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Saturday, May 02, 2026

हत्यारोपी की टूटी शादी, गांव में लटका ताला; मनीष ने 70 परिवारों को दिया था रोजगार

वाराणसी: पिंडरा थाना क्षेत्र के भरथरा गांव में कारोबारी मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। इस हत्याकांड में नामजद आरोपी मनीष राजभर की शादी टूट गई है। लड़की पक्ष ने साफ तौर पर कहा कि वे हत्यारोपी से अपनी बेटी का विवाह नहीं कर सकते। उल्लेखनीय है कि मनीष राजभर की शादी एक मई को तय थी।


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दूसरी ओर, पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी है। घटना के बाद से ही आरोपी फरार हैं और उनकी लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में कुल आठ लोगों को नामजद किया गया है। थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह के अनुसार पांच प्रमुख आरोपियों आशीष राजभर, मनीष राजभर, दीपक राजभर, गोविंद राजभर और नागेंद्र राजभर की तलाश जारी है। इन सभी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

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हत्या के बाद गांव का माहौल पूरी तरह बदल गया है। खासकर राजभर बस्ती में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस कार्रवाई के डर से अधिकांश लोग अपने घरों में ताला लगाकर फरार हो गए हैं। गांव में केवल कुछ बुजुर्ग महिलाएं ही बची हैं, जो पशुओं की देखभाल कर रही हैं। मृतक के चाचा अरुण सिंह ने बताया कि मनीष सिंह गांव के विकास में सक्रिय थे। उन्होंने करीब 70 परिवारों को दोना-पत्तल बनाने की मशीनें लगवाकर स्वरोजगार से जोड़ा था। उनके कारखाने में 17-18 लोग काम करते थे, जिनमें सात दिव्यांग भी शामिल हैं। उनकी हत्या से गांव में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है।

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इधर, मनीष सिंह के परिजनों से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को बृहस्पतिवार को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। जिलाध्यक्ष सुजीत यादव ‘लक्कड़’ के नेतृत्व में जा रहे कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप धरना दिया। काफी देर बाद पुलिस ने कुछ सदस्यों को पैदल जाने की अनुमति दी। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

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काशी विश्वनाथ मंदिर में ऐप आधारित व्यवस्था का विरोध तेज, कांग्रेस ने उठाए सवाल

वाराणसी: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रस्तावित ऐप आधारित दर्शन व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विरोध तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया दौरे के बाद लागू की जा रही नई डिजिटल प्रणाली के खिलाफ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने प्रशासन पर आस्था से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। विरोध को देखते हुए शुक्रवार को मंदिर परिसर के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।


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कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने मंदिर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बाबा विश्वनाथ के दरबार को “व्यापारिक और कॉरपोरेट मॉडल” में बदलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण और एसडीएम शंभूशरण को तत्काल हटाने की मांग की। राघवेंद्र चौबे ने कहा कि काशी की पहचान उसकी आध्यात्मिक परंपरा, सरल दर्शन व्यवस्था और लोक आस्था से रही है, लेकिन वर्तमान प्रशासन श्रद्धालुओं को मोबाइल ऐप और डिजिटल प्रक्रियाओं के दायरे में बांधने का प्रयास कर रहा है। उनका आरोप था कि मंदिर को “प्रयोगशाला” बनाकर सनातन परंपराओं के साथ प्रयोग किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सदियों से बाबा विश्वनाथ के दर्शन श्रद्धा और विश्वास के आधार पर होते आए हैं, लेकिन अब व्यवस्था को तकनीकी नियंत्रण और बाजारीकरण की ओर ले जाया जा रहा है। कांग्रेस के अनुसार, ऐप आधारित व्यवस्था से ग्रामीण श्रद्धालु, बुजुर्ग, महिलाएं, मजदूर और तकनीकी संसाधनों से दूर लोग सबसे अधिक प्रभावित होंगे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मंदिर प्रशासन स्थानीय नागरिकों और आम श्रद्धालुओं की सुविधा की बजाय वीआईपी संस्कृति और नियंत्रण आधारित व्यवस्था को बढ़ावा दे रहा है। पार्टी ने काशीवासियों के लिए निर्धारित दर्शन द्वारों की समय सीमा बढ़ाने और सरल दर्शन व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि ऐप आधारित व्यवस्था वापस नहीं ली गई तो कांग्रेस, संत समाज और स्थानीय लोग व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे। राघवेंद्र चौबे ने कहा कि “काशी की आत्मा को प्रशासनिक अहंकार और मोबाइल ऐप के जरिए नियंत्रित नहीं किया जा सकता।” वहीं समाजवादी पार्टी ने भी इस व्यवस्था का विरोध करते हुए इसे श्रद्धालुओं की आस्था पर अनावश्यक बंधन बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि धर्म और परंपरा को तकनीकी ढांचे में सीमित करने का प्रयास उचित नहीं है। फिलहाल मंदिर प्रशासन की ओर से इस विवाद पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Friday, May 01, 2026

