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Sunday, September 12, 2021

विश्वनाथ धाम हादसे की होगी जांच, वाराणसी में PM मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में मजदूर की मौत की पड़ताल करेगा PWD

वाराणसी स्थित प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ धाम परिसर में 1 मजदूर की मौत और 2 मजदूरों के घायल होने के प्रकरण की जांच का जिम्मा PWD (लोक निर्माण विभाग) को सौंपा गया है। इसके साथ ही मंदिर प्रशासन की टीम भी हादसे की असल वजह को जानने और समझने का प्रयास करेगी।




वहीं, कमिश्नरेट की पुलिस इस पूरे घटनाक्रम से दूरी बनाते हुए कहा कि विश्वनाथ धाम परिसर एक अति विशिष्ट और सुरक्षित क्षेत्र है। वहां का एक अलग सिस्टम है और मंदिर प्रशासन उसके लिए पर्याप्त है। यदि मंदिर प्रशासन की ओर से कहा जाएगा तो पुलिस मदद को तैयार है।


शीशे उतारते समय हुआ था हादसा


निर्माणाधीन काशी विश्वनाथ परिसर में शनिवार की रात एक मालवाहक से बड़े शीशे (ग्लास) उतारे जा रहे थे। असावधानी के कारण एक बड़ा ग्लास गिरने से उसके नीचे दबकर 1 मजदूर की मौत हो गई थी। हादसे में 1 मजदूर और मालवाहक का चालक घायल हो गए थे। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर की शिनाख्त चंदौली जिले के बबुरी कस्बा निवासी सिंटू (22) के तौर पर हुई है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने सिंटू का शव उसके परिजनों को सौंप दिया। घायल हुए मजदूर विनोद कुमार और वाहन चालक मोहम्मद शाहिद की हालत ठीक बताई गई है। विनोद चंदौली और शाहिद प्रयागराज का रहने वाला है।


सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि सावधानी बरती गई थी, दिलाएंगे मदद


काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि मृतक के परिजनों और घायलों को कार्यदायी संस्था से आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। पहली नजर में यही जानकारी में आया है कि पूरी सावधानी के साथ ग्लास उतारने का काम किया जा रहा था। दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से दुर्घटना हो गई। लोक निर्माण विभाग को हादसे की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। मंदिर प्रशासन भी अपनी ओर से अलग से जांच कर रहा है।


भविष्य में ऐसी दुर्घटना न हो, इसके लिए मुकम्मल इंतजाम किए जाएंगे। गौरतलब है कि काशी विश्वनाथ धाम परिसर में इससे पहले बीती 1 जून की भोर एक जर्जर भवन का एक हिस्सा गिर जाने से 2 मजदूरों की मौत हो गई थी। हादसे में 7 मजदूर घायल भी हुए थे। उस दौरान भी लोक निर्माण विभाग ने जांच की थी। लोक निर्माण विभाग ने किसी को हादसे का जिम्मेदार तो नहीं ठहराया था, लेकिन लापरवाहियां तमाम बताई थीं।


मुख्यमंत्री योगी के चेताने के बाद भी लापरवाही


मुख्यमंत्री योगी जब भी वाराणसी आते हैं तो निर्माणाधीन काशी विश्वनाथ धाम का निरीक्षण जरूर करते हैं। आखिरी बार वह 5 सितंबर को आए थे। उस दौरान भी उन्होंने कहा था कि निर्माण कार्य सावधानी और सुरक्षा के सभी मानकों के साथ हों। इसके बावजूद कार्यदायी संस्था की ओर से लापरवाही बरती जाती है। दरअसल जरूरत के अनुसार कार्यदायी संस्था द्वारा मैदागिन और आसपास के अन्य इलाकों से मजदूर बुला लिए जाते हैं। उन्हें सुरक्षा के मानकों के संबंध में कुछ खास बताया और समझाया नहीं जाता है। इसी वजह से 3 माह में 2 हादसों में 3 मजदूरों की जान चली गई और 9 मजदूर घायल हो गए।

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