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Saturday, March 28, 2026

एलपीजी... एटीएम से लेकर पैन तक, ये 5 बड़े बदलाव 1 अप्रैल से हर घर और हर जेब पर डालेंगे असर

नईदिल्ली: हर महीने की पहली तारीख की तरह ही 1 अप्रैल 2026 की शुरुआत भी एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव के साथ देखने को मिल सकती है. मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की शुरुआत के बाद गहराई एलपीजी किल्लत के बीच पहले ही तेल कंपनियां इनकी कीमतों में इजाफा करके महंगाई का झटका दे चुकी हैं और अब पहली तारीख को नए रेट जारी किए जा सकते हैं. इसके अलावा Oil Crisis के बीच हवाई ईंधन यानी एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में चेंज और सीएनजी-PNG के रेट में बदलाव देखने को मिल सकता है.


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देश में दूसरा और सबसे बड़ा बदलाव अप्रैल की पहली तारीख से टैक्स से जुड़ा होने जा रहा है और आयकर अधिनियम, 2025 मौजूदा कानून की जहग लेगा, जो 1961 से लागू है. New Income Tax Rule के साथ ही टैक्‍स से जुड़े कई बदलाव देखने को मिलने वाले हैं. सरकार के मुताबिक, टैक्‍सपेयर्स पर अनुपालन का बोझ कम करने और कानून को आधुनिक आसान बनाने के लिए कई चेंज किए गए हैं. टैक्स से जुड़े कुछ बदलावों की बात करें, तो 1 अप्रैल से आईटीआर भरने के लिए जिस फॉर्म 16 की आवश्‍यकता पड़ती है, अब आपको फॉर्म 16 नहीं मिलेगा, बल्कि इसकी जगह पर अब दूसरा फॉर्म दिया जाएगा और उसी फॉर्म का इस्‍तेमाल आप इनकम डॉक्‍यूमेंट के तौर पर कर सकते हैं. फॉर्म 16 को टीडीएस का प्रमाणपत्र माना जाता है. यह सैलरी इनकम पर लगने वाला टीडीएस सर्टिफिकेट भी है. फॉर्म 16A किराया, ब्याज, कारोबार और परामर्श शुल्क जैसी नॉन-सैलरी इनकम के लिए टीडीएस प्रमाणपत्र है. इसका नाम भी 1 अप्रैल से बदलकर फॉर्म 131 कर दिया जाएगा. इसे संबंध‍ित तिमाही टीडीएस डिटेल जारी करने की डेट से 15 दिनों के भीतर जारी करना होगा.

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अगर आपका खाता HDFC Bank, PNB या फिर Bandhan Bank में है और आप इन बैंकों का एटीएम इस्तेमाल करते हैं, तो फिर आपके लिए भी 1 अप्रैल, 2026 से एटीएम नियम बदलने (ATM Rule Change) जा रहे हैं. प्रमुख बदलावों पर नजर डालें, तो एचडीएफसी बैंक फ्री एटीएम निकासी में अब UPI Withdrawl को भी काउंट करेगा, अब तक ये अलग से गिनी जाती थीं. यानी HDFC Bank के जो ग्राहक ATM पर UPI का यूज करते हैं, एटीएम के जरिए मुफ्त लेनदेन लिमिट घट सकती है और इसके बाद विद्ड्रॉल पर प्रति ट्रांजैक्शन 23 रुपये का शुल्क लग सकता है. अभी बैंक ने एटीएम से महीने में 5 फ्री निकासी की सुविधा दी है. 

HDFC Bank के अलावा पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपने कुछ डेबिट कार्डों के लिए प्रतिदिन ट्रांजैक्शन की लिमिट में बदलाव का ऐलान किया है. ग्राहक अपने कार्ड की कैटेगरी के आधार पर अब रोजाना 50,000 रुपये से 75,000 रुपये तक निकाल सकेंगे. ये लिमिट उन कार्डहोल्डर्स के लिए कम है, जिनकी लिमिट पहले 1 लाख रुपये प्रति दिन तक थी. पीएनबी के अलावा Bandhan Bank भी 1 अप्रैल से डेबिट कार्ड धारकों के लिए एटीएम लेनदेन के नियम बदल रहा है. महानगरों में बंधन बैंक एटीएम यूजर्स को महीने में 3 फ्री ट्रांजैक्शन मिलेंगे, अन्य में ये सीमा 5 ट्रांजैक्शन की होगी. ये लिमिट क्रॉस होने के बाद हर फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर 23 रुपये लगेगा. इसके साथ ही बैंक ने कहा है कि अगर Bank Account में अपर्याप्त रकम होगी और एटीएम लेनदेन फेल होता है, तो 25 रुपये की पेनल्टी लागू होगी.

1 अप्रैल 2026 से होने वाले अन्य बड़े बदलावों में पैन कार्ड से जुड़ा चेंज भी शामिल है. नए नियमों के तहत पैन पाने या उसे अपडेट करने से जुड़े नियम सख्त हो सकते हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो अब पैन कार्ड से जुड़े आवेदनों के लिए केवल आधार कार्ड पर्याप्त नहीं होगा, आवेदकों को अन्य डॉक्युमेंट्स भी जमा करने होंगे. इसके सात ही जो आवेदन पेंडिंग हैं, उन्हें नए नियम लागू होने से पहले पूरा करने के आदेश भी जारी किए गए हैं.

अप्रैल महीने की पहली तारीख से रेल का सफर करनेवाले यात्रियों के लिए भी बदलाव होने वाला है. खासतौर पर रेलवे टिकट कैंसिलेशन से जुड़े नियम बदलने जा रहे हैं. 1 अप्रैल से जो नियम लागू होंगे, उनके तहत अब कन्फर्म रेलवे टिकट रद्द करने पर यात्रियों को ज्यादा पैसे चुकाने होंगे. अब ट्रेन के छूटने से 8 घंटे पहले कोई रिफंड जारी नहीं होगा, पहले यह 4 घंटे तक होता था. 8 से 24 घंटे पहले रद्द टिकटों पर 50% रिफंड, जबकि 24 से 72 घंटे पहले कैंसिल टिकटों पर 25% कटौती और 72 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर सबसे ज्यादा रिफंड मिलेगा.

