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Wednesday, October 14, 2026

नवरात्र में मांस बेचने पर नगर निगम सख्त, सप्तसागर में खुली दुकान पर ठोका 5,000 का जुर्माना

. नगर निगम वाराणसी 


                  *प्रेस विज्ञप्ति* 

वाराणसी: नवरात्र पर नगर निगम के सख्त आदेश के बाद भी शहर में चोरी-छिपे मांस बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। इस क्रम मंगलवार को चेकिंग अभियान के दौरान सप्तसागर क्षेत्र में एक मांस की दुकान खुली मिलने पर निगम की टीम ने तत्काल पांच हजाररुपये का चालान काटा। इसके साथ ही चेतावनी दी गई कि नवरात्र में नियम तोड़ने वालों पर आगे भी इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी। श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए नगर निगम कार्यकारिणी ने तक शहर की सभी मांस, मछली व मुर्गा की दुकानों को बंद रखने का निर्देश जारी किया था। 


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यह आदेश 26 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के निर्देश पर सभी जोनों में विशेष टीमें गठित कर सघन चेकिंग अभियान भी चलाया गया। पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि मंगलवार को पूरे शहर में व्यापक निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकतर इलाकों में दुकानें बंद पाई गईं, लेकिन सप्तसागर में एक दुकान चोरी-छिपे संचालित पाई गई, जिस पर मौके पर ही पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। 

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उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह अभियान पूरे नवरात्र लगातार चलाया जाएगा और किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने वाले दुकानदारों व शिथिलता दिखाने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसके अलावा शासकीय नियमों और सदन के प्रस्ताव के तहत किसी भी मंदिर से 500 मीटर और श्री काशी विश्वनाथ धाम के दो किलोमीटर के दायरे में मांस की बिक्री, उपयोग व पशुवध पर पूरी तरह पाबंदी प्रभावी रहेगी।  

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वहीं काशी में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक एरियल डिस्प्ले-2026 को देखते हुए नगर निगम ने नमो घाट के 20 से 30 किलोमीटर के दायरे में 19 से 26 अक्टूबर तक मांस-मछली की बिक्री व कटिंग पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है ताकि फाइटर जेट्स की निर्बाध उड़ान और 'बर्ड-हिट' जैसी गंभीर दुर्घटनाओं को रोका जा सके । नगर आयुक्त ने बताया कि एयर शो के दौरान आकाश में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गंगा घाटों और आसपास के समूचे क्षेत्रों में पतंगबाजी पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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सभी प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने का नगर आयुक्त ने दिया निर्देश

वाराणसी: नगर निगम में मंगलवार को आयोजित संभव जनसुनवाई के दौरान कुल 22 शिकायतें प्राप्त हुईं। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याएं ध्यान से सुनीं। समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए प्रत्यावेदन अग्रसारित किए। 


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जनसुनवाई के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने जर्जर भवन, सड़कों की स्थिति, साफ-सफाई, सीवर समस्या, स्ट्रीट लाइट, असेसमेंट, दाखिल-खारिज और आवास जैसी विभिन्न नागरिक समस्याओं से संबंधित अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। 

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इसमें बजरडीहा के धनंजय चौबे ने सड़क के लिए प्रत्यावेदन दिया। वहीं औरंगाबाद के लवकुश चौरसिया ने जर्जर भवन, तरना शिवपुर के प्रियंका मिश्रा ने साफ-सफाई, सारनाथ के रवि कुमार पटेल ने असेसमेंट, आदमपुर के तारिक अनवर व इंद्रपुरी कॉलोनी के ओमप्रकाश चौबे ने सीवर के संबंध में शिकायत दर्ज कराई। बजरडीहा के मो. सुलैनी और शिवपुरवा के अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने स्ट्रीट लाइट, शिवपुरवां के राहुल सोनकर और चांदपुर के अमरजीत ने साफ-सफाई के संबंध में प्रत्यावेदन दिया। 

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नगवां के पीयूष कुमार पांडेय, नदेसर के रोहन मिश्रा व मिसिर पोखरा के उपहास कुमार ने दाखिल-खारिज के संबंध में आवेदन किया। कोल्हुआ विनायका के धर्मेंद्र कुमार सोनकर ने संचिका के संबंध में काजीपुरा खुर्द के सज्जाद खान ने सर्विस बीमा व भुगतान, सीरगोवर्धन के शिवधनी ने स्ट्रीट लाइट तथा कमच्छा के रामानन्द ने सीवर के संबंध में अपनी शिकायतें रखीं। 

