दिल्ली के JNUSU (जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ) के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई नेता कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) आज दामन थाम लेंगे कांग्रेस पार्टी का। कांग्रेस मुख्यालय में कन्हैया को पार्टी की सदस्यता दिलाई जाएगी। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे।
कांग्रेस में शामिल होंगे कन्हैया कुमार
पिछले कई चुनाव हार चुकी कांग्रेस अब खुद को बदलने की तैयारी
शुरू कर दी है। कांग्रेस पार्टी की नजर लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव पर भी है। कांग्रेस
पार्टी जीत हासिल करने के लिए जातीय समीकरणों के साथ युवाओं पर दांव लगाने जा रही।
2024 के चुनाव में जीत के लिए हिसाब-किताब बैठाए
जा रहे हैं। कन्हैया कुमार को पार्टी में शामिल किया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा
है कि कन्हैया को बिहार कांग्रेस की अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। कांग्रेस की
सदस्यता लेने से पहले कन्हैया कुमार दोपहर 2:30 बजे दिल्ली के ITO स्थित शहीद-ए-आजम भगत सिंह पार्क जाएंगे। यहां वे भगत सिंह की
प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद वे कांग्रेस मुख्यालय पहुंचेंगे। कांग्रेस
की सदस्यता लेने के बाद वे 3:30 बजे दिल्ली कांग्रेस
मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे। CPI छोड़ने और कांग्रेस ज्वाइन करने की वजहों के बारे में बात
करेंगे।
देखिये विडियो में कपिल मिश्र ने कांग्रेस को बताया टुकड़े - टुकड़े गैंग का हिस्सा
बिहार कांग्रेस में जान डाल पाएंगे?
पिछले पांच विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को कोई खास सफलता
बिहार में नहीं मिली है। फरवरी 2005 के विधानसभा चुनाव
में 10 सीट मिली थी, जो कि अक्टूबर 2005 में घटकर 9 रह गई। 2010 के विधानसभा चुनाव में तो कांग्रेस को महज 4 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था। 2015 विधानसभा चुनाव में जब RJD और JDU के साथ कांग्रेस महागठबंधन का हिस्सा बनी तो 27 सीटों पर जीत मिली थी। 2020 के विधानसभा चुनाव
में महागठबंधन में रहने के बाद भी कांग्रेस महज 19 सीटें जीत सकी। जबकि, लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस को एक
सीट मिली थी। बिहार में हालत को देखते हुए कांग्रेस अब कन्हैया को नए नेतृत्व के
रूप में लाना चाहती है।
कन्हैया का बेगूसराय कनेक्शन
बिहार के बेगूसराय से कन्हैया कुमार का ताल्लुक है। 2015 में कन्हैया कुमार JNU छात्रसंघ के अध्यक्ष
बने थे। JNU में लगे कथित देश विरोधी नारों के बाद अचानक
सुर्खियों में आ गए। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बेगूसराय से
किस्मत भी आजमाई थी। लेकिन वहां से बीजेपी के गिरिराज सिंह से हार गए थे। 4 लाख 22 हजार वोट के बड़े अंतर से हराया। बेगूसराय में
भूमिहार जाति के मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है और कन्हैया कुमार भी भूमिहार
हैं। कांग्रेस को बिहार में नए चेहरे की जरुरत है। कांग्रेस को लगता है कि छात्र
नेता के तौर पर कन्हैया को संगठन का अनुभव है।

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