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Thursday, May 28, 2026

अवैध बालू मंडी पर प्रशासन का बड़ा छापा, 68 वाहन सीज

वाराणसी: चौबेपुर थाना क्षेत्र के संदहा रिंग रोड के पास अवैध रूप से संचालित बालू मंडी पर बुधवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 ट्रक और 46 ट्रैक्टर समेत कुल 68 वाहनों को सीज कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

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जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर बाद उपजिलाधिकारी सदर नितिन सिंह, खनन अधिकारी प्रशांत शर्मा, राजस्व विभाग की टीम तथा एसीपी विदुष सक्सेना के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने मंडी पर छापेमारी की। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में बालू लदे ट्रक और ट्रैक्टर खड़े मिले। 

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जांच में कई वाहन बिना वैध प्रपत्रों के तथा नियमों के विपरीत संचालित पाए गए।संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 68 वाहनों को सीज कर पुलिस अभिरक्षा में खड़ा करा दिया। कार्रवाई के दौरान कई वाहन चालक मौके से फरार हो गए।

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एसीपी विदुष सक्सेना ने बताया कि क्षेत्र में अवैध खनन और अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

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उन्होंने बताया कि आरटीओ और परिवहन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच रहे हैं तथा सीजर की कार्रवाई जारी है। ऐसे में सीज वाहनों की संख्या और बढ़ सकती है। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस के जवान उपस्थित रहे।

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श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर आयुक्त ने पंचकोशी यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए

वाराणसी: दिनांक 25 मई 2026 को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल द्वारा शिवपुर स्थित पांचो पांडव मंदिर, धर्मशाला एवं पंचकोशी यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पंचकोशी यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।



नगर आयुक्त ने निर्देशित किया कि पंचकोशी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए यात्रा मार्ग एवं आसपास के क्षेत्रों में उत्कृष्ट साफ-सफाई व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से सुलभ शौचालयों की नियमित सफाई एवं स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकें।


निरीक्षण के दौरान धर्मशालाओं में ठहरने वाले यात्रियों के लिए भीषण गर्मी से राहत प्रदान करने हेतु कूलर एवं पंखों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी कहा गया कि कूलरों में समय-समय पर पानी भरने की व्यवस्था नियमित रूप से की जाए, जिससे श्रद्धालुओं को गर्मी के दौरान ठंडी हवा उपलब्ध हो सके।
नगर आयुक्त ने पंचकोशी यात्रा मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि रात्रि के समय श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी मार्ग प्रकाश व्यवस्थाएं पूर्ण रूप से क्रियाशील रहें।


इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकर उपलब्ध रखने एवं उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए। नगर निगम द्वारा पंचकोशी यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

Monday, May 25, 2026

अम्बा-मोकलपुर घाट पर नहीं बिछी लोहे की चादरें, तपती रेत पर चलने को मजबूर ग्रामीण

चिरईगांव: ढाब क्षेत्र के अम्बा-मोकलपुर घाट स्थित गंगासोता पर प्रांतीय लोक निर्माण विभाग द्वारा अब तक लोहे की चादरें नहीं बिछाए जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में लोगों को करीब 500 मीटर तपती रेत पर पैदल चलकर आवागमन करना पड़ रहा है।

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स्थानीय लोगों के अनुसार, मोकलपुर, गोबरहां और रामपुर गांव के लोगों के लिए जाल्हूपुर बाजार आने-जाने का यह मुख्य मार्ग है। विभाग द्वारा लोहे की चादरें सड़क किनारे लाकर रख दी गई हैं, लेकिन अब तक उन्हें गंगासोता पर बिछाया नहीं गया है। ग्रामीणों का कहना है कि दोपहर के समय रेत इतनी गर्म हो जाती है कि पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। 

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स्थानीय निवासी सतीश सिंह, रमेश, सुनीता, मुन्नालाल, लालजी और आशा ने बताया कि लोहे की चादरें उपलब्ध होने के बावजूद विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें तपती रेत पर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से जल्द गंगासोता पर लोहे की चादरें बिछाकर आवागमन सुगम बनाने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि विभाग इस समस्या पर कब तक ध्यान देता है।

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चिरईगांव विकास खण्ड के धराधर ग्रामसभा में बन रहे रास्ते का काम रुका, एस.डी.एम. से प्रधान सहित ग्राम वासियों ने लगाई गुहार

वाराणसी: विकास खण्ड चिरईगांव के धराधर ग्रामसभा में निवासियों के आने जाने का मार्ग न होने की वजह से वहा के निवासियों को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. अगर कोई बीमार हो जाय तो उनकों चारपाई पर उठा कर मुख्य मार्ग तक लगों कि मदद से ले जाना पड़ता है. जिसकी वजह से कई लोगों की सही समय पर इलाज नही मिलने कि वजह से जान भी जा चुकी है.


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कुछ दिनों पहले उपजिलाधिकारी नितिन सिंह ने लेखपाल को साथ लेकर पुरे ग्रामसभा का दौरा किया था. इस दौरान उपजिलाधिकारी ने पुरे ग्रामसभा में घूम कर रास्ते को देखा और उन्होंने भी कहा था कि इस ग्रामसभा में रास्ता बहुत बड़ी समस्या है और रास्ता बनना चाहिए जिसके लिए उन्होंने लेखपाल को आदेशित किया था की इस समस्या का हल निकाल कर रास्ते का कार्य शुरू करवाए.