यूपी विधानसभा में सीएम योगी का तीखा हमला, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना, हंगामा जारी

लखनऊ: राजधानी में चल रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान बुधवार को राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया। सत्र की शुरुआत विपक्ष के हंगामे के साथ हुई, हालांकि कुछ समय बाद कार्यवाही सुचारू रूप से चलने लगी। इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और महिला सम्मान के मुद्दे पर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

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विधानसभा के इस विशेष सत्र की शुरुआत विपक्ष के जोरदार विरोध और नारेबाजी के साथ हुई। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। हालांकि, अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई और कार्यवाही आगे बढ़ी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का “चेहरा और चरित्र” अलग-अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल कुछ और कहते हैं और कुछ और करते हैं, लेकिन प्रदेश की जनता सब समझती है। सीएम ने कहा, “आधी आबादी यानी महिलाओं के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमारी सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

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मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए 1995 के स्टेट गेस्ट हाउस कांड का जिक्र किया, जिसमें एक दलित महिला मुख्यमंत्री के साथ अभद्रता हुई थी। उन्होंने इसे समाजवादी पार्टी के आचरण का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह घटना उनके राजनीतिक संस्कार को दर्शाती है। इसके अलावा उन्होंने 2014 के बदायूं कांड का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उस समय समाजवादी पार्टी ने गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए थे, जिससे पीड़ितों के साथ न्याय नहीं हो सका। सीएम योगी ने कहा कि यह विशेष सत्र इसलिए बुलाया गया है ताकि समाज के हर वर्ग,एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं को सम्मान और अधिकार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार समावेशी विकास और सामाजिक न्याय के सिद्धांत पर काम कर रही है।

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मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का पतन उसकी गलत नीतियों के कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में हाशिए पर है और पिछले 40 वर्षों से प्रदेश में उसका प्रभाव नगण्य रहा है। सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की है, जिससे समाज में विभाजन पैदा हुआ। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाह बानो प्रकरण का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अगर उस समय कांग्रेस मौलवियों के दबाव में न आती, तो शाह बानो को न्याय मिल सकता था। इसके साथ ही उन्होंने तीन तलाक कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने इस कुप्रथा का समर्थन किया था, जबकि भाजपा सरकार ने इसे समाप्त कर महिलाओं को न्याय दिलाने का काम किया।

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सीएम योगी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे देश को कठमुल्लापन की ओर ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने हमेशा प्रगतिशील सोच के साथ काम किया है और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए हैं। इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दे पर चर्चा हो रही है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी के कारण माहौल लगातार गरम बना हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने एजेंडे को लेकर आक्रामक नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान आने वाले चुनावों की रणनीति का हिस्सा भी हो सकते हैं।

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मऊ में काल बनकर दौड़ा डंपर, गश्त कर रही पुलिस वैन को मारी टक्कर, सिपाही की मौत, दो पुलिसकर्मी और PRD जवान गंभीर

वाराणसी: मऊ में घोसी कोतवाली क्षेत्र में गश्त पर निकली पुलिस मोबाइल वैन को एक बेकाबू डंपर ने रौंद दिया। इस हादसे में एक सिपाही की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वैन में सवार दो अन्य पुलिसकर्मी और एक पीआरडी जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पुलिस वाहन के परखच्चे उड़ गए और वह सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जा गिरा।


