वाराणसी के दीवानी न्यायलय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान 16,528 मुकदमों का दिन भर में निस्तारण किया गया। वाराणसी के जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश ने सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके लोक अदालत की शुरूआत की। लोक अदालत में परिवार न्यायाधीश के समक्ष 5 दंपति अपने विवाद को भूल कर फिर से एक साथ रहने को तैयार हुए। इसे लेकर मौजूद लोगों ने पांचों दंपतियों की सराहना करते हुए उन्हें भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दी।
दीवनी के 323 मुकदमे निपटाए गए
बीएसएनएल द्वारा 165 वादों में 4,24,974 रुपए का समझौता किया गया। प्रशासन एवं अन्य विभागों द्वारा 9271 मुकदमों का निस्तारण कर 9,80,69,752 रुपए की वसूली की गई। दीवानी के 323 और पारिवारिक विवाद से जुड़े 73 मुकदमों का निपटारा कराया गया।
30 मुकदमों में बीमा कंपनियों ने दिए रुपए
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव कुमुदलता त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति के 30 मुकदमों में बीमा कंपनी से पीड़ित पक्षकारों को 1,87,26137 रुपए की धनराशि दिलाई गई। फौजदारी के 4189 मामलों में अर्थदंड के रूप में 10,80,325 रुपए वसूला गया। एनआई एक्ट के 29 मुकदमों का निस्तारण किया गया। कामर्शियल कोर्ट द्वारा 24 मुकदमे निस्तारित किए गए। बैंकों के प्रीलिटिगेशन स्तर के 2424 मामलों का निस्तारण हुआ, जिसमें 9,76,65,552 रुपए की वसूली के लिए समझौता हुआ।
सचिव कुमुदलता त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेश के आधार पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से किया गया था। आपसी समझौते से विवादों का निपटारा करना बहुत ही अच्छी बात होती है। इससे लोगों को अनावश्यक मुकदमेबाजी से निजात मिलती है और उनके कीमती समय की बचत भी होती है।
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