यूपी में शीतलहर का कहर अब दिखने लगा है.पहाड़ी इलाको पर हो रही बर्फबारी के कारण अब मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड ने लोगो को परेशान कर दिया है.ठंड के कारण अब महादेव की नगरी काशी में इंसानो की तरह अब भगवान भी स्वेटर, शॉल, टोपी और हैंड ग्लब्स में नजर आ रहे हैं. काशी (Kashi) के तमाम मंदिरों में ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है.मंदिरों में भगवान के इस नए स्वरूप में को देख भक्त भी हैरान है.
वाराणसी (Varanasi) के सोनारपुरा स्थित गौड़ीया मठ में भगवान को ठंड से बचाने के लिए सारे जतन किए जा रहे हैं. स्वेटर, टोपी, शॉल, मोजा और हैंड ग्लब्स देव विग्रह को पहनाए गए हैं. खास बात ये है कि भगवान को यहां हर दिन नए ऊनी वस्त्र पहनाए जाते हैं. इन सब के अलावा जब ठंड और बढ़ती है तो हीटर की भी व्यवस्था की जाती हैं.
गौड़ीया मठ के अलावा वाराणसी के बड़ा गणेश, राम जानकी मंदिर सहित अन्य मंदिरों से भी ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं.मंदिर के पुजारी ने बताया कि ये हम लोगों का श्रद्धाभाव है जिसके तहत हम लोग गर्मी में भगवान को शीतल सामानों का भोग लगाते है और जाड़े के वक्त उन्हें ऊनी और गर्म कपड़े पहनाते है.
ये है मान्यताभगवान को ऊनी वस्त्र पहनाए जाने के पीछे एक मान्यता ऐसी भी है कि मंदिरो में विराजे इन देव विग्रहों का प्राण प्रतिष्ठा किया जाता है. जिसके बाद ये माना जाता है कि इन देव विग्रहों को भी इंसानों की तरह अलग अलग मौसम का प्रभाव पड़ता है और इसी को देखते हुए भक्त श्रद्धाभाव से भगवान को ये कपड़े पहनाते हैं.
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