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Saturday, January 10, 2026

मकर संक्रांति के बाद सपा संगठन में बड़े बदलाव, कई जिलाध्यक्ष हटेंगे

लखनऊ: आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए समाजवादी पार्टी संगठन में मकर संक्रांति के बाद बड़े स्तर पर फेरबदल करने जा रही है। पार्टी के कई जिलाध्यक्षों को हटाया जाएगा, वहीं प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की कमेटियों में भी व्यापक बदलाव होंगे। यह पूरी रणनीति सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दिशा-निर्देश में तैयार की गई है।



सपा नेतृत्व का फोकस संगठन को चुनावी मोड में लाने पर है। इसके तहत सभी जातियों के नेताओं को संगठन में समुचित प्रतिनिधित्व देने की योजना बनाई गई है। पार्टी अध्यक्ष के नजदीकी सूत्रों के अनुसार, एक-तिहाई से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में उन नेताओं को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) समेत सभी चुनावी तैयारियां शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं, जिन्हें आगामी चुनाव में टिकट दिए जाने की संभावना है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि टिकट फाइनल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, ताकि संभावित उम्मीदवारों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके और वे बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत कर सकें।


टिकट वितरण को लेकर सपा ने संतुलन की विशेष रणनीति अपनाई है। किसी एक जिले में सभी प्रमुख जातियों को टिकट देना संभव न होने के कारण, पार्टी कुछ जातियों को टिकट देकर और शेष को संगठन में अहम पद देकर अपने जनाधार को विस्तारित करेगी। इन जातियों के प्रतिनिधियों को मकर संक्रांति के बाद प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर की समितियों में स्थान दिए जाने की तैयारी है।


इसके साथ ही जिन जिलों में किसी विशेष जाति के नेता को टिकट देने की योजना है, वहां अन्य जातियों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन में अधिक प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। वहीं, जिन जिलाध्यक्षों ने एसआईआर या अन्य पार्टी कार्यक्रमों में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई है, उनकी छुट्टी तय मानी जा रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि मकर संक्रांति के बाद सपा संगठन में आमूल-चूल बदलाव साफ नजर आएगा और पार्टी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी।

Friday, January 09, 2026

मोदी ने कॉल नहीं किया, इसलिए अटकी डील' अमेरिकी नेता ने लगाया बड़ा आरोप

नई दिल्ली: अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में हो रही देरी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह समझौता इसलिए अटका हुआ है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया। यह बयान उन्होंने चर्चित 'ऑल-इन पॉडकास्ट' में दिया, जिसकी मेजबानी शैमथ पालिहापिटिया कर रहे थे।


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पॉडकास्ट में और क्या बोले हॉवर्ड लुटनिक?

पॉडकास्ट के दौरान लुटनिक ने साफ कहा,- "स्पष्ट कर दूं, यह उनका (ट्रंप का) समझौता है। वह अंतिम निर्णय लेने वाले हैं। वह सौदे करते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "इसलिए मैंने कहा, आपको मोदी से बात करनी होगी... वे ऐसा करने में असहज थे।" इसके बाद लुटनिक ने सीधे आरोप लगाते हुए कहा- "तो मोदी ने फोन नहीं किया। लुटनिक का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक अहम विधेयक पारित किया। इस विधेयक में रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान किया गया है। इसका मकसद ऐसे देशों को आर्थिक रूप से "दंडित करना" बताया गया है।

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भारत, चीन और ब्राजील पर दबाव बनाने की तैयारी

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इस बिल को लेकर कहा कि इससे अमेरिका को भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों के खिलाफ मजबूत स्थिति मिलेगी। उनका कहना था कि यह कदम इन देशों पर दबाव बनाएगा ताकि वे सस्ता रूसी तेल खरीदना बंद करें। यह पहला मौका नहीं है जब भारत को इस मुद्दे पर अमेरिकी दबाव का सामना करना पड़ा हो। अगस्त में अमेरिका ने भारतीय आयातों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए थे। आरोप लगाया गया था कि भारत द्वारा रूसी तेल खरीदना, यूक्रेन में रूस की 'युद्ध मशीन' को मजबूती दे रहा है। इन फैसलों के बाद भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में लगने वाला कुल टैरिफ 50% तक पहुंच गया है। इसमें 25% अतिरिक्त टैरिफ और डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाया गया 25% प्रतिशोधी टैरिफ शामिल है।

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तनाव के बावजूद जारी रही व्यापार की बातचीत

