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Tuesday, April 21, 2026

खनन विभाग के कार्यालय के अंदर और बाहर अतिक्रमण, कार्रवाई न होने पर उठे रहे सवाल

वाराणसी। जिले में सर्वाधिक राजस्व देने वाले खनन विभाग के दफ्तर के बाहर ही अतिक्रमण की स्थिति सामने आई है। हुकुलगंज क्षेत्र में स्थित खनन कार्यालय के मुख्य द्वार पर ठेले, पशु और अस्थायी दुकानों के कब्जे से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।



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जानकारी के अनुसार, कार्यालय के मेन गेट के पास मुर्गा-मछली के ठेले, अन्य अस्थायी दुकानें और यहां तक कि बकरियों का जमावड़ा बना रहता है। इसके अलावा गेट के सामने लोहे की अलमारी बनाने वाले कारीगर द्वारा भी जगह घेरने की बात सामने आई है।

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बताया जा रहा है कि खनन विभाग के अधिकारियों द्वारा कई बार मौखिक रूप से चेतावनी दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका है। इससे न केवल कार्यालय आने-जाने में दिक्कत हो रही है, बल्कि विभाग की छवि पर भी असर पड़ रहा है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि जब विभाग अपने ही कार्यालय के सामने से अतिक्रमण नहीं हटवा पा रहा है, तो जिले में अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। फिलहाल इस संबंध में किसी बड़ी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन जल्द ही इस मामले में ठोस कदम उठाएगा।

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वाराणसी के इन मार्गों पर जाने से पहले, पढ़ लें यातायात पुलिस द्वारा जारी निर्देश

वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी के प्रस्तावित दौरे को लेकर 21 अप्रैल को वाराणसी शहर में व्यापक ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है। यातायात पुलिस ने आमलोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डायवर्जन जारी किया है। वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा तथा उन्हें वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा। खासकर बीएलडब्ल्यू परिसर में सिनेमा तिराहे, कुंदन तिराहे, सेंट्रल मार्केट, डी-5 रेलवे क्रॉसिंग व सूर्य सरोवर क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी।


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जारी एडवाइजरी के अनुसार, अमर उजाला तिराहे से टेम्पो ट्रैवलर, आर्मेनिया व क्रूजर वाहनों को शाम चार बजे के बाद लहुराबीर, मैदागिन की तरफ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्हें डायवर्ट किया जाएगा। विशेश्वरगंज तिराहे, चांदपुर चौराहे, अखरी अंडरपास, मुढैला तिराहे, मंडुवाडीह तिराहे, बउलिया तिराहे, महमूरगंज, लहरतारा तथा भिखारीपुर जैसे प्रमुख स्थानों से आने-जाने वाले वाहनों को शाम चार बजे डायवर्ट किया जाएगा। रोडवेज बसों, सवारी वाहनों और टूरिस्ट बसों को लहरतारा, मंडुवाडीह, ककरमत्ता और बीएलडब्ल्यू गेट की ओर जाने से रोका जाएगा और उन्हें मोहनसराय, डाफी, चांदपुर या अन्य वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा।

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वीवीआईपी काफिले के आगमन और प्रस्थान के दौरान मंडुवाडीह, लहरतारा और महमूरगंज क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इन मार्गों पर किसी भी प्रकार के वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त डायवर्जन भी लागू किए जा सकते हैं। वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान महमूरगंज आरओबी से किसी भी प्रकार के वाहनों को मंडुवाडीह चौराहे की तरफ नहीं जाने दिया जाएगा। वाहनों को महमूरगंज चौकी की तरफ मोड़ दिया जाएगा।

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वीवीआईपी आगमन और प्रस्थान के समय बौलिया तिराहे से किसी प्रकार के वाहनों को लहरतारा की तरफ नहीं जाने दिया जाएगा। वाहनों को फुलवरिया आरओबी की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। बीएलडब्ल्यू परिसर के अंदर भी विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी। बरेका सिनेमा तिराहे, कुंदन तिराहे, सेंट्रल मार्केट, डी-05 रेलवे क्रॉसिंग और सूर्य सरोवर क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इन क्षेत्रों में जाने वाले वाहनों को पुलिस चौकी, एफसीआई गेट और अन्य मार्गों की ओर मोड़ा जाएगा।

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Saturday, April 18, 2026

अभिभावक कृपया ध्यान दें- मनमानी फीस वृद्धि और चिह्नित दुकानों से ड्रेस, कॉपी-किताब खरीदने का दबाव बनाने वाले स्चूलों पर होगी कार्यवाही- जिलाधिकारी

