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Friday, March 1, 2024

14 लाख रूपये के सी0पी0एफ0 घोटाले में लीपापोती का आरोप

वाराणसी: विद्युत परीखण खण्ड चितईपुर वाराणसी एवं नगरीय विद्युत वितरण खण्ड- पंचम वाराणसी के अन्तर्गत 40 कर्मचारियो के वेतन से काटी गयी लगभग 14 लाख रूपये के सी0पी0एफ0 धनराशियों को उनके सी0पी0एफ0 खातो में जमा न कर किये गये घोटाले का पर्दाफास होने के बावजूद  दोनो खण्डो के अधिकारियो एवं उपमुख्यलेखाधिकारी कार्यालय वाराणसी के जिम्मेदार लोगो द्वारा मामले में लीपा-पोती करने का षणयन्त्र किया जा रहा है. 


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यह आरोप विद्युत मजदूर पंचायत उ0प्र0 के प्रतिनिधियो की यूनियन भवन भिखारीपुर में शुक्रवार 01 मार्च को आर0के0 वाही प्रात्तीय उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुयी बैठक में वक्ताओं ने लगाये, बता दे कि वर्ष 2013 से लेकर 2015 तक की अवधि में विद्युत परीक्षण खण्ड चितईपुर वाराणसी के अन्तर्गत कुल तीस कर्मचारियों के छठे वेतन आयोग एवं समय-समय पर महगाई भत्ते में की गयी बढोत्तरी का कुल 14 लाख रूपये कर्मचारियों के सी0पी0एफ0 खातों में जमा नहीें किया गया। 

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इसी प्रकार नगरीय विद्युत  वितरण खण्ड पंचम वाराणसी के अन्तर्गत 10 कर्मचारियों के माह दिसम्बर 2014 में वेतन से सी0पी0एफ0 की कटौती की गयी जिसे कर्मचारियों के खातो में जमा नहीं किया गया तथा वर्ष 2013 से लेकर 2017 तक समय-समय पर महगाई भत्ते में की गयी  बढोत्तरी की धनराशि संबंधित खंड द्वारा समय पर उनके खातो में जमा न कर वर्ष 2018-19 में पोस्ट किया गया जिसके कारण कर्मचारियों को व्याज का नुकसान हुआ है।

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बैठक में वक्ताओं ने चेतावनी भरे शब्दो में कहा कि यदि मार्च माह में इन घोटालो का निस्तारण नहीं किया गया एवं दोषियो के लिखाफ कड़ी कार्यवाही नहीं  किया गया तो कर्मचारी सड़क पर उतरने हेतु बाध्य हागे एवं प्रकरण को माननीय अध्यक्ष महोदय उत्तर प्रदेश पावर  कारपोरेशन लि0 लखनऊ के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जायेगा।

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बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर प्रबन्ध निदेशक महोदय पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि0 से अपील किया गया कि प्रकरण को संज्ञान में लकर प्रकरण का निस्तारण कराने की कृपा करें। बैठ को डा0 आर0वी0 सिंह, ओ0पी0 सिंह, आर0के0 वाही, अंकुर पाण्डेय, जीउत लाल, विजय सिंह, गुलाब चन्द, के0पी0 दूबे, तपन चटर्जी, राघवेन्द्र गोस्वमी, विकास कुशवाहा, अमितानन्द त्रिपाठी, रमेश चैरसिया आदि नेताओं ने सम्बोधित किया।

अब रोडवेज बस से जाइए अयोध्या से हरिद्वार, चार राज्यों के लिए अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू

लखनऊ: अयोध्या से अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू हो गई है। राजस्थान सहित चार प्रांतों ने राज्य स्तरीय बातचीत के बाद रोडवेज बसों का संचालन शुरू किया है। विगत 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। 


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इसके बाद अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी तो राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के रोडवेज महकमों ने अयोध्या तक बसों के संचालन में दिलचस्पी दिखाई। कुछ के अफसरों ने फोन से यहां के रोडवेज के अफसरों से बात की, जबकि हरियाणा की टीम यहां पहुंची थी। 

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विभाग ने अन्य प्रदेश के अफसरों को बताया था कि राज्य स्तरीय समझौते या फिर परमिट के आधार पर बसों का संचालन शुरू हो सकता है। बातचीत के बाद चारों प्रांतों ने अयोध्या के लिए बस सेवा शुरू कर दी। बस सेवा अलग-अलग दिन से शुरू हुई। बसों का अयोध्या धाम स्टेशन से आवागमन होने लगा हैं।  

