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Saturday, October 23, 2021

पेट्रोल, डीजल को GST के दायरे में लाएं - www.purvanchalkhabar.co.in

GST काउंसिल को पेट्रोल व डीजल को भी GST के दायरे में लाना चाहिए। वर्तमान में अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग प्रकार के कर होने से पेट्रोल एवं डीजल के दामों में काफी अंतर रहता है। इस कारण जिन राज्यों में दर कम रहती है, वहां पड़ोसी राज्यों के वाहन अधिकतम इंधन खरीदते हैं और पेट्रोल पंप मालिकों को नुकसान भी होता है।

 


ये बातें काशी प्रवास के दौरान ग्राहक पंचायत के अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनकर सबनीस ने मलदहिया स्थित संस्था के कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर कही। भारतीय संगठन मंत्री ने कहा कि यदि इन उत्पादों पर GST लागू किया जाए तो सभी राज्यों में समान दर रहेगी और मूल्य नियंत्रित रहने से ग्राहक को भी लाभ होगा। भारतीय संगठन मंत्री ने शुद्ध पेयजल पर कहा कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। ग्राहक पंचायत का स्पष्ट मत है कि प्रत्येक नागरिक को पीने का शुद्ध जल निश्चित रूप से मिलना चाहिए। भारतीय संगठन मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लिए निर्णय के अनुसार स्वर्ण आभूषण विक्रेताओं के लिए देश के 256 जिलों में छह अंकों वाले कोड के हॉलमार्किंग को अनिवार्य किया गया है। हॉलमार्क वाले जेवर खरीदने पर ग्राहक को धोखा होने की आशंका नहीं रहेगी। यह बहुत सकारात्मक कदम है, किंतु ग्राहक पंचायत का मत है कि इसे देश के सभी जिलों में लागू किया जाना चाहिए। भारतीय संगठन मंत्री ने दवाइओं के मूल्य में एमआरपी और वास्तविक मूल्य में अत्यधिक अंतर को चिंताजनक बताया। मरीज और उसके परिजन वैसे ही मानसिक और आर्थिक रूप से त्रस्त रहते हैं। उस पर एमआरपी की धोखाधड़ी उन पर बहुत भारी गुजरती है। भारतीय संगठन मंत्री ने बढ़ती हुई ऑनलाइन खरीद पर भी चिंता जताई। इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के सह संगठन मंत्री मेहताब, काशी प्रांत के संगठन मंत्री प्रदीप कुमार चौरसिया, सह संगठन मंत्री अरविंद कुमार, वाराणसी इकाई के अध्यक्ष डॉ. एसएस पांडे, महामंत्री सीए रजनीश विश्वकर्मा मौजूद थे।

 

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