वाराणसी: जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला शुल्क नियामक समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वृद्धि और अभिभावकों पर चिह्नित दुकानों से ड्रेस, कॉपी-किताब खरीदने के दबाव जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने इस तरह की शिकायतों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी भी विद्यालय द्वारा अभिभावकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया या नियमों का उल्लंघन किया गया, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है।


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बैठक में निजी स्ववित्तपोषित विद्यालयों की शुल्क संरचना को लेकर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों को निर्देशित किया कि वे पिछले तीन शैक्षणिक वर्षों की शुल्क संरचना का पूरा विवरण निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी कहा गया कि शुल्क संबंधी सभी आंकड़े ऑडिट रिपोर्ट के साथ जमा किए जाएं, ताकि उनकी सत्यता की जांच की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि शुल्क वृद्धि केवल शासन द्वारा निर्धारित मानकों और औचित्य के आधार पर ही मान्य होगी। मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने की अनुमति किसी भी स्थिति में नहीं दी जाएगी। समिति ने यह भी निर्देश दिया कि विद्यालय शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखें और इसकी जानकारी अभिभावकों को भी उपलब्ध कराएं।

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अभिभावकों की शिकायतों के निस्तारण के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 05422509413 जारी किया गया है। इस नंबर पर शिकायत करने वाले अभिभावकों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और संबंधित विद्यालय के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। 
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालयों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण किया जाए, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह, सीए हरिएन सिंह बिसेन, मुख्य कोषाधिकारी, डॉ. आनंद प्रभा और अभिभावक-शिक्षक संघ के प्रतिनिधि यशविंदर सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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आदर्श मॉडल टाउनशिप के रूप में विकसित मढनी टाउनशिप का मंडलायुक्त ने किया स्थल निरीक्षण

वाराणसी: मढ़नी टाउनशिप परियोजना का शुक्रवार को मण्डलायुक्त एस. राजलिंगम, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा एवं सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया। इस दौरान अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए।


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निरीक्षण के दौरान अवगत कराया गया कि मढ़नी टाउनशिप हेतु अब तक 100 एकड़ से अधिक भूमि का रजिस्ट्री के माध्यम से अधिग्रहण किया जा चुका है, जबकि लगभग 15 एकड़ भूमि लैंड पूलिंग के माध्यम से प्राप्त हुई है। परियोजना के अंतर्गत किसानों को लगभग ₹170 करोड़ से अधिक का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। यह टाउनशिप कुल 62.83 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत ₹925 करोड़ है।

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मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि टाउनशिप को “काशी थीम” पर आधारित आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं विश्वस्तरीय मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने बताया कि यह लगभग 30 वर्षों बाद विकसित हो रही पूर्णतः गेटेड टाउनशिप होगी, जिसमें 80 से 100 फीट चौड़ी सड़कों सहित उच्च स्तरीय आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

परियोजना के अंतर्गत आवासीय, वाणिज्यिक एवं संस्थागत भूखण्डों के साथ हाई-राइज भवनों का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त टाउनशिप में होटल, अस्पताल, शॉपिंग मॉल एवं अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे “15 मिनट सिटी” की अवधारणा साकार हो सके।

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मण्डलायुक्त ने सड़क, जल निकासी, विद्युत आपूर्ति एवं हरित क्षेत्रों के विकास को निर्धारित मानकों के अनुरूप समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उपाध्यक्ष श्री पुर्ण बोरा ने बताया कि योजना के शीघ्र शुभारंभ हेतु RERA पंजीकरण की प्रक्रिया प्रगति पर है। इस अवसर पर नगर नियोजक प्रभात कुमार, प्रभाकर पाण्डेय, आरती चरासिया एवं फरहा बेगम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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Friday, April 17, 2026

देशभर में लागू हुआ 33% महिला आरक्षण कानून, 16 अप्रैल से प्रभावी

नई दिल्ली: लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 अब देशभर में लागू हो गया है। केंद्र सरकार के विधि मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर बताया कि यह कानून 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है। अधिसूचना के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 के तहत सरकार ने इस कानून को लागू करने की तारीख घोषित की है। हालांकि, इसके लागू होने के बावजूद मौजूदा लोकसभा और विधानसभाओं में इसका तत्काल प्रभाव से क्रियान्वयन संभव नहीं होगा।


