बस्ती जिले के परसरामपुर क्षेत्र में शुक्रवार रात बेदीपुर चौराहे के पास पिलर पर बना मकान अचानक भरभरा कर ढह गया। हादसे के वक्त परिवार के 10 सदस्य अंदर सो रहे थे। जेसीबी (JCB) की मदद से मलबा हटवाकर सभी को बाहर निकाला गया। इनमें से दो सगी बहनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी आठ घायलों को अयोध्या जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की वजह लगातार हो रही बारिश और जलभराव है।
मोहम्मद
अली ने बेदीपुर चौराहे पर स्थित बेसमेंट पर पक्का मकान बना रखा है। कई वर्ष से
परिवार इसी मकान में रहता है। मोहम्मद अली के परिवार में पत्नी जैसरून्निशा के साथ
बेटा अजमल, अकरम, बेटियां सना फातिमा (18),
तरन्नुम फातिमा (22)
के साथ अजमल की पत्नी सबीना बानो, बेटा एहसान (9),
जुनैद (6)
और अकरम की पत्नी जुनैरा बानो
साथ रहते थे। इधर कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण पिलर पर बने मकान के नीचे
पानी भरा हुआ था। शुक्रवार रात सभी परिवारीजन सो रहे थे।
शुक्रवार
देर रात पूरा मकान अचानक भरभरा कर जमींदोज हो गया। तेज आवाज सुनकर ग्राम प्रधान
गुलाम दस्तगीर सहित ग्रामीण इकठ्ठा हो गए। मकान के अंदर फंसे लोगों को निकालने की
कोशिश शुरू की। इस बीच पुलिस भी पहुंच गई। फिर जेसीबी (JCB)
से मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों
को बाहर निकाला गया। इस हादसे में मोहम्मद अली की बेटी गंभीर रूप से जख्मी सना
फातिमा की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि अन्य 9 परिवारीजनों को एंबुलेंस से जिला
अस्पताल व महिला अस्पताल अयोध्या भेजा गया। शनिवार की तडके में सना की बड़ी बहन
तरन्नुम ने भी दम तोड़ दिया। चार बकरियां भी मलबे में दबकर मर गईं, जबकि गृहस्थी का सारा सामान तबाह
हो गया। मौके पर पहुच कर सीओ हर्रैया शेषमणि पांडेय, नायब तहसीलदार निखिलेश चौधरी के साथ राजस्व टीम ने क्षति का आकलन कर
रिपोर्ट तैयार की । हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
वही
दूसरी तरफ बारिश में दीवार गिरने से महिला की मौत
भर्रोह (गोरखपुर)। गोरखपुर के
गोला थाना क्षेत्र के पतरा गांव के जगेसरा टोले में शुक्रवार की रात बारिश में टिन
शेड के कच्ची दीवार गिर जाने से उसमें सो रही महिला की दबकर मौत हो गई। गांव के
नागू प्रसाद की विधवा पत्नी 50 वर्षीय शांति देवी अपनी पुत्री राधिका के साथ अपने टिन शेड की झोपड़ी
में सो रही थी। बगल में सो रही उसकी पुत्री की चीख-पुकार पर गांव के लोगों ने
शांति देवी का शव निकाला।

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