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Tuesday, April 21, 2026

खनन विभाग के कार्यालय के अंदर और बाहर अतिक्रमण, कार्रवाई न होने पर उठे रहे सवाल

वाराणसी। जिले में सर्वाधिक राजस्व देने वाले खनन विभाग के दफ्तर के बाहर ही अतिक्रमण की स्थिति सामने आई है। हुकुलगंज क्षेत्र में स्थित खनन कार्यालय के मुख्य द्वार पर ठेले, पशु और अस्थायी दुकानों के कब्जे से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।



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जानकारी के अनुसार, कार्यालय के मेन गेट के पास मुर्गा-मछली के ठेले, अन्य अस्थायी दुकानें और यहां तक कि बकरियों का जमावड़ा बना रहता है। इसके अलावा गेट के सामने लोहे की अलमारी बनाने वाले कारीगर द्वारा भी जगह घेरने की बात सामने आई है।

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बताया जा रहा है कि खनन विभाग के अधिकारियों द्वारा कई बार मौखिक रूप से चेतावनी दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका है। इससे न केवल कार्यालय आने-जाने में दिक्कत हो रही है, बल्कि विभाग की छवि पर भी असर पड़ रहा है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि जब विभाग अपने ही कार्यालय के सामने से अतिक्रमण नहीं हटवा पा रहा है, तो जिले में अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। फिलहाल इस संबंध में किसी बड़ी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन जल्द ही इस मामले में ठोस कदम उठाएगा।

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वाराणसी के इन मार्गों पर जाने से पहले, पढ़ लें यातायात पुलिस द्वारा जारी निर्देश

वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी के प्रस्तावित दौरे को लेकर 21 अप्रैल को वाराणसी शहर में व्यापक ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है। यातायात पुलिस ने आमलोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डायवर्जन जारी किया है। वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा तथा उन्हें वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा। खासकर बीएलडब्ल्यू परिसर में सिनेमा तिराहे, कुंदन तिराहे, सेंट्रल मार्केट, डी-5 रेलवे क्रॉसिंग व सूर्य सरोवर क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी।


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जारी एडवाइजरी के अनुसार, अमर उजाला तिराहे से टेम्पो ट्रैवलर, आर्मेनिया व क्रूजर वाहनों को शाम चार बजे के बाद लहुराबीर, मैदागिन की तरफ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्हें डायवर्ट किया जाएगा। विशेश्वरगंज तिराहे, चांदपुर चौराहे, अखरी अंडरपास, मुढैला तिराहे, मंडुवाडीह तिराहे, बउलिया तिराहे, महमूरगंज, लहरतारा तथा भिखारीपुर जैसे प्रमुख स्थानों से आने-जाने वाले वाहनों को शाम चार बजे डायवर्ट किया जाएगा। रोडवेज बसों, सवारी वाहनों और टूरिस्ट बसों को लहरतारा, मंडुवाडीह, ककरमत्ता और बीएलडब्ल्यू गेट की ओर जाने से रोका जाएगा और उन्हें मोहनसराय, डाफी, चांदपुर या अन्य वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा।

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वीवीआईपी काफिले के आगमन और प्रस्थान के दौरान मंडुवाडीह, लहरतारा और महमूरगंज क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इन मार्गों पर किसी भी प्रकार के वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त डायवर्जन भी लागू किए जा सकते हैं। वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान महमूरगंज आरओबी से किसी भी प्रकार के वाहनों को मंडुवाडीह चौराहे की तरफ नहीं जाने दिया जाएगा। वाहनों को महमूरगंज चौकी की तरफ मोड़ दिया जाएगा।

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वीवीआईपी आगमन और प्रस्थान के समय बौलिया तिराहे से किसी प्रकार के वाहनों को लहरतारा की तरफ नहीं जाने दिया जाएगा। वाहनों को फुलवरिया आरओबी की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। बीएलडब्ल्यू परिसर के अंदर भी विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी। बरेका सिनेमा तिराहे, कुंदन तिराहे, सेंट्रल मार्केट, डी-05 रेलवे क्रॉसिंग और सूर्य सरोवर क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इन क्षेत्रों में जाने वाले वाहनों को पुलिस चौकी, एफसीआई गेट और अन्य मार्गों की ओर मोड़ा जाएगा।

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Saturday, April 18, 2026

अभिभावक कृपया ध्यान दें- मनमानी फीस वृद्धि और चिह्नित दुकानों से ड्रेस, कॉपी-किताब खरीदने का दबाव बनाने वाले स्चूलों पर होगी कार्यवाही- जिलाधिकारी

