यूपी में जन योजना अभियान शनिवार 02 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। इसमें ग्रामीणों के विकास के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी। वर्ष 2022-23 के लिए तीन स्तरों ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायतों को निर्देश है कि सामाजिक व आर्थिक विकास को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाएं। इसमें मिशन अंत्योदय के तहत 29 विषयों को ध्यान में रखकर कार्य कराना है।
यूपी सरकार ने 02 अक्टूबर से 31 जनवरी 2022 के बीच ग्राम पंचायत स्तर पर विकास योजनाएं बनाने के निर्देश दिए
हैं। इसे यूपी सरकार ने जन योजना अभियान का नाम दिया है। गांवों में ग्राम पंचायत
स्तर के सभी विभागों के कर्मचारियों की उपस्थिति में ग्राम सभा की बैठकें अनिवार्य
रूप की जाएंगी। इनमें ग्राम सभा की जरूरत व समस्याओं का आकलन किया जाएगा। ग्राम्य
विकास विभाग की ओर से पिछले वर्ष मिशन अंत्योदय के तहत एकत्र किए गए सूचकांकों के
आधार पर ही वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा गया है। इस पर ग्राम सभा
मुहर लगाएगी। इसी तरह क्षेत्र व जिला पंचायतों में भी प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
यही प्रस्ताव योजना में शामिल किए जाएंगे।
क्षेत्र पंचायत की कार्ययोजना
में शामिल की जाने वाली गतिविधियों का चयन ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना के आधार
पर व जिला पंचायतों की गतिविधियों का चयन क्षेत्र पंचायतों की कार्ययोजना के आधार
पर होगा। उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने पंचायतीराज विभाग व
जिलाधिकारियों को भेजे निर्देश में कहा है कि क्षेत्र व जिला पंचायत अपनी विकास
योजनाओं में आवश्यकता के अनुसार, दो से अधिक
ग्राम पंचायतों व क्षेत्र पंचायतों को लाभ पहुंचाने वाले कार्य, स्त्री व पुरुष समानता पर जोर, स्वच्छता, जल आपूर्ति, खेल का मैदान, बुनियादी
ढांचे का विकास व रखरखाव सहित अन्य को शामिल करना होगा।
योजनाओं को ई-स्वराज पोर्टल
पर करें अपलोड
ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम सभा से, क्षेत्र पंचायत स्तर पर क्षेत्र पंचायत योजना समिति से व जिला पंचायत स्तर पर जिला पंचायत योजना समिति के अनुमोदन के बाद योजनाओं को ई-स्वराज पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसकी निगरानी के लिए उत्तर प्रदेश पंचायतीराज विभाग ने विशेष पोर्टल तैयार किया है। तय समय में योजनाएं बनाने के निर्देश के साथ तीनों स्तर की योजना बनाने की समय सारिणी भी जारी की गई है।
इन विभागों की योजनाएं भी हों
शासन का निर्देश है कि
पंचायतीराज विभाग की योजनाओं के अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्राम्य विकास और वन विभाग की योजनाओं को जरूर शामिल
किया जाए। इसी तरह से अन्य विभाग भी अपने से संबंधित गतिविधि को हर स्तर की
कार्ययोजना में जरूर शामिल कराएं।

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