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Sunday, March 01, 2026

चंद्रग्रहण के कारण होली 4 मार्च को, 3 मार्च को दिखेगा 'ब्लड मून'

वाराणसी। इस वर्ष होली का पर्व चंद्रग्रहण के कारण एक दिन आगे बढ़ गया है। होलिका दहन के अगले दिन पड़ने वाले चंद्रग्रहण के चलते रंगोत्सव अब तीन मार्च के बजाय चार मार्च को मनाया जाएगा। चंद्रग्रहण का आरंभ दोपहर 3:20 बजे होगा। यह भारत में ग्रस्तोदित रूप में दिखाई देगा, यानी चंद्रोदय के साथ इसे देखा जा सकेगा।


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ग्रहण का दृश्य प्रभाव शाम 5:59 बजे से 6:48 बजे तक रहेगा। सूतक काल ग्रहण से नौ घंटे पहले, यानी सुबह 6:20 बजे से प्रारंभ होगा। सूतक काल के दौरान जप, तप, हवन और मंत्र जाप जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। इस समय केवल पूजा-पाठ, भगवन्नाम संकीर्तन और साधना की जाती है। ग्रहण के दौरान उत्सव, भोजन और अन्य मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।

यह पूर्ण चंद्रग्रहण होगा, जिसमें पृथ्वी की छाया पूरी तरह चंद्रमा पर पड़ती है। इस कारण चंद्रमा कुछ समय के लिए गहरे लाल रंग का दिखाई देता है, जिसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। इस अद्भुत खगोलीय घटना का अनुभव करने के लिए लोग उत्सुक हैं, क्योंकि यह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि खगोल विज्ञान के प्रेमियों के लिए भी एक विशेष अवसर है।

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ग्रहण के समय कई लोग अपने धार्मिक अनुष्ठान और साधनाओं में लीन रहेंगे। इस दौरान विशेष ध्यान रखा जाएगा कि कोई भी अशुभ कार्य न किया जाए। सूतक काल के दौरान, लोग अपने घरों में रहकर ध्यान और साधना करेंगे, जिससे उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त हो सके। जबक‍ि होल‍िका एक द‍िन पूर्व ही जल जाएगी और होली का पर्व मनाने के ल‍िए एक द‍िन का इंतजार करना पड़ेगा। 

इस चंद्रग्रहण के दौरान, कई धार्मिक मान्यताएँ भी जुड़ी हुई हैं। मान्यता है कि ग्रहण के समय किए गए अनुष्ठान विशेष फलदायी होते हैं। इसलिए, भक्तजन इस समय का उपयोग अपने जीवन में सकारात्मकता लाने के लिए करेंगे। तीन मार्च को होने वाला ‘ब्लड मून’ न केवल एक खगोलीय घटना है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपरा का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

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Monday, February 23, 2026

मेरठ को मिली बड़ी सौगात पीएम मोदी ने किया मेरठ मेट्रो और दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का उद्घाटन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के लिए आज ऐतिहासिक दिन रहा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से शहर को कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस भव्य आयोजन में सबसे अहम रहा मेरठ मेट्रो और प्रतिष्ठित दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का लोकार्पण। प्रधानमंत्री के कर कमलों द्वारा उद्घाटन किए जाने के साथ ही ये परियोजनाएं जनता को समर्पित हो गईं।


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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित इस परियोजना से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक नए युग का सूत्रपात हुआ है। दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के खुलने से अब दिल्ली और मेरठ के बीच की दूरी न सिर्फ घटकर कुछ घंटों से मिनटों में रह जाएगी, बल्कि यात्रा अत्याधुनिक, सुविधाजनक और सुरक्षित हो जाएगी।

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Thursday, January 15, 2026

संभल में अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, प्रधान का घर भी ध्वस्त

संभल: जिले में बुधवार को बुलडोजर गरजा. संभल तहसील क्षेत्र के बिछोली गांव में सुबह ही जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी. आरआरएफ, भारी पुलिस फोर्स और जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में स्कूल, पंचायत घर, उद्यान और खेल के मैदान के नाम दर्ज करीब 20 बीघा बेशकीमती सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया. तहसीलदार संभल धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में दो बुलडोजर ने अवैध निर्माण को ध्वस्त किया.


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बिछोली गांव में बुधवार की सुबह जैसे ही बुलडोजर चलने की तैयारी शुरू हुई तो कुछ कब्जेदारों ने विरोध जताया और प्रशासन से नोंकझोंक भी हुई. माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण जरूर हुआ, लेकिन आरआरएफ और भारी पुलिस बल की मुस्तैदी के चलते हालात बेकाबू नहीं होने दिए गए. तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अवैध कब्जों की सूची में ग्राम प्रधान अतीक का नाम भी शामिल था. प्रशासन ने किसी दबाव में आए बिना सबसे पहले प्रधान द्वारा बनाए गए अवैध मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया. यह दृश्य गांव में चर्चा का बड़ा विषय बन गया.

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मौके पर मौजूद तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिस जमीन पर कार्रवाई की जा रही है, वह पंचायत घर, प्राथमिक विद्यालय, उद्यान और खेल मैदान के लिए राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है. इस भूमि पर किए गए कब्जों के खिलाफ विभिन्न न्यायालयों में मुकदमे पहले ही निस्तारित हो चुके हैं और बेदखली के स्पष्ट आदेश पारित हैं. इसके बावजूद कब्जेदार हठधर्मिता दिखाते हुए जमीन खाली नहीं कर रहे थे, जिस कारण प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा.

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तहसीलदार ने बताया कि पैमाइश की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और सभी चिह्नित अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं. इनमें कुछ आवासीय और कुछ धार्मिक प्रकृति के कब्जे भी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान के घर सहित 5 मकानों को ध्वस्त किया गया है. कार्रवाई के दौरान लेखपाल, कानूनगो, राजस्व निरीक्षक सहित 25 सदस्यीय राजस्व टीम मौके पर तैनात. प्रशासन की इस कार्रवाई से गांव में स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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जम्मू कश्मीर में 82 हजार से अधिक पेड़ काटे गए और 45 करोड़ रुपये का मुआवजा बकाया, NGT सख्त

श्रीनगर: जम्मू और कश्मीर प्रशासन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सामने यह मानने के बाद कड़ी न्यायिक जांच के दायरे में आ गया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी अनिवार्य पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जमा किए बिना 82,000 से ज़्यादा जंगल के पेड़ काट दिए गए, जिससे 45 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया रह गया.


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यह खुलासा रसिख रसूल भट बनाम केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर मामले की कार्यवाही के दौरान किया गया, जिसकी सुनवाई ट्रिब्यूनल ने 13 जनवरी, 2026 को की थी. जम्मू और कश्मीर के मुख्य सचिव की दी गई अनुपालन रिपोर्ट में, केंद्र शासित प्रदेश ने माना कि जंगल वाले इलाकों में किए गए लगभग 150 प्रोजेक्ट्स में 82,327 पेड़ काटे गए. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन प्रोजेक्ट्स से होने वाली कुल प्रतिपूरक वनीकरण दायित्व 80.73 करोड़ रुपये है, जिसमें से 45.33 करोड़ रुपये अभी तक भुगतान नहीं किए गए हैं.

पर्यावरण कानून के तहत, जंगल की जमीन के दूसरे इस्तेमाल से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे के तौर पर पेड़ लगाने का भुगतान जरूरी है. इस बात को मानने से प्रशासन के वन एक्ट, 1980 के पालन पर सवाल उठे हैं, जिसमें यह जरूरी है कि जंगल की जमीन को गैर-वन कामों के लिए इस्तेमाल करने से पहले उपयोगकर्ता एजेंसियां मुआवज़े के तौर पर ली जाने वाली लेवी जमा करें.

