अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत पर अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने कई सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि नरेंद्र गिरि ने कई पेज का सुसाइड नॉट लिखा है. जबकी वह मुश्किल से अपना हस्ताक्षर कर पाते थे तो उन्होंने सुसाइड नोट कैसे लिखा?
कहीं ये हत्या की साजिश तो नहींक
जितेंद्रानंद सरस्वती का कहना है कि महंत नरेंद्र गिरि ने उनके पूरे जीवन भर में कभी चार पेज लिखा था या नहीं इस पर भी संदेह है तो वे 6 पन्नों का सुसाइड नोट कैसे लिख सकते हैं. जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि जहां तक सुरक्षा की बात है महंत नरेंद्र गिरि को हाई कोर्ट के आदेश एवं यूपी व उत्तराखंड की सरकारो द्वारा पर्याप्त सुरक्षा मिली हुई थी. उनका कहना है कि " फंसाने के लिए किसी साजिश के तहत हत्या तो नहीं की गई?". इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है.
आत्महत्या नहीं कर सकते थे महंत नरेंद्र गिरि
जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि यह बात तो स्वीकार करने योग्य नहीं है कि महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या कर सकते हैं. उनके जैसे व्यक्ति आत्महत्या कर ही नहीं सकते थे. यह एक गहरा षड्यंत्र हैं और किसी को फंसाने के लिए भी हो सकती है. इसके साथ उन्होंने यह कहा कि मुझे उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एवं उनकी सुरक्षा एजेंसिययों पर पूरा भरोसा है की वह निष्पक्ष जांच करेगी, मुख्यमंत्री जी से मेरा आग्रह है कि वे इसकी जांच जरूर करवाएं कि सुसाइड नोट उन्होंने लिखा है कि नहीं.

No comments:
Post a Comment