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रोडवेज ने यहां से उत्तराखंड के हरिद्वार के लिए भी बस सेवा शुरू की है। हरिद्वार के लिए बस सुबह 10 बजे छूटती है। अयोध्या से हरिद्वार की दूरी 745 किमी. है और किराया 1075 रुपये है। टनकपुर के लिए अभी बस सेवा नहीं शुरू की गई है, जल्द ही यह सेवा भी शुरू होने की संभावना है। 

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एआरएम आदित्य प्रकाश ने बताया कि राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड प्रदेश से बस सेवा शुरू हुई है। इन प्रदेशों के रोडवेज महकमों ने सेवा शुरू की है। अयोध्या से हरिद्वार के लिए बस सेवा की शुरुआत कर दी गई। टनकपुर के लिए बसों का संचालन अभी नहीं शुरू हुआ है।

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संदेशखाली हिंसा ने बढ़ाई ममता बनर्जी की चिंता, बंगाल की सभी 42 सीटों पर सीधा असर

नई दिल्ली: संदेशखाली की घटना से शुरू हुआ स्थानीय आंदोलन क्या सिंगुर, नंदीग्राम की तरह राजनीतिक रूप से असरदार हो सकता है? क्या इनकी कोई तुलना भी है? अतीत में सत्ता बदलने के लिए जिस तरह से संघर्ष और आंदोलन के जरिए सियासी जमीन ममता बनर्जी ने तैयार की थी, क्या संदेशखाली ने भाजपा को वही मौका दे दिया है। इस तरह की कई सियासी चर्चाओं के बीच पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों की व्यूह रचना में संदेशखाली का मुद्दा काफी अहम हो गया है।

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चुनाव के ठीक पहले सामने आए इस मुद्दे ने तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी की निजी तौर पर चिंता बढ़ा दी है। डैमेज कंट्रोल की कोशिश हो रही है लेकिन भाजपा इस मुद्दे को गरम बनाए रखते हुए चुनाव की रणनीति को इसके आसपास रखना चाहती है। आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में भी इसकी झलक साफ मिलेगी। हालांकि ममता अपने कार्यकर्ताओं को संदेश दे चुकी हैं कि सिंगुर, नंदीग्राम की इससे कोई तुलना नहीं हो सकती।

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मतदाताओं को प्रभावित कर सकता मुद्दा:

तृणमूल नेता भाजपा शासित राज्यों में महिला उत्पीड़न का मामला उठाकर पलटवार कर रहे हैं। 10 मार्च को बड़ी रैली में ममता भाजपा के सारे आरोपों का जवाब देंगी। संभवतः इसके पहले वह संदेशखाली का दौरा भी करें लेकिन पार्टी अंदरूनी स्तर पर महसूस कर रही है कि यह मुद्दा राजनीतिक रूप से राज्य में मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है।

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राजनीति और छवि पर असर:

महिलाओं के सड़क पर आने से ममता की चिंता बढ़ी है इसलिए शेख शाहजहां पर कार्रवाई को ढाल बनाकर बचने की कोशिश हो रही है। हालांकि जानकार मानते हैं कि इस मुद्दे ने ममता की राजनीति और उनकी छवि पर असर डाला है। मुख्यमंत्री ममता ने विधानसभा में कहा था कि उस इलाके में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का गढ़ रहा है। तृणमूल का कहना है कि भाजपा इसे हिंदुत्व की प्रयोगशाला बनाना चाहती है और कोशिश मतों के ध्रुवीकरण की है जबकि भाजपा का कहना है कि यह पश्चिम बंगाल में अपराध के राजनीतिक गठजोड़ का उदाहरण है।  

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दांव-पेच जारी:

फिलहाल पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीट में जीत-हार पर यह मुद्दा कितना असर डालेगा, अभी कहना मुश्किल है लेकिन हर तरह के दांव-पेच जारी हैं। पिछले चुनाव में ममता की अगुवाई में तृणमूल कांग्रेस को 22 सीट मिली थी। वहां भाजपा को 18 और कांग्रेस को दो सीट पर जीत मिली थी। इस बार भाजपा पूरा जोर अपनी संख्या बढ़ाने पर लगा रही है। वहीं शरद पवार सहित विपक्ष के कई नेताओं ने ममता को राजनीतिक परिस्थिति के मुताबिक विपक्षी एकता के साथ चुनाव लड़ने की सलाह दी है।

Thursday, February 29, 2024

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पंजीकरण में वाराणसी प्रदेश में सातवें स्थान पर