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लेखपाल और ग्राम प्रधान के साथ साथ ग्राम वासियों के सहयोग से रास्ते का कार्य भी शुरू हो गया जिसमे ग्राम प्रधान ने खुद अपने जमीन में से करीब 10 फूट का रास्ता बनवाया लेकिन अभी भी करीब 20 मीटर रास्ते पर कुछ किसानों ने जमीन देने से मना कर दिया है पुरा रास्ता बन चूका है बस करीब 20 मीटर रास्ते पर कार्य होना रह गया है. 

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किसानों के विरोध के बाद फिर एक बार ग्राम प्रधान और ग्राम वासियों ने उपजिलाधिकारी नितिन सिंह से इसको पुरा करवाने की गुहार लगाई है. अब देखना यह है कि क्या प्रधान और ग्राम वासियों की इस अपील पर उपजिलाधिकारी नितिन सिंह क्या कार्यवाही करते है?

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Saturday, May 16, 2026

वाराणसी में कारोबारी महिला के नाम पर 19 करोड़ की GST चोरी, खुद को CA बताने वाले पर मुकदमा दर्ज

वाराणसी: धर्म नगरी वाराणसी में एक बड़ा जीएसटी (GST) घोटाला सामने आया है, जहां एक कथित सीए (CA) ने साड़ी कारोबारी महिला के विश्वास का गला घोंटते हुए करीब 19 करोड़ रुपये की कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने महिला के जीएसटी पोर्टल का पासवर्ड लेकर चोरी-छिपे गुजरात की चार बड़ी फर्मों के नाम फर्जी इनवॉइस जारी किए। इस मामले में कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कैंट पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



रिटर्न भरने के नाम पर लिया लॉगिन पासवर्ड, फिर शुरू हुआ खेल

वाराणसी के फुलवरिया क्षेत्र की रहने वाली सुप्रिया यादव एक साड़ी कारोबारी हैं और 'वाराणसी सिल्क वर्ल्ड' नाम से उनकी फर्म रजिस्टर्ड है। उन्होंने पुलिस को बताया कि महमूरगंज की गोविंदनगर कॉलोनी निवासी सोमेश कुमार खुद को सीए बताता था। सुप्रिया ने अपनी फर्म का जीएसटी रिटर्न फाइल करने की जिम्मेदारी सोमेश को दी थी और विश्वास में आकर अपना लॉगिन आईडी और पासवर्ड भी साझा कर दिया था।


सर्वर डाउन का बहाना और फिर फरार हुआ आरोपी

धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब पिछले साल जून में सुप्रिया को बैंकिंग कार्य के लिए रिटर्न फाइलिंग के कागजात की जरूरत पड़ी। सुप्रिया ने जब सोमेश से दस्तावेज मांगे, तो वह टाल-मटोल करने लगा। आरोपी ने कई दिनों तक 'सर्वर डाउन' होने का बहाना बनाया। जब सुप्रिया ने दबाव बनाया, तो उसने रथयात्रा चौराहे के पास मिलने के लिए बुलाया, लेकिन वहां पहुंचा नहीं और अपना फोन बंद कर लिया। 


शक होने पर कारोबारी सुप्रिया यादव 30 सितंबर 2025 को जीएसटी कार्यालय पहुंचीं। वहां जब उन्होंने अपना पासवर्ड बदलवाकर रिकॉर्ड चेक किया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। साड़ी का व्यापार करने वाली उनकी फर्म के नाम से सुपर सल्फेट सीमेंट, स्क्रैप, स्टील रॉड और ट्यूब पाइप जैसे सामानों की सप्लाई के फर्जी इनवॉइस जारी किए गए थे।

गुजरात की इन फर्मों को पहुंचाया फायदा 

जांच में सामने आया कि आरोपी सोमेश ने फर्जी तरीके से गुजरात स्थित दीप इंटरप्राइजेज, केशव भवानी स्टील, केआर इंडस्ट्रीज और श्री ईआईएमआई इंटरप्राइजेज को लाभ पहुंचाने के लिए फर्जी इनवॉइस जारी कर करोड़ों की कर चोरी कराई।


कोर्ट के आदेश पर कैंट पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

पीड़िता के अनुसार, जब उन्होंने सोमेश से इस बारे में सवाल किया, तो वह गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने लगा। स्थानीय पुलिस से न्याय न मिलने पर पीड़िता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट के आदेश पर कैंट थाना पुलिस ने कथित सीए सोमेश कुमार के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

Thursday, May 14, 2026

यूपी में शुरू हो सकती हैं ऑनलाइन क्लासेस और वर्क फ्रॉम होम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते मंगलवार को 5 कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर अधिकारियों के साथ अहम बैठक की।बैठक में प्रदेश में ऑनलाइन क्लासेस और वर्क फ्रॉम होम जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गयी।


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सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री की अपील के बाद राज्य सरकार संभावित परिस्थितियों को देखते हुए नई व्यवस्थाओं पर मंथन कर रही है. बैठक में विशेष रूप से प्रदेश में ऑनलाइन पढ़ाई को प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारियों पर चर्चा हुई।