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अधिकारियों के मुताबिक, महिला आरक्षण का वास्तविक लाभ अगली जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जा सकेगा। इसका मतलब है कि वर्तमान सदनों में सीटों का आरक्षण नहीं बदलेगा। सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण कानून कहा जाता है। इसका उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।

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इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। हालांकि, यह आरक्षण जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने पर ही लागू होगा, जिससे इसके 2029 के आसपास लागू होने की संभावना जताई जा रही है। कानून के लागू होने की अधिसूचना जारी होने के बाद भी यह सवाल बना हुआ है कि इसे तुरंत प्रभाव से लागू क्यों नहीं किया गया। अधिकारियों ने तकनीकी कारणों का हवाला दिया है, लेकिन विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

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Wednesday, April 15, 2026

वाराणसी के पठानी टोला में डॉक्टर के घर एटीएस की छापेमारी, टेरर फंडिंग एंगल पर कई घंटे तक चली पूछताछ

वाराणसी: आदमपुर थाना क्षेत्र के पठानी टोला इलाके में मंगलवार को एक चिकित्सक के घर पर मुंबई एटीएस, यूपी एटीएस और इंटेलिजेंस ब्यूरो की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर पूछताछ की। कार्रवाई से इलाके में काफी देर तक हलचल बनी रही। जानकारी के अनुसार, टीम ने डॉ. आरिफ अंसारी के आवास पर पहुंचकर करीब पांच घंटे तक सघन जांच और पूछताछ की। इस दौरान उनके परिजनों से भी पूछताछ की गई और घर में मौजूद मोबाइल, लैपटॉप व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की गई।

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बेटे से भी हुई पूछताछ

सूत्रों के मुताबिक, टीम ने डॉक्टर के बेटे अबू बकर से भी पूछताछ की, जो फिलहाल मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ संदिग्ध ऑनलाइन संपर्कों और लेनदेन को लेकर एजेंसियां जांच कर रही हैं।

दस्तावेज और उपकरण जब्त

छापेमारी के दौरान टीम ने बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और कंप्यूटर की हार्ड डिस्क की जांच की। बताया जा रहा है कि कुछ जरूरी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जांच के लिए अपने साथ ले जाए गए हैं।

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इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में पुलिस की कड़ी निगरानी रही। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और लोगों की आवाजाही को सीमित रखा गया। सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे, जिन्हें पुलिस ने हटाया।

क्लिनिक भी उसी भवन में संचालित

बताया जा रहा है कि डॉ. आरिफ अंसारी पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ हैं। वह अपने परिवार के साथ मकान के ऊपरी हिस्से में रहते हैं, जबकि निचले तल पर उनका क्लिनिक संचालित होता है। फिलहाल एजेंसियां जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में जुटी हैं। मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार है।

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Saturday, April 11, 2026

धोबी घाट का होगा कायाकल्प, नालों से हटेगा अवैध कब्जा

वाराणसी: बरसात के मौसम में शहर को जलभराव की समस्या से बचाने के लिए नगर निगम नालों की सफाई तेज कर दी गई है। वहीं इसकी निगरानी स्वयं महापौर अशोक कुमार तिवारी कर रहे हैं। इस क्रम शुक्रवार को महापौर ने नदेसर और वरुणापार जोन के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्हों ने नदेसर वार्ड स्थित धोबी घाट के रास्ते को तत्काल पक्का वहां से अवैध कब्जा हटाने और सुरक्षा की दृष्टि से रेलिंग लगाने के निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि नालों पर किए गए किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सफाई कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी।


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निरीक्षण के दौरान महापौर सबसे पहले नदेसर वार्ड स्थित धोबी घाट नाले पर पहुंचे। यहां उन्होंने नाले की स्थिति देखने के बाद अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि नालों के प्रवाह में बाधक बन रहे किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को तुरंत हटाया जाए। इसी मार्ग पर सीवर लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण एक सामुदायिक भवन लंबे समय से बंद पड़ा था, जिसे लेकर महापौर ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को तत्काल सीवर लाइन दुरुस्त कर भवन को जनहित में चालू करने को कहा। 

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सफाई व्यवस्था को समयबद्ध करने के लिए महापौर ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अंतिम तिथि भी निर्धारित की है। उन्होंने रनिया महाल के नाले की सफाई 10 मई तक, तेलियाबाग सहकारी बैंक से चौकाघाट जाने वाले नाले की सफाई 15 मई तक और मरी माता मंदिर से कैंट रोड वाले नाले की सफाई हर हाल में 25 मई तक पूर्ण करने का अल्टीमेटम दिया है। 