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केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार, यह चूक 30 जुलाई, 2019 को पहले की राज्य प्रशासनिक काउंसिल द्वारा लिए गए पॉलिसी फैसले की वजह से हुई है. उस फैसले ने 2014 के कैबिनेट ऑर्डर को बदल दिया और सरकार को जंगल की जमीन के डायवर्जन के लिए मंज़ूरी देने की इजाजत दे दी, भले ही मुआवजे का भुगतान पेंडिंग हो. अधिकारियों ने कहा कि इस कदम का मकसद सार्वजनिक अवसंरचना के कामों को तेजी से पूरा करना था.

हालांकि, याचिकाकर्ता, पर्यावरणविद् और अधिवक्ता रसिख रसूल भट ने पॉलिसी में इस बदलाव का कड़ा विरोध किया है. 8 जनवरी, 2026 को ट्रिब्यूनल के सामने दायर की गई आपत्तियों में, भट ने तर्क दिया कि यह फैसला मनमाना था और कानूनी पर्यावरण सुरक्षा उपायों को कमजोर करता है.

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उन्होंने कहा कि इस छूट से पर्यावरण के नुकसान को रोकने के बजाय, बाद में जंगल कानून के उल्लंघन को सही ठहराया गया. भट्ट ने कहा कि मुआवजा देने का तरीका फॉरेस्ट क्लीयरेंस की एक मुख्य जरूरत है और इसे मंज़ूरी के बाद की औपचारिकता नहीं माना जा सकता.

ट्रिब्यूनल की नजर में आने वाले खास प्रोजेक्ट्स में से एक उत्तर कश्मीर में हंदवाड़ा-बंगस रोड है, जो पर्यावरण के रूप से संवेदनशील राजवार फॉरेस्ट रेंज से होकर गुजरता है. इस सड़क का काम लोक निर्माण विभाग कर रहा है. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट पर कंस्ट्रक्शन 2017 में शुरू हुआ था, जो सितंबर 2019 में अंतिम वन मंजूरी मिलने से लगभग दो साल पहले था.

हालांकि प्रशासन ने ट्रिब्यूनल के सामने माना कि 488 पेड़ सही मंज़ूरी लेकर काटे गए थे, लेकिन उसने यह भी माना कि 2021 में गैर-कानूनी तरीके से पेड़ काटे गए थे, जिसके लिए बाद में नुकसान की भरपाई की गई. भट ने आगे कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स ने राजवार इलाके में इंसान-जानवरों के बीच टकराव को बढ़ा दिया है.

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उन्होंने बताया कि जंगल के प्रस्तावों में खुद इलाके में जंगली जानवरों की मौजूदगी दर्ज थी, फिर भी कहा जाता है कि प्रोजेक्ट्स बिना बड़े वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट या नुकसान कम करने की योजना के आगे बढ़े. सुनवाई के दौरान केंद्र शासित प्रदेश की ओर से पेश वकील ने मुख्य सचिव की अनुपालन रिपोर्ट के खिलाफ उठाई गई आपत्तियों का जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा.

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की प्रधान पीठ, जिसके चेयरमैन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव हैं, ने सभी पार्टियों को अपनी दलीलें पूरी करने और जरूरी रिपोर्ट रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया. ट्रिब्यूनल ने मामले की आखिरी सुनवाई 9 अप्रैल, 2026 को तय की है।

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Monday, January 12, 2026

कांग्रेस भ्रष्टाचार की पहचान बन चुकी है, मनरेगा के नाम पर हुआ था सबसे बड़ा घोटाला: केशव प्रसाद मौर्य

वाराणसी: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस अब देश में भ्रष्टाचार की पार्टी के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुकी है। वाराणसी के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मनरेगा के नाम पर वर्षों तक भ्रष्टाचार हुआ और अब जब उसमें सुधार कर उसे नए स्वरूप में लागू किया गया है, तो कांग्रेस को उससे परेशानी हो रही है। 

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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले मनरेगा में भारी भ्रष्टाचार होता था, लेकिन अब उसे विकसित भारत–रामजी अधिनियम के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस अधिनियम के नाम से नहीं, बल्कि उसमें किए गए प्रावधानों से आपत्ति है। पहले जहां रोजगार की सीमित गारंटी थी, वहीं अब 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी दी जा रही है। साथ ही श्रमिकों को समय से भुगतान सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है, जबकि पहले मजदूरी भुगतान की कोई तय समय-सीमा नहीं होती थी।

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सपा और कांग्रेस एक-दूसरे की पूरक पार्टियां

 केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी और कांग्रेस एक-दूसरे की पूरक बन चुकी हैं। जब भी भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की बात आती है, ये दोनों पार्टियां मिलकर उसका विरोध करने लगती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का चरित्र हमेशा ऐसा रहा है कि “एक पैसा काम में और 85 पैसा कांग्रेसियों की जेब में चला जाता था।”

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कांग्रेस के मुद्दों को जनता नकार रही

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ऐसे मुद्दे उठाती है, जिन्हें जनता पसंद नहीं करती। यही कारण है कि आज कांग्रेस को कोई पूछने वाला नहीं है। चाहे वह किसी के भी नेतृत्व में चुनाव लड़े, उसका भविष्य तय है। उन्होंने कहा कि चाहे प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, सोनिया गांधी या फिर अखिलेश यादव के नेतृत्व में चुनाव हो, कमल खिलने जा रहा है।

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अखिलेश यादव पर सीधा हमला

अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बिहार चुनाव हारने के बाद वे मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को लगता है कि मतदाता सूची शुद्ध होने से फर्जीवाड़ा नहीं हो पाएगा। उन्होंने दावा किया कि 2027 में अखिलेश यादव को सैफई वापस जाना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव का पीडीए फॉर्मूला पूरी तरह फर्जी है, क्योंकि वे समाज नहीं, बल्कि परिवार, गुंडे, अपराधी और माफियाओं को बढ़ाने का काम करते हैं।

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राम मंदिर और हिंदू समाज की एकता का उल्लेख

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला का भव्य मंदिर बन चुका है और ध्वजारोहण भी हो गया है, लेकिन जो लोग वर्षों तक राम मंदिर का विरोध करते रहे, वे आज तक दर्शन करने नहीं गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सैफई में मंदिर निर्माण भारतीय जनता पार्टी की बढ़ती ताकत और हिंदू समाज की एकता के डर से कराया जा रहा है।

सोमनाथ मंदिर और राष्ट्रीय स्वाभिमान

सोमनाथ मंदिर और सौराष्ट्र पर्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे मंदिरों को तोड़कर देश के स्वाभिमान को चोट पहुंचाई गई थी। प्रधानमंत्री ने देश को यह याद दिलाया है कि हम सबको एक रहना है और सुरक्षित रहना है।

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राम मंदिर में नमाज पढ़ने की घटना पर प्रतिक्रिया

राम मंदिर में नमाज पढ़ने की घटना पर बोलते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आरोपी युवक को पकड़ लिया गया है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश और देश में भाजपा की ताकत लगातार बढ़ रही है और आने वाले चुनावों में जनता फिर से विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद के पक्ष में अपना फैसला सुनाएगी।

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Thursday, January 01, 2026

जल्द इंसाफ के लिए अब आधी रात में भी खुलेगा सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, CJI सूर्यकांत का ऐलान