इन सभी मतभेदों और टैरिफ विवादों के बावजूद, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता के कई दौर हो चुके हैं। इसमें 10 से 12 दिसंबर तक अमेरिकी अधिकारियों का नई दिल्ली दौरा भी शामिल रहा। दोनों देश न सिर्फ एक ढांचागत व्यापार समझौते (Framework Trade Agreement) बल्कि एक व्यापक व्यापार समझौते (Comprehensive Trade Agreement) पर भी समानांतर रूप से बातचीत कर रहे हैं। इसका उद्देश्य लंबे समय तक व्यापारिक रिश्तों को स्थिर और मजबूत बनाना है। फरवरी में, भारत और अमेरिका के टॉप लीडर्स ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि व्यापार समझौते के पहले चरण को 2025 की विंटर सीजन तक पूरा करने का प्रारंभिक लक्ष्य रखा जाए। हालांकि, रूस के साथ भारत का व्यापार अब भी इस प्रक्रिया में एक बड़ा गतिरोध बना हुआ है।

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2030 तक $500 बिलियन से ज्यादा व्यापार का लक्ष्य

प्रस्तावित समझौते का बड़ा लक्ष्य है कि 2030 तक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा $191 बिलियन से बढ़ाकर $500 बिलियन से अधिक किया जाए। आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में लगातार चौथे वर्ष अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार रहा। इस अवधि में दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार $131.84 बिलियन रहा। इस व्यापार में $86.5 बिलियन का भारतीय निर्यात शामिल था। अमेरिकी बाजार भारत के कुल माल निर्यात का लगभग 18% और आयात का 6.22% रहा। जबकि कुल व्यापार का 10.73% हिस्सा रखता है।

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आसान नहीं है आगे का सफर

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की राह में फिलहाल राजनीति, रूस-यूक्रेन युद्ध और ऊर्जा व्यापार जैसे मुद्दे बड़ी अड़चन बने हुए हैं। अमेरिकी मंत्री का यह दावा कि एक फोन कॉल की कमी से डील अटकी है, इस पूरे विवाद को और ज्यादा राजनीतिक रंग देता है। आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि रणनीतिक साझेदारी भारी पड़ती है या भू-राजनीतिक दबाव।

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महिलाओं में स्तन कैंसर की जांच के लिए चलाया जाएगा नमो शक्ति रथ

वाराणसी: प्रधानमंत्री जी के “स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार” अभियान से प्रेरित नमो शक्ति रथ पहल के अंतर्गत वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्त्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम उठाया गया है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं में स्तन कैंसर की जल्दी पहचान, निवारक देखभाल और मुफ़्त घर-घर स्क्रीनिंग के माध्यम से समय रहते उपचार सुनिश्चित करना है। इसकी जानकारी मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने दी।


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उन्होंने बताया कि इस नमो शक्ति रथ का संचालन मण्डल आयुक्त एस. राजलिंगम एवं जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के दिशा निर्देशन में आईटीवी फाउंडेशन के सहयोग से चलाया जाएगा, जो नीति, तकनीक और ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच सशक्त तालमेल का उदाहरण है। इस पहल में डव्लूएचओ द्वारा अनुशंसित कैंसर रोकथाम की सर्वोत्तम वैश्विक प्रथाओं को स्थानीय स्तर पर व्यवहार में लाया जा रहा है। महिलाओं में स्तन कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक चुनौती बन चुका है। स्तन कैंसर भारतीय महिलाओं में सबसे आम कैंसर है, जिसमें प्रतिवर्ष लाखों नए मामले सामने आते हैं और लगभग 60 प्रतिशत मामलों का पता देर से तीसरे या चौथे स्टेज में चलता है, जिसे समय पर स्क्रीनिंग से काफी हद तक रोका जा सकता है।

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मोबाइल वैन नमो शक्ति रथ के माध्यम से डोर स्टेप स्क्रीनिंग मॉडल के माध्यम से उन महिलाओं तक पहुंच बनाई जायेगी, जो अब तक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रही हैं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में दूरी, लागत, समय और सामाजिक झिझक जैसी बाधाओं को देखते हुए मोबाइल स्क्रीनिंग वैन को सबसे प्रभावी माध्यम माना गया है। यह मॉडल महिलाओं को समानता, गरिमा और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगी।  नमो शक्ति रथ पहल में स्तन कैंसर स्क्रीनिंग के लिए एआई-पावर्ड थर्मल इमेजिंग तकनीक (थर्मलाइटिक्स) का उपयोग किया जायेगा, जो नॉन-इनवेसिव, रेडिएशन-फ्री और बिना संपर्क की जांच पद्धति है। इस पहल को सर्वप्रथम वाराणसी के 290 ग्राम पंचायतें, नगर निगम के 92 वार्डों एवं गंगापुर के 12 वार्डों में प्रारंभ किया जा रहा है। इसके तहत लगभग 7.50 लाख महिलाएं 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की हैं, जिन तक पहुंच बनाकर स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग किया जाना है ।इस कार्यक्रम के लिए 20 नमो शक्ति वैन का संचालन किया जाएगा।

