मिर्जापुर जिले से एक खबर सामने आई है। हर्रा जंगल जो हलिया थाना क्षेत्र में है वहा एक महीने से लापता तीन लडकियो का कंकाल मिला है। पुलिस ने विधिक कार्रवाई शुरू करने के साथ ही जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
जंगल में तीन लडकियों का शव मिलने के बाद से पुरे इलाके में सनसनी और ख़ामोशी फैली हुयी है।
बेलाही गांव(हलिया थाना) से एक महिने पूर्व अपनी मां के साथ निकली तीन बहनों का शव बुधवार सुबह हर्रा जंगल में मिला। लडकियों के मामा के सूचना के आधार पर पुलिस के साथ जंगल में पहुंचे उनके पिता ने उनके कपड़ों से अपनी तीनों पुत्रियों की पहचान की।
घटना के बाद से उनकी मां गायब है। लडकियों के पिता की गवाही पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच में जुटी गयी है।
बेलाही गांव निवासी देवीदास कोल की दो शादी हुयी थी। पहली पत्नी फगुनी से तीन पुत्र और दूसरी पत्नी सीमा से एक पुत्री हुई। सीमा के पहले पति की मौत हो गई थी। पहले पति से सीमा को दो पुत्रियां थी। देवीदास से शादी होने के बाद वह दोनों तीन पुत्र और तीन पुत्रियों के साथ रहते थे।
सीमा तीन पुत्रियों ममता (8) मुनिया (10) व गोलू (12) को साथ लेकर निकली। पुत्रियों को उसने बताया कि वह मजदूरी करने के लिए जा रही है। दो दिन बाद सीमा अपने मायके सुखड़ा बेलगवां अकेले पहुंच गई। पुत्रियों को घर में न देख देवीदास ने सीमा से पूछा तो उसने बताया कि पुत्रियां नौकरी करने के लिए इंदौर गई हैं। मायके में भी सीमा ने यही बात बतायी थी।
शक होने पर सीमा का भाई रमाकांत और देवीदास बालिकाओं की खोजबीन करने निकल गए। देर शाम मंगलवार को रमाकांत ने देवीदास के पुत्र परमानंद को फोन कर जंगल में शव मिलने की सूचना दी। जिसके बाद देवीदास बुधवार की सुबह पुलिस के साथ जंगल में पहुंचा तो उसने तीनों पुत्रियों के कंकाल को देखा। उनके कपड़े से उनकी पहचान हुई

No comments:
Post a Comment