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इसके अलावा लक्ष्मनपुर की दुर्गा देवी और रूबी प्रजापति ने आवास, मढवां लमही के वैभव शर्मा ने सड़क, कोतवाली के आनंद कुमार सुरेका ने जर्जर भवन तथा पियरीया पोखरी के अंगद चौहान ने सीवर के संबंध में शिकायत दर्ज कराई। निगम अधिकारियों द्वारा सभी प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

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काशी में संस्कृति संसद 2026, संस्कृति, राष्ट्र और नई पीढ़ी के सवालों पर होगा व्यापक मंथन

वाराणसी: भारतीय संस्कृति, ज्ञान परम्परा, सांस्कृतिक-सामाजिक मूल्य और नई पीढ़ी के साथ उसके सम्बन्धों पर राष्ट्रीय विमर्श के लिए काशी में 3 से 5 नवम्बर तक संस्कृति संसद 2026 का आयोजन किया जाएगा। रुद्राक्ष अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग एवं कन्वेंशन सेन्टर में होने वाली छठी संस्कृति संसद में सन्तों, विद्वानों, संगठकों, वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, युवाओं और कलाकारों की भागीदारी रहेगी। कार्यक्रम का आयोजन गंगा महासभा द्वारा अखिल भारतीय सन्त समिति, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और श्री काशी विद्वत परिषद के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।


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आयोजन में देशभर से लगभग तीन हजार सन्तों के जुटने की जानकारी दी गई है। संस्कृति संसद की रूपरेखा केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें युवा संवाद, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, चित्रकला, फोटोग्राफी और विभिन्न प्रतियोगिताओं को भी शामिल किया गया है। इसके माध्यम से संस्कृति के आध्यात्मिक, बौद्धिक, सामाजिक और कलात्मक आयामों को एक साझा मञ्च पर प्रस्तुत किया जाएगा।

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संस्कृति संसद 2026 में मुख्य संस्कृति संसद, Gen Z कॉन्क्लेव, संस्कृति उत्सव, चित्रकला प्रदर्शनी, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी, रंगोली प्रतियोगिता तथा बच्चों की चित्रकला सहित अन्य सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। मुख्य सभागार में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक होने वाली संस्कृति संसद में सन्त, विद्वान, वैज्ञानिक और विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर विचार रखेंगे। समानान्तर रूप से आयोजित Gen Z कॉन्क्लेव में युवा भाषण, तथ्यों एवं आँकड़ों पर आधारित प्रस्तुतियों, पैनल चर्चा और प्रश्नोत्तर के माध्यम से अपनी बात रखेंगे। इस कॉन्क्लेव की प्रस्तावित संरचना में लगभग 90 प्रतिशत युवा वक्ताओं और 10 प्रतिशत विशेषज्ञों की भागीदारी रखी गई है।

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शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक आयोजित संस्कृति उत्सव में राष्ट्र॰धर्म॰संस्कृति॰संस्कार पर आधारित युवा कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों की प्रस्तुतियाँ होंगी। ‘राम, कृष्ण और शिव की पावन भूमि उत्तर प्रदेशः धरोहर, संरक्षण, संवर्धन’ विषय पर अन्तर्राष्ट्रीय चित्रकला एवं फोटोग्राफी प्रदर्शनियों शिंजो आबे कला दीर्घा में आयोजित की जाएँगी। इसके साथ-साथ रंगोली और बाल चित्रकला प्रतियोगिताओं के जरिए विभिन्न आयु वर्गों की सांस्कृतिक भागीदारी को स्थान दिया जाएगा।

