वाराणसी: विकास खंड चिरईगांव में आये दिन किसी ना किसी ग्राम सभा के खिलाफ चाहे खंड विकास अधिकारी हो, चाहे सहायक विकास अधिकारी पंचायत हो या फिर विकास भवन में बैठे मुख्य विकास अधिकारी हो के पास कोई न कोई शिकायत आती रहती है. लेकिन अधिकारीयों के बार-बार निर्देश देने के बाद भी ना ही ग्राम प्रधान सुधर रहें है और ना ही सचिव.
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शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी का नेवादा ग्राम सभा में चल रहे टीएचआर प्लांट का निरिक्षण करने आये थे साथ में खंड विकास अधिकारी और एडीओ एमआई भी मौजूद थे. मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने टीएचआर प्लांट में बन रहे पुष्टाहार बनाने वाली एक-एक मशीनों पर जा कर निरिक्षण किया. साथ ही खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिया की प्लांट के सामने बहुत अँधेरा रहता है तो यहा पर एक सोलर हाई मास्ट लगवा दें. जिस पर खण्ड विकास अधिकारी ने उनके निर्देश के क्रम में सचिव और प्रधान को यह जानकारी दे दिया. लेकिन अभी एक सप्ताह के बाद भी कोई हलचल देखने को नही मिली है.
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साथ ही मुख्य विकास अधिकारी ने एक डेढ़ साल से बंद पड़ें दो हाई मास्ट को भी एक सप्ताह के अन्दर ठीक करवाने का निर्देश दिया. जिस पर खंड विकास अधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को आस्वस्त किया की इसके बारें में सचिव और ग्राम प्रधान को निर्देश दे दिया गया है और एक सप्ताह के अन्दर ही दोनों हाई मास्ट ठीक करवा दिया जायेगा लेकिन अफ़सोस अभी तक कुछ भी कार्यवाही होते नजर नही आ रहा है.
एक बात तो समझ में आती है कि प्रधान ग्रामसभा का प्रतिनिधि होता है और कार्य अगर उसके हिसाब से नही होता है तो वो आना कानी कर सकता है लेकिन सचिव तो एक सरकारी कर्मचारी होता है और उसको अपने वरिष्ठ अधिकारी के आदेश का पालन करना पड़ता है. फिर भी विकास खण्ड में कुछ ऐसे ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत अधिकारी है जो किसी भी अधिकारी के आदेश का पालन ससमय नही करते.
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