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Monday, September 21, 2026
नमो घाट पर 25 अक्टूबर को दिखेगा वायुसेना का शौर्य
Sunday, September 20, 2026
‘सपनों का भारत’ विषय पर प्रश्न, कला और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन
वाराणसी: विकास खण्ड चिरईगांव में सेवा संकल्प अभियान कार्यक्रम के अंतर्गत ‘सपनों का भारत’ विषय पर प्रश्न प्रतियोगिता, कला प्रतियोगिता एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विकास खंड के विभिन्न विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 9 से 12 के विद्यालय स्तर पर विजेता रहे विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व ब्लॉक प्रमुख/प्रशासक अभिषेक सिंह ने प्रतिभागी बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।
आयोजित प्रतियोगिताओं में कुल 25 विद्यार्थी विजेता रहे। मंचासीन पूर्व ब्लॉक प्रमुख/प्रशासक एवं अधिकारियों ने विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं स्टेशनरी प्रदान कर सम्मानित किया और उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में खण्ड विकास अधिकारी/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिया सैनी, प्रीति सिंह खंड शिक्षा अधिकारी बद्री प्रसाद, शिक्षकगण एवं अभिभावक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीष कुमार कुशवाहा ने किया। प्रतियोगिता के आयोजन में उमेश त्रिपाठी की भूमिका रही, जबकि मूल्यांकन कार्य राजेंद्र यादव एवं महेंद्र प्रसाद ने किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने प्रश्न, कला और भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से ‘सपनों के भारत’ की अपनी कल्पनाओं और विचारों को प्रस्तुत किया।
Saturday, September 19, 2026
ग्राम पंचायत उमरहा में दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ, 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
वाराणसी: चिरईगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत उमरहा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर गुरुवार शाम 6:30 बजे दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत की गई। यह अभियान 17 अक्टूबर तक चलेगा।
अभियान के तहत सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने का संदेश दिया गया। सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों ने अपने-अपने घरों पर ‘आशीर्वाद का दीया’ के रूप में दीप प्रज्ज्वलित किया।
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ग्राम पंचायत उमरहा में ग्राम सचिवालय, शिव अमृत सरोवर, बुढ़ऊ बाबा अमृत सरोवर, पंचवटी अमृत तालाब, बजरंगबली-सती माता अमृत सरोवर सहित विभिन्न सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर भी दीप जलाए गए।
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इस दौरान ग्राम प्रशासक उदल पटेल, ग्राम सचिव संदीप सोनकर, प्रधानाचार्य गणेश प्रसाद, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राधेश्याम मोदनवाल, शिवचंद पटेल, रमेश, राजेश, मनोज सहित ग्राम पंचायत के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान विश्वकर्मा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर कार्यक्रम में सहभागिता की।
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Friday, September 18, 2026
पैसा पूरा, आवास अधूरा; जिम्मेदार कौन?