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आयोजन की संरचना में सन्त समाज और पारम्परिक विद्वत संस्थाओं के मार्गदर्शन के साथ युवाओं को स्वतन्त्र रूप से विचार रखने का अवसर देना महत्वपूर्ण पक्ष है। एक ओर सन्तों और विद्वानों की भागीदारी भारतीय परम्पराओं तथा ज्ञान-विमर्श को मञ्च प्रदान करेगी, वहीं Gen Z कॉन्क्लेव में युवा समकालीन प्रश्नों पर अपने विचार रख सकेंगे। भारतीय संस्कृति को लेकर राष्ट्रीय विमर्श में परम्परा, आधुनिकता और सामाजिक बदलाव के बीच सम्बन्ध महत्वपूर्ण विषय रहे हैं। संस्कृति संसद में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की भागीदारी इन विषयों पर विचारों के आदान-प्रदान का अवसर उपलब्ध कराएगी। काशी में आयोजित होने वाला यह तीन दिवसीय कार्यक्रम विचार-विमर्श, युवा सहभागिता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को एक साथ जोड़ता है। इसकी व्यापकता का आधार यही है कि संस्कृति को केवल अतीत की विरासत के रूप में नहीं, बल्कि समाज, ज्ञान, कला और नई पीढ़ी से जुड़े विषय के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

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पत्रकारवार्ता में अखिल भारतीय सन्त समिति एवं गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामन्त्री स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती, जगद्गुरु बालक देवाचार्य, प्रोफेसर राम नारायण द्विवेदी जी (महामन्त्री- श्रीकाशी विद्वत परिषद्), गोविन्द शर्मा (महामन्त्री संगठन, गंगा महासभा) और कैलाश आचार्य (कार्यकारी अध्यक्ष- आयोजन समिति) आदेश भट्ट (प्रभारी- युवा विमर्श, Gen Z कॉन्क्लेव), नागेन्द्र सिंह (संयोजक- Gen Z  कॉन्क्लेव) उपस्थित रहे।

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Monday, October 12, 2026

जौनपुर में पूर्व ग्राम प्रधान के भाई की हत्या, स्कूल परिसर में मिला शव

जौनपुर: जिले के सुजानगंज थाना क्षेत्र के हिम्मतनगर में पूर्व ग्राम प्रधान के भाई ओमप्रकाश मिश्र उर्फ पप्पू मिश्र (55) की हत्या का मामला सामने आया है। सोमवार सुबह उनका शव एक स्कूल परिसर में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है। उन्होंने हत्याकांड का जल्द खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।


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मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह हिम्मतनगर स्थित स्कूल परिसर में ओमप्रकाश मिश्र का शव मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। इसके बाद परिजन शव को घर पर रखकर हत्याकांड के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। परिजनों की मांग है कि पुलिस जल्द से जल्द मामले का खुलासा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे।

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वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह और वारदात में शामिल लोगों के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस जांच और हत्याकांड के खुलासे पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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Saturday, October 10, 2026

मवैया तालाब की जमीन पर विवाद, नगर निगम के लेखपाल के दावे से ग्रामीणों में नाराजगी

वाराणसी: सारनाथ आशापुर रोड स्थित पुराने आरटीओ कार्यालय के पास मवैया तालाब की जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर पहुंचे नगर निगम के लेखपाल ने उक्त स्थल को तालाब मानने से इनकार करते हुए इसे भूमिधरी जमीन बताया। वहीं, ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित आराजी संख्या 192/1 में तालाब मौजूद है, जिसका उपयोग लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए किया जाता रहा है।



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ग्रामीणों के अनुसार, मौके पर एक व्यक्ति मेहता और उनके साथ एक अधिकारी भी पहुंचे थे। इस दौरान नगर निगम के लेखपाल भी मौजूद रहे। लेखपाल की ओर से जमीन को तालाब के बजाय भूमिधरी बताए जाने के बाद विवाद और गहरा गया। ग्रामीणों ने इस मामले में नगर निगम के लेखपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, जमीन की वास्तविक स्थिति राजस्व अभिलेखों और आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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धार्मिक आयोजनों के लिए होता है तालाब का इस्तेमाल

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थल पर लंबे समय से दसवां संस्कार, पिंडदान, मूर्ति विसर्जन, छठ पूजा और जिउतिया जैसे धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। ऐसे में जमीन की स्थिति को लेकर उठे विवाद से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर तालाब की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

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जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट: एसडीएम

इस संबंध में उपजिलाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराने के बाद ही कोई स्पष्ट जवाब दिया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यदि जांच में जमीन तालाब की पाई जाती है, तो उसके सुंदरीकरण का कार्य कराया जाएगा। वहीं, यदि जमीन किसी की भूमिधरी पाई जाती है, तो नियमानुसार संबंधित पक्ष अपने हिसाब से कार्य कर सकता है।

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अब जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