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इसके साथ ही प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक तैयारियों, दिशा-निर्देशों और विभिन्न विभागों के समन्वय को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए जा सकते हैं।

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साथी पोर्टल के माध्यम से होगा बीज विक्रय, उत्पादन एवं स्टॉक प्रबंधन

वाराणसी: कृषि निदेशालय, उत्तर प्रदेश (बीज एवं प्रक्षेत्र अनुभाग), लखनऊ एवं शासन के निर्देशानुसार प्रदेश में कृषकों को उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं बीज व्यवसाय को डिजिटल, पारदर्शी एवं ट्रेसिबल बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा विकसित ‘साथी पोर्टल’ के माध्यम से बीते 10 मई 2026 से बीज उत्पादन, स्टॉक प्रबंधन, स्थानांतरण एवं विक्रय की समस्त कार्यवाही अनिवार्य रूप से की जाएगी।



उक्त जानकारी देते हुए जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने मंगलवार को बताया कि प्रदेश एवं जनपद के कृषि विश्वविद्यालयों तथा अभिजनक बीज उत्पादक संस्थानों द्वारा अभिजनक बीज का उत्पादन एवं विक्रय साथी पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। कृषि, पशुपालन, उद्यान विभाग, उ0प्र0बीज विकास निगम एवं अन्य संबंधित संस्थायें आवश्यक बीजों के सापेक्ष उन्होंने बताया कि अभिजनक बीज की मांग भी इसी पोर्टल के माध्यम से प्रेषित करेंगी। सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी संस्थाएं, निगम, निजी फर्म/कंपनियां एवं एफपीओ को उ0प्र0 राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था में पंजीकरण कराकर साथी पोर्टल के माध्यम से बीज उत्पादन करना होगा, जिन्हें बीज उत्पादक एजेंसी (एस.पी.ए.)के रूप में मान्यता दी जाएगी। 


उ0प्र0 राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा फसल पंजीयन, क्षेत्र निरीक्षण, निरीक्षण रिपोर्ट, बीज वर्ग एवं श्रोत सत्यापन, सैम्पलिंग, परीक्षण रिपोर्ट, टैग एवं प्रमाणपत्र जारी करने की समस्त प्रक्रिया डिजिटल रूप से पोर्टल पर संपादित की जाएगी। बीज प्रसंस्करण संयंत्रों पर बीज की आवक, प्रसंस्करण, पैकिंग, लॉट निर्माण एवं नमूना ग्रहण की प्रविष्टियां साथी पोर्टल पर अनिवार्य होंगी, साथ ही भौतिक रजिस्टर भी रखा जाएगा। बीज उत्पादक एजेंसी द्वारा स्टॉक स्थानांतरण, विक्रय एवं वापसी केवल साथी पोर्टल के माध्यम से ही की जाएगी तथा अपंजीकृत डीलर/डिस्ट्रीब्यूटर के साथ बीज व्यवसाय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।


पोर्टल पर प्रदर्शित व भौतिक स्टाक में अंतर होने पर होगी कार्रवाई
जनपद के समस्त डीलर, डिस्ट्रीब्यूटर, बीज विक्रेता, सहकारी एवं सरकारी बीज विक्रय केंद्रों का साथी पोर्टल पर ऑन-बोर्ड होना अनिवार्य है। किसान स्तर तक के सभी लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड पोर्टल पर रखा जाएगा। पोर्टल पर प्रदर्शित स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाए जाने पर बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968, बीज नियंत्रण आदेश 1983 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

Monday, May 11, 2026

गौराकला में डेढ़ साल से बनी पानी की टंकी शोपीस बनी, पाइपलाइन अधूरी होने से ग्रामीण परेशान

वाराणसी: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत चिरईगांव विकास खंड के गौराकला ग्राम सभा में करीब डेढ़ साल पहले पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था, लेकिन अब तक गांव में पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते ग्रामीणों को आज तक शुद्ध पेयजल योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।

ग्रामीणों के अनुसार, पानी की टंकी तैयार होने और बोर्रिंग होने के बावजूद घर-घर जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। पाइपलाइन का कार्य अधूरा होने के कारण ग्रामीण आज भी हैंडपंप और अन्य स्रोतों के सहारे पानी की जरूरत पूरी कर रहे हैं।

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ग्राम प्रधान राजेश कुमार ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को प्रार्थना पत्र देकर पाइपलाइन कार्य पूरा कराने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन गौराकला ग्राम सभा में योजना अधूरी पड़ी होने से इसका लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द पाइपलाइन कार्य पूरा कर जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है, ताकि गांव के लोगों को राहत मिल सके।

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Sunday, May 10, 2026

दुबई में प्रयागराज के बेटे की संदिग्ध मौत, अभी तक नहीं पहुंचा शव, मां बोली आखिरी बार चेहरा दिखा दो PM-CM लगाई गुहार

प्रयागराज: फूलपुर इलाके के युवक रंगबहादुर पटेल की दुबई में संदिग्ध हालात में मौत होने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। 11 दिन बीत जाने के बावजूद शव भारत नहीं पहुंच पाया है। पत्नी, मां और तीन मासूम बेटियां अंतिम दर्शन के इंतजार में हैं। परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है। ताकि बेटे का शव जल्द वतन लौट सके।


