यूपी विधानसभा चुनाव 2022 (UP Assembly Election 2022) से ठीक पहले उत्तर प्रदेश में जिन्ना के बाद पाकिस्तान की भी एंट्री हो चुकी है. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के पाकिस्तान (Pakistan)को बड़ा दुश्मन ना मानने वाले बयान पर जहां एक तरफ सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. वही अखिलेश यादव के बयान को लेकर साधु संतो ने भी नाराजगी जताई है.
संगम नगरी
प्रयागराज माघ मेले में पहुंचे संतों ने अखिलेश यादव के इस बयान की कड़ी निंदा की
है. संतों ने कहा है कि अखिलेश यादव का यह बयान बेहद हास्यास्पद है. यह बयान उनकी
पराजय का सबसे बड़ा कारण बनेगा. इतना ही नहीं संतों ने उनके इस बयान पर कड़ी
प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा है कि अखिलेश यादव का यह बयान पहली बार नहीं है, बल्कि इसके पहले भी उनका
पाकिस्तान प्रेम दिख चुका है। संतो ने अखिलेश यादव को नसीहत दी है कि वह पाकिस्तान
में एक घर खरीद लें. वही पर रहे, यह उनके लिए बेहतर रहेगा.
पिछले
दिनों जिन्ना को आजादी का नायक बताने वाले बयान पर भी संतों ने नाराजगी जाहिर करते
हुए कहा कि उन्हें जिन्ना की मूर्ति अपने घर में बनाकर रख लेनी चाहिए और जिन्ना की
आरती करें.
शिव योगी मोनी महाराज ने कहा ये
संगम नगरी
माघ मेले में पहुंचे शिवयोगी मौनी महाराज ने कहा कि अखिलेश के इसी बयानों की वजह
से उन्हें मुल्ला मुलायम का पुत्र कहा जाता है. ऐसे में उनका यह बयान आने वाले
दिनों में उनकी हार का एक सबसे बड़ी वजह भी बनेगा और संत समाज ऐसे बयान को कतई भी
बर्दाश्त नहीं करेंगे. मौनी महाराज ने कहा कि उन्होंने यह बयान देकर मुस्लिम वोटों
की तुष्टिकरण करने की कोशिश की है, लेकिन उनका यह मकसद कभी भी कामयाब
नहीं हो पाएगा.
गौरतलब है कि सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने एक बयान में कहा है
कि पाकिस्तान भारत का बड़ा दुश्मन नहीं है, बल्कि चीन सबसे
बड़ा दुश्मन है, जिसके बाद उनके इस बयान की तीखी आलोचना हुई
है. वहीं, अब संतों में भी अखिलेश यादव के बयान को लेकर
नाराजगी देखने को मिल रही है.
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