छोटेलाल राजभर (निवासी ग्राम – कोच्ची, पोस्ट – पंचराव, जिला – वाराणसी) मुंबई की टेक्नो थर्मा कम्पनी में पिछले 12 सालो से कार्यरत थे और एक अहमदाबाद की स्टीफो टीएमटी कंपनी के साथ जुड़े हुए थे| अहमदाबाद की स्टीफो टीएमटी ने इनको घाना अफ्रीका की फेब्रिमेटल स्टील कंपनी में भेजा था जहा पर गैस पाइप लाइन में लीकेज होने की बात बताई जा रही है जब छोटेलाल उस लीकेज को ठीक करने गए उसी समय किसी कारणवश पाइप लाइन में आग लग गयी जिसमे छोटेलाल और एक अन्य वर्कर बुरी तरह से झुलस गए और हॉस्पिटल ले जाने के दो तीन दिन के बाद यानि 26 सितम्बर को दोनों लोगो की मौत हो गयी लेकिन उनकी लाश को पुरे 16 दिनो के बाद भारत उनके गाँव पहुची है जहाँ पर छोटेलाल को आखिरी विदाई देने के लिए कई हजार लोगो की भीड़ इकठ्ठा हुई थी| छोटेलाल अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए है उनकी पत्नी का रो – रो कर बुरा हल हो गया है|
कंपनी ने नही दिया मुआबजा
छोटेलाल को अभी तक तीनो कंपनियों में से किसी भी कंपनी ने
कोई मुआबजा नही दिया है सिर्फ मुंबई की कंपनी टेक्नो थर्मा ने अंतिम संस्कार के
लिए चूतेलाल के परिवार को 50 हजार रूपये भेजे थे और कंपनी ने उनकी पत्नी को बोला
है की इनके किया कर्म के बाद छोटेलाल की पत्नी और बचचो को मुंबई बुलाएँगे वाही पर
तीनो कंपनिया मुआबजे के बारे में बात करेंगे लेकिन कितना मुआबजा मिलेगा अभी तक
इसकी कोई जानकारी परिवार वालो को नही दी गयी है|
लाश भेजने में क्यों हुई देरी?
आपको बता दें कि घाना अफ्रीका की जो कंपनी है उसने उनकी लाश
का बिना किसी फोरमेलिटी के पोस्ट मार्टम करवा दिया था छोटेलाल के घर वाले इधर उनके
लाश का कई दिनो तक इंतजार करते रहे जब एक हफ्ता निकल गया तो घरवालो ने दौड़ भाग
शुरू किया और बनारस के सरकारी कार्यालय में संपर्क करके स्थिति की जानकारी दी उसके
बाद जब दिल्ली से घाना के भारतीय दुतावास में संपर्क किया उसके बाद जब भारतीय
दूतावास ने उस कंपनी से संपर्क करके वहा के कोर्ट से अनुमति लेकर छोटेलाल की लाश
को भारत भिजवाया|
सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने मुआबजे की मांग की
विधानसभा शिवपुर थाना चौबेपुर अंतर्गत ग्राम कोची के छोटेलाल राजभर पुत्र स्व बरसाती राजभर के घर
पर सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, प्रदेश
प्रवक्ता शशिप्रताप सिंह, महानगर
प्रभारी जागेश्वर राजभर, संतोष
प्रजापति, दसरथ राजभर,
बिनोद सिंह टीटी, रमेश
राजभर आदि लोगो ने छोटेलाल राजभर के घर जाकर संवेदना व्यक्त किया और श्रधांजलि दिया।
मीडिया से बातचीत में शशिप्रताप सिंह ने कहा कि सरकार की
विदेश नीति कमजोर होने के बाद लाश आने में इतने दिन लग गए परिवार के लोगो की रो-रो
कर आँख पथरा गई। सरकार से मांग है कि उस पीड़ित को 50 लाख सहायता राशि दिया जाए।
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