Latest News

Showing posts with label Latest News. Show all posts
Showing posts with label Latest News. Show all posts

Thursday, July 18, 2024

सफाई कर्मचारी से कोई अन्य कार्य लिया गया तो डीपीआरओ होंगे जिम्मेदार,निदेशक पंचायती राज के पत्र से मचा हड़कंप

लखनऊ: बताया जाता है कि बहुत से सफाई कर्मचारी जिला मुख्यालय ऑफिस और अधिकारियों के आवास पर तैनात है पंचायती राज विभाग ने इस पर सख्त रुख अपनाया है।


यह भी पढ़े: यूपी में मुफ्त बिजली के लिए अब 31 जुलाई तक कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन

बीते दस जुलाई को निदेशक पंचायती राज अटल कुमार राय ने प्रदेश के सभी जिला पंचायतराज अधिकारी को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं सफाई कर्मचारी से अन्य कार्य लिए जा रहे है।

यह भी पढ़े: केंद्र ने नीति आयोग की नई टीम बनाई

इनको अपने तैनाती वाले राजस्व गांव में ही रखे वा सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराएं।यदि वह अन्य कही नियोजित होंगे तो सीधे डीपीआरओ जिम्मेदार होंगे।इसका तत्काल कड़ाई से पालन हो।इस पत्र के आते ही अलग काम में लगे सफाई कर्मचारी में हड़कंप मच गया है। 


सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार सुलतानपुर में करीब 150 सफाई कर्मचारी आफिसों और उच्च अधिकारियों के आवास पर तैनात है जो कभी गांव में गये ही नहीं है।

Wednesday, July 17, 2024

यूपी में मुफ्त बिजली के लिए अब 31 जुलाई तक कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के किसान अब मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए 31 जुलाई तक पंजीयन कर सकते हैं। पहले पंजीयन की अंतिम तिथि 15 जुलाई थी। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को 31 मार्च 2023 तक का पूरा बकाया जमा करना होगा।


यह भी पढ़े: केंद्र ने नीति आयोग की नई टीम बनाई

प्रदेश सरकार की ओर से एक अप्रैल 2023 से किसानों को 140 यूनिट प्रतिकिलोवाट प्रतिमाह मुफ्त बिजली देने की योजना लागू की गई है। इस योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को विभाग की वेबसाइट पर 15 जुलाई तक पंजीयन करने के लिए कहा गया था। अब तक प्रदेश के करीब पांच लाख किसान पंजीयन कर चुके हैं। पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा किसानों को योजना का लाभ देने के लिए पंजीयन की तिथि बढाई गई है।

यह भी पढ़े: राजा भैया के पिता उदय सिंह हाउस अरेस्ट, भदरी महल छावनी में तब्दील

जमा करना होगा पिछला बकाया

योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को 31 मार्च 2023 तक का पूरा बकाया जमा करना होगा। किसान चाहें तो पुराना बकाया एकमुश्त अथवा छह किस्त में जमा कर सकते हैं। जिनका 31 मार्च 2023 तक का पूरा बिल जमा है। वे बिना कोई धनराशि जमा किए पंजीयन कर सकते हैं।

यह भी पढ़े: देश का पहला हाइड्रोजन जलयान पहुंचा वाराणसी

केंद्र ने नीति आयोग की नई टीम बनाई

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने मंगलवार को नीति आयोग की नई टीम का ऐलान किया। इसमें चार पूर्णकालिक सदस्यों के अलावा भाजपा और NDA के सहयोगी दलों के 15 केंद्रीय मंत्रियों को पदेन सदस्य या विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।


यह भी पढ़े: राजा भैया के पिता उदय सिंह हाउस अरेस्ट, भदरी महल छावनी में तब्दील

राष्ट्रपति भवन की तरफ से मंगलवार की देर रात इससे जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आयोग के अध्यक्ष और इकोनॉमिस्ट सुमन के बेरी उपाध्यक्ष बने रहेंगे। इसके अलावा साइंटिस्ट वी के सारस्वत, एग्रीकल्चर इकोनॉमिस्ट रमेश चंद, बाल रोग विशेषज्ञ वी के पॉल और मैक्रो-इकोनॉमिस्ट अरविंद विरमानी पूर्णकालिक सदस्य बने रहेंगे।

नीति आयोग में शामिल 15 केंद्रीय मंत्रियों के नाम

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण चार पदेन सदस्य होंगे। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा, भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी और एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी नीति आयोग में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं।

यह भी पढ़े: देश का पहला हाइड्रोजन जलयान पहुंचा वाराणसी

ललन सिंह-चिराग पासवान को भी मिली जगह

इनके अलावा विशेष आमंत्रित सदस्यों में पंचायती राज मंत्री लल्लन सिंह, सामाजिक न्याय मंत्री वीरेंद्र कुमार, नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू, आदिवासी मामलों के मंत्री जुएल ओराम, महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अन्नपूर्णा देवी, खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान और राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार राव इंद्रजीत सिंह शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अनुराग ठाकुर जिन्हें पिछले साल आयोग में शामिल किया गया था, इस साल आयोग के सदस्य नहीं बनाए गए हैं। 

यह भी पढ़े: चौबेपुर पुलिस ने शादी का झाँसा देकर दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त नागेन्द्र कुमार उर्फ करन को किया गिरफ्तार

क्या है नीति आयोग?

नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया को नीति (NITI) आयोग के नाम से जाना जाता है। यह भारत सरकार का एक नीति थिंक टैंक है, जो सरकार के कामों और नीतियों की जानकारी देता है।केंद्र की मोदी सरकार ने 2015 में 65 साल पुराने योजना आयोग की जगह नीति आयोग का गठन किया था। योजना आयोग देश के विकास से संबंधित योजनाएं बनाने का काम करता था।

नीति आयोग सरकार के लॉन्ग टर्म पॉलिसी और कार्यक्रमों के लिए रणनीति तैयार करने में अहम रोल निभाता है। आयोग के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। अध्यक्ष के अलावा एक उपाध्यक्ष और एक कार्यकारी अधिकारी होता है। इनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 8 फरवरी 2015 को नीति आयोग की पहली बैठक की अध्यक्षता की थी।

यह भी पढ़े: चौबेपुर पुलिस ने शादी का झाँसा देकर दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त नागेन्द्र कुमार उर्फ करन को किया गिरफ्तार

Monday, July 15, 2024

वाराणसी व चंदौली को जोड़ेगा राजघाट सिग्नेचर ब्रिज, बंगाल तक का सफर होगा आसान

वाराणसी: शहर में गंगा पार 1200 करोड़ की लागत से सिग्नेचर ब्रिज बनने वाला है। इसके लिए केंद्र सरकार की मंजूरी भी मिल गयी है। इस ब्रिज की सबसे खास बात यह होगी कि यह वाराणसी और चंदौली को जोड़ेगा। अभी तक वाराणसी और चंदौली को जोड़ने वाला केवल एक ही मालवीय ब्रिज था। जो कि समय के बीतते ही धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। ऐसे में यह ब्रिज बनने से लोगों को काफी सहूलियत होगी। 


यह भी पढ़े: कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने महादेव पीजी कॉलेज में छात्र-छात्राओं को किया टैबलेट का वितरण

आपको बता दें कि पटना के बाद वाराणसी में वनने वाला सिग्नेचर ब्रिज सिक्स लेन का होगा। ट्रेनों के लिए नीचे चार ट्रैक विछाए जाएंगे। इस ट्रैक पर 100 किलोमीटर से ज्यादा रफ्तार से ट्रेनें दौड़ेंगी। नए पुल की सिक्स लेन सड़क वाराणसी से चंदौली, बिहार होते हुए पश्चिम बंगाल तक की राह आसान करेगी। सिग्नेचर ब्रिज जिस काशी स्टेशन से जुड़ेगा, उसके पुनर्विकास के लिए 300 करोड़ रुपये मंजूर हुए है। आईआईटी बीएचयू और रुड़की के साथ ही पुरातत्व विभाग की ओर से अनुमति मिल जाने से निर्माण शुरू करने की तैयारी है। इसको लेकर रेलवे और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ हाईलेवल बैठकों का दौर शुरू हो गया है। सिग्नेचर ब्रिज बनारस में बनने वाले देश में अपने ढंग के पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्लेटफार्म के तहत 'परिवहन संगम' का हिस्सा है। परिवहन संगम स्थल पर रोड, रेल, गंगा में फेरी सर्विस व रोप-वे से पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुविधा उपलब्ध होगी।

यह भी पढ़े: वाराणसी में सड़क धंसी, VDA ने फर्म के खिलाफ लगाया 50 लाख जुर्माना

फिलहाल मालवीय ब्रिज पर 25-30 की स्पीड से गुजरती हैं ट्रेनें

सिग्नेचर ब्रिज 1887 में बने वनारस के मालवीय पुल (राजघाट) के समानान्तर और नए इंटर मॉडल काशी स्टेशन को केंद्र में रखकर बनेगा। दो फ्लोर वाले वर्तमान मालवीय पुल में दो रेलवे ट्रैक और चार लेन की सड़क है। इस पर से औसत 25 से 30 की गति से ही ट्रेनें गुजरती हैं। चार साल में बनकर तैयार होने वाला नया ब्रिज मौजूदा राजघाट ब्रिज से ठीक दो गुना होने से एक समय में ज्यादा वाहन फर्राटा भर सकेंगे तो एक समय में अप और डाउन लेन से चार ट्रेनें तीन गुना ज्यादा रफ्तार से आ-जा सकेंगी।