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा अब आधी रात को भी खुला रहेगा। भारत के चीफ जस्टिस सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि फरियादी इमरजेंसी में आधी रात को भी सुप्रीम कोर्ट आ सकते हैं। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अगर किसी नागरिक को कानूनी इमरजेंसी का सामना करना पड़ता है या जांच एजेंसियों द्वारा अजीब समय पर गिरफ्तारी की धमकी दी जाती है, तो वह व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए आधी रात को भी संवैधानिक अदालतों से सुनवाई की मांग कर सकेगा।


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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ‘मेरा प्रयास है और रहेगा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट को लोगों की अदालतें बनाया जाए, जहां कानूनी इमरजेंसी में काम के घंटों के बाद भी किसी भी समय संपर्क किया जा सके।’ उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकताओं में से एक यह है कि कई अहम संवैधानिक मुद्दों से जुड़ी पेंडिंग याचिकाओं से निपटने के लिए जितनी हो सके उतनी संविधान बेंचें स्थापित की जाएं- जैसे कि चुनावी रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं का मामला, जो बिहार से शुरू हुआ और अब एक दर्जन राज्यों में चल रहा है।

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इधर, सीजेआई ने जल्द न्याय सुनिश्चित करने और इंसाफ के लिए नया सिस्टम लागू कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में कामकाज में सुगमता, जल्द न्याय सुनिश्चित करने के लिए एसओपी जारी की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसमें उसके समक्ष पेश होने वाले वकीलों द्वारा दलीलों और लिखित निवेदन प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। इस कदम का उद्देश्य न्यायालय के कामकाज में सुगमता और न्याय मुहैया कराने की व्यवस्था में तेजी लाना है।

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सीजेआई यानी प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और उच्चतम न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों ने सोमवार को एक परिपत्र जारी किया। इसमें सभी मामलों में मौखिक दलीलें प्रस्तुत करने की समयसीमा का पालन करने के लिए एसओपी तय की गई है। तत्काल प्रभाव से लागू इस एसओपी में कहा गया है, ‘वरिष्ठ अधिवक्ता, दलील रखने वाले वकील और रिकॉर्ड पर मौजूद अधिवक्ता, नोटिस के बाद और नियमित सुनवाई वाले सभी मामलों में मौखिक बहस करने की समय-सीमा सुनवाई शुरू होने से कम से कम एक दिन पहले प्रस्तुत करेंगे। यह समय-सीमा न्यायालय को ‘एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड’ (एओआर) को पहले से उपलब्ध कराए गए उपस्थिति पर्ची जमा करने के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत की जाएगी।

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इसमें कहा गया है कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं सहित बहस करने वाले वकील, अपने एओआर या पीठ द्वारा नामित नोडल वकील (यदि कोई हो) के माध्यम से, सुनवाई की तारीख से कम से कम तीन दिन पहले दूसरे पक्ष को एक प्रति देने के बाद संक्षिप्त नोट या लिखित प्रस्तुति दाखिल करेंगे, जो पांच पृष्ठ से अधिक का नहीं होगा। शीर्ष अदालत के चार रजिस्ट्रार द्वारा हस्ताक्षरित परिपत्र में कहा गया है, ‘सभी वकील निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन करेंगे और अपनी मौखिक दलीलें पूरी करेंगे।

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Sunday, December 28, 2025

CM योगी ने लॉन्च किया 'YAKSH' ऐप, माफिया और अपराधियों की पूरी जानकारी अब सिर्फ एक क्लिक पर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को यक्ष (YAKSH) ऐप का औपचारिक लॉन्च किया. यह ऐप एआई और बिग डेटा एनालिसिस से तैयार किया गया है और आधुनिक पुलिसिंग का अत्याधुनिक उपकरण माना जा रहा है. अब पुलिस अधिकारी एक क्लिक में माफिया और अपराधियों की पूरी जानकारी देख सकेंगे.

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जानकारी के मुताबिक, यक्ष ऐप में संवेदनशील इलाकों की जानकारी पहले से दर्ज रहेगी, जहां पत्थरबाजी या अन्य घटनाओं की संभावना होती है. रियल-टाइम अलर्ट, AI फेस रिकग्निशन, वॉइस सर्च, CrimeGPT और गैंग एनालिसिस जैसी सुविधाओं से अधिकारी किसी भी समय अपराध की स्थिति पर नजर रख सकेंगे.

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गैंग और अपराध नेटवर्क का पूरा डेटा

इस ऐप के जरिए अधिकारी एकीकृत प्लेटफॉर्म पर गैंग, अपराध नेटवर्क, इतिहास शीटर और गतिविधियों की पूरी जानकारी पा सकते हैं. इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और अपराध पर नियंत्रण अधिक सटीकता से संभव होगा.

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प्रभाव और भविष्य की तैयारी

YAKSH ऐप पुलिस को रिस्पॉन्स टाइम कम करने और अपराध नियंत्रण में मदद करेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह ऐप अपराधियों के खिलाफ लगातार तैयारी और पुलिसिंग में नई क्रांति लाएगा.

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Friday, December 19, 2025

नीतीश कुमार को पाकिस्तान से धमकी

वाराणसी: आयुष चिकित्सकों के नियुक्तिपत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला का हिजाब हटाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को धमकी देते हुए पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी की ओर से वीडियो जारी किया गया है, जिसकी जांच साइबर थाना को सौंपी गई है। वायरल रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि महिला आयुष चिकित्सक ने नौकरी ज्वॉइन करने से इंकार कर दिया है।



वीडियो में मुख्यमंत्री को धमकी दी गई है कि माफी मांगें वरना बाद में शिकायत मत करना। डीजीपी विनय कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वीडियो की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर बिहार पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। आर्थिक अपराध इकाई के अपर पुलिस महानिदेशक नैयर हसनैन खान ने कहा कि ईओयू का साइबर प्रभाग पूरे मामले की निगरानी करेगा और कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी।


उधर, सोशल मीडिया पर उक्त घटना को लेकर यह भी बताया जा रहा है कि जिस महिला को नियुक्तिपत्र देने के बाद मुख्यमंत्री ने हिजाब हटाने को कहा था, उसने यह नौकरी नहीं करने का निर्णय लिया है। हालांकि, महिला की ओर से अभी इस संबंध में सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है।
 

मालूम हो कि 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में नियुक्तिपत्र वितरण समारोह था। इस दौरान 1283 नवनियुक्त आयुष चिकित्सकों को नियुक्तिपत्र दिया गया था। इनमें दस चिकित्सकों को सांकेतिक रूप से मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से नियुक्तिपत्र सौंपा था।

Saturday, December 13, 2025

कुमार सानू और संजीव चतुर्वेदी पर धोखाधड़ी का आरोप

मुम्बई: म्यूज़िक प्रोडक्शन से जुड़े संजय बेडिया गिरगाउकर ने मशहूर गायक कुमार सानू और म्यूज़िक डायरेक्टर संजीव चतुर्वेदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनकी कंपनी बेडिया फिल्म म्यूज़िक के लिए बनाए गए गीतों के एवज में उन्होंने संजीव चतुर्वेदी को करीब 15–20 लाख रुपये का भुगतान किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें किसी भी गाने की NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) अब तक नहीं दी गई।


