देशभर में 75 सप्ताह-75 वंदे भारत की पीएम ने घोषणा की थी आजादी के अमृत महोत्सव के तहत। इस घोषणा का लाभ बनारस के लोगों को भी मिलेगा। 75 वंदेभारत देश में अलग-अलग चरणों में उतारी जानी हैं। पहले चरण में वाराणसी से दूसरी वंदेभारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी है। इसके लिए दिल्ली और लखनऊ रूट पर यह ट्रेन अयोध्या को भी जोड़ सकेगी। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद ही इसका रूट तय किया जा रहा है। बीते दिनों बनारस दौरे पर आए उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने बताया था कि देशभर के प्रमुख रूटों से चलने वाली नई वंदेभारत सेवाओं का लाभ बनारस को भी मिलेगा।
उत्तर रेलवे के सूत्रों के अनुसार दिल्ली रूट पर एक और वंदेभारत एक्सप्रेस सेवा शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया है। यह रूट लखनऊ से हो सकता है, जो कानपुर होते हुए नई दिल्ली तक जाएगा। इससे अयोध्या को भी जोड़ा जा सकता है। अयोध्या और वाराणसी के बीच ट्रेन चलाने पर चार सितंबर को बैठक भी हुई थी। अयोध्या में हुई बैठक में उत्तर रेलवे के जोनल के साथ ही वाराणसी के उच्च अधिकारी भी शामिल हुए थे।
वंदेभारत ट्रायल में 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी थी
वंदेभारत एक्सप्रेस से री-प्लेस किया जा सकता है देश में चल रहीं शताब्दी जैसी ट्रेनों को। वंदेभारत एक्सप्रेस की गति भी 130 किमी प्रति घंटे के या इससे अधिक तक होगी। बता दें कि इसके पहले बनारस से नई दिल्ली के बीच चलने वाली पहली वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रायल के दौरान अधिकतम 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी थी। देश की पहली सेमी हाईस्पीड वंदेभारत एक्सप्रेस की सेवा भी बनारस से शुरू हुई थी। भविष्य में आने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस सेवा निजी हाथों में देने की बजाय आईआरसीटीसी के जरिए संचालित करने की तैयारी है।

No comments:
Post a Comment