यह भी पढ़े: पूर्व राष्ट्रपति के कान को शूटर की गोलियों ने कर दिया छलनी

ब्रिज बनने से पहले शहर में लागू होगा रूट डायवर्जन

सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण से पूर्व पहले शहर में डायवर्जन लागू किया जाएगा। ट्रैफिक प्लानिंग व यूटिलिटी शिफ्टिंग प्लानिंग के लिए समितियों का गठन किया जाएगा। मंडलायुक्त कौशलराज शर्मा ने यातायात विभाग को रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है, ताकि निर्माण के दौरान आमजन को किसी तरह की दिक्कत न होने पाए।

यह भी पढ़े: महाराष्ट्र में बीजेपी ने इंडी गठबंधन को दी सियासी पटखनी; नौ सीटों पर जमाया कब्जा

रोका जा सकता है राजघाट के ओर से वाहनों का आवागमन

सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण के चलते राजघाट की तरफ से वाहनों का आवागमन रोका जा सकता है। ऐसे में वाराणसी से मुगलसराय जाने वाले वाहनों को बीएचयू, सामने घाट पुल से गुजारना होगा और उधर से आने वाले वाहनों को भी इसी रूट पर लाना होगा। इससे सामने घाट समेत बीएचयू लंका गेट पर भी यातायात काफी बढ़ जाएगा। ऐसे में ट्रैफिक कंट्रोल करना चुनौती होगी।

दरअसल, पुल निर्माण में लंबा समय लग सकता है। इतने लंबे समय तक रूट डायवर्जन को लागू कर सफल बनाना चुनौती है। ऐसे में अधिकारियों की टीम इस पर मंथन कर रही है। यातायात विभाग को सभी पहलुओं पर विचार कर अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है।

यह भी पढ़े: बरियासनपुर इण्टर कालेज में बच्चोँ का पठन पाठन रोक हुआ चन्दौली सांसद का स्वागत

Sunday, July 14, 2024

पूर्व राष्ट्रपति के कान को शूटर की गोलियों ने कर दिया छलनी

अमेरिका:पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर एक चुनावी रैली के दौरान जानलेवा हमले का मामला सामने आया है. ट्रंप पेन्सिलवेनिया में रैली कर रहे थेइसी दौरान अचानक एक शख्स ने गोलीबारी शुरू कर दी. इस हादसे में रिपब्लिकन कैंडिडेट ट्रंप बाल-बाल बच गए और गोली उनके दाहिने कान को छलनी करते हुए निकल गई. अगर गोली सेंटीमीटर भी अंदर की तरफ आई होतीतो ट्रंप की जान जा सकती थी.


यह भी पढ़े: महाराष्ट्र में बीजेपी ने इंडी गठबंधन को दी सियासी पटखनी; नौ सीटों पर जमाया कब्जा

आपको बता दें कि जैसे ही पहली गोली चली,ट्रम्प ने कहा,'ओह' और अपने कान को पकड़ लियाक्योंकि उसके बाद दो और गोलियों की आवाज सुनी गयी. इसके बाद ट्रंप नीचे झुक गए. हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "उन्हें ऐसा लगा कि गोली उनके कान के आर-पार हो गई है."

हमले के बाद ट्रंप...

हमले के कुछ ही देर बाद पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप अपने पैरों पर खड़े हो गए और उन्हें अपने दाहिने हाथ को चेहरे की ओर बढ़ाते हुए देखा जा सकता था. उनके चेहरे पर खून लगा हुआ था. जब वे वापस उठे और अपनी मुट्ठी बांधी तो भीड़ ने जोश में नारे लगाए. कुछ ही देर बाद उनका काफिला प्रोग्राम वाली जगह से चला गया.

यह भी पढ़े: बरियासनपुर इण्टर कालेज में बच्चोँ का पठन पाठन रोक हुआ चन्दौली सांसद का स्वागत

रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से ट्रंप के जाने के तुरंत बाद पुलिस ने मैदान को खाली करना शुरू कर दिया. व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडेन को घटना के बारे में जानकारी दी गई. उन्हें यूनाइटेड स्टेट्स सेक्रेटरी सर्विस की निदेशक किम्बर्ली चीटलहोमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी एलेजांद्रो मेयरकास और व्हाइट हाउस की होमलैंड सिक्योरिटी सलाहकार लिज शेरवुड-रैंडल से अपडेट ब्रीफिंग मिली.

'मेरे स्किन को चीरती हुई निकली गोली...'