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संजय बेडिया के अनुसार, उन्होंने कुल 10 गाने तैयार करवाए थे। लेकिन NOC न मिलने के कारण वे न तो गाने रिलीज़ कर पा रहे हैं और न ही उनका प्रमोशन किया जा सकता है। इस संबंध में जब उन्होंने गायक कुमार सानू से बात की, तो सानू ने कथित तौर पर कहा कि उन्हें इस प्रोजेक्ट के लिए संजीव चतुर्वेदी ने कोई भुगतान नहीं किया।

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संजय का आरोप है कि यह दोनों की “मिलीभगत” है, जिसके तहत न तो उन्हें गानों का अधिकार दिया जा रहा है और गाना रिलीज करने के बाद उल्टा उनके यूट्यूब चैनल पर कॉपीराइट स्ट्राइक भी डलवा दी गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्ट्राइक हटाने के एवज में उनसे 2 लाख रुपये अतिरिक्त की मांग की जा रही है, जिसके बदले स्ट्राइक हटाने की बात कही गई।

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उन्होंने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत मीरिश्ट पुलिस स्टेशन में दर्ज करा दी है और कहा है कि एक छोटे प्रोड्यूसर के साथ ऐसा व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। संजय ने सार्वजनिक रूप से लोगों से मदद और न्याय की मांग करते हुए कहा कि उनके पास ऑडियो सबूत भी मौजूद हैं, जिसमें कुमार सानू ने पैसे न मिलने की बात स्वीकार की है। संजय बेडिया ने इन आरोपों के साथ कहा कि इस तरह की घटनाएँ नए और छोटे प्रोड्यूसरों को हतोत्साहित करती हैं और उद्योग में पारदर्शिता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

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Tuesday, December 09, 2025

बहुत बड़ा हीरो बनता है पवन सिंह... धमकी मिलते ही पावर स्टार ने लॉरेंस गैंग के खिलाफ कराया केस दर्ज

मुम्बई: भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के पावर स्टार पवन सिंह को जान से मारने और रंगदारी मांगने की धमकी देने का मामला सामने आया है. इस मामले में पवन सिंह के मैनेजर नीरज सिंह ने मुंबई के ओशिवारा थाने में FIR दर्ज कराई है. शिकायत में उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य होने का दावा करने वाले व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं. 


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धमकाने वाले ने पवन सिंह के फोन पर लगातार कॉल और व्हाट्सएप मैसेज भेजकर बड़ी रकम की मांग की और जान से मारने की धमकी दी. मैनेजर ने पुलिस को सभी सबूत- फोन नंबर, व्हाट्सएप मैसेज और कॉल रिकॉर्डिंग- उपलब्ध कराए हैं. 

उन्होंने बताया कि धमकी भरे मैसेज में साफ लिखा था कि “पवन सिंह की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है.” इतना ही नहीं, धमकी देने वाले ने अपना नाम बबलू बताया और खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया. मैसेज में उसने यह भी लिखा कि अगर पवन सिंह को शक हो तो वे उपेंद्र कुशवाहा और पप्पू यादव से पूछ लें कि लॉरेंस बिश्नोई कौन है.

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धमकाने वाले ने पवन सिंह को “बहुत बड़ा हीरो बनने” पर तंज कसा और चेतावनी दी कि बिग बॉस में सलमान खान के साथ मंच शेयर करना उसका आखिरी मौका था. उसने धमकी भरे अंदाज में लिखा कि “सलमान के साथ दोबारा मंच शेयर करना इसका सपना रह जाएगा.” पवन सिंह की टीम ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. 

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मैनेजर नीरज सिंह ने बताया कि धमकी मिलने के बाद कलाकार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. उन्होंने पुलिस से तुरंत अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है. FIR दर्ज होने के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. तकनीकी टीम फोन नंबरों और मैसेजों की ट्रेसिंग में लग गई है।

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Friday, November 21, 2025

अपने वादों और घोषणाओं को पूरा करें..' तेजस्वी यादव ने CM नीतीश कुमार को दी बधाई

पटना: आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार का गठन हो गया. पटना के गांधी मैदान में सीएम और तमाम अन्य मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली. इस बीच आरजेडी विधायक दल के नेता तेजस्वी यादव ने नई सरकार को बधाई और शुभकामनाएं दी. साथ ही चुनावी वादों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील भी की।


तेजस्वी ने नीतीश कुमार को बधाई दी :__* राघोपुर से तीसरी बार विधायक बने तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बाकी मंत्रियों को बधाई दीय उन्होंने कहा, 'नीतीश कुमार जी को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई. मंत्रिपरिषद् के सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले बिहार सरकार के सभी मंत्रियों को हार्दिक शुभकामनाए.'।


तेजस्वी ने दिलायी वादों की याद 
इस दौरान तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार को उनके चुनावी वादों की भी याद दिलाई. उन्होंने लिखा, 'आशा है नई सरकार जिम्मेदारीपूर्ण लोगों की आशाओं और अपेक्षाओं पर खरा उतर अपने वादों एवं घोषणाओं को पूरा करेगी तथा बिहारवासियों के जीवन में सकारात्मक व गुणात्मक परिवर्तन लाएगी.' नीतीश सरकार का शपथ ग्रहण: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 26 मंत्रियों ने भी शपथ ली है. अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं. ऐसे में अभी भी 9 मंत्री पद और खाली हैं. आज बीजेपी के 14, जेडीयू के 8, एलजेपीआर के 2 और हम और आरएलएम के 1-1 मंत्री बनाए गए हैं।


दो डिप्टी सीएम बने
बीजेपी कोटे से सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है. दोनों पिछली बार भी इस पद पर थे. सम्राट इस बार मुंगेर जिले की तारापुर विधानसभा सीट से विधायक बने हैं, जबकि विजय सिन्हा एक बार फिर लखीसराय से जीते हैं.
आरजेडी की करारी हार: इस विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल को करारी हार का सामना करना पड़ा है. मात्र 25 सीटों पर जीत मिली है, जबकि 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. 2020 में 75 सीटों के साथ सबसे बड़ा दव बना था. इस बार तीसरे नंबर पर चला गया है. मुश्किल से नेता प्रतिपक्ष का पद पाने लायक विधायक जीतकर आए हैं. तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुना गया है, वे ही नेता प्रतिपक्ष बनाए जाएंगे।

Sunday, November 16, 2025

हमीरपुर में हुई महिला का हत्यारा निकला दरोगा अंकित यादव, पुलिस ने किया गिरफ्तार

हमीरपुर: अब तो यूपी में प्रचंड गजब हो गया...हमीरपुर में विगत दिन जिस महिला की लाश मिली थी, उसकी हत्या महोबा जिले में तैनात दरोगा अंकित यादव ने की थी,


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प्राप्त जानकारी के अनुसार दरोगा अंकित यादव महिला के दहेज प्रताड़ना मामले की विवेचना कर रहे थे,इसी दौरान महिला किरण गौतम निवासी ग्राम मकरबई,थाना कबरई जिला महोबा से उनकी नजदीकियां बढ़ गई और नजदीकियां प्यार में तब्दील हो गई. 


