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Thursday, May 28, 2026

अब नहीं काटने पड़ेंगे तहसील के चक्कर, लखनऊ प्रशासन ने ऑनलाइन जारी किए सभी लेखपालों के नंबर

लखनऊ: राजधानी में प्रशासन ने आम लोगों की सुविधा के लिए एक बड़ा और अहम डिजिटल कदम उठाया है। अब लखनऊ की सभी तहसीलों में तैनात लेखपालों के मोबाइल नंबर और उनसे जुड़ी जरूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करा दी गई है। जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यियर की पहल पर शुरू की गई इस नई व्यवस्था से लोगों को अब छोटी-छोटी जानकारियों के लिए तहसील कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।


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प्रशासन द्वारा जारी की गई वेबसाइट के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपने क्षेत्र के लेखपाल का नाम, तैनाती क्षेत्र और मोबाइल नंबर आसानी से देख सकेंगे। इस नई सुविधा को डिजिटल गवर्नेंस और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। लखनऊ प्रशासन की ओर से शुरू की गई यह पहल खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों और जमीन से जुड़े मामलों में लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। जमीन की पैमाइश, दाखिल-खारिज, नामांतरण, खतौनी और राजस्व से जुड़े कई मामलों में अब लोगों को सीधे संबंधित लेखपाल से संपर्क करने में आसानी होगी।

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वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई पूरी जानकारी

प्रशासन की ओर से जारी ऑनलाइन पोर्टल पर लखनऊ की पांचों तहसीलों के लेखपालों का पूरा विवरण उपलब्ध कराया गया है। नागरिक अपनी तहसील और ग्रामसभा का चयन करके संबंधित लेखपाल की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन सूची देखने के लिए प्रशासन ने वेबसाइट लिंक भी जारी किया है, लखनऊ लेखपाल ऑनलाइन सूची (https://lucknowbhulekh.in/MasterData/LekhpalByTehsil ) इस वेबसाइट के जरिए लोग अब सीधे अपने क्षेत्र के राजस्व अधिकारी से संपर्क कर सकेंगे। इससे कामकाज की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी आसान और पारदर्शी होने की उम्मीद है।

पहले होती थी भारी परेशानी

अब तक आम लोगों को अपने क्षेत्र के लेखपाल का नंबर या जानकारी हासिल करने के लिए तहसील कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। कई बार सही जानकारी समय पर नहीं मिलती थी, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी और समय की बर्बादी झेलनी पड़ती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह समस्या और भी बड़ी थी। कई बार लोग सिर्फ लेखपाल का नंबर जानने के लिए पूरे दिन तहसील परिसर में भटकते रहते थे। कुछ मामलों में बिचौलियों का सहारा भी लेना पड़ता था, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। ऐसे में प्रशासन की यह नई पहल लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। अब नागरिक सीधे वेबसाइट पर जाकर संबंधित लेखपाल का मोबाइल नंबर प्राप्त कर सकेंगे और फोन के माध्यम से संपर्क कर सकेंगे।

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डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ प्रशासन की इस पहल को डिजिटल इंडिया अभियान और ई-गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार लगातार प्रशासनिक सेवाओं को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की डिजिटल व्यवस्थाएं सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी को भी कम करने में मदद करती हैं।ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध होने से अब आम लोगों को यह पता रहेगा कि उनके क्षेत्र का लेखपाल कौन है और उनसे कैसे संपर्क किया जा सकता है। इससे सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी।

ग्रामीण जनता को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ

राजस्व विभाग से जुड़े अधिकतर काम ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा होते हैं। खेत, जमीन, पैमाइश, खतौनी और दाखिल-खारिज जैसे मामलों में लेखपाल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। पहले गांव के लोगों को कई बार जानकारी के अभाव में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। कई बार लोगों को यह तक पता नहीं होता था कि उनके क्षेत्र का लेखपाल कौन है। ऐसे में यह नई ऑनलाइन व्यवस्था ग्रामीण जनता के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। अब गांव का कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल फोन से वेबसाइट खोलकर संबंधित लेखपाल की जानकारी प्राप्त कर सकेगा। इससे ग्रामीण इलाकों में प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच और मजबूत होगी।

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पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से जनता और राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। लोग सीधे संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकेंगे, जिससे शिकायतों और समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा। इसके अलावा ऑनलाइन जानकारी सार्वजनिक होने से विभागीय पारदर्शिता भी बढ़ेगी। पहले कई मामलों में लोगों को सही अधिकारी तक पहुंचने में कठिनाई होती थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया काफी सरल हो जाएगी। सरकारी योजनाओं और सेवाओं को लेकर जनता का भरोसा बढ़ाने में भी यह पहल अहम भूमिका निभा सकती है।

पांचों तहसीलों का डेटा हुआ सार्वजनिक

प्रशासन की ओर से फिलहाल लखनऊ की सभी पांच तहसीलों के लेखपालों का डेटा सार्वजनिक किया गया है। इसमें संबंधित क्षेत्र, ग्रामसभा और संपर्क नंबर जैसी जानकारियां शामिल हैं। लोग अपनी जरूरत के अनुसार संबंधित क्षेत्र का चयन करके जानकारी देख सकते हैं। यह व्यवस्था खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो जमीन से जुड़े मामलों में बार-बार तहसील कार्यालय जाने को मजबूर होते थे। प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में इस पोर्टल को और बेहतर बनाया जाएगा ताकि नागरिकों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा सकें।

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लोगों ने की पहल की सराहना

लखनऊ प्रशासन की इस पहल की आम लोगों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों ने भी सराहना की है। लोगों का कहना है कि इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता को काफी राहत मिलेगी। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी इस व्यवस्था को जनता के हित में बड़ा कदम बताया है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह अन्य विभागों की जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाए तो आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

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