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वाराणसी गोरखपुर हाइवे पर हुई दुर्घटना

यह दुर्घटना घोसी कोतवाली क्षेत्र के वाराणसी-गोरखपुर हाईवे पर बनियापार गांव के पास हुई। जानकारी के अनुसार, पुलिस की मोबाइल वैन नियमित रात्रि गश्त पर निकली थी। इसी दौरान पीछे से तेज गति से आ रहे एक अनियंत्रित डंपर ने वैन को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पुलिस वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरा।

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हादसे में 38 वर्षीय सिपाही पवन कुमार यादव की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो पुलिसकर्मी और जवान घायल हो गए। पवन कुमार यादव वाराणसी जिले के करमाजीतपुर गांव (थाना चितईपुर) के मूल निवासी थे। वे 25 जुलाई 2025 को घोसी कोतवाली में तैनात हुए थे। पुलिस प्रशासन ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उनकी मौत की खबर मिलते ही वाराणसी स्थित उनके घर में कोहराम मच गया है।

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एसपी हॉस्पिटल पहुंचे, दिया बयान

घटना में घायल अन्य पुलिसकर्मियों और पीआरडी जवान को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल तीनों घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

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डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने बताया कि 29/30 मार्च की रात यह हादसा हुआ। पुलिस ने अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

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Monday, April 27, 2026

मामूली विवाद में व्यवसायी की पीट-पीटकर हत्या, 11 हिरासत में, 2 गिरफ्तार

वाराणसी: फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें 38 वर्षीय व्यवसायी मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना से इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस के अनुसार, मनीष सिंह देर रात अपनी फैक्टरी से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में कुछ लोगों से विवाद हो गया। आरोप है कि मनबढ़ों ने लामबंद होकर उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।


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स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना से पहले मनीष सिंह की कार से बिंदु नामक महिला का एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला को तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। इसी घटना के बाद विवाद बढ़ते-बढ़ते हिंसक झड़प में बदल गया।

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एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों की तहरीर पर 8 नामजद और 7 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है।

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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही क्षेत्र में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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करसड़ा का कूड़ा पहाड़ होगा खत्म: नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की पहल से 25 एकड़ में बनेगा मियावाकी जंगल

वाराणसी: करसड़ा स्थित कूड़े के विशाल पहाड़ से जल्द ही राहत मिलने वाली है। नगर निगम ने वैज्ञानिक तरीके से कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके तहत वर्षों से जमा कचरे को हटाकर खाली होने वाली लगभग 25 एकड़ भूमि पर मियावाकी तकनीक से घना जंगल विकसित किया जाएगा।


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नगर निगम ने करसड़ा में जमा लगभग 1264 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण के लिए बायोमाइनिंग तकनीक को अपनाया है। इस कार्य के लिए जीआईजेड और आरपीयूईएस जैसी एजेंसियों की मदद ली जा रही है। डंपिंग ग्राउंड की मैपिंग और कचरे का आकलन पूरा हो चुका है, वहीं टेंडर प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई है। विशेषज्ञों के अनुसार कचरे की विशाल मात्रा को देखते हुए इस प्रक्रिया में करीब 1 से 1.5 वर्ष का समय लग सकता है। इसके पूरा होने के बाद आसपास के क्षेत्रों को दुर्गंध और प्रदूषण से बड़ी राहत मिलेगी।

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नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि कूड़ा हटने के बाद विकसित होने वाला मियावाकी वन शहर के “ग्रीन लंग्स” के रूप में कार्य करेगा, जो पर्यावरण संतुलन में अहम भूमिका निभाएगा। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि करसड़ा के कूड़े के पहाड़ का निस्तारण प्राथमिकता में है और इसके बाद विकसित होने वाला जंगल वाराणसी को स्वच्छ और हरित बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगा।