फिर महिला ने दरोगा को शादी के लिए मानसिक रूप से परेशान किया जिसके बाद दरोगा जी ने एक प्लानिंग बनाई और अपने मित्र की स्विफ्ट कार लेकर महिला को घुमाने के बहाने ले गए और एकांत में जाकर मारकर फेंक दिया, घटना की विस्तृतजानकारी के लिए हमीरपुर पुलिस का प्रेस नोट जारी कर इसकी जानकारी दी.

गाज़ीपुर के 1260 अभ्यर्थियों में 1025 उपस्थित, 674 ने दौड़ में मारी बाज़ी

गाज़ीपुर: छावनी स्थित रणबांकुरा स्टेडियम में रविवार को अग्निवीर सेना भर्ती रैली के तहत गाज़ीपुर जिले के अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया सम्पन्न हुई। सुबह से ही स्टेडियम परिसर में युवाओं की लंबी कतारें और उत्साह देखने को मिला।


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आज गाज़ीपुर जिले के कुल 1260 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, जिनमें से 1025 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। निर्धारित दौड़ और शारीरिक परीक्षण पूरा करने के बाद 674 अभ्यर्थियों ने रन में सफलता हासिल कर अगला चरण पार कर लिया।

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रविवार को हुई प्रक्रिया शांतिपूर्वक और व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न हुई। प्रशासन और सेना के अधिकारियों ने सुरक्षा व व्यवस्था की लगातार निगरानी की।

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दिल्ली: लाल किला इलाके में हुए कार बम धमाके के मामले में एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को बड़ी कामयाबी मिली है. एजेंसी ने उस शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसने आत्मघाती हमलावर के साथ मिलकर इस आतंकवादी साजिश को अंजाम दिया था.


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जांच में सामने आया कि आमिर जम्मू-कश्मीर के सांबूरा, पंपोर का रहने वाला है. उसने पुलवामा के उमर उन नबी नाम के शख्स के साथ मिलकर ये हमला प्लान किया था. आमिर दिल्ली इसलिए आया था ताकि उस कार को खरीदने में मदद कर सके, जिसे बाद में धमाके के लिए आईईडी (बम बनाने वाला उपकरण) के तौर पर इस्तेमाल किया गया. गौर करने वाली बात है कि आमिर को 11 नवंबर को हिरासत में ले लिया गया था. हालांकि, लंबी पूछताछ के बाद उसके भूमिका स्थापित करने के बाद रविवार को उसे गिरफ्तार किया.

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आत्मघाती हमलावर की पहचान

एनआईए ने फोरेंसिक जांच के जरिए उस ड्राइवर की पहचान की है जो धमाके के वक्त उसी कार में था. उसकी पहचान उमर उन नबी के रूप में हुई है. उमर पुलवामा का रहने वाला था और हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में जनरल मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर था. यानी, जो खुद डॉक्टर था, वही आतंकवादी साजिश में शामिल निकला.

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अन्य वाहन जब्त, जांच जारी

एनआईए ने उमर उन नबी की एक और गाड़ी भी जब्त की है. अब उस गाड़ी की भी जांच की जा रही है ताकि और सबूत मिल सकें. अब तक एजेंसी 73 गवाहों से पूछताछ कर चुकी है, जिसमें धमाके में घायल लोग भी शामिल हैं. यह धमाका 10 नवंबर को दिल्ली में हुआ था, जिसने पूरे देश को हिला दिया था.

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Wednesday, November 12, 2025

मुरादाबाद में एसटीएफ और पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश घायल

मुरादाबाद: यूपी एसटीएफ और मुरादाबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार देर शाम भोजपुर थाना क्षेत्र के गोट रेलवे स्टेशन के पास हुई मुठभेड़ में एक बड़ी सफलता हासिल की। इस मुठभेड़ में एक लाख रुपये के इनामी बदमाश आसिफ उर्फ टिड्डा और उसका साथी 50 हजार रुपये का इनामी दीनू गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए तत्काल नजदीकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।



जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल की जैकेट में भी गोली लगी, हालांकि वे सुरक्षित हैं। पुलिस ने जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों को काबू में किया। घटना स्थल से पुलिस ने एक स्विफ्ट कार, 30 बोर की कार्बाइन, तीन 32 बोर की पिस्टल और 30 व 32 बोर के कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।


बताया गया कि आसिफ उर्फ टिड्डा मेरठ निवासी है, जिस पर मुरादाबाद पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वहीं उसका साथी दीनू निवासी मेरठ है, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस का कहना है कि दोनों बदमाश लंबे समय से सक्रिय गिरोह के सदस्य हैं और कई संगीन वारदातों में वांछित चल रहे थे। एसटीएफ और मुरादाबाद पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है।

Tuesday, November 11, 2025

बिजली बिल राहत योजना 2025 से उपभोक्ताओं को मिलेगी ऐतिहासिक राहत-नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए “बिजली बिल राहत योजना 2025” लागू करने की घोषणा की है। इस योजना के अंतर्गत नेवरपेड और लॉन्ग अनपेड उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी। यह बात प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने संगम सभागार में प्रेस वार्ता कर बताया। इस दौरान उनके साथ अपर मुख्य सचिव श्री नरेंद्र भूषण, चेयरमैन श्री आशीष गोयल एवं एमडी पंकज कुमार भी मौजूद रहे। 


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विद्युत बिल राहत योजना 2025 के अंतर्गत बकाया धनराशि को एक मुश्त जमा करने पर सरचार्ज में 100 प्रतिशत एवं मूलधन में 25 प्रतिशत तक छूट देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। ऊर्जा मंत्री ने इस योजना को जनता के लिए “सरकार का उपहार और जनसहभागिता से जुड़ी अभूतपूर्व पहल” बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी उपभोक्ता बिजली बिल के बोझ तले दबा न रहे और साथ ही राज्य की बिजली वितरण व्यवस्था आर्थिक रूप से सुदृढ़ बने। इस योजना से एक ओर जहां सरकारी खजाने में भारी राजस्व की वृद्धि होगी, वहीं दूसरी ओर घरेलू व वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को बड़ी आर्थिक राहत प्राप्त होगी।

एकमुश्त भुगतान पर सरचार्ज में 100 प्रतिशत तथा मूलधन में 25 प्रतिशत तक की छूट

ऊर्जा मंत्री शर्मा ने बताया कि योजना के अंतर्गत यदि कोई उपभोक्ता अपना बिजली बिल एकमुश्त जमा करता है, तो उसे सरचार्ज में 100 प्रतिशत के साथ-साथ बकाए के मूलधन में 25 प्रतिशत छूट मिलेगी। यह छूट तीन चरणों में दी जाएगी। प्रथम चरण (1 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक) पंजीकरण कराने पर 25 प्रतिशत, द्वितीय चरण (1 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक) में 20 प्रतिशत तथा तृतीय चरण (1 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक) पंजीकरण कराने में 15 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। मंत्री श्री शर्मा ने कहा, “जो उपभोक्ता पहले पंजीकरण कर भुगतान करेंगे, उन्हें अधिक लाभ मिलेगा। इसलिए प्रदेश के नागरिकों से अपील है कि वे योजना के प्रथम चरण में ही भाग लें।