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प्रयागराज जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र स्थित फतेहपुर माफी गांव में इन दिनों मातम पसरा हुआ है। गांव के 26 वर्षीय रंगबहादुर पटेल की दुबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। लेकिन घटना के 11 दिन बाद भी उसका शव भारत नहीं पहुंच सका है। परिवार बेटे के अंतिम दर्शन के लिए तड़प रहा है। प्रशासन से लगातार मदद की मांग कर रहा है।

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रंगबहादुर इसी साल 26 जनवरी को रोज़गार की तलाश में दुबई गया था। वहां वह वर्ल्ड स्टार कंस्ट्रक्शन कंपनी में पेंटिंग का काम करता था। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश में नौकरी मिलने से आर्थिक हालात सुधर जाएंगे। बच्चों का भविष्य बेहतर होगा। लेकिन अचानक आई मौत की खबर ने सबकुछ बदल दिया।

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पत्नी अनिता पटेल ने बताया कि 26 अप्रैल की रात उनकी पति से फोन पर सामान्य बातचीत हुई थी। कुछ घंटों बाद मोबाइल पर एक तस्वीर भेजी गई। जिसमें रंगबहादुर बेहोशी की हालत में नजर आ रहा था। साथ काम करने वाले लोगों ने बताया कि अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया था। अगले दिन उसकी मौत की सूचना मिल गई। रंगबहादुर अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में बुजुर्ग मां प्रेम देवी, पत्नी अनिता, तीन छोटी बेटियां और एक विकलांग बहन हैं। पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। घर की पूरी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी।

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मां प्रेम देवी बेटे को याद कर बार-बार बेसुध हो जा रही हैं। उनका कहना है कि बेटे से आखिरी बार बात करने के बाद कभी नहीं सोचा था कि अब उसका शव देखने का इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से हाथ जोड़कर बेटे का शव भारत लाने की अपील की है। परिजनों के मुताबिक, दुबई में पोस्टमार्टम हो चुका है। कंपनी की तरफ से जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके बावजूद शव अब तक भारत नहीं भेजा जा सका है। गांव में भी शोक का माहौल है। लोग परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।

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सपा की बैठक में फूटा गुबार, टिकट की मांग सुनते ही भड़के नसीमुद्दीन, खाना छोड़ कार्यक्रम से निकले बाहर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। रामगंगा विहार स्थित एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित पार्टी कार्यक्रम उस समय विवाद और नाराजगी का केंद्र बन गया, जब पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ सपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी समर्थकों की टिकट मांग से नाराज होकर बीच कार्यक्रम से उठकर बाहर निकल गए। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ स्थानीय नेताओं को असहज कर दिया बल्कि पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी और असंतोष की चर्चाओं को भी तेज कर दिया।


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दरअसल, रतनपुर कलां में प्रस्तावित पीडीए महापंचायत को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी में किसी भी तरह के मनमुटाव से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि समाजवादी पार्टी में मतभेद हो सकते हैं लेकिन मनभेद नहीं हैं। सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर 2027 विधानसभा चुनाव में पार्टी को भारी जीत दिलाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने पीडीए को सपा की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज को जोड़कर पार्टी प्रदेश में बड़ा राजनीतिक बदलाव लाने की तैयारी कर रही है।

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प्रेस वार्ता समाप्त होने के बाद बैंक्वेट हॉल में भोजन कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान सलीम अख्तर के समर्थकों ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सामने मुरादाबाद विधानसभा सीट से सलीम अख्तर को 2027 चुनाव में टिकट दिलाने की मांग रख दी। बताया जा रहा है कि समर्थकों ने लगातार टिकट की पैरवी करने की अपील की, जिससे माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं को अंदाजा नहीं था कि यह मांग इतना बड़ा विवाद खड़ा कर देगी।

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समर्थकों की बात सुनते ही नसीमुद्दीन सिद्दीकी का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि “मैं टिकट दिलाने वाला कौन होता हूं, मुझे पार्टी में आए अभी कितना समय हुआ है।” इतना कहते ही उन्होंने खाना बीच में छोड़ दिया और तेजी से बाहर निकल गए। मौके पर मौजूद विधायक नवाब जान, सलीम अख्तर और अन्य पदाधिकारियों ने उन्हें रोकने और मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी की बात नहीं सुनी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सिद्दीकी काफी नाराज दिखाई दे रहे थे और हाथ झटकते हुए कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल गए।

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इस पूरे कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कई बड़े नेताओं और जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी रही। कार्यक्रम में केवल विधायक नवाब जान और कुछ पदाधिकारी ही मौजूद दिखाई दिए, जबकि सांसद और अन्य विधायक कार्यक्रम से दूरी बनाए रहे। इस पर सफाई देते हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि संभल के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता और देहात विधायक हाजी नासिर कुरैशी की पत्नी की तबीयत खराब होने की वजह से वे लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। हालांकि राजनीतिक गलियारों में इसे पार्टी के भीतर चल रही असहमति से जोड़कर देखा जा रहा है।