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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राजेश प्रसाद ने बताया कि इस कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) और पंचायत कर्मियों के सहयोग से समुदाय में जागरूकता एवं महिलाओं को निर्धारित स्थलों पर स्क्रीनिंग कराने जैसे अन्य महत्वपूर्ण कार्य किये जाएंगे। इस कार्यक्रम को जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से संचालित किया जा रहा है। वैन शेड्यूलिंग, रूटिंग और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। नमो शक्ति रथ पहल से महिलाओं में कैंसर की समय पर पहचान, बेहतर फॉलो-अप, गुणवत्तापूर्ण उपचार और सामुदायिक विश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है। यह कार्यक्रम न केवल वाराणसी बल्कि प्रदेश और देश के लिए महिला-केंद्रित निवारक स्वास्थ्य सेवा का एक अनुकरणीय मॉडल बन सकता है। इस कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु अधिकारियों के स्तर पर बैठकें कर कार्य योजना बनाई जा चुकी है।

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Wednesday, January 07, 2026

यूपी मे 28 मार्च को प्रकाशित होगी पंचायत चुनाव की अंतिम सूची

लखनऊ: पंचायत चुनाव के चल रहे मतदाता पुनरीक्षण:2025 अभियान की समय सीमा बढ़ा दी गई। अब दावे और आपत्तियों के निस्तारण समेत अन्य कार्यवाही 27 मार्च तक होगी। 28 मार्च को राज्य निर्वाचन आयोग अंतिम सूची प्रकाशित करेगा।
आयोग ने 18 दिसंबर को प्रारंभिक पुनरीक्षण सूची जारी की थी। इसमें पिछले चुनाव की अपेक्षा कुल 40.19 लाख मतदाता बढ़े थे। 




सूची को लेकर आयोग ने दावे और आपत्तियां मांगी थीं। लाखों दावे व आपत्तियां आई हैं। पहले छह फरवरी को अंतिम सूची प्रकाशित की जानी थी लेकिन आयोग अब समयसीमा बढ़ा दी है।


राज्य निर्वाचन आयुक्त आरपी सिंह के मुताबिक सात से 20 फरवरी के बीच दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद हस्तलिखित पांडुलिपियां तैयार करना, संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं के सत्यापन व ऐसे मामलों समेत अन्य दस्तावेजी कार्य किया जाएगा।


21 से 16 मार्च के बीच पूरक सूचियों की कंप्यूटरीकरण की तैयारी व उन्हे मूल सूची में समाहित करने के साथ मतदान केंद्रों व स्थलों का निर्धारण किया जाएगा। 17 मार्च से 27 मार्च तक मतदान केंद्रों का क्रमांकन, मतदेय स्थलों के वार्डों की मैपिंग, मतदाता क्रमांकन, स्टेट वोटर नंबर का आवंटन आदि काम किए जाएंगे। इसके बाद 28 मार्च को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।

संपत्ति विवाद में बड़े बेटे ने पिता, बहन और भांजी की हत्या की, शव कुएं में फेंका

प्रयागराज: मऊआइमा थाना क्षेत्र के लोकपुर बिसानी गांव में ट्रिपल मर्डर से सनसनी फैल गई. संपत्ति विवाद में बड़े बेटे ने अपने ही पिता, बहन और भांजी की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी. हत्या के बाद तीनों शवों को गांव के पास स्थित एक कुएं में फेंक दिया. पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने तीनों हत्याओं की बात कबूल की है।



डीसीपी गंगानगर, कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि आरोपी मुकेश पटेल के पिता राम सिंह ने अपनी संपत्ति छोटे बेटे के नाम कर दी थी, जिससे मुकेश नाराज था. इसी वजह से उसने खौफनाक वारदात को अंजाम दिया. मुकेश पटेल ने पुलिस पूछताछ में बताया, पिता राम सिंह से लंबे समय से विवाद चल रहा था. वह शादीशुदा है और परिवार से अलग रहता है. छोटा भाई मुकुंद लाल पिता के साथ रहता था. दोनों भाइयों के बीच जमीन बंटवारे को लेकर तनातनी चल रही थी।