वाराणसी: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई - 2.0), मातृ व शिशु मृत्यु दर को कम करने में बेहद कारगर  साबित हो रही है। समुदाय में योजना को लेकर जन जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। इसी का परिणाम है कि सितंबर 2023 से नए कलेवर में शुरू हुई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना – 2.0 के तहत अब तक जनपद में 19,667 पात्र महिलाओं का पंजीकरण किया जा चुका है। राज्य स्तर से मिले लक्ष्य के सापेक्ष जनपद में योजना के पंजीकरण की उपलब्धि 86.34 फीसदी है। इसी उपलब्धि से वाराणसी, प्रदेश में सातवें स्थान पर चल रहा है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ संदीप चौधरी ने दी। 


पुलिस उपायुक्त गोमती जोन द्वारा थाना सिन्धोरा का औचक निरीक्षण कर दिये आवश्यक दिशा निर्देश

सीएमओ ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पहले बच्चे एवं दूसरा बच्चा (लड़की) होने पर लाभ दिये जाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पंजीकरण पर जोर दिया जा रहा है। इस दौरान जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि जनपद एवं ब्लॉक स्तर पर योजना के पंजीकरण फॉर्म भराए जाने का कार्य किया जाता है जबकि सरकार द्वारा पीएमएमवीवाई 2.0 पोर्टल पर अपलोड किए गए फॉर्म का सत्यापन करने के उपरांत सीधे डीबीटी के माध्यम से लाभार्थी के खाते में धनराशि भेजी जाती है। 

लाभ के लिए पंजीकरण अनिवार्य – योजना के नोडल अधिकारी व डिप्टी सीएमओ डॉ एचसी मौर्य ने बताया कि गर्भधारण से 570 दिन के अन्दर लाभ के लिए पंजीकरण किया जा सकता है। पहली बार माँ बनने वाली गर्भवती के लिए मिलने वाली धनराशि दो किश्तों में देय होगी, जिसमें प्रथम किश्त में 3000 रुपये एवं द्वितीय किश्त में 2000 रुपए लाभार्थी महिला के पंजीकृत बैंक खाते में भेजे जाते हैं। सरकार की नई व्यवस्था के अन्तर्गत दूसरी संतान बालिका होने पर धनराशि 6000 रुपए एकमुश्त दी जाएगी। इसमें शिशु के जन्म से 270 दिन के अन्दर लाभ के लिए पंजीकरण किया जा सकता है। दूसरी संतान बालिका का यदि एक अप्रैल 2022 को या उसके बाद जन्म हुआ हो तो इस दशा में पंजीकरण किया जा सकता है।  

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दूसरी बार संतान बालिका होने पर 2527 महिलाओं को मिले एकमुश्त 6000 रुपये - नोडल अधिकारी डॉ एचसी मौर्य ने बताया कि जनपद में सितंबर 2023 से अब तक 19,667 (86.34%) लाभार्थी महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है। इसमें पहली बार गर्भवती होने वाली 4885 महिलाओं को पहली किश्त के रूप में 3000 रुपये एवं 742 महिलाओं को दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये उनके पंजीकृत बैंक खाते में भेजे जा चुके हैं। वहीं दूसरी बार संतान बालिका होने वाली 2527 लाभार्थी महिलाओं को एकमुश्त 6000 रुपये उनके पंजीकृत बैंक खाते में भेजे जा चुके हैं। शेष लाभार्थियों को योजना के नियमानुसार समय से भुगतान किया जाएगा।    

पंजीकरण के लिए यह जानना जरूरी – योजना की जिला कार्यक्रम समन्वयक शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि इस योजना में पंजीकरण प्रक्रिया व उससे जुड़ी जानकारी के लिए अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर तैनात एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं से संपर्क किया जा सकता है। पीएमएमवीवाई वर्जन 2.0 योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन pmmvy.wcd.gov.in पर किया जा सकता है। गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद ‘पीएम योजना एप’ को डाउनलोड कर लाभार्थी स्वयं पंजीकरण कर सकती हैं। पात्रता के लिए अपलोड किए जाने वाले इन प्रमाणपत्रों में से कोई एक लाभार्थी के पास होना जरूरी है - 

  • महिलाएं जिनकी कुल वार्षिक आय रुपये आठ लाख प्रति वर्ष से कम हो। 
  • मनरेगा जॉब कार्ड धारक महिला। 
  • महिला किसान जो किसान सम्मान निधि की लाभार्थी हो। 
  • ई-श्रम कार्ड धारक महिलाएं। 
  • आयुष्मान भारत के अन्तर्गत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) लाभार्थी महिलाएं।
  • बी०पी०एल० राशन कार्ड धारक महिलाएं। 
  • महिलाएं जो आंशिक रूप से (40 प्रतिशत) या पूर्णतः दिव्यांग हों।  
  • अनुसूचित जाति (एससी) महिलाएं। 
  • अनुसूचित जनजाति (एसटी) महिलाएं। 
  • गर्भवती एवं धात्री महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता / आंगनबाड़ी सहायिका / आशा कार्यकर्ता। 
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम  2013 के अन्तर्गत राशन कार्ड लाभार्थी महिलाएं।

