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Sunday, September 12, 2021

चौबेपुर सखी केंद्र ने बाल विवाह के खिलाफ की कार्रवाई, नाबालिग बेटी विवाह तोड़कर दहेज के साथ लड़की वापस आई घर

वाराणसी जिला के चौबेपुर की  घर वालों ने 1 नाबालिग लड़की की पढ़ाई छुड़ाकर शादी कर जबरन सुसराल भेज दिया। लड़की ने करियर की दुहाई देकर मोहलत मांगी, मगर घर, सुसराल और रिश्तेदारों ने अनसुना कर दिया। सुसराल में लड़की को ढाई महीने तक अलग-थलग रखा गया और 1 दिन लड़की ने वन स्टॉप सेंटर के हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी। सेंटर की टीम ने ससुराल वालों के चंगुल से लड़की को आजाद करवाया और विवाह को अमान्य घोषित करा दिया। लड़की अब दहेज के सामान व नकदी संग वापस अपने घर आ गई और वापस अपनी पढ़ाई में लग गई।




4 नवंबर को हुई थी लड़की की शादी, 18 वर्ष की होने से 5 महीने पहले ही करा दिया शादी.


यह मामला बीते 4 जून का है जब लड़की की जबरन शादी कर दी गई। जबकि शादी की तिथि उसके 18 वर्ष पूरा होने पर आगामी 4 नवंबर को निर्धारित की गई थी। लड़की ने करियर का सवाल उठाकर इससे इन्कार किया, तो परिवार वालों ने बालिग होने से पहले ही उसे परिणय सूत्र में बांध दिया। लड़की ने हार न मानते हुए नाबालिग शादी का ससुराल में जमकर विरोध किया। वह पूरे रातो-दिन कमरे में खुद को बंद करके रिश्तेदारों से मदद की गुहार करने लगी, लेकिन कोई आगे नहीं आया। 1 दिन फेसबुक पर उसे सखी केंद्र का हेल्पलाइन नंबर मिला और फोन कर अपने साथ हुई घटना की आपबीती सुना दी।


वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी रश्मि दुबे बताती हैं कि 14 अगस्त को संगीता की शिकायत मिलने पर संगीता के माता-पिता और ससुराल वालों को सेंटर में बुलाया गया। वहां पर उन्हें बाल विवाह का अपराधी बताकर शादी तोड़ने की बात कही गई। यह भी कहा कि न मानें तो आप सभी पर कानूनी कार्रवाई कर पहले जेल भेजा जाएगा, फिर विवाह को शून्य घोषित कर दिया जाएगा। इस पर घर वाले और सुसराल पक्ष नरम पड़े और अब अपना फैसला बदल लिया है। लिखित में समझौता कर दहेज व नकदी वापस मायके पक्ष को सौंप दिया गया।


लड़की अब बाल विवाह के खिलाफ करेगी लोगी को जागरूक


लड़की अब अपने माता-पिता के साथ रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहीं हैं। अपने पैरों पर खड़ा होकर समाज में अपना योगदान देना चाहती हैं। वहीं बाल विवाह के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का भी काम करेंगी।


बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम


बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत भारत में शादी के लिए लड़का 21 साल और लड़की 18 साल की होनी चाहिए। इसके पहले कोई शादी करता है तो तो उसे बाल विवाह करार देकर अवैध घोषित कर दिया जाएगा। भले ही वह सहमति से ही क्यों न किया गया हो। ऐसे बाल विवाह को किसी भी एक व्यक्ति द्वारा ‘शून्य’ घोषित करवाया जा सकता है। वहीं इस तरह का कार्य करने वालों को 2 वर्ष की सजा अथवा 1 लाख रुपया तक का जुर्माना या दोनों लगाया जा सकता है।

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