डीसीपी गंगानगर, कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया, 2 जनवरी को जमीन को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि पिता के सामने ही मुकेश ने छोटे भाई मुकुंद पर गोली चला दी. गोली उसके चेहरे और गर्दन को छूती हुई निकल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. मुकुंद को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।



छोटे भाई पर फायरिंग के बाद भी मुकेश का गुस्सा शांत नहीं हुआ. शनिवार देर शाम उसने पिता राम सिंह, उनकी बेटी साधना सिंह (21) और 14 वर्षीय भांजी आस्था को अगवा कर लिया. तीनों की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या करने के बाद शवों को घर से करीब 200 मीटर दूर स्थित एक कुएं में फेंक दिया गया और ऊपर से पुआल डालकर छिपा दिया।

परिवार के लोग घायल मुकुंद के इलाज में अस्पताल में लगे रहे. इसी दौरान तीनों की हत्या कर दी गई, जिसकी किसी को भनक तक नहीं लगी. राम सिंह, उनकी बेटी साधना और नातिन आस्था शुक्रवार रात करीब 11 बजे से लापता थे. इस बीच मुकुंद ने अस्पताल से ही पिता राम सिंह को फोन किया, तो नंबर बंद मिला. उसे अनहोनी की आशंका हुई तो पुलिस को कॉलकर मामले की जानकारी दी।



पुलिस आरोपी मुकेश के घर पहुंची, जहां ताला लगा मिला. ताला तोड़कर तलाशी लेने पर एक कमरे में बिस्तर पर खून के निशान मिले, जिससे पुलिस को बड़ी अनहोनी की आशंका हुई. गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने गांव और आसपास के इलाकों में दो दिन तक सर्च ऑपरेशन चलाया. खेतों और सुनसान इलाकों की ड्रोन से भी जांच की गई. इसी बीच क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सोमवार को मुकेश पटेल को हिरासत में लिया।



पूछताछ के दौरान मुकेश टूट गया और उसने स्वीकार किया कि उसने पिता, बहन और भांजी की हत्या कर शव कुएं में फेंक दिए हैं. पुलिस पूछताछ में मुकेश ने बताया कि पिता ने पूरी संपत्ति छोटे भाई के नाम कर दी थी. इसी गुस्से में उसने पहले तीनों की हत्या की. इसके बाद वह छोटे भाई मुकुंद को भी मारने गया था, लेकिन गोली लगने के बावजूद वह बच गया.छोटे भाई मुकुंद लाल ने पुलिस को बताया कि उसका भाई संपत्ति के लालच में अंधा हो गया था और पूरे परिवार को खत्म करना चाहता था. वहीं, बहन किरण का कहना है कि जमीन और मकान के विवाद ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया।



डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि शवों की बरामदगी की कार्रवाई चल रही है. शव निकलने के बाद पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा. आरोपी मुकेश के खिलाफ हत्या, अपहरण और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मौके से हत्या में प्रयोग की गई कुल्हाड़ी भी बरामद की गई है. इसके अलावा मुकेश के पास से एक देशी तमंचा और कारतूस भी बरामद किया गया है. मामले की विस्तृत जांच जारी है।

Monday, January 05, 2026

काशी में कश्मीर की टीम हिजाब पहनकर खेलेंगी, प्लेयर बोली- ये हमारी आजादी की पहचान, हम इसे पहनकर अपना बेस्ट देंगे

वाराणसी: 'हिजाब हमारी आजादी है। इसे पहनकर खेलने से हम और अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं। कभी किसी ने नहीं रोका और घर का फुल सपोर्ट है, तब हम यहां कश्मीर से वाराणसी तक पहुंचे हैं। किसी को ये नहीं सोचना चाहिए कि हिजाब लगाते हैं तो कैसे खेलेंगे। ये हमारा फ्रीडम है न कि बंदिश।'