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घरेलू और वाणिज्यिक दोनों वर्गों को लाभ

यह योजना घरेलू उपभोक्ताओं (2 किलोवाट तक) और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं (1 किलोवाट तक) दोनों के लिए लागू होगी।इतना ही नहीं, बिजली चोरी से संबंधित प्रकरणों में राजस्व निर्धारण धनराशि पर भी छूट देने का प्रावधान किया गया है। इससे उन उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी जो अनजाने में तकनीकी अथवा मीटर संबंधी त्रुटियों के कारण विवादों में फंसे हुए थे।

मासिक किस्तों में भुगतान की सुविधा, गरीब उपभोक्ताओं के लिए राहत

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार ने गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मासिक किस्तों में भुगतान की सुविधा भी दी है। इससे वे उपभोक्ता, जो एकमुश्त भुगतान करने में असमर्थ हैं, वे भी योजना का लाभ उठाकर अपने बकाया बिलों का निस्तारण कर सकते हैं। यह कदम प्रदेश के लाखों छोटे उपभोक्ताओं को आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने वाला होगा।

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ओवर बिलिंग व अंडर बिलिंग वाले उपभोक्ताओं के लिए भी राहत

ऊर्जा मंत्री शर्मा ने कहा कि योजना के दौरान विभाग ओवर बिलिंग और अंडर बिलिंग वाले उपभोक्ताओं के बिलों का भी संशोधन करेगा, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय भार न पड़े और उन्हें सही व पारदर्शी बिलिंग का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि “यह केवल एक छूट योजना नहीं, बल्कि उपभोक्ता के विश्वास और पारदर्शिता को पुनः स्थापित करने की मुहिम है। ऐसे उपभोक्ताओं को बिल की धनराशि जमा करने हेतु एक मासिक औसत धनराशि निधारित की गई है। बिलिंग सिस्टम द्वारा इन उपभोक्ताओं के विद्युत बिल, नारमेटिव धनराशि के आधार पर संसोधित किए जायेंगे।

सुविधाजनक पंजीकरण प्रक्रिया

इस योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है। उपभोक्ता विभागीय वेबसाइट www.uppcl.org पर, संबंधित खंड/उपखंड कार्यालय, जन सेवा केंद्र (CSC) एवं किसी भी विभागीय कैश काउंटर से पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के संबंध में मंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी उपभोक्ता को प्रक्रिया में कोई कठिनाई न हो और सभी आवेदन समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से स्वीकार किए जाएं साथ ही पूरी प्रक्रिया की सतत निगरानी भी की जाए।

विद्युत चोरी के प्रकरणों में राजस्व निर्धारण धनराशि में भी छूट

योजना के अंतर्गत चोरी के प्रकरणों में सम्मिलित व्यक्तियों को राजस्व निर्धारण धनराज में छूट प्राप्त करने हेतु व्यक्ति को पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण कराने के लिए व्यक्ति को 2000 ₹ अथवा राजस्व निर्धारण धनराशि का 10 प्रतिशत धनराशि जो भी अधिक हो, का भुगतान करना होगा। 

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ए.के. शर्मा का संदेश: “जनता की सुविधा सर्वाेच्च

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि यह योजना जनता के लिए लाई गई एक अभूतपूर्व पहल है। हमने हमेशा यह प्रयास किया है कि जनता को न केवल बिजली मिले बल्कि राहत भी मिले। ‘बिजली बिल राहत योजना 2025’ से जनता को आर्थिक बोझ से मुक्ति मिलेगी और बिजली विभाग के प्रति उनका विश्वास और भी मजबूत होगा। उन्होंने आगे कहा कि यह योजना जनता की योजना, जनता के लिए है और हर उपभोक्ता को इसका लाभ लेना चाहिए।

प्रदेश के विकास की ऊर्जा यात्रा में नया अध्याय

ऊर्जा मंत्री शर्मा ने कहा कि यह योजना प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन का नया अध्याय जोड़ती है। इससे विद्युत वितरण निगमों की वसूली दर में सुधार होगा, बकाया घटेगा और नई परियोजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य है ‘बिजली सबके लिए - राहत सबको।’ यह योजना उस दिशा में एक ठोस कदम है।

अधिकारी एवं जनता दोनों मिलकर इस योजना को बनाएं सफल

ऊर्जा मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना के प्रचार-प्रसार और क्रियान्वयन में कोई ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उपभोक्ता को इसकी जानकारी मिले और वे आसानी से पंजीकरण कर सकें। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी/ कर्मचारी इस योजना को जनसंपर्क अभियान के रूप में जनता तक पहुंचाएं, ताकि हर पात्र उपभोक्ता इसका लाभ उठा सके। इसके साथ ही उन्होंने इस योजना के लगातार मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

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सरकार के लिए जनता का हित सर्वाेपरि

ऊर्जा मंत्री  शर्मा ने कहा कि यह योजना केवल छूट देने का निर्णय नहीं, बल्कि विश्वास और संवेदनशील शासन का प्रतीक है। उन्होंने कहा, हमारी सरकार की प्राथमिकता है जनता की सुविधा, सेवा और संतोष। बिजली बिल राहत योजना उसी सोच का प्रतिफल है, जो जनता को केंद्र में रखकर बनाई गई है।यह योजना उत्तर प्रदेश की ऊर्जा यात्रा को नई दिशा देने, उपभोक्ताओं के बोझ को कम करने और सरकार की पारदर्शी नीतियों को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

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Monday, November 10, 2025

140 करोड़ भारतीयों को सौगात, UIDAI ने लॉन्च किया नया आधार ऐप – अब आपका आधार रहेगा मोबाइल में

लखनऊ: देशभर के 140 करोड़ से ज्यादा आधार धारकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। ईडीएआई (UIDAI) ने अपना नया और स्मार्ट आधार ऐप लॉन्च कर दिया है। इसकी जानकारी खुद UIDAI ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (Twitter) पर दी।


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अब लोग अपने आधार कार्ड को हर समय मोबाइल में डिजिटल रूप में रख पाएंगे। इस ऐप के जरिए न केवल आधार कार्ड को सुरक्षित तरीके से स्टोर करना आसान होगा, बल्कि इसे किसी के साथ शेयर करना या वेरिफाई कराना भी पहले से कहीं अधिक सहज हो जाएगा।

क्यों लाया गया नया ऐप?

