यूपी के कानपुर में रेप के बाद 10वीं मंजिल से फेंककर युवती के हत्या के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर कमिश्नर असीम अरुण को तलब किया है। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का आदेश दिया है। इसके साथ ही घटना का केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का आदेश दिया। लखनऊ में पांच कालीदास मार्ग पर पुलिस आयुक्त ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। सीएम ने इस दौरान पुलिस आयुक्त से कहा कि पूरे वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को कड़ी सजा दिलाएं। जिससे कि समाज में यह मैसेज जाए कि बेटियों के साथ अत्याचार करने वाले किसी भी सूरत में बच नहीं सकेंगे।
वहीं, इस मामले में पीड़िता की
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसी बातें सामने आई हैं कि सुनने वाली की भी रूह कांप
उठेगी। रिपोर्ट के मुताबिक युवती के शरीर पर 25 गंभीर चोटों के निशान मिले हैं।
सिर की हड्डी पांच जगह से टूटी गई थी। दाहिने हाथ में दो जगह से टूटा गया था और
कई चोटें भी आई थी। पेट के नीचे से लेकर जांग के बीच में चार चोट के निशान मिले।
रिपोर्ट के मुताबिक युवती के होंठ और छाती के निचले हिस्से में भी चोट के निशान
मिले हैं।
इस
मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रतीक को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी
ने पुलिस को बताया कि उसने पैसों का लालच देकर युवती को शारीरिक संबंध बनाने का
प्रस्ताव दिया था। युवती ने जब उसकी बात नहीं मानी, तो उसने डरा-धमका कर जबरन उसका
रेप किया। आरोपी ने आगे बताया कि जब युवती ने रेप की शिकायत पुलिस के करने की बात
कही, तो उसने युवती को बालकनी से नीचे
फेंक दिया।

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