वाराणसी: विकास खण्ड चिरईगांव के धराधर ग्रामसभा में निवासियों के आने जाने का मार्ग न होने की वजह से वहा के निवासियों को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. अगर कोई बीमार हो जाय तो उनकों चारपाई पर उठा कर मुख्य मार्ग तक लगों कि मदद से ले जाना पड़ता है. जिसकी वजह से कई लोगों की सही समय पर इलाज नही मिलने कि वजह से जान भी जा चुकी है.
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कुछ दिनों पहले उपजिलाधिकारी नितिन सिंह ने लेखपाल को साथ लेकर पुरे ग्रामसभा का दौरा किया था. इस दौरान उपजिलाधिकारी ने पुरे ग्रामसभा में घूम कर रास्ते को देखा और उन्होंने भी कहा था कि इस ग्रामसभा में रास्ता बहुत बड़ी समस्या है और रास्ता बनना चाहिए जिसके लिए उन्होंने लेखपाल को आदेशित किया था की इस समस्या का हल निकाल कर रास्ते का कार्य शुरू करवाए.
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लेखपाल और ग्राम प्रधान के साथ साथ ग्राम वासियों के सहयोग से रास्ते का कार्य भी शुरू हो गया जिसमे ग्राम प्रधान ने खुद अपने जमीन में से करीब 10 फूट का रास्ता बनवाया लेकिन अभी भी करीब 20 मीटर रास्ते पर कुछ किसानों ने जमीन देने से मना कर दिया है पुरा रास्ता बन चूका है बस करीब 20 मीटर रास्ते पर कार्य होना रह गया है.
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किसानों के विरोध के बाद फिर एक बार ग्राम प्रधान और ग्राम वासियों ने उपजिलाधिकारी नितिन सिंह से इसको पुरा करवाने की गुहार लगाई है. अब देखना यह है कि क्या प्रधान और ग्राम वासियों की इस अपील पर उपजिलाधिकारी नितिन सिंह क्या कार्यवाही करते है?

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