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Wednesday, February 18, 2026
खसरा-रूबेला (एम.आर.) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ
Saturday, February 14, 2026
गलत जांच रिपोर्ट लगाने वालों पर दर्ज हो एफआईआर- मुख्यमंत्री
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गोरखपुर: 14 फरवरी।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी मामले में जांच के दौरान यदि गलत रिपोर्ट लगाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। हर मामले की निष्पक्ष जांच करके ही उसका निस्तारण होना चाहिए। किसी भी प्रकरण में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य होगी।
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सीएम योगी ने शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनते हुए ये निर्देश प्रशासन व पुलिस के अफसरों को दिए। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का वह प्रभावी निस्तारण कराएंगे। उन्होंने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें।
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जनता दर्शन में कुछ मामले ऐसे भी आए थे, जिनमें यह शिकायत की गई कि प्रकरण में गलत रिपोर्ट लगा दी गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पता लगाकर गलत रिपोर्ट लगाने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की मदद में शिथिलता या लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। जनता की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की हीलाहवाली हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। किसी पीड़ित की समस्या के समाधान में अगर कहीं भी कोई दिक्कत आ रही है तो उसका पता लगाकर निराकरण कराया जाए और किसी स्तर पर जानबूझ कर प्रकरण को लंबित रखा गया है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधिसम्मत कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया।
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इस बार भी जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध करा दें। इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों पर सीएम योगी ने अपना स्नेह बरसाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारा, उन्हें चॉकलेट दी और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
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मंदिर की गोशाला में सीएम ने की गोसेवा
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर उन्होंने गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से अपने हाथों से गुड़ खिलाया।
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बीडीओ की मनमानी, व्यासपुर में अन्नपूर्णा भवन के लिए कटवा दिए शीशम व सागौन के हरे पेड़
Thursday, February 12, 2026
सांसद निधि से बने प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के बैठक हाल पर बीडीओ का कब्जा
वाराणसी: विकासखंड चिरईगांव में सांसद डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे के द्वारा बनवाए गए ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के बैठक हाल पर किया खंड विकास अधिकारी ने किया कब्जा।
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जानकारी के अनुसार सांसद डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे ने अपने निधि से विकासखंड चिरईगांव में ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए बैठक हाल का निर्माण करवाया था। लेकिन मौजूदा समय में खंड विकास अधिकारी ने उसे बैठक हाल में कब्जा कर जनसुनवाई कक्ष और अपने ऑफिस का रूप दे दिया है।
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इसके सम्बन्ध में जब पूर्व ब्लॉक प्रमुख के प्रतिनिधि और समाजसेवी सुधीर सिंह से बात किया गया तो उन्होंने कहा कि इसके पहले भी कई लोगों ने यह प्रयास किया था। लेकिन तत्कालीन सांसद डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे ने उस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए उसको खाली करवा दिया था।
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लेकिन अब सवाल यह उठता है कि आखिरकार विकासखंड में आने वाले ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्यों को कहां पर बैठने का जगह दिया जाएगा। क्या उनको बाहर रोड पर दुकानों के पास ही बैठना पड़ेगा या फिर खंड विकास अधिकारी इसमें कोई कार्रवाई करते हुए इस बैठक हाल को खाली कर अपने निश्चित जगह पर जाएंगे?