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मुरादाबाद में हुए इस घटनाक्रम के बाद समाजवादी पार्टी की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले टिकट को लेकर नेताओं और समर्थकों के बीच खींचतान बढ़ती जा रही है। जिस तरह सार्वजनिक कार्यक्रम में नाराजगी सामने आई, उससे विपक्ष को भी सपा पर हमला बोलने का मौका मिल सकता है। पार्टी भले ही एकजुटता का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर नेताओं के बीच खींचतान लगातार सामने आ रही है।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भाजपा सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और अपराध चरम पर पहुंच चुके हैं। गैस सिलेंडर से लेकर रसोई तक हर चीज महंगी हो चुकी है और आम जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर बुलडोजर कार्रवाई की जाती है। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि “मेरे घर बुलडोजर नहीं चला सकते क्योंकि चारों तरफ आर्मी के आवास हैं।”

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नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं को 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का भी वादा किया गया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रदेशभर में पीडीए को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और हर समाज को संगठन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

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पूर्व मंत्री ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को लेकर भी भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों से अधिकारियों को भेजकर चुनाव प्रभावित करने की कोशिश की गई। साथ ही चुनाव आयोग को भाजपा की कठपुतली बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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कार्यक्रम के दौरान जब पत्रकारों ने आजम खां और असदुद्दीन ओवैसी को लेकर सवाल पूछे तो नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अलग अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आजम खां समाजवादी पार्टी के बड़े नेता हैं और उनकी बराबरी कोई नहीं कर सकता। वहीं ओवैसी को लेकर उन्होंने कहा कि “यह कौन हैं, हमें नहीं पता।” उनके इस बयान ने भी राजनीतिक हलकों मेंL नई चर्चाओं को जन्म दे दिया।

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अलवर में एक्सपायर कोल्ड ड्रिंक पीने से 5 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

अलवर: राजस्थान के अलवर जिले में एक्सपायर कोल्ड ड्रिंक पीने से एक भाई और चार बहनों की तबीयत बिगड़ गई। सभी बच्चों को उल्टी, चक्कर और बेचैनी की शिकायत के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

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घटना ककराली गांव की है। बच्चों के पिता रहमू ने बताया कि वह शुक्रवार रात तुलेड़ा से खाद लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने छठी मील स्थित एक दुकान से 2 लीटर की कोका कोला की बोतल खरीदी थी। शनिवार सुबह बेटे मिश्रोक और बेटियों मुस्कान, जानिस्ता, रहीसन और जेनी ने कोल्ड ड्रिंक पी। कुछ देर बाद ही सभी बच्चों को घबराहट, उल्टी, चक्कर और बेचैनी होने लगी। हालत बिगड़ने पर परिजन सभी को तुरंत अलवर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।

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परिजनों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के बाद जब कोल्ड ड्रिंक की बोतल की जांच की गई तो पता चला कि वह करीब 6 महीने पहले ही एक्सपायर हो चुकी थी। घटना के बाद दुकानदार की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल सभी बच्चों का इलाज जारी है और चिकित्सकों की निगरानी में उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

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Saturday, May 09, 2026

वाराणसी में 8 एग्रीजंक्शन सेंटर खुलेंगे, कृषि स्नातकों को मिलेगा स्वरोजगार

वाराणसी: कृषि विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलम्बन (एग्रीजंक्शन) योजना के तहत जनपद वाराणसी में 8 “वन स्टॉप शॉप” (एग्रीजंक्शन सेंटर) स्थापित किए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य कृषि स्नातकों को स्वरोजगार उपलब्ध कराना और किसानों को एक ही स्थान पर कृषि संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।


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इन एग्रीजंक्शन केंद्रों पर किसानों को बीज, खाद, कृषि उपकरण, कृषि रसायन सहित अन्य कृषि सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। साथ ही कृषि उपकरणों की मरम्मत, पशु आहार, कृषि उत्पादों की बिक्री, प्रसंस्कृत उत्पादों की उपलब्धता और मौसम संबंधी जानकारी भी प्रदान की जाएगी।

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योजना के तहत कृषि स्नातक, कृषि व्यवसाय प्रबंधन स्नातक तथा कृषि एवं सहबद्ध विषयों जैसे उद्यान, पशुपालन, वानिकी, दुग्ध, पशुचिकित्सा और मुर्गी पालन आदि में डिग्रीधारी अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। डिग्री आईसीएआर/यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से होना अनिवार्य है। इसके अलावा कृषि विषय में इंटरमीडिएट या डिप्लोमा धारक अनुभवी अभ्यर्थियों पर भी विचार किया जाएगा।

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आवेदन करने के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष निर्धारित की गई है। अनुसूचित जाति, जनजाति एवं महिला अभ्यर्थियों को अधिकतम 5 वर्ष की छूट दी जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को वित्तीय सहायता के साथ ग्रामीण व्यवसाय विकास योजना (RIDP) के अंतर्गत 13 दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी 30 मई 2026 तक कृषि विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी कृषिभवन, चांदपुर स्थित उप कृषि निदेशक कार्यालय, वाराणसी में संपर्क कर सकते हैं।

