लखनऊ: चार दिन से बढ़ते तापमान और तेजी धूप से काशीवासियों को महसूस हो रहा है कि ठंड की हवा ही निकल चुकी है। लेकिन ऐसा नहीं है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक 15 जनवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ आने हिमालय की ओर आ रहा है। ऐसे में बर्फीली हवाओं का दौर फिर से शुरू हो सकता है। वहीं अगले दो दिन तक कोहरे का यलो अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। इस पूरी जनवरी तापमान में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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सोमवार को वाराणसी का अधिकतम तापमान सामान्य से 0.6 डिग्री ज्यादा 22.3 डिग्री सेल्सियस, वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.3 डिग्री नीचे 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चार दिन पहले वाराणसी का जो अधिकतम पारा 11 डिग्री तक था वो अब बढ़कर 24 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम वैज्ञानिक भी तापमान के इस तीव्र उतार-चढ़ाव को देख हैरान हैं। इस साल जनवरी के 12 दिनों में वाराणसी के तापमान के ग्राफ तेजी से उतार-चढ़ाव देखे गए। मात्र 6-7 घंटे में तापमान 10-12 डिग्री तक ऊपर-नीचे हुआ है।
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सात जनवरी को तापमान 6.8 डिग्री से 16.3 डिग्री रहा फिर 8 जनवरी को तापमान 4.8 डिग्री से लेकर 11.6 डिग्री सेल्सियस आ गया था। वहीं अगले दिन 9 जनवरी को पारा 6.6 डिग्री से 18.8 डिग्री पहुंच गया। आमतौर पर जनवरी महीने का औसत अधिकतम औसत पारा 22.8 डिग्री सेल्सियस और औसत न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस तक है। *इस जनवरी के 12 दिनों का तापमान कुछ इस प्रकार का रहा है 1 जनवरी - 7.4 डिग्री से 19.3 डिग्री, 2 जनवरी - 8.5 डिग्री से 20.7 डिग्री, 3 जनवरी - 11.8 डिग्री से 17.6 डिग्री, 4 जनवरी - 13 डिग्री से 17.6 डिग्री, 5 जनवरी - 6.5 डिग्री से 15.9 डिग्री, 6 जनवरी - 5.5 डिग्री से 14.5 डिग्री, 7 जनवरी - 6.8 डिग्री से 16.3 डिग्री, 8 जनवरी - 4.8 डिग्री से 11.6 डिग्री, 9 जनवरी - 6.6 डिग्री से 18.8 डिग्री, 10 जनवरी - 6 डिग्री से 22.8 डिग्री और 11 जनवरी - 7.8 डिग्री से 23.4 डिग्री.
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शीतलहर और पाले की संभावना बढ़ी
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि तापमान में गिरावट के चलते प्रदेश में रात के समय शीतलहर और पाले की संभावना बढ़ गई है। पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद हवाओं की दिशा फिर से बदलकर उत्तरी पश्चिमी हो जाने से बीते 24 घंटों में तापमान में गिरावट आ सकती है। पूर्वांचल के कुछ हिस्सों के अलावा शेष भाग में दिन और रात के तापमान में 1-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। वहीं कहीं-कहीं न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चले जाने से शीतलहर जैसी स्थिति बनी है।
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