मवैया तालाब को लेकर उठे विवाद के बीच अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि और जमीन की वास्तविक स्थिति का निर्धारण राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद ही हो सकेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और ग्रामीणों की शिकायत का समाधान हो पाता है या नहीं। मौके पर मुलायम यादव, अभय पांडेय, घनश्याम राजभर, सुनील कुमार, सोनू यादव, रामजी राजभर, मोनू यादव, सियाराम यादव और कुलुर यादव सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

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चिरईगांव में ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम का आयोजन, रंगोली प्रदर्शनी में दिखीं सरकारी योजनाएं

वाराणसी: विकासखंड चिरईगांव स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) में सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ थीम पर रंगोली प्रदर्शनी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्राकृतिक रंगों, अनाजों, फूलों और पत्तियों से तैयार आकर्षक रंगोलियों के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया। खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति सिंह ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।


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रंगोलियों के जरिए योजनाओं के प्रति किया जागरूक

प्रदर्शनी में बेसिक शिक्षा विभाग और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के बीच समन्वय देखने को मिला। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और बच्चों ने मिलकर प्राकृतिक रंगों, विभिन्न प्रकार के अनाजों, ताजे फूलों और पत्तियों से रंगोलियां बनाईं। इनके माध्यम से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के स्वरूप और प्रतीक चिह्नों को कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी में तैयार रंगोलियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। आयोजन का उद्देश्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सरकारी योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और विभागीय समन्वय को प्रोत्साहित करना रहा।

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प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चे सम्मानित

मुख्य अतिथि पूनम मौर्य ने बच्चों, शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां समाज को जागरूक करने और बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस अवसर पर ‘प्रकृति ही भक्ति है’ विषय पर आयोजित निबंध, भाषण और चित्रकला प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मिशन शक्ति एवं मीना मंच से जुड़े छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।

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अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव, भाजपा मंडल अध्यक्ष शशिकांत कुशवाहा, मंत्री रेखा चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, अनुदेशक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विज्ञान विषय की एआरपी रश्मि त्रिपाठी ने किया। अंत में खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति सिंह ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, शिक्षकों और बच्चों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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Friday, October 09, 2026

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लोग लें लाभ

वाराणसी: विकास खण्ड चिरईगांव में सेवा सेतु कार्यक्रम के अंतर्गत ब्लॉक मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को लेकर विद्युत उपभोक्ताओं एवं लाभार्थियों के साथ संवाद किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रम एवं रोजगार मंत्री अनिल राजभर और खण्ड विकास अधिकारी रिया सैनी द्वारा किया गया।


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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका अधिक से अधिक पात्र परिवार लाभ उठाएं और अपने बिजली बिल में बचत करें। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सब्सिडी तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में आरईसी लिमिटेड की भूमिका की सराहना करते हुए लोगों से ब्लॉक मुख्यालय पर लगाए गए पंजीकरण स्टॉल पर पहुंचकर योजना के लिए पंजीकरण कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक परिवार अपने घरों पर रूफटॉप सोलर स्थापित कर स्वच्छ, किफायती एवं सतत ऊर्जा को अपनाएं तथा बिजली बिल में बचत का लाभ प्राप्त करें।

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कार्यक्रम के दौरान विद्युत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर के लाभ, योजना के अंतर्गत उपलब्ध केंद्रीय एवं राज्य प्रोत्साहनों, आवेदन प्रक्रिया तथा सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली बिल में संभावित बचत के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा उपभोक्ताओं की योजना से संबंधित जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान भी किया गया।

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इस अवसर पर अधिक से अधिक पात्र परिवारों को अपने घरों पर रूफटॉप सोलर स्थापित कर स्वच्छ, किफायती एवं सतत ऊर्जा को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। ब्लॉक मुख्यालय पर लगाए गए पंजीकरण स्टॉल के माध्यम से इच्छुक विद्युत उपभोक्ताओं को योजना में पंजीकरण कराने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

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कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी रिया सैनी (आईएएस), आरईसी लिमिटेड के अधिकारी (इंजीनियरिंग) आयुष गर्ग, परियोजना अधिकारी चंद्र प्रकाश गौतम, अधिशासी अभियंता हेमंत सिंह, डी.जी. पावर सिस्टम सोलर के संचालक सुबेदार यादव तथा उनकी प्रतिनिधि अलीना अफरीन खान सहित संबंधित अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्युत उपभोक्ता उपस्थित रहे।

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