Latest News

Varanasi News
Purvanchal News

Gallery

Breaking News

Election

News

Recent Posts

Monday, April 06, 2026

जब अचानक हरकत में आए सीएम योगी के कमांडो, शील्ड खोल कर घेरे में लिए…

उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गोरखपुर दौरे पर पहुंचे यहां उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। रविवार शाम घंटाघर स्थित अमर बलिदानी बंधु सिंह पार्क में बने मल्टीलेवल पार्किंग सह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, घंटाघर के सौंदर्यीकरण के लोकार्पण और विरासत गलियारा पांडेयहाता कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के शिलान्यास समारोह में पहुंचे।


यह भी पढ़ें:उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सख्त: सत्र 2026-27 में केवल अधिकृत किताबों से पढ़ाई, उल्लंघन पर कार्रवाई तय

सीएम पर होने लगी फूलों की बारिश, कमांडो ने घेरे में लिया

नवनिर्मित पार्किंग कॉम्प्लेक्स की छत पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद आज भी प्रदेश का सिस्टम वही है बस आज इसकी पहचान बदल गई है। इस दौरान सीएम योगी जब सड़क मार्ग से पैदल गुजरने लगे तो लोगों की भीड़ लगातार भारी पुष्प वर्षा करने लगी जिससे एक बार तो सीएम के कमांडो को फेस शिल्ड खोल कर घेरे में लेना पड़ा।

यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री के दौरे से पहले आजमगढ़ में हाई अलर्ट

सिस्टम पहले भी वही था, आज मजबूत इरादों वाली सरकार

2017 के पहले हर जिले में माफिया की समानांतर सरकार थी,जबकि आज प्रदेश के नौजवान को अन्य जगहों पर सम्मान मिलता है। आज का उत्तर प्रदेश अब उपद्रव नहीं उत्सव प्रदेश बन चुका है। अब यहां अराजकता नहीं है बल्कि यह माफियामुक्त हो चुका है। सुरक्षित माहौल में व्यापारी और बेटियों ने स्वावलंबन की नई ऊंचाई की यात्रा शुरू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कि जब सरकार की नीयत साफ होती है तो नजारा बदलते देर नहीं लगती।

यह भी पढ़ें: वाराणसी के दाल मंडी में एक बार फिर बुलडोजरों की गर्जना, 18 घरों और दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई

पुलिस को सीधा निर्देश …माफियाओं का फन कुचल दें

विरासत गलियारा और मल्टीलेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स इसका उदाहरण है। विरासत गलियारा के पहले फेज का काम लगभग पूरा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डबल इंजन की सरकार ने गोरखपुर सहित प्रदेश को माफियामुक्त, उपद्रवमुक्त, दंगामुक्त, मच्छरमुक्त और इंसेफिलाइटिसमुक्त बना दिया है। सीएम ने जनता को आगाह करते हुए कहा कि संकीर्णता में उठाए गए कदम से माफिया और मच्छर को पनपने का मौका मिलता है। विपक्षी आज भी लोमड़ी की तरह ताक लगाए बैठे ऐसे लोगों को अवसर नहीं देना है जो शोषण का कारण बनते थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माफिया और गुंडों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति बनी रहेगी, पुलिस को स्पष्ट हृदय दी गई है कि जहां भी गुंडों का फन उठे, उसे कुचल दीजिए।

यह भी पढ़ें: वाराणसी में ट्रैफिक पर बड़ा एक्शन: नियम तोड़ोगे तो लाइसेंस होगा रद्द, अवैध मैरिज हॉल पर चलेगा बुलडोजर!

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सख्त: सत्र 2026-27 में केवल अधिकृत किताबों से पढ़ाई, उल्लंघन पर कार्रवाई तय

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए यूपी बोर्ड ने सत्र 2026-27 के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब प्रदेश के सभी स्कूलों में केवल अधिकृत (ऑथराइज्ड) किताबों से ही पढ़ाई कराई जाएगी। अनधिकृत पुस्तकों के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।


यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री के दौरे से पहले आजमगढ़ में हाई अलर्ट

यह निर्देश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम के तहत जारी किया गया है, जिससे इसे कानूनी मजबूती भी मिल गई है। सरकार का उद्देश्य छात्रों को एक समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, ताकि अलग-अलग किताबों के कारण उत्पन्न असमानता को खत्म किया जा सके। नए आदेश के अनुसार कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषयों की अधिकृत किताबें अनिवार्य कर दी गई हैं। इन विषयों की पढ़ाई केवल निर्धारित पुस्तकों से ही कराई जाएगी, जिससे छात्रों की बुनियादी समझ मजबूत हो सके।

यह भी पढ़ें: वाराणसी के दाल मंडी में एक बार फिर बुलडोजरों की गर्जना, 18 घरों और दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई

कक्षा 11 और 12 के लिए कुल 36 विषयों की अधिकृत किताबें तय की गई हैं। इन विषयों में विज्ञान, वाणिज्य और कला वर्ग के सभी प्रमुख विषय शामिल हैं। इस कदम से उच्च कक्षाओं में भी पढ़ाई का स्तर एक समान बनाए रखने की कोशिश की गई है। एनसीईआरटी की करीब 70 किताबों को पूरे प्रदेश में लागू किया गया है। इन किताबों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है और इन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए उपयुक्त माना जाता है। इससे छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें: वाराणसी में ट्रैफिक पर बड़ा एक्शन: नियम तोड़ोगे तो लाइसेंस होगा रद्द, अवैध मैरिज हॉल पर चलेगा बुलडोजर!