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निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान पार्षद सुशील गुप्ता योगी, मदन मोहन दुबे, सिद्धनाथ शर्मा, संदीप रघुवंशी, दिनेश यादव, अमित मौर्या सहित अपर नगर आयुक्त सविता यादव और जोनल अधिकारी जितेंद्र आनंद मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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Thursday, April 09, 2026

यूपी में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, CS एसपी गोयल का बड़ा एक्शन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक कर प्रदेशभर की तैयारियों की समीक्षा की।


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बैठक में मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों तथा भारत के महारजिस्ट्रार व जनगणना आयुक्त के साथ विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश देते हुए कहा कि पहले चरण की तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि 10 अप्रैल तक लगभग 5.5 लाख प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों का सत्यापित डिजिटल डेटाबेस हर हाल में तैयार कर लिया जाए। CS एसपी गोयल ने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में सटीकता और पारदर्शिता बेहद जरूरी है,  इसलिए सभी आंकड़ों का सही और समयबद्ध संकलन सुनिश्चित किया जाए।

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इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को फील्ड स्तर पर प्रशिक्षण, तकनीकी संसाधनों और मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करने के भी निर्देश दिए, ताकि जनगणना प्रक्रिया सुचारू और त्रुटिरहित तरीके से पूरी हो सके। प्रदेश में जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन पूरी तरह एक्टिव मोड में आ चुका है, और अब सभी जिलों में तेज़ी से तैयारियां शुरू हो गई हैं।

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DGP का बड़ा एक्शन, 5 थाना प्रभारी लाइन हाजिर

वाराणसी: प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और पुलिसिंग में लापरवाही पर डीजीपी राजीव कृष्ण ने अब तक का सबसे सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया है। उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद वाराणसी समेत कई जिलों के 5 थाना प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है, जबकि 2 डिप्टी एसपी के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं।


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वाराणसी कमिश्नरी के चोलापुर थाना प्रभारी दीपक कुमार* को उनके क्षेत्र में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और प्रभावी नियंत्रण न कर पाने के कारण लाइन हाजिर कर दिया गया। इस कार्रवाई से साफ संकेत मिल गया है कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

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इन थाना प्रभारियों पर चला DGP का चाबुक जिसमें दीपक कुमार – चोलापुर (वाराणसी), जीतेन्द्र सिंह – कैम्पियरगंज (गोरखपुर), विष्णुकान्त तिवारी – छिबरामऊ (कन्नौज), जगदीश प्रसाद शुक्ला – रामसनेहीघाट (बाराबंकी), उदय प्रताप सिंह – सिकरारा (जौनपुर) इनके साथ ही 2 डिप्टी SP पर भी जांच का आदेश दिया गया है।

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सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट में लापरवाही को लेकर आलोक कुमार पाठक – CO ट्रैफिक (बाराबंकी), गिरेन्द्र कुमार सिंह – CO ट्रैफिक (जौनपुर) पर भी हाईलेवल मीटिंग में दिखी सख्ती। पुलिस मुख्यालय में हुई इस समीक्षा बैठक में सभी पुलिस कमिश्नर, ADG, IG/DIG और जिलों के SSP/SP वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग* के जरिए जुड़े। *राजीव कृष्ण ने साफ कहा कि सड़क हादसों पर नियंत्रण और कानून व्यवस्था* में ढिलाई अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिससे संदेश साफ है कि अब लापरवाही नहीं, सिर्फ कार्रवाई होगी!

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Monday, April 06, 2026

जब अचानक हरकत में आए सीएम योगी के कमांडो, शील्ड खोल कर घेरे में लिए…

उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गोरखपुर दौरे पर पहुंचे यहां उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। रविवार शाम घंटाघर स्थित अमर बलिदानी बंधु सिंह पार्क में बने मल्टीलेवल पार्किंग सह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, घंटाघर के सौंदर्यीकरण के लोकार्पण और विरासत गलियारा पांडेयहाता कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के शिलान्यास समारोह में पहुंचे।


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सीएम पर होने लगी फूलों की बारिश, कमांडो ने घेरे में लिया

नवनिर्मित पार्किंग कॉम्प्लेक्स की छत पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद आज भी प्रदेश का सिस्टम वही है बस आज इसकी पहचान बदल गई है। इस दौरान सीएम योगी जब सड़क मार्ग से पैदल गुजरने लगे तो लोगों की भीड़ लगातार भारी पुष्प वर्षा करने लगी जिससे एक बार तो सीएम के कमांडो को फेस शिल्ड खोल कर घेरे में लेना पड़ा।