ये बातें सीनियर नेशनल वॉलीबाल टूर्नामेंट में जम्मू-कश्मीर की टीम से खेलने वाली सदफ मंजूर ने कही। सदफ 2 साल से वॉलीबाल खेल रही हैं। जम्मू-कश्मीर से वाराणसी पहुंची महिला टीम में 14 खिलाड़ी हैं। जिनमें 6 लड़कियां हिजाब लगाकर कोर्ट में उतरेंगी। इनमें से कई 6 से साल से तो कई दो साल से वॉलीबाल खेल रही हैं। जम्मू-कश्मीर की महिला टीम की प्लेयर सदफ मंजूर ने कहा-हम हिजाब पहनकर खेल रहे हैं तो यह कोई बंदिश नहीं बल्कि यह हमारी आजादी, हमारा फ्रीडम है। मुझे 2 साल हुए इस खेल में आये और कभी मुझसे किसी ने नहीं कहा कि आप हिजाब बिना पहने कोर्ट में उतरिये। या कोर्ट में हिजाब नहीं पहनना है। हमारे कोच और स्टाफ का हमेशा सपोर्ट मिला। हम कोर्ट में आए और अपना बेस्ट दिया।

मोबाइल और नशे की जगह स्पोर्ट्स में आए युवा

सदफ मंजूर ने कहा- हमें कभी कोई दिक्कत हिजाब की वजह से नहीं हुई। जहां भी गए वहां अन्य खिलाड़ियों और पब्लिक से प्यार ही मिला। इसके अलावा हमें घर का सपोर्ट था। सदफ ने कहा - नौजवान जो आज मोबाइल, नशे और गंदी चीजों में उलझा हुआ है। उसे स्पोर्ट्स में आना चाहिए। इससे उसका करियर भी बनेगा और वो हमेशा खुश रहेगा और परिवार के लिए कुछ कर पाएगा। कश्मीर के बारे में बात करते हुए कहा वहां जब से हमने होश संभाला सब नार्मल है कोई दिक्कत नहीं है।

बनारस घूमकर ही जाएंगे वापस

काशी आने पर सदफ ने कहा- पहली बार हम यूपी आए हैं। काशी तो प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है। यहां घूमकर भी जाएंगे। बनारस का नाम बहुत पढ़ा है। श्रीनगर की रहने वाली शाफिया ने कहा- 6 साल हो गए मुझे खेलते और ये मेरा दूसरा नेशनल टूर्नामेंट है। पिछली बार हम लोगों ने जयपुर में खेला था। शाफिया ने हिजाब पर कहा -बचपन से ही परिजनों ने हिजाब लगा दिया लेकिन कभी यह हमारे लिए दिक्कत का कारण नहीं बना बल्कि यह हमें एक आजादी का एहसास करवाता है। हमें इस पहनकर बहुत कंफर्टेबल हैं। कोर्ट पर भी हमेशा पब्लिक और स्टाफ का सपोर्ट मिला है।

यह हमारी पहचान, दिखाएंगे बेस्ट खेल

6 साल से वालीबाल खेल रहीं आयत श्रीनगर की रहने वाली हैं। आयत से जब हिजाब पर बात की गई तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा- कैसी दिक्कत यह तो हमारी पहचान है। इससे ही हमें जाना जाता है। खेल में कभी कोई दिक्कत हमें नहीं होती इसे पहनने के बाद। घर से, स्कूल से और स्पोर्ट्स स्टाफ से हमें काफी सारा सपोर्ट मिलता है। जिसके बाद हम इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं। उम्मीद है काशी भी हमें प्यार देगी और हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

इनके साथ खेलने में कोई दिक्कत नहीं

टीम की सबसे एक्सपीरियंस खिलाड़ी और टीम की कप्तान और अटैकर पोजिशन से खेलने वाली इशिमा वर्मा ने बताया-8 साल से वालीबाल अपने स्टेट के लिए खेल रही हूं। अभी तक एक सब जूनियर नेशनल और 6 नेशनल प्रतियोगिता खेल चुकी हूं। कई खिलाड़ी हमारी टीम में ऐसी हैं जो हिजाब लगाकर खेलेंगी और खेलती हैं। अच्छा लगता है कि ये बंदिशों को तोड़कर ऐसे खेल रही हैं। इन्हे ऐसे खेलने में कोई दिक्कत नहीं है तो हमें कैसी दिक्कत। हमें और सपोर्ट मिलता है इनका और हमारी टीम अच्छा प्रदर्शन करती है।