पुलिस उपायुक्त गोमती जोन द्वारा थाना सिन्धोरा का औचक निरीक्षण कर दिये आवश्यक दिशा निर्देश

वाराणसी: दिनांक 29-02-2024 को पुलिस उपायुक्त गोमती जोन द्वारा थाना सिन्धोरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर का भ्रमण कर परिसर की साफ-सफाई, शस्त्रों की सफाई, लावारिस वाहनों व मालों का निस्तारण करने व साफ-सफाई को उच्चकोटि का बनाये रखने हेतु निर्देशित किया गया। 


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थाना कार्यालय का गहनतापूर्वक निरीक्षण करते हुए रजिस्टरों/रिकार्डों को अद्यावधिक करने हेतु निर्देशित किया गया साथ ही मालखाना, बन्दीगृह, भोजनालय, आरक्षी आवास, बैरकों व सीसीटीएनएस कक्ष का निरीक्षण किया गया, महिला हेल्प डेस्क का निरीक्षण करते हुए हेल्प डेस्क पर तैनात महिला आरक्षी को प्रार्थना पत्रों के निस्तारण के नियमित रूप से फीडबैक लेने व पब्लिक ग्रीवांस पोर्टल पर फिडिग करने हेतु निर्देशित किया गया। आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों को भौतिक सत्यापन करते हुए समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने हेतु निर्देशित किया गया। 

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भाजपा द्वारा माइक्रो डोनेशन कार्यशाला का हुआ आयोजन

वाराणसी: कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी महानगर व जिला की ओर से गुरुवार को सिगरा स्थित गुलाब बाग पार्टी कार्यालय में माइक्रो डोनेशन कार्यशाला का आयोजन संपन्न हुआ।कार्यशाला के मुख्य अतिथि वाराणसी लोकसभा समन्वयक अश्वनी त्यागी ने कहा कि प्रधानमंत्री और काशी के सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का हमेशा फोकस रहता है कि आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति डिजिटल पेमेंट करे, इसी उद्देश्य को पूरा करने हेतु व जन-जन की सहभागिता और इस कार्य में जुड़े, इसके लिए पूरे देश में पहली बार संगठन द्वारा प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी से माइक्रो डोनेशन कार्य का शुभारंभ किया जा रहा है। 


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उन्होंने कहा कि सन 2014 में भ्रष्टाचार मुक्त भारत का संकल्प पीएम मोदी ने लिया था उसी को आगे बढ़ते हुए आज डिजिटल डोनेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी लाल किले से भाषण देते थे कि लाभार्थी के खाते में दिल्ली से ₹1 भेजा जाता है और लाभार्थी को मात्र 15 पैसे ही प्राप्त होता है बाकी पैसे भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ जाता है। परंतु आज जब दिल्ली में मोदी जी बटन दबाते हैं तो लाभार्थी के खाते में शत प्रतिशत लाभ पहुंचता है। उन्होंने कहा कि दो करोड़ से ज्यादा बच्चे प्राइमरी स्कूल में पढ़ते हैं। उन बच्चों के अभिभावकों के खाते में डिजिटल माध्यम से रु.1200 सीधे भेजे जाते हैं।

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गुरुवार को कार्यशाला में उपस्थित पूर्व राष्ट्रीय परिषद सदस्य एवं पूर्व महामंत्री सुभाष चंद्र गुप्ता ने सर्वप्रथम रु.20 का माइक्रो डोनेशन किया। इसके पश्चात महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय ने उन्हें ससम्मान टोपी व जिलाध्यक्ष एवं एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा ने माला पहना कर उनका अभिवादन किया। इसके बाद उपस्थित सभी पदाधिकारी ने माइक्रो डोनेशन किया जिसके पश्चात महानगर अध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष ने उन्हें ससम्मान टोपी भेंट किया।

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प्रारंभ में उपस्थित अतिथियों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय ने वृत्त लिया। महानगर उपाध्यक्ष एवं इस कार्यक्रम के महानगर प्रभारी मधुकर चित्रांश ने विषय प्रस्तावना प्रस्तुत किया। जिले की ओर से प्रभात सिंह को प्रभारी बनाया गया। कार्यशाला का संचालन महानगर महामंत्री जगदीश त्रिपाठी तथा धन्यवाद ज्ञापन जिला अध्यक्ष एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा ने दिया।