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Tuesday, May 05, 2026

वाराणसी में 4.67 करोड़ की फसल बीमा क्षतिपूर्ति वितरित

वाराणसी: जनपद में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत दी गई है। सोमवार को विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में खरीफ-2025 एवं रबी-2025-26 के अंतर्गत क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया गया।


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कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या उपस्थित रहीं। इस दौरान उन्होंने किसानों को प्रतीकात्मक चेक वितरित किए। लाभान्वित किसानों में गंगा प्रसाद सिंह, देवब्रत सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, बाबा और विवेक कुमार सिंह शामिल रहे, जिन्हें क्रमशः 1.60 लाख, 1.49 लाख, 1.42 लाख, 87,899 और 70,806 रुपये की राशि दी गई।

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जिला पंचायत अध्यक्ष ने किसानों से अपील की कि वे खरीफ सीजन में अपनी अधिसूचित फसलों का शत-प्रतिशत बीमा कराएं, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाव हो सके। साथ ही कृषि विभाग द्वारा धान, उड़द, मूंग, अरहर, तिल और ढैंचा के बीज अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनका लाभ उठाने की भी सलाह दी गई।

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कार्यक्रम का संचालन उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल ने किया। इस मौके पर जिला कृषि अधिकारी संगम मौर्या, विभिन्न विकास खंडों के कृषि अधिकारी, एस.बीआई इंश्योरेंस के जिला प्रबंधक सुशील तिवारी समेत 50-60 किसान मौजूद रहे। बताया गया कि खरीफ-2025 में बीमित 14,448 किसानों में से 4,467 किसानों को कुल 4.67 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति वितरित की गई है।

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Saturday, May 02, 2026

काशी विश्वनाथ मंदिर में ऐप आधारित व्यवस्था का विरोध तेज, कांग्रेस ने उठाए सवाल

वाराणसी: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रस्तावित ऐप आधारित दर्शन व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विरोध तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया दौरे के बाद लागू की जा रही नई डिजिटल प्रणाली के खिलाफ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने प्रशासन पर आस्था से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। विरोध को देखते हुए शुक्रवार को मंदिर परिसर के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।


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कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने मंदिर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बाबा विश्वनाथ के दरबार को “व्यापारिक और कॉरपोरेट मॉडल” में बदलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण और एसडीएम शंभूशरण को तत्काल हटाने की मांग की। राघवेंद्र चौबे ने कहा कि काशी की पहचान उसकी आध्यात्मिक परंपरा, सरल दर्शन व्यवस्था और लोक आस्था से रही है, लेकिन वर्तमान प्रशासन श्रद्धालुओं को मोबाइल ऐप और डिजिटल प्रक्रियाओं के दायरे में बांधने का प्रयास कर रहा है। उनका आरोप था कि मंदिर को “प्रयोगशाला” बनाकर सनातन परंपराओं के साथ प्रयोग किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सदियों से बाबा विश्वनाथ के दर्शन श्रद्धा और विश्वास के आधार पर होते आए हैं, लेकिन अब व्यवस्था को तकनीकी नियंत्रण और बाजारीकरण की ओर ले जाया जा रहा है। कांग्रेस के अनुसार, ऐप आधारित व्यवस्था से ग्रामीण श्रद्धालु, बुजुर्ग, महिलाएं, मजदूर और तकनीकी संसाधनों से दूर लोग सबसे अधिक प्रभावित होंगे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मंदिर प्रशासन स्थानीय नागरिकों और आम श्रद्धालुओं की सुविधा की बजाय वीआईपी संस्कृति और नियंत्रण आधारित व्यवस्था को बढ़ावा दे रहा है। पार्टी ने काशीवासियों के लिए निर्धारित दर्शन द्वारों की समय सीमा बढ़ाने और सरल दर्शन व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि ऐप आधारित व्यवस्था वापस नहीं ली गई तो कांग्रेस, संत समाज और स्थानीय लोग व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे। राघवेंद्र चौबे ने कहा कि “काशी की आत्मा को प्रशासनिक अहंकार और मोबाइल ऐप के जरिए नियंत्रित नहीं किया जा सकता।” वहीं समाजवादी पार्टी ने भी इस व्यवस्था का विरोध करते हुए इसे श्रद्धालुओं की आस्था पर अनावश्यक बंधन बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि धर्म और परंपरा को तकनीकी ढांचे में सीमित करने का प्रयास उचित नहीं है। फिलहाल मंदिर प्रशासन की ओर से इस विवाद पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Friday, May 01, 2026

यूपी विधानसभा में सीएम योगी का तीखा हमला, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना, हंगामा जारी

लखनऊ: राजधानी में चल रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान बुधवार को राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया। सत्र की शुरुआत विपक्ष के हंगामे के साथ हुई, हालांकि कुछ समय बाद कार्यवाही सुचारू रूप से चलने लगी। इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और महिला सम्मान के मुद्दे पर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

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विधानसभा के इस विशेष सत्र की शुरुआत विपक्ष के जोरदार विरोध और नारेबाजी के साथ हुई। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। हालांकि, अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई और कार्यवाही आगे बढ़ी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का “चेहरा और चरित्र” अलग-अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल कुछ और कहते हैं और कुछ और करते हैं, लेकिन प्रदेश की जनता सब समझती है। सीएम ने कहा, “आधी आबादी यानी महिलाओं के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमारी सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