UIDAI का कहना है कि इस ऐप का मकसद लोगों को आधार कार्ड की फिजिकल कॉपी रखने से मुक्ति दिलाना है। अब पहचान साबित करने के लिए बस मोबाइल में मौजूद डिजिटल आधार ही काफी होगा। ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन, क्यूआर कोड वेरिफिकेशन और बायोमैट्रिक लॉक/अनलॉक जैसे एडवांस फीचर्स दिए गए हैं।

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ऐसे करें सेटअप

  • अपने एंड्रॉयड या iPhone में Play Store/App Store से “Aadhaar” ऐप डाउनलोड करें।
  • ऐप खोलें और आवश्यक परमिशन देकर अपना आधार नंबर दर्ज करें।
  • फिर अपने आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए OTP से वेरिफिकेशन करें।
  • अब फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें और एक सिक्योरिटी पिन सेट करें।
  • बस! अब आपका डिजिटल आधार तैयार है उपयोग के लिए।

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ऐप के खास फीचर

  • QR कोड से आधार शेयर करने की सुविधा।
  • तय करें कि कौन-सी जानकारी शेयर करनी है और कौन-सी नहीं।
  • बायोमैट्रिक लॉक/अनलॉक फीचर से सुरक्षा दोगुनी।
  • आधार के उपयोग का पूरा रिकॉर्ड देखने की सुविधा।
  •  परिवार के सभी सदस्यों के आधार एक ही ऐप में जोड़ने का विकल्प।

UIDAI का संदेश

UIDAI ने कहा है कि यह ऐप देश के हर नागरिक के लिए “Digital Identity, Secure Identity” का नया अध्याय साबित होगा। यह ऐप पूरी तरह सुरक्षित, सरकारी और मुफ्त है।

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Saturday, November 08, 2025

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने किया मतदाताओं से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान में जुड़ने की अपील

लखनऊ: प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान 2026 के अंतर्गत स्वयं अपना गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) भरकर प्रदेशवासियों को सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया। 


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मुख्य निर्वाचन अधिकारी रिणवा ने कहा कि शुद्ध निर्वाचक नामावली, मज़बूत लोकतंत्र के उद्देश्य से चल रहे इस विशेष अभियान में प्रदेश के सभी मतदाताओं को भाग लेना चाहिए ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए। उन्होंने बताया कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना फॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं।

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अनुरोध किया कि वे इस फॉर्म को ध्यानपूर्वक भरें, उस पर अपने हस्ताक्षर करें और बीएलओ को समय से वापस करें। उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं के हस्ताक्षरित फॉर्म बीएलओ को प्राप्त हो जाएंगे, उनके नाम आगामी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में सम्मिलित किए जाएंगे, जिसका प्रकाशन 9 दिसम्बर 2025 को किया जाएगा।

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है या जो स्थायी रूप से अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो गए हैं, उनके परिवार के सदस्य बीएलओ को सूचना दें ताकि नामावली को अद्यतन किया जा सके। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। सभी मतदाताओं की सजगता और सहयोग से आगामी अंतिम मतदाता सूची, जो 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी, पूर्णतः त्रुटिरहित और अद्यतन होगी।

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Sunday, November 02, 2025

तेलंगाना में तूफान 'मोंथा' ने मचाई तबाही, 12 की मौत, 4 लापता

हैदराबाद: भीषण चक्रवाती तूफान 'मोंथा' के कहर ने तेलंगाना को शोक में डुबो दिया है तूफान के कारण उत्तर और दक्षिण तेलंगाना में दो दिनों तक मूसलाधार बारिश हुई, जिससे कस्बों, गांवों और खेतों में बाढ़ आ गई है. तूफान ने ओरुगल्लू, वारंगल, और खम्मम में जमकर तबाही मचाई है. वहीं, नलगोंडा और महबूबनगर के कुछ हिस्से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.


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नदियां और नहरें उफान पर हैं

 जिससे हजारों एकड़ खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं अनाज खरीद केंद्रों में रखा धान बह गया है, जिससे किसान परेशान हैं. कई इलाकों में सड़कें कट गई हैं, जिससे गांव और कस्बे अलग-थलग पड़ गए हैं. राज्य भर में अब तक 12 लोगों की जान जा चुकी है और चार लापता हैं, जबकि अधिकारियों का अनुमान है कि 4.47 लाख एकड़ में फसल बर्बाद हुई है.

वारंगल और खम्मम जलमग्न

ग्रेटर वारंगल शहर लगातार दूसरे दिन भी जलमग्न है. लगभग 45 कॉलोनियों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है और सब कुछ तबाह हो गया है. भीमाराम, वड्डेपल्ली, कपुवाड़ा, शिवनगर, बीआर नगर और जवाहरनगर सहित लगभग 25 कॉलोनियां अभी भी जलमग्न हैं.वारंगल और हनुमाकोंडा के बीच यातायात ठप हो गया है, जबकि हंटर रोड और मुलुगु क्रॉस जैसे प्रमुख मार्ग ब्लॉक हैं. राहत दल लोगों को बचाने के लिए नावों का उपयोग कर रहे हैं और 2,000 से अधिक निवासियों को 12 पुनर्वास केंद्रों में पहुंचाया है.

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मंत्री कोंडा सुरेखा, सांसद काव्या, विधायक नयिनी राजेंद्र रेड्डी, महापौर सुधारानी और जिला कलेक्टर सत्यशरधा और स्नेहा शबरीश ने राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए प्रभावित कॉलोनियों का दौरा किया है. खम्मम में मुन्नेरु नदी का जलस्तर चिंताजनक रूप से बढ़ गया है, जो गुरुवार रात तक 26 फीट तक पहुंच गया. बोक्कलगड्डा, मंचिकांतिनगर, मोतीनगर और नायडूपेटा सहित कई इलाके जलमग्न हो गए. अधिकारियों ने छह पुनर्वास केंद्र स्थापित किए हैं, जिनमें 520 से ज़्यादा लोगों को आश्रय दिया गया है.

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जिलों में व्यापक नुकसान

नलगोंडा क्षेत्र में, 20 घर नष्ट हो गए और 30 को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है. वहीं, 30 मवेशी भी मारे गए हैं. देवरकोंडा-कंबलपल्ली सड़क कोरुतला गांव में बह गई. नगरकुरनूल जिले में भी सड़कें कट गईं, जहां लट्टीपुर के पास श्रीशैलम-हैदराबाद राजमार्ग के कुछ हिस्से बह गए.

आदिवासी, विस्थापित परिवार पीड़ित

नलगोंडा और नगरकुरनूल में विस्थापित और आदिवासी परिवारों की दुर्दशा दिल झकझोर देने वाली है. डिंडी और नक्कलगंडी परियोजनाओं के ओवरफ्लो के कारण, कई आदिवासी थांडा (आदिवासी बस्तियां) अभी भी संपर्क से कटे हुए हैं.

मोथिथांडा के ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों की मदद से 60 निवासियों को सुरक्षित क्षेत्रों में पहुंचाया. अचम्पेट मंडल के अंतर्गत मारलापाडु थांडा में, नक्कलगंडी जलाशय के अतिप्रवाह के कारण 250 परिवारों को पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिससे घर, पशुधन और संग्रहीत कपास जलमग्न हो गए. अधिकारियों और बचाव दल ने राहत कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन तबाही काफी ज्यादा हुई है.

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