माफिया डॉन के तौर पर बदनाम बहुजन समाज पार्टी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को सोमवार को एक और बड़ा झटका लगा। गाजीपुर में 2009 में दर्ज हुए मुकदमे में जमानतदारों ने मुख्तार अंसारी की जमानत वापस ले ली है। इस मुकदमे में अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की पेशी वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से कोर्ट होगा।
मुकदमा गाजीपुर में 2009 में दर्ज हुआ था
गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में 2009 में मुख्तार अंसारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 307- 506 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रयागराज के सगे भाइयों मोहम्मद अकबर और मोहम्मद अकमल ने इस मामले में मुख्तार अंसारी की जमानत ली थी। प्रयागराज के सोरांव के रहने वाले जमानतदार अकबर और अकमल ने सोमवार को स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट में अर्जी दाखिल कर मुख्तार अंसारी की जमानत वापस लेने का आदेश दिए जाने का अनुरोध किया। दोनों जमानतदारों की तरफ से बताया गया कि वह निजी कारणों से शहर के बाहर जा रहे हैं, इसलिए मुख्तार अंसारी की ली गई जमानत वापस लेना चाहते हैं।
कस्टडी वारंट बनाए जाने का कोर्ट का आदेश
इसके बाद एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट के जज आलोक कुमार श्रीवास्तव ने जमानतदारों की अर्जी स्वीकार करते हुए मुख्तार अंसारी को मिली जमानत रद कर दी। स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में मुख्तार अंसारी का कस्टडी वारंट बनाए जाने का आदेश दिया है। जमानत वापस होने से मुख्तार के जेल से बाहर आने की राह और मुश्किल होगी। कोर्ट ने 26 अगस्त 2010 को इस मामले में मुख्तार अंसारी को जमानत दी थी।

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