खेल में कोई धर्म नहीं होता

जम्मू-कश्मीर टीम के हेड कोच बलविंदर सिंह जंबाल ने बताया- कोई भी खेल हो वहां धर्म नहीं खेल सर्वोपरि होता है। यहां कोई धर्म नहीं होता। जो अच्छा खेलेगा वो यहां होगा। हिजाब लगाकर अगर कोई खेल रहा है। तो ये उसका फैसला है और खेल के नियमानुसार ही खेल होगा। उसमे जो नियम दिए गए हैं उसके अनुसार जितना हिजाब करना है जैसे करना है वैसे करके हमारी टीम में भी 6 खिलाड़ी हिजाब के साथ खेलेंगी।

इनके साथ खेलने में कोई दिक्कत नहीं

टीम की सबसे एक्सपीरियंस खिलाड़ी और टीम की कप्तान और अटैकर पोजिशन से खेलने वाली इशिमा वर्मा ने बताया-8 साल से वालीबाल अपने स्टेट के लिए खेल रही हूं। अभी तक एक सब जूनियर नेशनल और 6 नेशनल प्रतियोगिता खेल चुकी हूं। कई खिलाड़ी हमारी टीम में ऐसी हैं जो हिजाब लगाकर खेलेंगी और खेलती हैं। अच्छा लगता है कि ये बंदिशों को तोड़कर ऐसे खेल रही हैं। इन्हे ऐसे खेलने में कोई दिक्कत नहीं है तो हमें कैसी दिक्कत। हमें और सपोर्ट मिलता है इनका और हमारी टीम अच्छा प्रदर्शन करती है।

खेल में कोई धर्म नहीं होता

जम्मू-कश्मीर टीम के हेड कोच बलविंदर सिंह जंबाल ने बताया- कोई भी खेल हो वहां धर्म नहीं खेल सर्वोपरि होता है। यहां कोई धर्म नहीं होता। जो अच्छा खेलेगा वो यहां होगा। हिजाब लगाकर अगर कोई खेल रहा है। तो ये उसका फैसला है और खेल के नियमानुसार ही खेल होगा। उसमे जो नियम दिए गए हैं उसके अनुसार जितना हिजाब करना है जैसे करना है वैसे करके हमारी टीम में भी 6 खिलाड़ी हिजाब के साथ खेलेंगी।

बांग्लादेश में हिंदू समाज पर हो रही अत्याचार के विरोध में आक्रोश यात्रा एवं जनसभा

वाराणसी: बांग्लादेश में तख्तापलट के पश्चात लगातार हिंदुओं पर आक्रमण हो रहे हैं। उनकी दर्दनाक तरीकों से हत्या हो रही है। बांग्लादेश सरकार इन घटनाओं को रोक लगाने में विफल सिद्ध हो रही है ।इन दुखद घटनाओं से भारत का जन-जन आहत है एवं उद्वेलित है ।


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इस आक्रोश को व्यक्त करने के लिए लोहता एवं मंडुआडीह क्षेत्र के निवासियों के द्वारा दिनांक 4 जनवरी 2026 को दोपहर 2:00 बजे एक विशाल सभा का आयोजन हुआ। जिसमें क्षेत्रकेकिसान ,मजदूर, नवयुवक व्यापारी उद्यमी एवं महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित हुईं  सभा से पूर्व दोपहर 12:30 बजे रामलीला मैदान लौहता रामलीला मैदान एवं गणेश जी मंदिर मंडुआडीह से जुलूस के साथ लोग 2:00 बजे आयोजन स्थल पर पहुंचे।

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प्रमुख वक्ता कार्यक्रम केअध्यक्ष डॉ प्रेम दासजी महाराज, मुख्य वक्ता श्री भारत भूषण महंत संत रविदास मंदिर सीर गोवर्धन पुर वाराणसी, कन्हैया सिंह विश्व हिंदू परिषद , विभाग मंत्री, श्री वजेंद्र मालवीय विद्यत परिषद श्री दिनेश नारायण सिंह वरिष्ठ एडवोकेट,  सभी वक्ताओं ने इन घटनाओं की घोर निंदा करते हुए बांग्लादेश को तत्काल इन घटनाओं को रोकने हेतु चेतावनी भी दी । हिंदू समाज के धैर्य की परीक्षा ना ले

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 इसके अतिरिक्त भारत सरकार को भी बताया गया कि यह हिंदू समाज के लिए घोर कलंक की घटनाएं हैं इसे तुरंत रोका जाए।  कार्यक्रम सकल हिंदू समाज क्षेत्रीय नागरिक मारूका मंदिर चांदपुर वाराणसी द्वारा आयोजित हुआ। कार्यक्रम का संचालन श्री मनीष एवं धन्यवाद श्री नरेंद्र यादव ने किया।

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