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Monday, October 25, 2021

इंतजार हुआ खत्म नवंबर से शुरू होगा बच्चों का कोरोना टीकाकरण, जानिए क्या है तैयारी

स्वास्थ्य विभाग अब जिले में दो साल से 18 साल तक के करीब 12 लाख बच्चों का कोरोना टीकाकरण नवंबर माह से शुरू करने जा रहा है। टीकाकरण के लिए विभाग ऐसा प्रस्ताव बनाने पर विचार कर रहा है, जिसमें दो शिफ्ट में रात में दस बजे तक टीकाकरण किया जा सके। जो लोग दिन की शिफ्ट में फैक्ट्री, कारखानों में काम करते हैं उनको काम खत्म करने के बाद टीकाकरण कराने का मौका मिल सके। यह जानकारी अपर निदेशक डॉ. राजकुमार चौधरी, सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन, डॉ. अशोक तालियान, डॉ. प्रवीण गौतम, डॉ. पूजा शर्मा ने सेंटर फार एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) की कार्यशाला में दी गई।




सीडीओ ने कहा शत-प्रतिशत टीकाकरण तक हमें नहीं रुकना 

कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी सीडीओ शशांक चौधरी ने कहा कि देश में 100 करोड़ टीकाकरण होना निश्चित ही जश्न का विषय है, पर अभी हमें रुकना नहीं है, टीकाकरण जारी रखना है। जब तक सौ प्रतिशत टीकाकरण नहीं हो जाता तब तक हम पूरी तरह सुरक्षित नहीं होंगे। अपर निदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डा. राजकुमार ने मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने पर फोकस किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से प्रजनन, मातृ, नवजात एवं बाल स्वास्थ्य पर लगातार ध्यान दे रहा है। परिवार नियोजन में पिछले तीन साल से लगातार मेरठ मंडल प्रदेश में अव्वल रहा है।  


सीएमओ की अपील कोविड टीके का पूरा कोर्स करें 

सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने कहा कि कोरोना को काबू करने के लिए टीकाकरण बेहद जरूरी है। टीके की दोनों डोज लेकर पूरा कोर्स जरूरी है। दोनों डोज लगने के बाद अगर कोरोना हो भी जाता है तो स्थिति गंभीर नहीं बन सकती। त्योहारी सीजन में सतर्क रहें। मास्क, साफ-सफाई, दो गज की दूरी समेत कोविड नियमों का पालन करें। मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक कुमार तालियान ने बताया कि मार्च 2020 में पहला कोरोना का केस मिला था। इसके बाद जिले अब तक 21 लाख कोरोना की जांच की जा चुकी है। इन जांच में 66 हजार कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले। इन जांच में छह लाख उन लोगों की जांच की गई जो पॉजिटिव मरीजों के सम्पर्क में आए थे। सर्विलांस टीम ने अन्य विभागों और लोगों की मदद से इस काम को बखूबी किया। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. गुलशन राय ने 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को दोहराया। डा. अखिलेश मोहन ने कहा-टीबी रोकने के लिए सही समय पर जांच और निरंतर उपचार जरूरी है। टीबी का उपचार बीच में छोड़ने से समस्या बढ़ जाती है। टीबी के मरीज को अपने खानपान पर ध्यान देना चाहिए। 

 

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