वाराणसी: जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला शुल्क नियामक समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वृद्धि और अभिभावकों पर चिह्नित दुकानों से ड्रेस, कॉपी-किताब खरीदने के दबाव जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने इस तरह की शिकायतों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी भी विद्यालय द्वारा अभिभावकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया या नियमों का उल्लंघन किया गया, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है।


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बैठक में निजी स्ववित्तपोषित विद्यालयों की शुल्क संरचना को लेकर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों को निर्देशित किया कि वे पिछले तीन शैक्षणिक वर्षों की शुल्क संरचना का पूरा विवरण निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी कहा गया कि शुल्क संबंधी सभी आंकड़े ऑडिट रिपोर्ट के साथ जमा किए जाएं, ताकि उनकी सत्यता की जांच की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि शुल्क वृद्धि केवल शासन द्वारा निर्धारित मानकों और औचित्य के आधार पर ही मान्य होगी। मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने की अनुमति किसी भी स्थिति में नहीं दी जाएगी। समिति ने यह भी निर्देश दिया कि विद्यालय शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखें और इसकी जानकारी अभिभावकों को भी उपलब्ध कराएं।

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अभिभावकों की शिकायतों के निस्तारण के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 05422509413 जारी किया गया है। इस नंबर पर शिकायत करने वाले अभिभावकों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और संबंधित विद्यालय के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। 
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालयों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण किया जाए, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह, सीए हरिएन सिंह बिसेन, मुख्य कोषाधिकारी, डॉ. आनंद प्रभा और अभिभावक-शिक्षक संघ के प्रतिनिधि यशविंदर सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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आदर्श मॉडल टाउनशिप के रूप में विकसित मढनी टाउनशिप का मंडलायुक्त ने किया स्थल निरीक्षण

वाराणसी: मढ़नी टाउनशिप परियोजना का शुक्रवार को मण्डलायुक्त एस. राजलिंगम, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा एवं सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया। इस दौरान अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए।


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निरीक्षण के दौरान अवगत कराया गया कि मढ़नी टाउनशिप हेतु अब तक 100 एकड़ से अधिक भूमि का रजिस्ट्री के माध्यम से अधिग्रहण किया जा चुका है, जबकि लगभग 15 एकड़ भूमि लैंड पूलिंग के माध्यम से प्राप्त हुई है। परियोजना के अंतर्गत किसानों को लगभग ₹170 करोड़ से अधिक का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। यह टाउनशिप कुल 62.83 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत ₹925 करोड़ है।

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मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि टाउनशिप को “काशी थीम” पर आधारित आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं विश्वस्तरीय मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने बताया कि यह लगभग 30 वर्षों बाद विकसित हो रही पूर्णतः गेटेड टाउनशिप होगी, जिसमें 80 से 100 फीट चौड़ी सड़कों सहित उच्च स्तरीय आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

परियोजना के अंतर्गत आवासीय, वाणिज्यिक एवं संस्थागत भूखण्डों के साथ हाई-राइज भवनों का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त टाउनशिप में होटल, अस्पताल, शॉपिंग मॉल एवं अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे “15 मिनट सिटी” की अवधारणा साकार हो सके।

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मण्डलायुक्त ने सड़क, जल निकासी, विद्युत आपूर्ति एवं हरित क्षेत्रों के विकास को निर्धारित मानकों के अनुरूप समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उपाध्यक्ष श्री पुर्ण बोरा ने बताया कि योजना के शीघ्र शुभारंभ हेतु RERA पंजीकरण की प्रक्रिया प्रगति पर है। इस अवसर पर नगर नियोजक प्रभात कुमार, प्रभाकर पाण्डेय, आरती चरासिया एवं फरहा बेगम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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Friday, April 17, 2026

देशभर में लागू हुआ 33% महिला आरक्षण कानून, 16 अप्रैल से प्रभावी

नई दिल्ली: लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 अब देशभर में लागू हो गया है। केंद्र सरकार के विधि मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर बताया कि यह कानून 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है। अधिसूचना के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 के तहत सरकार ने इस कानून को लागू करने की तारीख घोषित की है। हालांकि, इसके लागू होने के बावजूद मौजूदा लोकसभा और विधानसभाओं में इसका तत्काल प्रभाव से क्रियान्वयन संभव नहीं होगा।


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अधिकारियों के मुताबिक, महिला आरक्षण का वास्तविक लाभ अगली जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जा सकेगा। इसका मतलब है कि वर्तमान सदनों में सीटों का आरक्षण नहीं बदलेगा। सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण कानून कहा जाता है। इसका उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।