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Wednesday, February 11, 2026
वाराणसी में 118 केंद्रों पर 92 हजार परीक्षार्थी, मजिस्ट्रेट करेंगे निगरानी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
वाराणसी: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं आगामी 18 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। इसे लेकर जनपद वाराणसी में प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद नजर आ रही है। परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और नकलमुक्त कराने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि इस वर्ष वाराणसी में 92 हजार परीक्षार्थी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल होंगे। इनके लिए जिले भर में 118 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। ऐसे केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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उन्होंने बताया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर जोनल मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारी लगातार भ्रमण कर परीक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिससे परीक्षार्थी बिना किसी तनाव के परीक्षा दे सकें।
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एडिशनल पुलिस कमिश्नर शिवहरी मीणा ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों का भौतिक सत्यापन कर लिया गया है। मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी पहले ही केंद्रों का निरीक्षण कर चुके हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के दायरे में स्थित स्टेशनरी और फोटोस्टेट की दुकानें बंद रहेंगी। यदि कहीं से नकल या किसी अन्य अनियमितता की सूचना मिलती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और परीक्षा केंद्रों तक जाने वाले मार्गों पर भी पुलिस की ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि परीक्षार्थियों को आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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भाई-बहन ने जहर खाकर जान दी
वाराणसी: शहर के कैंट स्थित एक होटल में हैदराबाद से आए भाई-बहन ने जहर खाकर अपनी जान दे दी।हृदयविदारक घटना की जानकारी पाते ही होटल में हड़कम्प मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने छानबीन और पूछताछ के बाद शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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होटल सिटी इन प्रबंधन के अनुसार हैदराबाद सिकंदराबाद (आंध्रप्रदेश) के सुब्बा और धनलक्ष्मी आठ फरवरी को वाराणसी आकर होटल में कमरा बुक किए थे। दोनों को कमरा नंबर 2005 में ठहराया गया। आने के बाद दोनों का व्यवहार और बातचीत का अंदाज सामान्य ही दिखा।
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आज दोपहर में उन्हें होटल से चेकआउट की जानकारी देने के लिए कर्मचारी ने फोन किया। कमरे से कोई जवाब नहीं मिला तो दरवाजे पर दस्तक दी। इसके बाद भी कोई प्रतिक्रिया न होने पर पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। घटना की जानकारी पाते ही डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल, एसीपी चेतगंज डॉ. ईशान सोनी भी मौके पर पहुंचे।
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अफसरों की मौजूदगी में मास्टर चाबी से कमरे का ताला खुलवाया गया। कमरे में भाई-बहन का शव जमीन पर पड़ा था। दोनों के मुंह से झाग निकल रहा था। शव के पास ही टेबल पर जहर का पैकेट मिलने के बाद पुलिस ने जहर खाकर जान देने का अनुमान लगाया। फोरेंसिक टीम ने पूरे कमरे में छानबीन के बाद साक्ष्य जुटाए।
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मृतकों के पास मिले आधार कार्ड में पता सिंकदराबाद हैदराबाद लिखा है। डीसीपी काशी जोन के अनुसार प्रथम दृष्टया दोनों भाई-बहन प्रतीत हो रहे हैं। मृतकों के परिजनों से संपर्क कर मामले की जांच चल रही है। परिजनों के आने के बाद ही पूरा घटनाक्रम स्पष्ट हो सकेगा।
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Monday, February 09, 2026
पत्रकार पर फर्जी ईनाम घोषित कर एनकाउंटर करने वाले एसपी हरदोई को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार
लखनऊ: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने हरदोई के एसपी को कड़ी फटकार लगाई है, हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि दिमाग़ खोलकर काम करें अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहें। कोर्ट ने यह वार्निंग हरदोई पुलिस के एक ऐसे कारनामें पर जारी की है, जिसने क़ानून का खुला दुरपयोग किया गया है।
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दरअसल हरदोई के पत्रकार हरिश्याम बाजपेयी को वर्ष 2022 में कथित रूप से एक फर्जी केस में फंसा दिया गया था, जिसमें वे वर्ष 2024 से नियमित ज़मानत पर हैं, और प्रत्येक पेशी पर न्यायालय में स्वयं उपस्थित हो रहे हैं, बावजूद इसके हरदोई एसपी ने पत्रकार को केस में फरार बताते हुए वर्ष 2025 में 05 हजार का ईनाम घोषित कर दिया, जिसमें एनकाउंटर की भी लिखित रूप से धमकी दी गई, इसमें सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने फर्जी एवं भ्रामक आख्या लगाकर न केवल पुलिस अधीक्षक को ही गुमराह किया बल्कि राज्य मानवाधिकार आयोग में भी अपनी फर्जी आख्या प्रेषित कर दी।
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हालांकि आयोग में मामला अभी विचाराधीन है, किंतु हाईकोर्ट में वादी के विद्वान अधिवक्ता तैफीक सिद्दीकी ने हरदोई पुलिस द्वारा क़ानून के खुला दुरपयोग करने पर मजबूती से बहस की और उच्च न्यायालय के उस आदेश का उलंघन बताया जिसके आधार पर पत्रकार को ज़मानत मिली है।
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हाईकोर्ट की जज बबिता रानी व मो. अब्दुल मोईन ने उक्त मामले की सुनवाई करते हुए हरदोई पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। पुलिस को चेतावनी दी गई कि अपना दिमाग़ खोलकर काम करें भविष्य में पत्रकार के साथ कोई भी घटना होती है तो क़ानून के अनुसार पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकरण में वादी पत्रकार के अधिवक्ता ने यूपी के अपर मुख्य सचिव गृह, डीजीपी, एडीजी लखनऊ जोन, आईजी लखनऊ जोन, डीएम हरदोई एसपी, सीओ, एसएचओ, व चौकी इंचार्ज रेलवेगंज को पार्टी बनाया था।
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