वाराणसी: चिरईगांव विकासखंड की अईली ग्राम सभा में ग्रामप्रधान/प्रशासक के लेटरपैड के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। ग्रामप्रधान का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा उनके लेटरपैड का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से आय और जाति प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
ग्रामप्रधान/प्रशासक रामफेर के मुताबिक, हाल ही में वीरेंद्र कुमार के नाम से एक आय प्रमाणपत्र जारी किया गया है। उनका दावा है कि उक्त प्रमाणपत्र पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा भी कुछ अन्य आय और जाति प्रमाणपत्र उनके लेटरपैड पर जारी किए गए हैं, जिन पर न तो उनका हस्ताक्षर है और न ही तारीख दर्ज है।
पहले भी दर्ज कराई थी FIR
रामफेर ने बताया कि कुछ महीने पहले भी इसी तरह ग्रामप्रधान के लेटरपैड के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया था। उस मामले में उन्होंने एक व्यक्ति के खिलाफ चौबेपुर थाने में FIR दर्ज कराई थी। उस समय उन्होंने मामले के पीछे चुनावी रंजिश होने का आरोप लगाया था। अब दोबारा इसी तरह के दस्तावेज सामने आने के बाद ग्रामप्रधान ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच की मांग की है।
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विरोधियों पर लगाया फंसाने का आरोप
ग्रामप्रधान रामफेर का आरोप है कि चुनाव में उनके विरोध में रहे कुछ लोग उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके नाम और लेटरपैड का गलत इस्तेमाल कर ऐसे दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं, जिनसे उनकी छवि और पद को नुकसान पहुंच सकता है।
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उन्होंने कहा कि पूरे मामले की शिकायत शासन और प्रशासन से की जाएगी और फर्जीवाड़े की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, प्रमाणपत्रों के फर्जी होने और उन्हें जारी करने वालों के संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
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