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर स्थानीय ग्राम प्रधान, प्रधान संघ के समस्त ब्लॉक अध्यक्ष, गांधी फेलो, पिरामल फाउंडेशन की टीम सहित बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।