मंगलवार की शाम एक समाचार चैनल के कार्यक्रम मंथन-2021 में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा की, समाजवादी पार्टी और आरएलडी का लोकसभा चुनाव में भी गठबंधन था। आगामी विधानसभा चुनाव में दोनो पार्टियां साथ लडेंगी। इसके साथ निम्न दल भी हैं जैसे, संजय चौहान का दल हैं, महान दल हैं और भी दलों से बातचीत चल रही हैं वो भी सपा के साथ आएंगे और हम सब साथ मिलकर लडेंगे। सीटों के बारे में भी बातचीत हो गई है लेकिन उसका खुलासा अभी नहीं करेंगे।
अखिलेश यादव ने गठबंधन की रणनीति के बारे में किसी भी तरह का खुलासा करने से इंकार कर दिया है।
उन्होंने अपने चाचा शिवपाल यादव के साथ गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर जवाब देते हुए कहा कि "उनके साथ भी होगा, कुछ चींजे हम लोगो पर छोड़ दीजिये"। आम आदमी पार्टी(आप) के साथ गठबंधन के बारे में पूछने पर कहा कि उन्होंने 403 सीटों पर कुछ एलान किया है। आप ने अपनी कुछ सूची भी जारी कर दी है। कांग्रेस पार्टी के साथ किसी भी तरह के गठबंधन को लेके सवालो को उन्होंने टालते हुए कहा कि सपा केवल छोटे दलों के साथ गठबंधन कर विधानसभा चुनाव लडे़गी।
जब अखिलेश से यह पूछा गया कि अगर विधानसभा चुनाव के बाद सपा की सरकार बनती है तो पहले वह कौन से काम होंगे जो किसानों के हित में किए जाएंगे, तब अखिलेश ने कहा की, सप् ने पहले भी किसानों के लिये काम किये हैं। पहला फैसला यह होगा कि जो ये बड़े-बड़े उदयोगपतियों के काले कानून पास हुए हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश में लागू नहीं किया जाएगा । दूसरा फैसला यह होगा कि मंडी नेटवर्क में नयी तकनीक का इस्तेमाल कर नये तरीके अपनाए जाएगे और अगर कही असुविधा है तो उनको दूर किया जाएगा ताकि किसानों को उनका स्थान मिल सके।

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