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मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए 1995 के स्टेट गेस्ट हाउस कांड का जिक्र किया, जिसमें एक दलित महिला मुख्यमंत्री के साथ अभद्रता हुई थी। उन्होंने इसे समाजवादी पार्टी के आचरण का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह घटना उनके राजनीतिक संस्कार को दर्शाती है। इसके अलावा उन्होंने 2014 के बदायूं कांड का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उस समय समाजवादी पार्टी ने गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए थे, जिससे पीड़ितों के साथ न्याय नहीं हो सका। सीएम योगी ने कहा कि यह विशेष सत्र इसलिए बुलाया गया है ताकि समाज के हर वर्ग,एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं को सम्मान और अधिकार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार समावेशी विकास और सामाजिक न्याय के सिद्धांत पर काम कर रही है।

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मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का पतन उसकी गलत नीतियों के कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में हाशिए पर है और पिछले 40 वर्षों से प्रदेश में उसका प्रभाव नगण्य रहा है। सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की है, जिससे समाज में विभाजन पैदा हुआ। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाह बानो प्रकरण का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अगर उस समय कांग्रेस मौलवियों के दबाव में न आती, तो शाह बानो को न्याय मिल सकता था। इसके साथ ही उन्होंने तीन तलाक कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने इस कुप्रथा का समर्थन किया था, जबकि भाजपा सरकार ने इसे समाप्त कर महिलाओं को न्याय दिलाने का काम किया।

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सीएम योगी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे देश को कठमुल्लापन की ओर ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने हमेशा प्रगतिशील सोच के साथ काम किया है और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए हैं। इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दे पर चर्चा हो रही है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी के कारण माहौल लगातार गरम बना हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने एजेंडे को लेकर आक्रामक नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान आने वाले चुनावों की रणनीति का हिस्सा भी हो सकते हैं।

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Monday, April 27, 2026

मामूली विवाद में व्यवसायी की पीट-पीटकर हत्या, 11 हिरासत में, 2 गिरफ्तार

वाराणसी: फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें 38 वर्षीय व्यवसायी मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना से इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस के अनुसार, मनीष सिंह देर रात अपनी फैक्टरी से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में कुछ लोगों से विवाद हो गया। आरोप है कि मनबढ़ों ने लामबंद होकर उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।


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स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना से पहले मनीष सिंह की कार से बिंदु नामक महिला का एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला को तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। इसी घटना के बाद विवाद बढ़ते-बढ़ते हिंसक झड़प में बदल गया।

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एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों की तहरीर पर 8 नामजद और 7 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है।

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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही क्षेत्र में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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करसड़ा का कूड़ा पहाड़ होगा खत्म: नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की पहल से 25 एकड़ में बनेगा मियावाकी जंगल

वाराणसी: करसड़ा स्थित कूड़े के विशाल पहाड़ से जल्द ही राहत मिलने वाली है। नगर निगम ने वैज्ञानिक तरीके से कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके तहत वर्षों से जमा कचरे को हटाकर खाली होने वाली लगभग 25 एकड़ भूमि पर मियावाकी तकनीक से घना जंगल विकसित किया जाएगा।


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नगर निगम ने करसड़ा में जमा लगभग 1264 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण के लिए बायोमाइनिंग तकनीक को अपनाया है। इस कार्य के लिए जीआईजेड और आरपीयूईएस जैसी एजेंसियों की मदद ली जा रही है। डंपिंग ग्राउंड की मैपिंग और कचरे का आकलन पूरा हो चुका है, वहीं टेंडर प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई है। विशेषज्ञों के अनुसार कचरे की विशाल मात्रा को देखते हुए इस प्रक्रिया में करीब 1 से 1.5 वर्ष का समय लग सकता है। इसके पूरा होने के बाद आसपास के क्षेत्रों को दुर्गंध और प्रदूषण से बड़ी राहत मिलेगी।

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नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि कूड़ा हटने के बाद विकसित होने वाला मियावाकी वन शहर के “ग्रीन लंग्स” के रूप में कार्य करेगा, जो पर्यावरण संतुलन में अहम भूमिका निभाएगा। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि करसड़ा के कूड़े के पहाड़ का निस्तारण प्राथमिकता में है और इसके बाद विकसित होने वाला जंगल वाराणसी को स्वच्छ और हरित बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगा।

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वाराणसी में प्रतिदिन 1000–1200 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। इसके निस्तारण के लिए करसड़ा में 600 एमटी क्षमता का वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट और रमना में 600 एमटी क्षमता का वेस्ट टू चारकोल प्लांट संचालित है। साथ ही मलबे से ईंट और टाइल्स बनाने के लिए सीएंडडी प्लांट भी कार्यरत है। यह पहल न केवल शहर को कूड़े के पहाड़ से मुक्ति दिलाएगी, बल्कि वाराणसी को हरित और स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित होगी।

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हिंदू संगठनों ने लेंसकार्ट प्रबंधन पर जमकर हमला बोला और कहा कि अगर हिजाब पहनने की अनुमति दी गई तो वे इस्लामाबाद में शोरूम खोलें