वाराणसी: विकास खंड चिरईगांव की ग्रामसभा पुरनपट्टी में मुख्यमंत्री वनवासी आवास योजना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि वर्ष 2023-24 में तीन वनवासी लाभार्थियों को आवास स्वीकृत किए गए, लेकिन वर्षों बाद भी आवास पूर्ण नहीं हो सके। इसके बावजूद लाभार्थियों को आवास की पूरी धनराशि और मजदूरी का भुगतान किए जाने की बात सामने आई है।
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जानकारी के मुताबिक, मेवा वनवासी, सेवा वनवासी और रमेश वनवासी को मुख्यमंत्री वनवासी आवास योजना के तहत आवास का लाभ मिला था। लेकिन मौके की स्थिति को लेकर सवाल यह है कि इन आवासों का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ है। खासतौर पर तीनों आवासो में अभी तक छत का निर्माण नहीं होने की बात सामने आई है। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल सरकारी व्यवस्था पर खड़ा होता है। आवास निर्माण की प्रगति की निगरानी ग्राम पंचायत सचिव, सेक्टर प्रभारी और खंड विकास अधिकारी स्तर से किए जाने की व्यवस्था बताई जाती है। वहीं निर्माण की विभिन्न अवस्थाओं पर जियो टैगिंग भी की जाती है।
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ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब आवास मौके पर पूर्ण नहीं हुआ तो उसकी निर्माण प्रगति किस आधार पर दर्ज हुई और भुगतान की प्रक्रिया कैसे पूरी हो गई? अगर वास्तव में आवास अधूरे हैं और पूरी धनराशि का भुगतान हो चुका है, तो इसकी जिम्मेदारी सिर्फ लाभार्थियों की है या निगरानी और सत्यापन करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए यह जांच का विषय है। आवास योजना में निर्माण की प्रगति को दर्ज करने के लिए अलग-अलग चरणों में जियो टैगिंग की जाती है। ऐसे में यह मामला और भी गंभीर सवाल खड़े करता है कि जियो टैगिंग में आवास की वास्तविक स्थिति क्या दर्ज की गई थी? यदि जियो टैगिंग के दौरान आवास अधूरा था, तो भुगतान आगे कैसे बढ़ा? और यदि जियो टैगिंग में निर्माण पूर्ण दिखाया गया, तो मौके पर आवास अधूरा क्यों मिला? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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मामले को लेकर जब खंड विकास अधिकारी/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिया सैनी से जानकारी ली गई तो उन्होंने प्रारंभ में कहा कि लाभार्थियों को पैसा मिल चुका है और यदि उन्होंने आवास नहीं बनवाया तो विभाग क्या कर सकता है। हालांकि, जब उन्हें आवास की वास्तविक स्थिति और भुगतान से संबंधित पूरी जानकारी से अवगत कराया गया तो उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही। अब सवाल यह है कि जांच में क्या सामने आता है? क्या लाभार्थियों को भुगतान के बावजूद आवास निर्माण पूरा नहीं कराने के लिए जिम्मेदार माना जाएगा, या भुगतान और सत्यापन की प्रक्रिया में भी किसी स्तर पर लापरवाही सामने आएगी?
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मुख्यमंत्री वनवासी आवास योजना का उद्देश्य जरूरतमंद वनवासी परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि धनराशि का भुगतान हो जाने के बावजूद आवास अधूरे हैं, तो मामला केवल एक अधूरे मकान का नहीं बल्कि सरकारी धन के उपयोग और निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता का भी है। अब देखना होगा कि जांच के बाद विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और आवास अधूरे रहने तथा भुगतान की प्रक्रिया में जिम्मेदारी किसकी तय होती है?
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Wednesday, September 16, 2026
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Tuesday, September 01, 2026
जनता दर्शन में जिलाधिकारी ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं
Wednesday, August 26, 2026
शाकुंतलम सोसाइटी की पार्किंग में विवाद, हाथापाई और अभद्रता के आरोप; जांच की मांग
वाराणसी: शाकुंतलम सोसाइटी की पार्किंग में विवाद के दौरान कथित हाथापाई और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। सोसाइटी के सचिव की ओर से मामले को लेकर शिकायत करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
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शिकायत के मुताबिक, सोसाइटी में किराये पर रहने वाले नितिन धाकते के संबंध में आरोप है कि पार्किंग परिसर में विवाद के दौरान उनके द्वारा कथित रूप से हाथापाई की गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सोसाइटी के एक निवासी एवं डॉक्टर के साथ अभद्र व्यवहार तथा मारपीट की घटना सामने आई।
मामले को लेकर सोसाइटी के निवासियों के बीच भी चिंता जताई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा अपने पद अथवा प्रभाव का हवाला देते हुए अन्य निवासियों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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CCTV फुटेज से सामने आ सकता है पूरा घटनाक्रम
सोसाइटी सचिव ने प्रबंधन से मांग की है कि पार्किंग परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज सुरक्षित कर उसकी जांच की जाए। इसके साथ ही घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लेकर पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने लाई जाए। शिकायत में कहा गया है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो सोसाइटी के नियमों के अनुसार संबंधित व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो।
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निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई
मामले में फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्य इस विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। सोसाइटी प्रबंधन के सामने अब चुनौती यह है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए और यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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