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कार्यशाला में मुख्य रूप से महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय, जिला अध्यक्ष व एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, लोकसभा समन्वयक अश्वनी त्यागी, महानगर व जिले के प्रभारी व एमएलसी अरुण पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, क्षेत्रीय महामंत्री अशोक चौरसिया, क्षेत्रीय मंत्री डॉ सुदामा पटेल व राकेश शर्मा, क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, नवीन कपूर, राहुल सिंह, जगदीश त्रिपाठी, अशोक पटेल, प्रवीण सिंह गौतम, मधुकर चित्रांश, प्रभात सिंह, महानगर मीडिया प्रभारी किशोर सेठ, आत्मा विश्वेश्वर, आलोक श्रीवास्तव एडवोकेट अशोक कुमार, अभिषेक मिश्रा, साधना वेदांती, डॉ रचना अग्रवाल, कुशाग्र श्रीवास्तव, सहित वाराणसी संसदीय क्षेत्र के समस्त पदाधिकारी, विधानसभा विस्तारक व प्रभारी, मंडल प्रभारी व मंडल अध्यक्ष, महामंत्री, मोर्चों के अध्यक्ष व महामंत्री, सोशल मीडिया के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को कैबिनेट की मंजूरी

नई दिल्ली: मोदी कैबिनेट ने गुरुवार 29 फरवरी को पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत 1 करोड़ घरों को 300-300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।


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अनुराग ठाकुर ने सूर्यघर योजना के बारे में बताते हुए कहा कि इसके तहत रूफ टॉप सोलर पैनल लगाने वाले एक करोड़ परिवारों को 15 हजार रुपए की सालाना आमदनी भी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी 2024 को इस योजना को लॉन्च किया था।

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सोलर प्लांट लगाने में कितना खर्च आएगा?

इस योजना में हर परिवार के लिए 2 KW तक के सोलर प्लांट की कॉस्ट का 60% पैसा सब्सिडी के रूप अकाउंट में आएगा। वहीं अगर कोई 3 KW का प्लांट लगाना चाहता है तो अतिरिक्त एक 1Kw के प्लांट पर 40% सब्सिडी मिलेगी। 3 KW का प्लांट लगाने में करीब 1.45 लाख रुपए की लागत आएगी। उसमें से 78 हजार रुपए की सब्सिडी सरकार देगी। बचे हुए 67,000 रुपए के लिए सस्ते बैंक लोन की व्यवस्था सरकार ने की है। बैंक रेपो रेट से केवल 0.5% ज्यादा ही ब्याज वसूल सकेंगे।

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सोलर प्लांट लगाने के लिए क्या करना होगा?

योजना के लिए सरकार ने नेशनल पोर्टल लॉन्च किया है। इसे लगवाने के लिए कंज्यूमर पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। यहां आपको अपना कंज्यूमर नंबर, नाम, पता और कितनी कैपेसिटी का प्लांट लगाना है जैसी जानकारियां भरनी होंगी। डिस्कॉम कंपनियां इन डिटेल्स को वैरिफाई करेंगी और प्रोसेस आगे बढ़ाएंगी। पोर्टल पर कई सारे वेंडर पहले से रजिस्टर्ड हैं जो सोलर पैनल लगाते हैं। आप अपने हिसाब से कोई भी वेंडर चुन सकते हैं। पैनल लगने के बाद डिस्कॉम नेट मीटरिंग इंस्टॉल करेगी।

सोलर प्लांट लगने के बाद सब्सिडी कैसे मिलेगी?

जब सोलर प्लांट लग जाएगा और डिस्कॉम नेट मीटरिंग इंस्टॉल कर देगी तो इसका प्रमाण और सर्टिफिकेट पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद सरकार कंज्यूमर के अकाउंट में DBT के तहत सब्सिडी की पूरी राशि ट्रांसफर कर देगी।

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क्या इस योजना में 300 यूनिट बिजली फ्री मिलेगी?

1Kw का सोलर प्लांट रोजाना करीब 4-5 यूनिट बिजली बनाता है। ऐसे में अगर आप 3 Kw का प्लांट लगाते हैं तो रोजाना करीब 15 यूनिट बिजली बनेगी। यानी महीने में 450 यूनिट। आप इस बिजली का इस्तेमाल कर सकते हैं। बची हुई बिजली नेट मीटरिंग के जरिए वापस चली जाएगी और आपको इस बिजली का पैसा भी मिलेगा। सरकार का कहना है कि साल में करीब 15,000 रुपए आप इस बिजली से कमा सकते हैं।

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