लखनऊ: उन्नाव में लेंसकार्ट मैनेजमेंट के खिलाफ हिंदू संगठन आक्रोश व्याप्त है मैनेजमेंट के आदेश के खिलाफ लेंसकार्ट के शोरूम में पहुंचे हिंदू संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने ड्रेस कोड लेकर आपत्ति दर्ज की स्टोर शोरूम में काम कर रहे कर्मचारियों को तिलक लगाकर भगवा पका पहनाया और जय श्री राम का उद्घोष किया इस मौके पर विमल द्विवेदी ने कहा कि भारत में सभी धर्म का सम्मान होता है यदि केवल हिजाब को ही अनुमति देनी है तो इस्लामाबाद में शोरूम खोलना चाहिए भारत में ऐसा नहीं चलेगा।


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तिलक, कलवा, बिंदी पर प्रतिबंध

उत्तर प्रदेश के उन्नाव के में लेंसकार्ट का शोरूम आवास विकास कॉलोनी में संचालित है। आज प्रखर हिंदू और भाजपा नेता विमल द्विवेदी अपने समर्थकों के साथ लेंसकार्ट के शोरूम पहुंच गए। जहां उन्होंने शोरूम में काम कर रहे कर्मचारियों को तिलक लगाकर भगवा पटका पहनाया। विमल द्विवेदी ने बताया कि सोशल मीडिया पर चर्चा है कि लेंसकार्ट के शोरूम में बिंदी, तिलक आदि जैसे हिंदू प्रतीकों पर प्रतिबंध लगाया गया है।

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भारत में व्यापार करने का अधिकार नहीं

विमल द्विवेदी ने बताया कि लेंसकार्ट मैनेजमेंट का यह आदेश भारत के अंदर हिंदू बाहुल्य राष्ट्र में सनातन संस्कृति का सीधा अपमान है। मैनेजमेंट को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी नीतियों में सुधार करें, वरना जिले में ही नहीं आसपास के जिलों में भी शोरूम चलने नहीं दिया जाएगा। अगर कंपनी को बिंदी, तिलक और कलवा से परेशानी है तो उन्हें भारत में व्यापार करने का भी कोई अधिकार नहीं है।

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इस्लामाबाद में खोलें शोरूम

प्रखर हिंदूवादी नेता ने कहा कि मैनेजमेंट को इस्लामाबाद पाकिस्तान में शोरूम खोलने चाहिए। जहां वह अपनी मानसिकता को लागू कर सके। उत्तर प्रदेश और उन्नाव की धरती पर हिंदू संस्कृति का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सांकेतिक शुरुआत है। यदि पूरे देश में ऐसी नीति नहीं बदली गई तो कंपनी के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा।

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लेंसकार्ट शोरूम में मचा हड़कंप

इसके पहले लेंसकार्ट शोरूम में अचानक हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के पहुंचने से हड़कंप मच गया। बताया गया कि इस दौरान मैनेजमेंट और स्टाफ काफी दबाव में नजर आया।‌ हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने लेंसकार्ट शोरूम में काम कर रहे कर्मचारियों को तिलक लगाकर भगवा पटका पहनाया। शोरूम पहुंचने वालों में राकेश राजपूत, अभी तिवारी, अखिल मिश्रा, आलोक शुक्ला, अंकुर त्रिपाठी, शिव सेवक त्रिपाठी, अजय द्विवेदी सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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Thursday, April 23, 2026

यूपी के 32 जिलों में लू का अलर्ट, 25 अप्रैल तक राहत के आसार नहीं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के 32 जिलों में लू (हीटवेव) को लेकर चेतावनी जारी की है। अगले कुछ दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


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मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इस दौरान दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। लू का अलर्ट प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, पीलीभीत और शाहजहांपुर समेत कुल 32 जिलों में जारी किया गया है।

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विशेषज्ञों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

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Tuesday, April 21, 2026

खनन विभाग के कार्यालय के अंदर और बाहर अतिक्रमण, कार्रवाई न होने पर उठे रहे सवाल

वाराणसी। जिले में सर्वाधिक राजस्व देने वाले खनन विभाग के दफ्तर के बाहर ही अतिक्रमण की स्थिति सामने आई है। हुकुलगंज क्षेत्र में स्थित खनन कार्यालय के मुख्य द्वार पर ठेले, पशु और अस्थायी दुकानों के कब्जे से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।



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जानकारी के अनुसार, कार्यालय के मेन गेट के पास मुर्गा-मछली के ठेले, अन्य अस्थायी दुकानें और यहां तक कि बकरियों का जमावड़ा बना रहता है। इसके अलावा गेट के सामने लोहे की अलमारी बनाने वाले कारीगर द्वारा भी जगह घेरने की बात सामने आई है।

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बताया जा रहा है कि खनन विभाग के अधिकारियों द्वारा कई बार मौखिक रूप से चेतावनी दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका है। इससे न केवल कार्यालय आने-जाने में दिक्कत हो रही है, बल्कि विभाग की छवि पर भी असर पड़ रहा है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि जब विभाग अपने ही कार्यालय के सामने से अतिक्रमण नहीं हटवा पा रहा है, तो जिले में अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। फिलहाल इस संबंध में किसी बड़ी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन जल्द ही इस मामले में ठोस कदम उठाएगा।

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