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के बाद कहा, "मैं यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस और सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को गोलीबारी पर उनकी त्वरित प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं. सबसे अहम बातमैं रैली में मारे गए और घायल व्यक्ति के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं. यकीन नहीं होता है कि हमारे देश में ऐसा किया जा सकता है. अभी शूटर के बारे में कुछ भी पता नहीं हैजो अब मर चुका है. मुझे एक गोली लगी जो मेरे दाहिने कान के ऊपरी हिस्से में लगी. मुझे तुरंत पता चल गया कि कुछ गड़बड़ है क्योंकि मैंने एक तेज आवाजगोली की आवाज सुनी और तुरंत महसूस किया कि गोली स्किन को चीरती हुई निकल रही है.

यह भी पढ़े: बीस घंटे से भी ज्यादा समय के बाद भी ढाबक्षेत्र की बिजली आपूर्ति नहीं हो पायी शुरू, पूछने पर JE लोगो से ही मांगने लगे टाइम का हिसाब

'ट्रंप ठीक हैं...'

एक रिपोर्ट के मुताबिकट्रंप की प्रवक्ता स्टीवन चेउंग ने एक बयान में कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप ने इस जघन्य कृत्य के दौरान जल्द कार्रवाई के लिए कानून प्रवर्तन को धन्यवाद दिया. वह ठीक हैं और स्थानीय मेडिकल सर्विस में उनकी जांच की जा रही है."

सीक्रेट सर्विस ने एक बयान में कहा कि "पूर्व राष्ट्रपति सुरक्षित हैं." बटलर काउंटी के जिला अटॉर्नी रिचर्ड गोल्डिंगर ने एक टेलिफोनिक इंटरव्यू में कहा कि संदिग्ध बंदूकधारी की मौत हो गई है और कम से कम रैली में उपस्थित व्यक्ति की मौत हो गई है.

Saturday, July 13, 2024

महाराष्ट्र में बीजेपी ने इंडी गठबंधन को दी सियासी पटखनी; नौ सीटों पर जमाया कब्जा

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के 38 दिन बाद बीजेपी ने बड़ा खेल कर दिया है। शुक्रवार को 11 विधान परिषद सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी गठबंधन को बड़ी सफलता मिली है। बीजेपी नेतृत्व वाले महायुति को नौ सीटों पर सफलता मिली है। वहीं इंडी गठबंधन के खाते में दो सीटें आई हैं। इंडी गठबंधन ने एक उम्मीदवार अधिक उतारा था। 11 सीटों पर कुल 12 प्रत्याशी मैदान में थे।


यह भी पढ़े: बरियासनपुर इण्टर कालेज में बच्चोँ का पठन पाठन रोक हुआ चन्दौली सांसद का स्वागत

बीजेपी ने पांच शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने दो-दो सीटें जीतीं। एक-एक सीट पर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने कब्जा जमाया है।

भाजपा के विजेता प्रत्याशी

  • पंकजा मुंडे
  • योगेश तिलेकर
  • परिणय फुके
  • अमित गोरखे
  • सदाभाऊ खोत

शिवसेना से जीते प्रत्याशी

  • कृपाल तुमाने
  • भावना गवली

एनसीपी के विजेता प्रत्याशी

  • शिवाजीराव गर्जे
  • राजेश विटेकर

चुनाव हारे जयंत पाटिल

महा विकास अघाड़ी से शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के करीबी मिलिंद नार्वेकर और कांग्रेस उम्मीदवार प्रज्ञा सातव ने एमएलसी का चुनाव जीता है। शरद पवार की एनसीपी (SP) समर्थित पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी के उम्मीदवार जयंत पाटिल को हार का सामना करना पड़ा है।

यह है विधानसभा का गणित

महाराष्ट्र विधानसभा में सदस्यों की कुल संख्या 288 है। मगर मौजूदा समय में 274 कुल विधायक हैं। विधान परिषद चुनाव में हर विजेता उम्मीदवार को 23 प्रथम वरीयता मतों के कोटे की जरूरत थी। भाजपा 103 सदस्यों के साथ विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है। उसके बाद शिवसेना (38), एनसीपी (42), कांग्रेस (37), शिवसेना (यूबीटी) 15 और एनसीपी (SP) के पास 10 विधायक हैं।

पांच विधायकों ने पलटा खेल!

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि महायुति के सभी नौ उम्मीदवार निर्वाचित हुए हैं। हम बहुत खुश हैं। एमवीए का अहंकार खत्म हो गया है। डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि पांच विधायकों ने हमारा समर्थन किया। मैं उनका धन्यवाद करता हूं। जब चुनाव होते हैं तो आरोप लगाए जाते हैं लेकिन मैं इसके बारे में नहीं सोचता... महायुति को विधानसभा में भी ऐसी सफलता मिलनी चाहिए।