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Monday, June 19, 2023

15 मुख्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की हुई बैठक

लखनऊ: राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की 15 मुख्य मांगों पर अपर मुख्य सचिव कार्मिक डॉ देवेश चतुर्वेदी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई जिसमें चिकित्सा स्वास्थ्य, खाद्य रसद, समाज कल्याण, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, महिला कल्याण, कार्मिक विभाग, औद्योगिक कौशल विकास विभाग, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग सहित दर्जनों विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।




राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में पैरामेडिकल के रिक्त पदों को शीघ्र भरे जाने की प्राथमिकता पर जोर दिया गया। लैब टेक्नीशियन, फाइलेरिया निरीक्षक, चकबंदी अधिकारी, कीट संग्रह कर्ता सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों पर भी चर्चा हुई और यह निर्णय हुआ कि वित्त विभाग में गठित समिति शीघ्र ही बैठक कर प्रकरण मुख्य सचिव समिति को प्रेषित करेगी। नगरीय परिवहन सेवाओं के अंतर्गत कार्यरत संविदा चालकों, परिचालकों के मानदेय में एकरूपता लाए जाने तथा उनका समायोजन पूर्ववत महानगरीय परिवहन सेवाओं में किए जाने पर चर्चा के दौरान अपर मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव नगर विकास को अलग से पत्र लिखने को कहा। 

आऊट सोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाकर उनका वेतन संरक्षण किए जाने के प्रकरण पर अपर मुख्य सचिव ने अवगत कराया कि सरकार संजीदगी के साथ आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य की चिंता कर रही है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इस पर ठोस निर्णय आ जाएगा। संविदा कर्मचारी एवं समाज कल्याण विभाग तथा जनजाति विकास विभाग द्वारा संचालित आश्रम पद्धति विद्यालयों के संविदा शिक्षकों को नियमित किए जाने पर भी वित्त विभाग से विचार विमर्श कार्यवाही किए जाने का आश्वासन दिया गया। 

एनपीएस से संबंधित केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए संशोधन को उत्तर प्रदेश में तत्काल लागू किए जाने को भी कहा गया। एनपीएस के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन 50% निश्चित किए जाने पर अपर मुख्य सचिव ने अवगत कराया कि इस संबंध में एक समिति विचार कर रही है। समिति का निर्णय आने पर कार्यवाही की जाएगी। 

सहायक चकबंदी अधिकारी के पदों को राजपत्रित घोषित किए जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। औद्योगिक कौशल विकास विभाग में कार्यदेशक के 33% पदों को आउटसोर्सिंग व्यवस्था से अलग किए जाने के संबंध में बैठक में उपस्थित प्रमुख सचिव को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए। आशा बहू के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुसार बढ़ाए गए मानदेय एवम् भत्ते का भुगतान नहीं किए जाने पर अपर मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा। स्वास्थ्य विभाग से उपस्थित विशेष सचिव ने अवगत कराया कि मार्च तक का भुगतान कर दिया गया है। 

निर्देशित किया गया कि यह सुनिश्चित किया जाए की आशा बहुओं के बड़े हुए मानदेय एवं भत्तों का भुगतान कर दिया जाए तथा वर्तमान वित्त वर्ष के लिए भी बजट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। खाद्य एवं रसद विभाग में पदोन्नति के रिक्त पदों को भरे जाने एसीपी का लाभ दिए जाने के संबंध में अवगत कराया गया कि शासन स्तर से भरे जाने वाले पदों पर कार्रवाई हो चुकी है। खाद्य आयुक्त स्तर पर भरे जाने वाले पदों पर डीपीसी की तिथि निश्चित करके शीघ्र कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए गए। आपूर्ति निरीक्षक एवं क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों का वाहन भत्ता बढ़ाए जाने के संबंध में शान द्वारा व्यक्त की गई उत्कंठा को शीघ्र पूरा करने के निर्देश खाद्य विभाग को दिए गए। 

एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों के साथ प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए निर्णय की समीक्षा के लिए अपर मुख्य सचिव ने अलग से प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को पत्र लिखकर कार्यवाही करने को कहा। बैठक अत्यंत ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई।
 बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी, सचिव अरूणा शुक्ला,उपाध्यक्ष ओमप्रकाश पांडे, आदित्य नारायण झा, महेंद्र सिंह, नितिन गोस्वामी उपस्थित थे।

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