इस बार का चुनावी समर में पिछड़ी जातियों की गोलबंदी अपना अलग असर दिखाएगी। जातिगत जनगणना व पर्याप्त आरक्षण जैसे मुद्दों पर मुख्य विपक्ष दल समाजवादी पार्टी सत्तारुढ़ बीजेपी को घेरने जा रही है। पिछड़ों को साधने में समाजवादी पार्टी ने अपनी पार्टी के गैर यादव पिछड़े नेताओं को आगे कर दिया है। इस कवायद का मकसद मुख्यत: ‘यादव समुदाय की पार्टी’ होने के ठप्पे से छुटकारा पाना है।
मिशन 22 फतेह करने के लिए सपा की कोशिश गैर यादव पिछड़ों में पैठ
बनाने की है। दो चुनावों के नतीजों से उसे सबक मिल गया कि गैर यादव जातियों में
अधिकांश वोट बीजेपी में खिसक गया। कांग्रेस व बहुजन समाज पार्टी से समाजवादी
पार्टी का हुआ गठबंधन उसके लिए नुकसानदेह साबित हुआ। लिहाजा, अब कुर्मी, मौर्य, निषाद, कुशवाहा, प्रजापति, सैनी, कश्यप,वर्मा, काछी, सविता समाज व अन्य पिछड़ी जातियों को
जोड़ने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग
हिस्सों में यात्राएं निकाली जा रही हैं। जिनमें जिनका नेतृत्व गैर यादव पिछड़े
नेताओं के हाथ में हैं। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पूरे प्रदेश
में पटेल यात्रा निकाल रहे हैं। एक चरण की कामयाबी के बाद उन्हें दुबारा यात्रा
निकालने को कहा गया है। निषादों, मल्लाहों, कश्यप आदि समुदाय को सपा के करीब लाने की कोशिश में पिछड़ा
वर्ग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजपाल कश्यप कई चरणों में सामाजिक न्याय यात्राएं निकाल
रहे हैं। साथ ही पिछड़ा वर्ग सम्मेलन भी किए जा रहे हैं। समाजवादी पार्टी की महिला
प्रदेश अध्यक्ष लीलावती कुशवाहा को महिलाओं के साथ-साथ कुशवाहा समाज को जोड़ने की
जिम्मेदारी दी गई है। समाजवादी पार्टी का सबसे ज्यादा जोर जातिगत जनगणना की मांग
उठाने पर है।
इस मुद्दे को पिछड़ों के बीच मथा जा रहा है। पूर्व सीएम अखिलेश
यादव ने यहां तक कहा है कि सरकार जातिगत जनगणना नहीं कराती है तो उनकी सरकार बनने
पर वह यूपी में जातिगत जनगणना कराएंगे और उसी हिसाब से आरक्षण का लाभ दिलाया
जाएगा। पिछड़ों के अलावा दलितों को भी पाले में करने की कवायद सपा खेमे में हो रही
है। सपा अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष व्यास जी गोंड संविधान बचाओ यात्रा
निकाल रहे हैं।
सहयोगी दल भी पीछे नहीं
समाजवादी पार्टी की सहयोगी
जनवादी पार्टी सोशलिस्ट के अध्यक्ष संजय चौहान कई दिनों से बीजेपी हटाओ प्रदेश
बचाओ जनक्रांति यात्रा निकाल रहे हैं। दूसरी सहयोगी पार्टी महान दल प्रदेश भर में
अखिलेश यादव के समर्थन में यात्रा निकाल चुका है। महान दल का असर पश्चिमी उत्तर
प्रदेश के कुछ जिलो में महान दल का असर माना जाता है।

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