यूपी ने लखीमपुर खीरी में किसानों समेत आठ व्यक्तियों की मौत की घटना की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन कर दिया है। गृह विभाग की तरफ से बुधवार को देर शाम इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव इस एकल जांच आयोग के अध्यक्ष होंगे। अधिसूचना के अनुसार जांच आयोग का मुख्यालय लखीमपुर में होगा और यह दो महीने में अपनी जांच पूरी करेगा। जांच की अवधि में किसी प्रकार का परिवर्तन शासन की ओर से नही किया जाएगा।
Thursday, October 07, 2021
लखीमपुर बवाल: उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए आयोग का किया गठन
उल्लेखनीय
है कि घटना के बाद आंदोलित किसानों के साथ हुए समझौते में यह बिन्दु भी शामिल था
कि प्रदेश सरकार हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश से घटना की न्यायिक जांच
कराएगी। समझौते के अनुसार प्रदेश सरकार सभी आठ मृतकों के परिवारों को मुआवजे के
तौर पर 45-45
लाख रुपये दे चुकी है। घटना के संबंध में दर्ज किए मुकदमे की
जांच के लिए जिले स्तर पर अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के नेतृत्व में एसआईटी का गठन
भी किया गया है।
मुकदमे
में नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। इस
बीच सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू कर चुका है।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को प्रदेश सरकार से इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई
के संबंधित स्टेटस रिपोर्ट तलब कर लिया है। वहीं दूसरी ओर यूपी पुलिस ने भी लखीमुर
खीरी हिंसा मामले में केन्द्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष और अन्य के
खिलाफ डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में नौ सदस्यीय निगरानी समिति का गठन
किया है।
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