प्रतिवर्ष लाखों का गेहूं और धान बेचने वाले भी मुफ्त का राशन ले रहे हैं। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में ऐसा करने वाले 1356 लोगों की लिस्ट प्रशासन ने तैयार कर जिला आपूर्ति अधिकारी को भेजी है। इन सभी लोगो का राशन कार्ड निरस्त होने के साथ विभागीय कार्रवाई होगी। इनमें से 56 लोगों की जांच अभी चल रही है और 1300 लोगों के राशनकार्ड निरस्त कर दिए गए।
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बता दें कि शहरी क्षेत्र में राशन कार्ड बनवाने वालों की सालाना आय तीन लाख और
ग्रामीण अंचल में दो लाख होनी चाहिए। लेकिन तमाम लोग निर्धारित आय से अधिक कमाई
होने के बावजूद मुफ्त का राशन ले रहे थे। इसी की जांच के बाद यह कार्रवाई की
गई। गत वर्ष क्रय केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक प्वाइंट परिचेज मशीन से गेहूं की खरीद
की गई। रजिस्ट्रेशन और गेहूं बिक्री के दौरान आधार नंबर अनिवार्य था। 20
हजार
लोगों ने गेहूं बेचा। इसमें से 1356 लोग ऐसे रहे जिनकी गेहूं और धान
बिक्री से आय दो लाख से अधिक रही। जिला आपूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने
बताया कि चिह्नितों का राशन कार्ड निरस्त किए जा रहे है। सभी राशन कार्ड धारकों का
नए सिरे से सत्यापन कराया जाएगा।

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