Latest News

Thursday, January 15, 2026

संभल में अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, प्रधान का घर भी ध्वस्त

संभल: जिले में बुधवार को बुलडोजर गरजा. संभल तहसील क्षेत्र के बिछोली गांव में सुबह ही जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी. आरआरएफ, भारी पुलिस फोर्स और जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में स्कूल, पंचायत घर, उद्यान और खेल के मैदान के नाम दर्ज करीब 20 बीघा बेशकीमती सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया. तहसीलदार संभल धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में दो बुलडोजर ने अवैध निर्माण को ध्वस्त किया.


यह भी पढ़ें: जम्मू कश्मीर में 82 हजार से अधिक पेड़ काटे गए और 45 करोड़ रुपये का मुआवजा बकाया, NGT सख्त

बिछोली गांव में बुधवार की सुबह जैसे ही बुलडोजर चलने की तैयारी शुरू हुई तो कुछ कब्जेदारों ने विरोध जताया और प्रशासन से नोंकझोंक भी हुई. माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण जरूर हुआ, लेकिन आरआरएफ और भारी पुलिस बल की मुस्तैदी के चलते हालात बेकाबू नहीं होने दिए गए. तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अवैध कब्जों की सूची में ग्राम प्रधान अतीक का नाम भी शामिल था. प्रशासन ने किसी दबाव में आए बिना सबसे पहले प्रधान द्वारा बनाए गए अवैध मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया. यह दृश्य गांव में चर्चा का बड़ा विषय बन गया.

यह भी पढ़ें: वाराणसी में चाइनीज मांझे का जानलेवा आतंक; दुर्गाकुंड में हेलमेट के बावजूद युवती का चेहरा कटा, लोहता में युवक गंभीर रूप से घायल

मौके पर मौजूद तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिस जमीन पर कार्रवाई की जा रही है, वह पंचायत घर, प्राथमिक विद्यालय, उद्यान और खेल मैदान के लिए राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है. इस भूमि पर किए गए कब्जों के खिलाफ विभिन्न न्यायालयों में मुकदमे पहले ही निस्तारित हो चुके हैं और बेदखली के स्पष्ट आदेश पारित हैं. इसके बावजूद कब्जेदार हठधर्मिता दिखाते हुए जमीन खाली नहीं कर रहे थे, जिस कारण प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा.

यह भी पढ़ें: लुठाकला में अवैध खनन पर छापा, प्रदीप यादव गिरोह का ट्रैक्टर-ट्राली सीज

तहसीलदार ने बताया कि पैमाइश की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और सभी चिह्नित अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं. इनमें कुछ आवासीय और कुछ धार्मिक प्रकृति के कब्जे भी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान के घर सहित 5 मकानों को ध्वस्त किया गया है. कार्रवाई के दौरान लेखपाल, कानूनगो, राजस्व निरीक्षक सहित 25 सदस्यीय राजस्व टीम मौके पर तैनात. प्रशासन की इस कार्रवाई से गांव में स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: विकास प्राधिकरण के सचिव ने भूमि अधिग्रहण के संबंध में नेवादा के किसानों के साथ बैठक कर दी धमकि

No comments:

Post a Comment