चिरईगांव: जिला पंचायत की ओर से जाल्हूपुर में मरे पशुओं के निस्तारण के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित पशु शवदाह गृह आज तक चालू नहीं हो सका है। हालत यह है कि भवन की देखरेख करने वाले व्यक्ति द्वारा उसमें भूसा भर दिया गया है। इस मामले की जानकारी होने के बावजूद जिला पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि पशुओं के निस्तारण के लिए बनाए गए इस शवदाह गृह के बंद पड़े रहने से सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। वहीं भवन का उपयोग दूसरे कार्यों में किए जाने से इसकी उपयोगिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
इस संबंध में जब जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो फोन उठाने वाले व्यक्ति ने कहा कि “इस बारे में जानकारी के लिए कचहरी कार्यालय चले जाइए।
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वहीं अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत मिलेंगे, वही जानकारी देंगे।” अब देखना यह है कि करोड़ों की लागत से बने इस शवदाह गृह को कब तक शुरू कराया जाता है और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है।
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