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इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। हालांकि, यह आरक्षण जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने पर ही लागू होगा, जिससे इसके 2029 के आसपास लागू होने की संभावना जताई जा रही है। कानून के लागू होने की अधिसूचना जारी होने के बाद भी यह सवाल बना हुआ है कि इसे तुरंत प्रभाव से लागू क्यों नहीं किया गया। अधिकारियों ने तकनीकी कारणों का हवाला दिया है, लेकिन विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

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Wednesday, April 15, 2026

वाराणसी के पठानी टोला में डॉक्टर के घर एटीएस की छापेमारी, टेरर फंडिंग एंगल पर कई घंटे तक चली पूछताछ

वाराणसी: आदमपुर थाना क्षेत्र के पठानी टोला इलाके में मंगलवार को एक चिकित्सक के घर पर मुंबई एटीएस, यूपी एटीएस और इंटेलिजेंस ब्यूरो की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर पूछताछ की। कार्रवाई से इलाके में काफी देर तक हलचल बनी रही। जानकारी के अनुसार, टीम ने डॉ. आरिफ अंसारी के आवास पर पहुंचकर करीब पांच घंटे तक सघन जांच और पूछताछ की। इस दौरान उनके परिजनों से भी पूछताछ की गई और घर में मौजूद मोबाइल, लैपटॉप व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की गई।

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बेटे से भी हुई पूछताछ

सूत्रों के मुताबिक, टीम ने डॉक्टर के बेटे अबू बकर से भी पूछताछ की, जो फिलहाल मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ संदिग्ध ऑनलाइन संपर्कों और लेनदेन को लेकर एजेंसियां जांच कर रही हैं।

दस्तावेज और उपकरण जब्त

छापेमारी के दौरान टीम ने बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और कंप्यूटर की हार्ड डिस्क की जांच की। बताया जा रहा है कि कुछ जरूरी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जांच के लिए अपने साथ ले जाए गए हैं।

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इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में पुलिस की कड़ी निगरानी रही। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और लोगों की आवाजाही को सीमित रखा गया। सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे, जिन्हें पुलिस ने हटाया।

क्लिनिक भी उसी भवन में संचालित

बताया जा रहा है कि डॉ. आरिफ अंसारी पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ हैं। वह अपने परिवार के साथ मकान के ऊपरी हिस्से में रहते हैं, जबकि निचले तल पर उनका क्लिनिक संचालित होता है। फिलहाल एजेंसियां जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में जुटी हैं। मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार है।

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Saturday, April 11, 2026

नगर निगम ने शुरू की सेवा, पर्यटकों और नागरिकों को मिलेगी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

वाराणसी: शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के साथ-साथ नगर निगम अब इसे डिजिटल रूप से सशक्त बनाने में जुट गया है। इस क्रम में शनिवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी ने अस्सी घाट पर आयोजित एक समारोह में नि:शुल्क वाई-फाई सेवा का विधिवत लोकार्पण किया। प्रथम चरण में इस परियोजना के तहत अस्सी और दशाश्वमेध घाट को हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा से जोड़ दिया गया है।


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अस्सी घाट से सेवा की शुरुआत करते हुए महापौर ने कहा कि यह सुविधा शहर को आधुनिक स्मार्ट सिटी बनाने के संकल्प का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मुफ्त वाई-फाई सेवा का आगाज़ अस्सी घाट से किया जा रहा है, जिसका लाभ दशाश्वमेध घाट पर भी मिलेगा। वर्तमान समय में इंटरनेट एक बुनियादी आवश्यकता है। घाटों पर आने वाले युवाओं, शोधार्थियों और पर्यटकों को अब कनेक्टिविटी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। यह डिजिटल पहल सूचनाओं के आदान-प्रदान को सुगम बनाने के साथ ही नगर निगम की सेवाओं को भी जनता के करीब ले जाएगी।

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उन्होंने कहा कि घाटों पर फ्री वाई-फाई जोन के बोर्ड लगाए गए हैं। नागरिक वहां दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर आसानी से इंटरनेट सेवा का लाभ ले सकते हैं। उपसभापति नरसिंह दास ने कहा कि वर्तमान समय पूरी तरह से डिजिटल क्रांति का है, जो हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित कर रहा है। मुफ्त वाई-फाई की सुविधा का उद्देश्य आम नागरिकों को डिजिटल तकनीक में सशक्त बनाना है। 

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क्यूआर कोड से मिलेगी सुविधा

बीएसएनएल के प्रधान महाप्रबंधक अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि नेटवर्क की गति और रेंज का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि भीड़ वाले समय में भी सुचारू कनेक्टिविटी बनी रहे। इस अवसर पर राजेश कुमार यादव चल्लू, पार्षद विजय द्विवेदी, अमित सिंह, रविंद्र कुमार सिंह, माधुरी सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष अनुराग शर्मा, सोमनाथ यादव सहित निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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