पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश मातहतों की सक्रियता और कानून व्यवस्था परखने के लिए मंगलवार दोपहर वेष बदल आम आदमी की तरह सड़कों पर घूमे। कहीं पर पुलिसकर्मी ड्यूटी पर मुस्तैद मिले तो कहीं पर चौकी इंचार्ज ही चौकी से गायब मिले। चौराहे जाम के जकड़न में थे तो वहीं चौकी के अंदर मौजूद तीन पुलिसकर्मी मोबाइल में गेम खेलते हुए मिले, जिन पर पुलिस आयुक्त ने काफी नाराज हुए लापरवाह थानेदारों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
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आयुक्त ए सतीश गणेश दोपहर में पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी परखने के लिए बगैर नंबर
की सफेद कार और लाल शर्ट व काली पैंट पहने चेहरे को मास्क से ढकते हुए अपने कैंप
कार्यालय से बिना किसी को बताएं निकल पड़े। सिर्फ चालक को साथ लेकर शहर में निकले
पुलिस आयुक्त ने कैंट से होते हुए थानों और चौकियों की पड़ताल करते हुए लंका में
पहुंचे। दोपहर 12 बजे बीएचयू गेट के पास तैनात पुलिस कर्मियों की सक्रियता थी
लेकिन कुछ दूर आगे बढ़ते ही रविदास गेट के पास जाम की जकड़न में फंसे चौराहे पर
पुलिस कर्मियों की मौजूदगी कहीं नहीं दिखी।
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आयुक्त ए सतीश गणेश के इस रियलिटी चेक में अधिकतर थानेदारों के थाना क्षेत्र में
चौराहों पर पुलिसकर्मी नहीं थे और पुलिस बूथ भी खाली मिले। लंका में लगने वाले जाम
और पुलिस के रवैया के प्रति स्ट्रीट वेंडर और स्थानीय दुकानदारों से बातचीत भी की।
हालांकि फीडबैक बहुत ठीक नहीं रहा, हाल के दिनों में अतिक्रमण हटाए जाने
के पुलिस के अभियान को पब्लिक ने काफी सराहा। आटो और ई-रिक्शा की मनमानी भी पुलिस
आयुक्त को दिखी। पैदल घूमते हुए पुलिस आयुक्त के इस गोपनीय जांच में माना जा रहा
है कि आगामी क्राइम मीटिंग में थानेदारों के पेंच कसे जाएंगे।
भईया इडली
केतना रूपया प्लेट...
कई दुकानदारों से भोजपुरी भाषा में पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बात किया। लंका मालवीय चौराहा से आगे रविदास गेट की ओर बढ़ते समय पटरी किनारे एक फास्ट फूड की दुकान पर ठहर गए। इडली व सांभर का दाम पूछते हुए दुकानदार से पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने जाम के विषय पर बात छेड़ दी और लंका थाने के पुलिसकर्मियों की कार्यशैली के बारे में जानकारी ली। दुकानदार ने कहा कि पुलिस चाह जाए तो जाम न लगे, सिर्फ ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के भरोसे छोड़ने से जाम का समाधान संभव नहीं है।
चौराहे
पर बढ़ाई जाएगी पुलिसकर्मियों की संख्या शाम के समय
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आयुक्त ने बताया कि अधिकतर जगहों पर जाम की समस्याएं मिली। उसके कारणों को जाना और
संबंधित थानेदारों को निर्देशित किया गया कि शाम के वक्त ट्रैफिक के साथ ही सिविल
पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए। चौराहों के पास बेतरतीब तरीके से आटो और
ई-रिक्शा न खड़े हो।
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