हिंदी, संस्कृत और उर्दू जैसे भाषाई विषयों के लिए भी 12 चयनित पुस्तकों को अधिकृत सूची में शामिल किया गया है। इससे क्षेत्रीय भाषाओं और संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा, साथ ही छात्रों को बेहतर अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी स्कूलों में पुस्तक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों के माध्यम से छात्रों और अभिभावकों को अधिकृत पुस्तकों के महत्व और उपयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी लोग नए नियमों से अवगत रहें।

यह भी पढ़ें: चौबेपुर पुलिस की बड़ी सफलता: CEIR पोर्टल से 14 मोबाइल बरामद, लाखों की संपत्ति लौटाई

छात्रों को अधिकृत किताबें सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी छात्र संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। यह आदेश केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी सभी स्कूलों पर लागू होगा। इससे पूरे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाई जा सकेगी। मुद्रण और वितरण के लिए तीन एजेंसियां अधिकृत पुस्तकों के मुद्रण और वितरण के लिए तीन एजेंसियों को अधिकृत किया गया है। इन एजेंसियों के माध्यम से ही किताबों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे नकली या अनधिकृत किताबों की बिक्री पर रोक लग सके।

यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में झूठे मामले दर्ज कराने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई, डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को दिये निर्देश

इस आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला और मंडल स्तर के अधिकारियों को सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार ने साफ किया है कि यदि कोई स्कूल या संस्था अनधिकृत किताबों का उपयोग करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।

यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री के दौरे से पहले आजमगढ़ में हाई अलर्ट

सूत्रों का मानना है कि यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे छात्रों को समान स्तर की शिक्षा मिलेगी और भ्रम की स्थिति खत्म होगी। यूपी बोर्ड का यह निर्णय प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। अधिकृत किताबों के उपयोग से न केवल पढ़ाई का स्तर बेहतर होगा, बल्कि छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में भी लाभ मिलेगा।

यह भी पढ़ें: वाराणसी के दाल मंडी में एक बार फिर बुलडोजरों की गर्जना, 18 घरों और दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई

मुख्यमंत्री के दौरे से पहले आजमगढ़ में हाई अलर्ट

 आजमगढ़: दिनांक 06 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जनपद में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में पुलिस लाइन आजमगढ़ में जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों/कर्मचारियों की संयुक्त उच्चस्तरीय ब्रीफिंग आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


यह भी पढ़ें: वाराणसी के दाल मंडी में एक बार फिर बुलडोजरों की गर्जना, 18 घरों और दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई

वीआईपी सुरक्षा पर खास फोकस

मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा के हर पहलू की बारीकी से समीक्षा कर पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

यह भी पढ़ें: वाराणसी में ट्रैफिक पर बड़ा एक्शन: नियम तोड़ोगे तो लाइसेंस होगा रद्द, अवैध मैरिज हॉल पर चलेगा बुलडोजर!

रूट डायवर्जन और ट्रैफिक प्लान तैयार

यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विस्तृत रूट डायवर्जन प्लान लागू करने के निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को न्यूनतम असुविधा हो।

आपसी समन्वय पर जोर

कार्यक्रम को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की हिदायत दी गई। जनपद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पूरी व्यवस्था अलर्ट मोड पर है और हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि कार्यक्रम निर्विघ्न और सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सके। 

यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में झूठे मामले दर्ज कराने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई, डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को दिये निर्देश

Thursday, April 02, 2026

वाराणसी के दाल मंडी में एक बार फिर बुलडोजरों की गर्जना, 18 घरों और दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई

वाराणसी:  उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शहर के व्यस्त कारोबारी इलाके दालमंडी में एक बार फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होने जा रही है. करीब एक महीने के अंतराल के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) आज 18 मकानों और दुकानों पर बुलडोज़र चलाने की तैयारी में है. इससे पहले प्रशासन इस इलाके में 60 से अधिक भवनों को जमींदोज कर चुका है.


यह भी पढ़ें: वाराणसी में ट्रैफिक पर बड़ा एक्शन: नियम तोड़ोगे तो लाइसेंस होगा रद्द, अवैध मैरिज हॉल पर चलेगा बुलडोजर!


प्रशासन की इस कार्रवाई के चलते दालमंडी में भय का माहौल बना हुआ है. दुकानदारों ने संभावित कार्रवाई के डर से अपनी दुकानें पहले ही बंद कर दी हैं. कई दुकानों पर ताले लटके हुए हैं, जिससे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है. प्रशासन द्वारा पहले ही मुनादी कराकर और नोटिस जारी कर व्यापारियों मकान मालिकों को चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद लोगों ने एहतियातन अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए.

PWD अधिकारियों के अनुसार
यह कार्रवाई नई सड़क से लेकर चौक थाने तक करीब 650 मीटर लंबे क्षेत्र में की जा रही है. इस पूरे हिस्से को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे यातायात सुगम होगा और इलाके की आधारभूत संरचना को बेहतर बनाया जा सकेगा. परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा.

सुरक्षा का पूरा इंतजाम 
वहीं, प्रशासन को इस कार्रवाई के दौरान विरोध की आशंका भी है. इसी को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है, जबकि प्रशासन का तर्क है कि यह कदम शहर के विकास और यातायात सुधार के लिए जरूरी है. फिलहाल, पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सभी की नजरें आज होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं. 

Video