कानपुर से विधानसभा चुनाव लड़ेंगी पूर्व सांसद अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन। जाजमऊ के खुशबू मैदान पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन की सभा को संबोधित करते हुए AIMIM राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने यह ऐलान किया। ओवैसी ने कहा कि वह टिकट लेंगी नहीं बल्कि बांटेंगी भी। शाइस्ता ने मंच पर अतीक अहमद के जेल से भेजे गए पत्र को पढ़ा जिसमें अतीक ने आरोप लगाया कि वह अखिलेश यादव की वजह से जेल में हैं। शाइस्ता परवीन ने कहा कि यह पत्र उनके पति ने प्रयागराज के लिए भेजा था। कानपुर के लिए भी पत्र आना था लेकिन आ नहीं सका। शाइस्ता परवीन ने पुत्र को अकारण फंसाने का भी आरोप लगाया और मंच पर आंसू बहाए। पत्र में अतीक अहमद ने ओवैसी को अपना नेता मानते हुए तारीफों के पुल बांधे।
ओवैसी ने अखिलेश पर साधा निशाना, मुसलमानों के हक में बोलने से डरते
AIMIM के सदर और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख
अखिलेश यादव मुसलमानों के हक में नहीं बोलते हैं। उन्हें डर है कि ऐसा करने से
उनके वोट खिसक जाएंगे। हजारों
की भीड़ के बीच AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने करीब एक घंटे के अपने भाषण
के दौरान यह समझाने का प्रयास किया कि उनके चुनाव लड़ने से कहीं भी भाजपा की सरकार
नहीं बनती। कोलकाता, महाराष्ट्र
और झारखंड समेत अनेक राज्यों के नाम गिनवाए और AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ने कहा कि वहां हम चुनाव लड़े थे लेकिन भाजपा
की सरकार नहीं बनी। पूछा, अगर
बीजेपी जीते तो उसके ज़िम्मेदार हम कैसे हो सकते हैं।
केंद्र में मोदी, सूबे में योगी कैसे जीते
AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि न तो केंद्र और न ही
उत्तर प्रदेश के चुनाव में मुसलमानों ने भाजपा का वोट दिया। फिर भी केंद्र में
मोदी और राज्य में योगी की सरकार है। ओवैसी ने पूछा, उन्हें एकजुट होकर किसने वोट दिया।
कानपुर में भाजपा का सांसद कैसे जीता। जिन्हें मुसलमानों ने 75 फीसदी वोट दिया उनके यूपी में कुल 15 सांसद बने। यही हाल राज्य के चुनाव का
रहा। ओवैसी ने कहा, हिंदुओं
ने एकजुट होकर योगी, मोदी को
वोट दिया इसलिए वह जीते।
मुसलमानों का नेता कोई नहीं
AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने जातियों और नेताओं के नाम
गिनाते हुए कहा कि हर जाति का नेता है, लेकिन मुसलमानों का कोई नेता नहीं। उत्तर
प्रदेश में 19 फीसदी
मुसलमानों की आबादी है लेकिन नेता एक भी नहीं। संविधान तो नेता बनने का अधिकार
देता है। उन्होंने अपने को मुसलमानों का नेता ठहराते हुए कहा कि एक AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी नहीं पूरे प्रदेश में 100 ओवैसी चाहिए। यह जज़्बाती नारों से
नहीं बल्कि मुत्तहिद होने से होगा।
असदुद्दीन ओवैसी बोलें हम, वोट दो किसी और को
असदुद्दीन ओवैसी ने अखिलेश, मायावती और राहुल का नाम लेते हुए कहा
कि वे मुसलमानों के हर मुद्दे पर बोलने से बचते हैं। सीएए का विरोध करते हुए सदन
में काले कानून की प्रति हमने फाड़ी, बिना सुबूत गिरफ्तारी वाले कानून का
विरोध हमने किया। मौलाना कलीम की गिरफ्तारी पर राहुल, माया, अखिलेश नहीं बोले क्योंकि उन्हें डर
है कि दूसरों का वोट नहीं मिलेगा। बाबरी क्रिमिनल केस में फैसला आया तो सदन में हम
अकेले बोले।
अतीक, आजम और मुख्तार जेल में
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बकरी चोरी में आजम खां
को जेल में डाल दिया। अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी को जेल में डाल दिया। 27 फीसदी मुसलमान जेलों में हैं।
दलितों-मुसलमानों को बेरोजगार
किया असदुद्दीन
ओवैसी ने आरोप लगाया कि कानपुर
की टेनरियां बंद कर साजिश की गई। दलितों और मुसलमानों को बेरोजगार कर दिया गया। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, हम देश के हर गरीब और कमजोर के साथ
हैं। उन्होंने शहर में अंडरग्राउंड बिजली केबिल, रसोई गैस की महंगाई, कोरोनाकाल में ऑक्सीजन की कमी से हुईं
मौतों का मुद्दा भी उठाया।

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