उत्तराखंड पतंजलि योगपीठ के अधीन संचालित वैदिक कन्या गुरुकुल के हास्टल में रह रही साध्वी ने पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। उसने यह कदम क्यों उठाया, इसके कारणों का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया। उसके कमरे से मिले सुसाइड नोट में भी साध्वी ने आत्महत्या की कोई वजह नहीं लिखी है। सिर्फ यह लिखा है कि 'मैंने अपनी मर्जी से संन्यास लिया था और अपनी मर्जी से ही आत्महत्या कर रही हूं '। हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं से भी मामले की जांच कर रही है।
साध्वी मूल
रूप से मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के गांव सेमलिया हीरा की रहने वाली है यहां
महाभाष्य विषय से एमए की पढ़ाई भी कर रही थीं। वह संस्था में सेवा भी करती थीं। साध्वी
अपने परिवार से वह कम ही संपर्क रखती थी। पतंजलि योगपीठ से सटे परिसर में स्थित
वैदिक कन्या गुरुकुल में तड़के साढ़े चार बजे यह घटना सामने आई। छात्राएं और महिला
सेवादार इस हास्टल में रहती हैं। मध्य प्रदेश के मंदसौर निवासी साध्वी देवज्ञा का
लहूलुहान शव हास्टल के परिसर में पड़ा मिला। वह हास्टल की पांचवीं मंजिल पर कमरा
नंबर 507 में
अन्य महिला सेवादारों के साथ रहती थीं। महिला सेवादारों ने उसे परिसर में इस हालत
में देखा। साध्वी देवज्ञा को तत्काल भूमा निकेतन अस्पताल ले जाया गया, डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
साध्वी देवज्ञा के कमरे में एक रजिस्टर में सुसाइड नोट लिखा मिला। उसमें उसने धर्म
और अध्यात्म की बातों के साथ ही अपनी इच्छा से आत्महत्या करने का उल्लेख किया है।
साध्वी
देवज्ञा वर्ष 2015 में
वैदिक कन्या गुरुकुल में अध्ययन के लिए आई थी। वर्ष 2018 में
योग गुरु बाबा रामदेव से संन्यास लिया। इसके बाद साध्वी देवज्ञा ने गुरुकुल में सेवा कार्यों में हाथ बंटाने के साथ ही
पढ़ाई भी जारी रखी। इन दिनों वह एमए की पढ़ाई कर रही थीं। साध्वी देवज्ञा का घरवालों से उनका कम ही संपर्क रहता था। साध्वी देवज्ञा का मूल नाम राधा पाटीदार था। एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय
ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का होना प्रतीत हो रहा है।
साध्वी देवज्ञा
ने आठ पन्नों में लिखा है सुसाइड नोट
साध्वी देवज्ञा ने रजिस्टर के आठ पन्नों पर सुसाइड नोट लिखा है। जिसमें
ज्यादातर बातें धर्म और आध्यात्म से जुड़ी हैं। गायत्री मंत्र सहित कई श्लोक लिखे
गए हैं। कुछ अजीबो-गरीब बातें भी इसमें लिखी हुई हैं। जैसे एक पन्ने पर साध्वी ने
लिखा है कि जानती हूं कि जो आत्महत्या करते हैं वे अधोगति को प्राप्त होते हैं, पर संन्यास धर्म को बचाना है। संकल्प
लिया था कि मैं संन्यास धर्म में ही मरूं। साध्वी देवज्ञा
ने एक जगह यह भी लिखा है कि योग की शक्ति से ही मरूंगी, ताकि गलती होने के बाद भी योग से पार
पाया जा सकता है।
साध्वी देवज्ञा ने सेवा कार्यों का
भी किया है जिक्र
साध्वी देवज्ञा ने सुसाइड नोट में अपने सेवा कार्यों का भी विस्तार से
जिक्र किया है। एक जगह लिखा है कि मैंने दीदी से पूछकर सारा कार्य किया है। स्टोर
से लेकर मेगा स्टोर तक सारा कार्य किया है। लेकिन, मुझे अंग्रेजी का ज्यादा ज्ञान नहीं
था और मैं कंप्यूटर के बारे में भी नासमझ थी। बच्चों की सेवा से इसलिए दूर रहती थी, कि उनके योग्य नहीं थी। बच्चों के लिए
योग्य होना आवश्यक है, हमारे
संस्कार उनके अंदर जाते हैं।
साध्वी देवज्ञा कम बात करती थी
साध्वी के
कमरे में तीन अन्य महिला सेवादार रहती हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि साध्वी देवज्ञा गुमशुम रहती थीं। बहुत कम बोलती
थीं और किसी से ज्यादा मतलब भी नहीं रखती थीं।
... तो घटना वाली रात परेशान थी साध्वी देवज्ञा
घटना
वाली रात साध्वी देवज्ञा कुछ परेशान लग रही
थी। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में वह काफी देर छत पर टहलती नजर आ रही हैं। उनके
चेहरे के बेचैनी के भाव नजर आ रहे हैं। हालांकि जहां से साध्वी ने छलांग लगाई, वह जगह कैमरे में नहीं आई है।
पतंजलि भी करा रहा जांच
पतंजलि
के केंद्रीय प्रवक्ता एसके तिजारावाला का इस संबंध में कहना है कि साध्वी की छत से
गिरकर मौत हुई है। फिर भी पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।

No comments:
Post a Comment