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वाराणसी में प्रतिदिन 1000–1200 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। इसके निस्तारण के लिए करसड़ा में 600 एमटी क्षमता का वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट और रमना में 600 एमटी क्षमता का वेस्ट टू चारकोल प्लांट संचालित है। साथ ही मलबे से ईंट और टाइल्स बनाने के लिए सीएंडडी प्लांट भी कार्यरत है। यह पहल न केवल शहर को कूड़े के पहाड़ से मुक्ति दिलाएगी, बल्कि वाराणसी को हरित और स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित होगी।

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हिंदू संगठनों ने लेंसकार्ट प्रबंधन पर जमकर हमला बोला और कहा कि अगर हिजाब पहनने की अनुमति दी गई तो वे इस्लामाबाद में शोरूम खोलें

लखनऊ: उन्नाव में लेंसकार्ट मैनेजमेंट के खिलाफ हिंदू संगठन आक्रोश व्याप्त है मैनेजमेंट के आदेश के खिलाफ लेंसकार्ट के शोरूम में पहुंचे हिंदू संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने ड्रेस कोड लेकर आपत्ति दर्ज की स्टोर शोरूम में काम कर रहे कर्मचारियों को तिलक लगाकर भगवा पका पहनाया और जय श्री राम का उद्घोष किया इस मौके पर विमल द्विवेदी ने कहा कि भारत में सभी धर्म का सम्मान होता है यदि केवल हिजाब को ही अनुमति देनी है तो इस्लामाबाद में शोरूम खोलना चाहिए भारत में ऐसा नहीं चलेगा।


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तिलक, कलवा, बिंदी पर प्रतिबंध

उत्तर प्रदेश के उन्नाव के में लेंसकार्ट का शोरूम आवास विकास कॉलोनी में संचालित है। आज प्रखर हिंदू और भाजपा नेता विमल द्विवेदी अपने समर्थकों के साथ लेंसकार्ट के शोरूम पहुंच गए। जहां उन्होंने शोरूम में काम कर रहे कर्मचारियों को तिलक लगाकर भगवा पटका पहनाया। विमल द्विवेदी ने बताया कि सोशल मीडिया पर चर्चा है कि लेंसकार्ट के शोरूम में बिंदी, तिलक आदि जैसे हिंदू प्रतीकों पर प्रतिबंध लगाया गया है।

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भारत में व्यापार करने का अधिकार नहीं

विमल द्विवेदी ने बताया कि लेंसकार्ट मैनेजमेंट का यह आदेश भारत के अंदर हिंदू बाहुल्य राष्ट्र में सनातन संस्कृति का सीधा अपमान है। मैनेजमेंट को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी नीतियों में सुधार करें, वरना जिले में ही नहीं आसपास के जिलों में भी शोरूम चलने नहीं दिया जाएगा। अगर कंपनी को बिंदी, तिलक और कलवा से परेशानी है तो उन्हें भारत में व्यापार करने का भी कोई अधिकार नहीं है।

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इस्लामाबाद में खोलें शोरूम

प्रखर हिंदूवादी नेता ने कहा कि मैनेजमेंट को इस्लामाबाद पाकिस्तान में शोरूम खोलने चाहिए। जहां वह अपनी मानसिकता को लागू कर सके। उत्तर प्रदेश और उन्नाव की धरती पर हिंदू संस्कृति का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सांकेतिक शुरुआत है। यदि पूरे देश में ऐसी नीति नहीं बदली गई तो कंपनी के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा।

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लेंसकार्ट शोरूम में मचा हड़कंप

इसके पहले लेंसकार्ट शोरूम में अचानक हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के पहुंचने से हड़कंप मच गया। बताया गया कि इस दौरान मैनेजमेंट और स्टाफ काफी दबाव में नजर आया।‌ हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने लेंसकार्ट शोरूम में काम कर रहे कर्मचारियों को तिलक लगाकर भगवा पटका पहनाया। शोरूम पहुंचने वालों में राकेश राजपूत, अभी तिवारी, अखिल मिश्रा, आलोक शुक्ला, अंकुर त्रिपाठी, शिव सेवक त्रिपाठी, अजय द्विवेदी सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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