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सिस्टम पहले भी वही था, आज मजबूत इरादों वाली सरकार

2017 के पहले हर जिले में माफिया की समानांतर सरकार थी,जबकि आज प्रदेश के नौजवान को अन्य जगहों पर सम्मान मिलता है। आज का उत्तर प्रदेश अब उपद्रव नहीं उत्सव प्रदेश बन चुका है। अब यहां अराजकता नहीं है बल्कि यह माफियामुक्त हो चुका है। सुरक्षित माहौल में व्यापारी और बेटियों ने स्वावलंबन की नई ऊंचाई की यात्रा शुरू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कि जब सरकार की नीयत साफ होती है तो नजारा बदलते देर नहीं लगती।

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पुलिस को सीधा निर्देश …माफियाओं का फन कुचल दें

विरासत गलियारा और मल्टीलेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स इसका उदाहरण है। विरासत गलियारा के पहले फेज का काम लगभग पूरा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डबल इंजन की सरकार ने गोरखपुर सहित प्रदेश को माफियामुक्त, उपद्रवमुक्त, दंगामुक्त, मच्छरमुक्त और इंसेफिलाइटिसमुक्त बना दिया है। सीएम ने जनता को आगाह करते हुए कहा कि संकीर्णता में उठाए गए कदम से माफिया और मच्छर को पनपने का मौका मिलता है। विपक्षी आज भी लोमड़ी की तरह ताक लगाए बैठे ऐसे लोगों को अवसर नहीं देना है जो शोषण का कारण बनते थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माफिया और गुंडों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति बनी रहेगी, पुलिस को स्पष्ट हृदय दी गई है कि जहां भी गुंडों का फन उठे, उसे कुचल दीजिए।

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मुख्यमंत्री के दौरे से पहले आजमगढ़ में हाई अलर्ट

 आजमगढ़: दिनांक 06 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जनपद में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में पुलिस लाइन आजमगढ़ में जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों/कर्मचारियों की संयुक्त उच्चस्तरीय ब्रीफिंग आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


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वीआईपी सुरक्षा पर खास फोकस

मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा के हर पहलू की बारीकी से समीक्षा कर पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

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रूट डायवर्जन और ट्रैफिक प्लान तैयार

यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विस्तृत रूट डायवर्जन प्लान लागू करने के निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को न्यूनतम असुविधा हो।

आपसी समन्वय पर जोर

कार्यक्रम को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की हिदायत दी गई। जनपद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पूरी व्यवस्था अलर्ट मोड पर है और हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि कार्यक्रम निर्विघ्न और सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सके। 

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Thursday, April 02, 2026

वाराणसी के दाल मंडी में एक बार फिर बुलडोजरों की गर्जना, 18 घरों और दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई

वाराणसी:  उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शहर के व्यस्त कारोबारी इलाके दालमंडी में एक बार फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होने जा रही है. करीब एक महीने के अंतराल के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) आज 18 मकानों और दुकानों पर बुलडोज़र चलाने की तैयारी में है. इससे पहले प्रशासन इस इलाके में 60 से अधिक भवनों को जमींदोज कर चुका है.


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प्रशासन की इस कार्रवाई के चलते दालमंडी में भय का माहौल बना हुआ है. दुकानदारों ने संभावित कार्रवाई के डर से अपनी दुकानें पहले ही बंद कर दी हैं. कई दुकानों पर ताले लटके हुए हैं, जिससे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है. प्रशासन द्वारा पहले ही मुनादी कराकर और नोटिस जारी कर व्यापारियों मकान मालिकों को चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद लोगों ने एहतियातन अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए.

PWD अधिकारियों के अनुसार
यह कार्रवाई नई सड़क से लेकर चौक थाने तक करीब 650 मीटर लंबे क्षेत्र में की जा रही है. इस पूरे हिस्से को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे यातायात सुगम होगा और इलाके की आधारभूत संरचना को बेहतर बनाया जा सकेगा. परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा.

सुरक्षा का पूरा इंतजाम 
वहीं, प्रशासन को इस कार्रवाई के दौरान विरोध की आशंका भी है. इसी को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है, जबकि प्रशासन का तर्क है कि यह कदम शहर के विकास और यातायात सुधार के लिए जरूरी है. फिलहाल, पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सभी की नजरें आज होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं.